गुमला जिले में एक टीवी पत्रकार कर रहा है उगाही (सुनें टेप)

गुमला जिले में एक बड़े खबरिया चैनल के लोकल पत्रकार द्वारा लगातार पैसे की वसूली की बात सामने आ रही है। यह पत्रकार सरकारी स्कूलों में जा कर वहां के शिक्षकों को खबर चला देने की धमकी देकर रकम वसूल रहा है। एक स्कूल में जा कर इस पत्रकार ने अपने साथी पत्रकार के साथ मिल कर करीब 30 हजार रुपये की मांग की। पैसे न देने पर अंजाम भुगत लेने की धमकी भी दी। इस ऑडियो टेप में धमकी की बात साफ सुनाई दे रही है।

बिहार-झारखंड के एक प्रतिष्ठित चैनल के पत्रकार के द्वारा इस तरह की वसूली की सूचना मिलने से चैनल की प्रतिष्ठा भी दांव पर लग गई है। इससे पहले भी इस पत्रकार पर एक निजी विद्यालय के द्वारा पैसे की मांग करने को लेकर न्यायालय में मुकदमा दायर किया गया था। इसके बाद किसी तरह मामले में समझौता कराया गया। टेप सुनने के लिए नीचे वीडियो पर क्लिक करें…

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जी न्यूज के रिपोर्टर ने अधिकारी को फोन कर धमकाया- दो मिनट में तबादला करवा दूंगा! (सुनें टेप)

जी न्यूज के एक रिपोर्टर ने एक अफसर को फोन कर धमकाया. रिपोर्टर से अफसर बेहद विनम्रता से बात कर रहा था और नियम-कायदों का हवाला देकर गलत काम करने से मना कर रहा था. लेकिन रिपोर्टर बुरी तरह हड़काते हुए अधिकारी का ट्रांसफर दो मिनट में करा देने की धमकी दे रहा था. तब अफसर भी थोड़ा नाराज हुआ और जो चाहे कर लेने की बात कहते हुए गलत काम करने से पूरी तरह इनकार कर दिया.

वाकया हरियाणा के रेवाड़ी का है. जी न्यूज के रिपोर्टर का नाम अनिल रस्तोगी बताया जा रहा है. जी न्यूज़ के रिपोर्टर अनिल रस्तोगी द्वारा एक अधिकारी को तबादला करने की धमकी दिए जाने का टेप सुनने के लिए नीचे क्लिक करें :

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राजद विधायक नीरज यादव ने प्रभात खबर के पत्रकार को गंदी-गंदी गालियां और जान से मारने की धमकी दी (सुनें टेप)

यह शख्स है विधायक नीरज यादव. यह कटिहार के बरारी से विधायक है. इस विधायक ने पत्रकार को फोन पर जिस तरह से धमकी दी है, वह बताता है कि नेता हमेशा चाहते हैं कि पत्रकार उनके अनुकूल रहे. अगर पत्रकार ने तटस्थ होकर या विरोध में कुछ लिख दिया तो नेता न सिर्फ आपा खो देता है बल्कि जान से मारने की धमकी भी देने लगता है. वह यह भी भूल जाता है कि वह जिस फोन पर यह धमकियां दे रहा है, उसी फोन में दूसरे साइड पर गाली सुनने वाले शख्स ने काल रिकार्डिंग के एप्प लगा रखे हैं जो उनकी सारी हरकत को दुनिया के सामने लाने की क्षमता रखता है.

विधायक महोदय की पत्रकार से बातचीत सुनिए. आपको समझ में आ जाएगा कि यह शख्स धमकी और गाली ज्यादा बकता है, बात कम करता है. ये विधायक जी बता रहे हैं कि वे रिपोर्टरी भी कर चुके हैं. उनका यह भी कहना है कि जो पत्रकार फोन पर बात कर रहा है, वह अगर सामने रहता तो थूर देते. विधायक जी बोले- ‘नीरज यादव क्या चीज है, बता देंगे’.

राजद यानि लालू जी की पार्टी के लोग वैसे भी पत्रकारों को पटाने या पीटने की कला में माहिर हैं. जो नहीं पटता, उसे ये लोग पीट डालते हैं. उसी क्रम में विधायक नीरज यादव ने यह हरकत की. कटिहार का लोकल राजद विधायक नीरज यादव ने एक पत्रकार से जैसे बात की, वह बता रहा है कि इस पार्टी के कैसे संस्कार हैं और यह पार्टी वाकई सामाजिक न्याय की पार्टी है, जैसा यह दावा करती है. बिहार में जमीनी पत्रकारों को क्या क्या सुनना पड़ता है, उसकी बानगी है ये टेप. सुनने के लिए नीचे क्लिक करें :

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मायावती और नसीमुद्दीन के बीच बातचीत के सारे टेप एक जगह सुनें

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सीएम योगी ने आईपीएस हिमांशु कुमार को निलंबित कर दिया

यूपी के युवा आईपीएस अधिकारी हिमांशु कुमार को पुलिस विभाग के अंदर की पोल खोलना महंगा पड़ गया. उन्हें मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने निलंबित कर दिया है. कहा जा रहा है कि इस कदम के बाद यूपी को एक नया अमिताभ ठाकुर मिल गया है, हिमांशु कुमार के रूप में, बशर्ते हिमांशु कुमार अपनी लड़ाई पूरे जोश और दम के साथ लड़ सकें. संभव ये भी है कि वे मामले को रफादफा करा कर फिर से बहाल हो सकते हैं. हालांकि हिमांशु ने सस्पेंड होेने के बाद ट्विटर पर लिखा है कि सत्य की जीत होती है. यानि उन्होंने इरादे जता दिए हैं कि वे झुकेंगे नहीं.

आईपीएस हिमांशु कुमार ने यूपी में नई सरकार बनने के बाद आरोप लगाया था कि पुराने पुलिस अफसर नई सरकार को खुश करने के लिए अचानक यूटर्न ले चुके हैं और एक जाति विशेष के पुलिस कर्मियों को दंडि़त कर रहे हैं. नेशनल वायस चैनल के एडिटर इन चीफ बृजेश मिश्रा ने हिमांशु कुमार से लंबी बातचीत की और उसका प्रसारण नेशनल वायस चैनल पर किया. इस बातचीत में हिमांशु ने खुलकर पुलिस विभाग के भ्रष्टाचार के बारे में बताया.

योगी आदित्‍य नाथ के नेतृत्‍व में भाजपा की सरकार बनने के बाद एक आईपीएस अधिकारी हिमांशु ने डीजीपी पर जाति विशेष के अधिकारियों को ‘सजा’ देने का आरोप लगाया. जब मीडिया में उनके ट्वीट की चर्चा शुरू हुई तो सफाई देते हुए कहा कि लोगों ने गलत मतलब निकाला. यूपी कैडर के 2010 बैच के आईपीएस अधिकारी हिमांशु कुमार फिरोजाबाद के एसपी थे. बयानों के बाद में उन्हें डीजी आफिस अटैच कर दिया गया. उन्‍होंने ट्वीट कर कहा था कि ‘कुछ वरिष्‍ठ अधिकारियों में उन सभी पुलिस कर्मचारियों को सस्‍पेंड / लाइन हाजिर करने की जल्‍दी है जिनके नाम में ‘यादव’ है.’

वरिष्ठ पत्रकार ब्रजेश मिश्रा ने रिपोर्ट दी कि ‘नोएडा और गाजियाबाद में 90 सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है।’ मिश्रा के मुताबिक इन्‍हें ‘कारखास’ कहते हैं और आईपीएस-नेता मिलकर इनसे वसूली कराते थे।’ इसी ट्वीट पर हिमांशु ने जवाब देते हुए पूछा कि ‘आखिर डीजीपी ने मेरे द्वारा बिसरख नोएडा में फाइल की गई एफआईआर की सही से जांच कराने की इजाजत क्‍यों नहीं दी? आखिर डीजीपी कार्यालय अफसरों को जाति के नाम पर लोगों को परेशान करने के लिए मजबूर क्‍यों कर रहा है?’

यूपी कैडर के आईपीएस अधिकारी हिमांशु कुमार बिहार के मोतिहारी के रहने वाले हैं. हिमांशु पर उनकी पत्नी प्रिया सिंह ने पटना के महिला थाने में दहेज प्रताड़ना और मानसिक शोषण करने का आरोप लगाया था. इनकी पत्नी प्रिया सिंह पटना की रहने वाली है. इन दोनों की 2014 में शादी हुई थी. लेकिन शादी के कुछ दिनों के बाद ही प्रिया ने मार्च 2015 में हिमांशु पर दहेज प्रताड़ना और मानसिक रूप से शोषण करने का आरोप लगाया था.

कोर्ट ने इनकी इस मामले में अग्रिम जमानत को रद्द कर दिया था. पटना हाई कोर्ट की ओर से यूपी सरकार को हिमांशु के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए थे लेकिन, यूपी की अखिलेश सरकार लगातार हिमांशु को बचाती रही, ऐसा आरोप है. इस मामले पर आईपीएस हिमांशु ने ट्वीट कर बताया था कि उनकी पत्नी 10 करोड़ रुपए के लिए ब्लैकमेल कर रही हैं.

हिमांशु ने यूपी में योगी आदित्यनाथ के सीएम बनने के बाद पुलिस विभाग में हुए तबादले पर प्रश्न उठाया था. यूपी की योगी सरकार द्वारा सस्पेंड किए जाने के बाद हिमांशु ने अपने ट्वविटर अकाउंट पर लिखा-सत्य की जीत होती है. 2010 बैच के आईपीएस अधिकारी हिमांशु कुमार फिलहाल डीजी ऑफिस से जुड़े हुए हैं. कुछ दिन पहले ही एसपी फिरोजाबाद के पद से इनका ट्रांसफर डीजी ऑफिस में कर दिया गया था. यूपी पुलिस का कहना है कि हिमांशु को अनुशासनहीनता के लिए सस्पेंड किया गया है.

आईपीएस हिमांशु कुमार और नेशनल वायस चैनल के एडिटर इन चीफ के बीच की बातचीत सुनने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें :

https://www.youtube.com/watch?v=wF1993jy7AI&t=352s

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अखिलेश राज में मंत्री रहे विजय मिश्र ने धमकाया तो पत्रकार ने दिया खाने भर जवाब (सुनें टेप)

गाजीपुर जिले से सपा राज में एक मंत्री हुआ करते थे, धर्मार्थ कार्य मंत्री, विजय मिश्रा. जब अखिलेश यादव ने इनका टिकट काट दिया तो ये बसपा में भाग खड़े हुए लेकिन वहां भी टिकट नहीं मिला और न ही अपनी सीट से बसपा के प्रत्याशी को जिता पाए. एक रोज आधी रात को ये पूर्व मंत्री विजय मिश्रा ने पूरे मूड में आकर गाजीपुर जिले के एक पत्रकार को फोन लगा दिया. ये पत्रकार कभी विजय मिश्र को चुनाव जिताने में जोरशोर से आगे थे. बाद में चुनाव जीतने और मंत्री बनने के बाद विजय मिश्र ने अपने हर उस गैर-ब्राह्मण कार्यकर्ता / करीबी के साथ जो किया, वही सुनील सिंह उर्फ सुनील कुशवाहा के साथ भी किया यानि अपमानित कर किनारे कर दिया.

सुनील ठीकठाक बैकग्राउंड वाले हैं. अच्छी खासी जमीन है और शहर के पॉश इलाके में बढ़िया मकान है. खुद के पास लाइसेंसी रिवाल्वर भी है. सो, उन्होंने अपने आनलाइन पोर्टल के जरिए विजय मिश्र के कारनामों की पोल खोलनी शुरू कर दी. बताया जाता है कि ये जो फोन विजय मिश्र ने किया, वह किसी तरह चाहते थे कि सुनील स्वीकार कर लें कि उन्होंने ही उनके खिलाफ इशारों इशारों में फेसबुक पर काफी कुछ लिखा है. पर सुनील ने कुबूल नहीं किया और न ही उत्तेजित होकर कुछ ऐसा कहा जिससे विजय मिश्र को उनके खिलाफ रिपोर्ट लिखाने का मौका मिल जाता.

हालांकि कहा जा रहा है कि विजय मिश्र ने फोन करने से कुछ रोज पहले सारे स्क्रीनशाट और सारा लेखन इकट्ठा करते हुए पुलिस में सुनील के खिलाफ तहरीर दे दी थी लेकिन पूरे लेखन से यह नहीं साबित हो रहा था कि यह सब विजय मिश्र के खिलाफ ही लिखा गया है. इस कारण उन्हें फोन करके और उकसा करके सुनील से ही यह कुबूल कराना उचित लगा कि उसी ने लिखा है ताकि सुनील के खिलाफ केस मजबूत हो सके और पुलिस कार्रवाई करा सकें. पर सुनील ने कबूलना तो दूर, करीब 40 मिनट की बातचीत में ऐसा कुछ नहीं कहा जिससे उनके खिलाफ कोई मसाला मिल सके. उल्टे पूरी बातचीत से पूर्व मंत्री विजय मिश्र बहुत सारे मामलों में जरूर एक्सपोज हो गए. पूरा टेप सुनते हुए एक तरफ आपको सुनील की हाजिरजवाबी से कहीं कहीं हंसी आएगी तो मंत्री के व्यवहार बात रवैये से सत्ता-सिस्टम से जुड़े रहे लोगों के चरित्र के पीछे का स्याह सच समझ आएगा.

पत्रकार सुनील ने मंत्री जो को खाने भर जवाब दिया है, ये तो सच है. पत्रकार सुनील की हाजिरजवाबी का आप भी लोहा मान जाएंगे, साथ ही बहादुरी का भी. करीब पौन घंटे के इस आडियो को सुनते हुए आप बोर कतई नहीं होंगे. बीच-बीच में लगेगा जैसे आप कपिल शर्मा का कामेडी शो देख रहे हों. सुनील गाजीपुर लाइव नामक न्यूज पोर्टल के संपादक हैं. सुनील को बाद में यह आडियो वायरल न करने के लिए धमकाया गया. पत्रकार सुनील ने पूर्व मंत्री और उनके इशारे पर धमकाने वालों के खिलाफ लिखित शिकायत पुलिस को दे दी है.

आडियो सुनने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें…. आडियो सुनते हुए स्क्रीन पर जो तस्वीर आप देख रहे होंगे, वही हैं माननीय पूर्व मंत्री विजय मिश्र…

ज्ञात हो विजय मिश्र वरिष्ठ पत्रकार अच्युतानंद मिश्र के भतीचे हैं और कहा जाता है कि अच्युता जी ने ही मुलायम सिंह यादव से अपने करीबी रिश्ते के चलते विजय मिश्र को टिकट दिलवाया था. विजय मिश्र गाजीपुर से चंद सैकड़ा वोटों से जीते और मंत्री बन गए. लेकिन वह अपने पूरे कार्यकाल में परफार्म बिलकुल नहीं कर पाए. गाजीपुर में उन्होंने अपने उन कार्यकर्ताओं को काफी परेशान किया जो चुनाव जिताने में तो खुलकर तन मन धन से साथ थे लेकिन इनके मंत्री बनने के बाद इनकी उपेक्षा के शिकार होकर अलग-थलग हो गए. बताया जाता है कि विजय मिश्र ने मंत्री रहते हुए अपने कई कार्यकर्ताओं के यहां छापे मरवाए या उन्हें जेल में डलवाया या फर्जी केसों में फंसवाया. उनकी कोशिश थी कि उनके जो भी कार्यकर्ता उनसे नाराज होकर कुछ कह कर रहे हैं, उन्हें इतना आतंकित पीड़ित प्रताड़ित कर दो कि वह शांत होकर बैठ जाए या उनके चरणों में समर्पण कर दे. फिलहाल तो आप लोग इस टेप का आनंद लीजिए और देखिए कि हमारे देश के हंसते-मुस्कराते नेताओं का आधी रात के बाद चाल-चरित्र बोली-बानी अंदाज इरादों का क्या हाल होता है….

गाजीपुर से सुजीत कुमार सिंह उर्फ प्रिंस की रिपोर्ट.

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यूपी में भाजपा विधायक ने सीओ को धमकाया

यूपी में भारी बहुमत पाने वाली भाजपा की छवि पर पलीता लगाने का काम उसके कुछ नए बने विधायकों ने शुरू कर दिया है. सत्ता के नशे में चूर इन विधायक महोदय को मर्यादा का खयाल नहीं है. इस आडियो में सुनिए एक भाजपा विधायक (सवायजपुर, हरदोई) की सीओ (शाहाबाद, हरदोई) से बातचीत. लोग इस टेप को सुनकर कहने लगे हैं कि लगता है यूपी के अच्छे दिन आ गए हैं… टेप सुनने के लिए नीचे क्लिक करें :

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इस आडियो टेप के कारण चली गई अंकित पांडेय की नौकरी, आप भी सुनें

दैनिक जागरण कानपुर में कार्यरत अंकित पांडेय की नौकरी चली गई, वजह बना एक आडियो टेप. इस टेप में अंकित बहुत सारी बातें करते हुए दिख रहे हैं. हालांकि ये बातें कुछ भी अलग नहीं है क्योंकि आमतौर पर रिपोर्टर अपने बासेज के बारे में फील्ड में अपने भरोसेमंद लोगों से ऐसे ही बतियाता है, भड़ास निकालता है.

लेकिन आज कल काल रिकार्डिंग सबके फोन में है और जिस अपने भरोसे वाले सज्जन से आप दिल की गुबार फोन पर निकाल रहे हैं, कभी उनसे आपकी खटक गई तो वो वह टेप जारी कर आपकी बैंड बजवा सकता है. दिल्ली में केजरीवाल सरकार के मंत्री के साथ यही हुआ था. उनके पीए ने ही नाराज होकर उनका सेक्स वीडियो वायरल कर दिया था और उनका मंत्रिपद चला गया.

इसी तरह रिपोर्टर अंकित पांडेय की नौकरी जाने का कारण बन गया यह आडियो. आप भी सुनें, नीचे क्लिक करें :

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अंबाला के APRO हरदीप सिंह ने दी ट्रिब्यून के फोटोग्राफर प्रदीम मैनी को दी गाली और की बदसलूकी (सुनें टेप)

प्रदीप मैनी

प्रदीप मैनी दैनिक ट्रिब्यून अम्बाला के फोटो जर्नलिस्ट हैं. उन्हें अम्बाला के एपीआरओ हरदीप सिंह ने 14 फरवरी को अम्बाला अनाज मंडी में अम्बाला विधायक असीम गोयल जी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बदसलूकी की और गाली दी. हरदीप ने आरोप लगाय कि यह पत्रकार उसके कहने पर कोई प्रोग्राम अटेंड नहीं करता. हरदीप ने सबके सामने कहा- ” साले, तेरी मान्यता रद्द कराता हूँ अभी, लेटर लिखता हूं.”

जब ये बातें वो प्रदीप मैनी को बोल रहे थे उस समय प्रदीप अपने संस्थान फ़ोन कर रहे थे. हरदीप ने जो बोला वो भी उस बातचीत में रिकॉर्ड हो गया.  बाद में वहां मौजूद कुछ पत्रकारों ने हरदीप से कहा कि आप के कहने का यह ढंग उचित नहीं है. अम्बाला के एपीआरओ हरदीप सिंह द्वारा फोटो पत्रकार को बेइज्जत किया जाना और साला कहकर गाली देना मीडियाकर्मियों को नागवार गुजरा. आहत पत्रकार ने सीएम मनोहर लाल से शिकायत की है. घमंड में चूर एपीआरओ ने मान्यता रद्द करवाने की धमकी दी थी. वह डीसी के कार्यक्रम की कवरेज नहीं करने पर नाराज था.

अम्बाला उपायुक्त कार्यालय और डीपीआरओ विभाग में पत्रकारों को धमकाने व गलियां देकर प्रताड़ित करने के मामले को मीडियाकर्मी भूलना नहीं चाहते. वे इसके आरोपियों को दंड दिलवाना चाहते हैं. दैनिक ट्रिब्यून के प्रेस फोटोग्राफर प्रदीप मैनी को बदतमीजी व गुंडागर्दी की सारी हदें पार करते हुए एपीआरओ हरदीप सिंह ने न केवल तू तड़ाक करके बेइज्जत किया बल्कि मौके पर मौजूद पत्रकारों की मौजूदगी में कई बार साला कहकर गालियां तक दे डाली.

वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप मैनी ने अपनी शिकायत में बताया कि बीती 14 फरवरी 2017 को जब वो अम्बाला के विधायक असीम गोयल का कार्यक्रम कवर करने के लिए गए तो वहां मौजूद एपीआरओ हरदीप सिंह ने उनसे बदसलूकी की. साथ ही उन्हें धमकी भी दे डाली कि साले तू सभी सरकारी कार्यक्रम कवर नहीं करता इसलिए मैं तुम्हारी मान्यता रद्द करवा दूंगा. एपीआरओ हरदीप सिंह ने पत्रकार से उनकी मान्यता का आईडी कार्ड भी मौके पर माँगना शुरू कर दिया जबकि वो इसके लिए अधिकृत ही नहीं है, न ही वो ऐसा कर सकता था.

गालीगलौज और आपसी झड़प की बातचीत को आप नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके सुन सकते हैं :

https://youtu.be/SIWBPHrN3M0

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यूपी के इस दरोगा ने खुद खोल दी अपनी पोल (सुनें टेप)

उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में एक दरोगा और डॉयल-100 सिपाही के बीच बातचीत का एक ऑडियो वायरल हुआ है। इस ऑडियो में दारोगा ने डॉयल-100 के सिपाही से अपने अवैध कामकाज में दखल न देने की हिदायत दी है। इस तरह दरोगा ने खुद ही अपने तमाम अवैध कामकाज की पोल खोलकर रख दी है। दरोगा का नाम राकेश शर्मा है जो मूरतगंज पुलिस चौकी में प्रभारी के बतौर तैनात है। दरोगा की वायरल ऑडियो ने पुलिस महकमे को शर्मशार कर दिया है।

मूरतगंज हाइवे पर तैनात डॉयल-100 के सिपाही अकबर खां से बातचीत के दौरान दरोगा ने अपने तमाम अवैध सिस्टम में दखल न देने की हिदायत दी है। ऑडियो वायरल होने के बाद कौशांबी पुलिस के अफसर उस डॉयल-100 सिपाही के खिलाफ ही कार्यवाही की कवायद कर रहे है जिसने दरोगा की शर्मनाक करतूत को टेप किया है। कौशांबी के नेशनल हाइवे पर मूरतगंज पुलिस चौकी स्थापित है। हाइवे से गुजरने वाले वाहनों से अवैध वसूली की जाती है। प्रतिबंधित मवेशी से लदे वाहन ही नहीं बल्कि अवैध मिट्टी बालू व गिट्टी से लदी ओवरलोड गाड़ियां भी पुलिसिया सिस्टम को सलाम करके ही गुजरती हैं।

वायरल ऑडियो में डॉयल-100 के सिपाही अकबर खां ने सूचना के बाद प्रतिबंधित मवेशी से लदे वाहन को रोकने की हिमाकत की तो वाहन चालक मुरारगंज चौकी प्रभारी की हनक पर अभद्रता पर उतारू हो गया। डॉयल-100 सिपाही ने जब चौकी प्रभारी से बात की तो दरोगा ने साफ शब्दों में सिस्टम में न दखल देने की हिदायत दी। दरोगा ने कहा कि जितना भी अवैध कार्य हो रहा है वो सब थाना व पुलिस चौकी के सिस्टम में है और इस बात की जानकारी मुझे व मेरे इंस्पेक्टर को भी है। सिस्टम में किसी भी प्रकार का दखल बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।

टेप सुनने के लिए नीचे क्लिक करें :

धारा सिंह की रिपोर्ट. संपर्क : scribe.dsyadav@gmail.com

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सुनिए टेप, यूूपी में दरोगा बेकसूर दलित को छोड़ने के लिए 50 हजार रिश्वत मांग रहा

यूपी के चित्रकूट जिले के राजापुर थाने के एक दरोगा ने कछिया गांव के एक दलित को छोड़ने के एवज में पचास हजार रुपये रिश्वत की मांग की। इससे संबंधित ऑडियो इन दिनों वायरल हुआ है। कछिया गांव की महिला ने गुरुवार 10 नवम्बर को गांव थाने में हाजिर होकर दलित जयराम पर छेड़खानी करने का आरोप लगाया तो गनीवां पुलिस चौकी के इंचार्ज दिनेश कुमार सिंह ने उस दलित से सात हजार रुपये लेकर उसका शांति भंग में चालान कर दिया।

जब वह शुक्रवार को उपजिला मजिस्ट्रट राजापुर की अदालत से रिहा हुआ तो दूसरे दिन (शनिवार) पुलिस ने उसी महिला से प्रार्थना पत्र लेकर बलात्कार के कथित आरोप में उसे हिरासत में ले लिया और जब रिश्वत का इंतजाम नहीं हो पाया तो उसे 17 नवंबर को  राजापुर थाने की पुलिस ने जेल भेज दिया। सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर सच में उसने महिला के साथ दुष्कर्म किया है तो उसे 24 घंटे के भीतर समक्ष न्यायालय के समक्ष पेश किया चाहिए, लेकिन पुलिस ने ऐसा नहीं किया और पैरवी कर रहे उसके परिजनों से जरिए फोन पर दरोगा दिनेश कुमार सिंह पचास हजार रुपये देने पर छोड़ने की बात कहते रहे हैं। यह आडियो रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया में वायरल हुई है जिसे अपर पुलिस अधीक्षक चित्रकूट को भी ‘व्हाट्सऐप’ के जरिए भेजा गया है।

इस मामले में पुलिस अधीक्षक चित्रकूट दिनेश पाल सिंह का कहना है कि ‘ऑडियो की जांच कराई जाएगी, अगर उपनिरीक्षक दोषी पाया गया तो कार्रवाई होगी।’ लेकिन कोई भी पुलिस अधिकारी यह बताने को तैयार नहीं है कि जो व्यक्ति पहले की तहरीर में छेड़छाड़ का आरोपी बनाया जाता है, वही दूसरी तहरीर में (घटना दिनांक, समय व घटनास्थल वही) उसी महिला से दुष्कर्म करने का आरोपी कैसे बना दिया गया? और पुलिस उसे तुरंत गिरफ्तार तो कर लेती है, किन्तु न्यायालय या सक्षम अधिकारी के आदेश के बिना उसे छह दिन तक पुलिस लॉकप में कैसे बंद किए रही? 

टेप सुनने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें :

https://youtu.be/NCWpMQZdEgc

R. Jayan की रिपोर्ट.

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अतुल अग्रवाल फिर सुर्खियों में, अबकी उन्हीं के वेब चैनल के पत्रकार ने दी जमकर गालियां (सुनें टेप)

अतुल अग्रवाल अपने कर्मों से अक्सर सुर्खियों में रहते हैं. ताजा मामला ठगी और गाली खाने का है. अपने वेब न्यूज चैनल हिंदी खबर में अतुल अग्रवाल ने यूपी का स्थानीय संपादक अमितेश श्रीवास्तव को बनाया था. अमितेश ने अतुल के कहने पर पैसे भी चैनल में लगाए. अतुल अग्रवाल की फितरत है कि वह इस्तेमाल करने के बाद आदमी को किनारे कर देते हैं और दूसरे को पकड़ लेते हैं. इसी क्रम में उन्होंने आजतक चैनल से निकाले गए अनूप श्रीवास्तव को हिंदी खबर यूपी का स्थानीय संपादक बना दिया और अमितेश को साइ़डलाइन कर दिया.

जो अमितेश कभी ‘समाचार प्लस’ न्यूज चैनल में ठीकठाक हैसियत में हुआ करते थे, अतुल अग्रवाल के कहने पर उनके नए चैनल में आए और तन मन धन से काम किया. लेकिन जब अतुल ने अमितेश के साथ ठगी, धोखाधड़ी और विश्वासघात कर दिया तो अमितेश आग बबूला हो गए. उन्होंने अतुल अग्रवाल को जमकर गालियां दी. इस पूरे टेप में खास बात है दो पत्रकारों की गाली-गलौज की भाषा.

बात तो सामान्य और शिष्ट तरीके से भी हो सकती है लेकिन हिंदी पट्टी के सामंती चेतना वाले पत्रकार या तो पैर पूजन जानते हैं या फिर माकानाका करना. बीच में रेशनल / डेमोक्रेटिक होकर जीना बतियाना कतई नहीं जानते. अतुल अग्रवाल पर हिंदी खबर चैनल चलाने के दौरान कई किस्म के आरोप कई लोगों ने लगाए जिसमें उगाही से लेकर सेक्सुअल एब्यूज तक के मामले हैं. माना जा रहा है कि अमितेश श्रीवास्तव अब उमेश कुमार और प्रवीण साहनी वाले चैनल समाचार प्लस में लौट सकते हैं, यह इन टेपों में बातचीत से भी जाहिर है. फिलहाल तो ये गालीगलौज भरा टेप सुनिए. नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें :

पार्ट 1

https://www.youtube.com/watch?v=CsCrWsxR6uw

पार्ट 2

https://www.youtube.com/watch?v=vQG1_JOUoGg

अतुल अग्रवाल के बारे में ज्यादा जानने के लिए इसे भी पढ़ सकते हैं…

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जागरण न्यूज़ पेपर के MD आशुतोष मोहन की गन्दी बात सुनिए

मुझसे जुलाई 2015 में छतरपुर की जागरण रीवा ब्यूरोशिप और एजेंसी के नाम पर इंदौर रीवा जोन जागरण के एमडी आशुतोष मोहन ने HDFC का 25000 का चेक लिया था, जो कि 28-07-15 को क्लीयर भी हो गया। बाद में इन लोगों ने किसी तरह का कोई पेपर न भेजा और ना ही कोई खबरें प्रकाशित की। आज करीब एक साल बाद तक पैसा वापस करने की बात ये लोग कहते रहे लेकिन पैसे लौटाए नहीं।

अब एमडी आशुतोष मोहन से जब उनके मोबाइल नंबर 9893024599 पर पैसे या पेपर की मांग की जाती है तो वो गाली गलौज कर असभ्य भाषा का इस्तेमाल करते हैं। मैं इस ऑडियो को मीडिया के सभी लोगों तक पहुँचाना चाहता हूँ ताकि और लोग इन चोरों के झाँसे में ना आयें। सभी लोग सुनिए कि दैनिक जागरण जैसे न्यूज़ पेपर का मैनेजिंग डायरेक्टर किस भाषा में बात करता है। टेप सुनने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें :

https://youtu.be/2B3lSdN8y_A

अवधेश कुमार
awadhesh.vnews@gmail.com
छतरपुर
मध्य प्रदेश

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आईपीएस को फोन पर धमकाने के मामले में मुलायम की मुश्किलें बढ़ीं, पुलिस रिपोर्ट खारिज, आवाज़ मिलान के आदेश

सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव द्वारा आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर को मोबाइल फोन से दी गयी धमकी के सम्बन्ध में दर्ज एफआईआर में हजरतगंज पुलिस द्वारा लगाये गए अंतिम रिपोर्ट को अदालत ने ख़ारिज कर दिया है. सीजेएम लखनऊ संध्या श्रीवास्तव ने अपने आदेश में कहा कि केस डायरी से स्पष्ट है कि विवेचक ने कॉम्पैक्ट डिस्क में अंकित वार्तालाप की आवाज़ का नमूना परीक्षण नहीं कराया है और मात्र मौखिक बयान दर्ज कर के अंतिम रिपोर्ट प्रेषित कर दिया है.

सीजेएम लखनऊ संध्या श्रीवास्तव ने क्षेत्राधिकारी हजरतगंज को इस मामले में अग्रिम विवेचना करते हुए अमिताभ और मुलायम सिंह के आवाज़ का नमूना प्राप्त कर उसका कॉम्पैक्ट डिस्क की आवाज़ से विधि विज्ञानं प्रयोगशाला में परीक्षण करा कर 30 सितम्बर 2016 तक रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं. ज्ञात हो कि इस मामले में विवेचक द्वारा धमकी की बात गलत होने और अमिताभ द्वारा महज लोकप्रियता के लिए गलत तथ्यों के आधार पर झूठी सूचना दिए जाने की बात कहते हुए अंतिम रिपोर्ट कोर्ट को भेजी गयी थी. अमिताभ ठाकुर ने कोर्ट में इस अंतिम रिपोर्ट के खिलाफ विरोध याचिका दायर कर इसे चुनौती दी थी. कहा जा सकता है कि कोर्ट के ताजे आदेश के बाद मुलायम की मुश्किलें बढ़ गई हैं. नीचे कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश की कापी है…

Mulayam Phone case : Order for voice sample matching in FSL

In the protest petition presented by IPS officer Amitabh Thakur against the Final report presented by Hazratganj police in the FIR registered by him regarding alleged threat given to him by SP Supremeo Mulayam Singh Yadav on mobile phone, the CJM Lucknow Court today dismissed the Final report.

CJM Lucknow Sandhya Srivastava said in her order that it is apparent from the Case diaries that the voice samples have not been scientifically examined and Final report has been sent merely on hearsay evidences. Hence she directed Circle officer Hazratganj to undertake further investigation in the matter and get the voices in the Compact Disc scientifically examined in the State Forensic Science Laboratory, presenting his report by 30 September 2016.

Previously the Investigating Officer had presented Final Report concluding that the threat allegations were not found to be correct and was a false case based on wrong facts for cheap popularity. Amitabh had presented a protest application against the Final Report.

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ब्लैकमेलिंग के तीन लाख रुपये देने से मना करने पर पत्रकार ने धमकाया- अब तो तेरे से पांच लाख लूंगा (सुनें टेप)

Yashwant Singh :  ये पत्रकार है या माफिया…  सच कहूं तो जब पहली बार ये टेप सुना तो मैं खुद सहम गया. कोई पत्रकार इतना ढीठ / इतना आपराधिक प्रवृत्ति का कैसे हो सकता है. पहली बार ऐसा कोई पत्रकार सुन रहा हूं जो तीन लाख रुपये की रंगदारी / ब्लैकमेलिंग न देने वाले से कह रहा है कि अब तो पांच लाख लूंगा…

बाप रे… लगने लगा है कि पत्रकारिता अब माफियागिरी में तब्दील होने लगी है… ये टेप मेरे ह्वाट्सअप पर किसी ने भेजा है… किस जगह का है, कौन पत्रकार है, यह अभी पता नहीं चल सका है… कृपया किसी को मालूम हो तो मेरी मदद करे ताकि इस भेड़िए की शिनाख्त हो सके और इस पर थूका जा सके…

टेप सुनने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें : https://youtu.be/cQEJ7vH6YkI

भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह की एफबी वॉल से.

उपरोक्त एफबी स्टेटस पर आए कुछ प्रमुख कमेंट्स इस प्रकार हैं….

Pankaj Gupta यशवंत भाई ये कोई नई बात नही है हर जिले हर कस्बे में इस तरह के लोग मिल जायेंगे जो सिर्फ और सिर्फ ब्लैक मेलिंग ही करते है अफ़सोस तो इस बात पर होता है कि बड़े बड़े बैनर चाहे वो प्रिंट से हो या इलेक्ट्रॉनिक से उन्हें अपने यहाँ स्थान दिए हुए है

Mahabir Singh Khatri ये तो छोटा है, 100 करोड़ वाले का क्या हुआ, अब supplements or antibiotic सॆ काम नहीं चलेगा, surgery करनी पड़ेगी.

Syed Mazhar Husain यशवंत भाई ऐसे माफिया किस्म के लोग जिन्होंने पत्रकारिता का चोला ओढ़ रक्खा है और जिनका काम ब्लैकमेलिंग के सिवा कुछ भी नहीं है बहुतायत है

Virendra Pandey मजहर चाचा, आपके शहर ऐसा कुछ ज्यादा ही है।

Syed Mazhar Husain बिलकुल आप भी जानते फिर लिख भेजिए यशवंत भाई को मैं तो दूर हु वरना लिखता ज़रूर

Yashwant Singh बात लिखने से सिर्फ नहीं बनेगी. बिना प्रमाण कोई भी किसी लिखे को खारिज कर मानहानि बता सकता है. इनका इलाज ऐसे टेप ही हैं. स्टिंग कराइए.

Virendra Pandey ओके बॉस, मैं आपको भेजूंगा स्टिंग क्लिप ।

Vivek Dutt Mathuria कुछ अपवाद स्वरूप भले लोगों की बात छोड़ दी जाए तो पत्रकारिता दलाली के लिए बेहतर पेशा साबित हो रहा है। नौकरशाही दलाल पत्रकारों को अपने संसाधन के रूप में उपयोग करना सीख गई है…. पूरा सूचनातंत्र उनकी मुट्ठी में है। दलाल पत्रकार जनद्रोही, लोकतंत्रद्रोही और संविधानद्रोही हैं जो देश समाज को लूटने वाले भ्रष्ट तंत्र के जड़ खरीद गुलाम है…. उनके कुकृत्यों से कोई मरे उनका कोई लेना-देना नहीं…बस दलाली न मर जाए

Singhasan Chauhan वाह रे पत्रकारिता …..

Neelesh Misra My god.

Sanjaya Kumar Singh इससे तो ‘पत्रकारिता’ सीखनी पड़ेगी। उधार सीखाए तो कमाएगा। लोग कमाकर डबल चुकाएंगे। तीन लाख देने में आना-कानी करने पर सीधा पांच लाख कर दिया। बता रहा है कि पुलिस प्रशासन सब पत्रकारों के अंडर में काम करते हैं – बड़ा वाला पत्रकार है ये तो …

Shashank Mishra जहाँ तक मेरा मानना है ये पत्रकार नहीं हो सकता ….

Neeraj Sharma Kon patrkar hai..

Ganesh Dubey Sahaj हर घर रावण बैठा, इतने राम कहाँ से लाऊं

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यूपी में मंत्री ने अफसर को दी मां-बहन की गालियां (सुनें टेप)

यूपी में समाजवार्दी पार्टी की सरकार के मंत्री बेलगाम हैं और पूरा जंगलराज कायम कर रखा है. अखिलेश यादव अपनी इमेज के सहारे इलेक्शन जीतने की तैयारी में लगे हैं लेकिन उनके मंत्री उनकी लुटिया डुबाने के लिए कमर कसे हैं. तभी तो आए दिन मंत्रियों के कारनामों की खबरें सोशल मीडिया पर वायरल होती रहती है. ताजा मामला सपा सरकार के एक राज्यमंत्री की दबंगई का है.

खबर है कि एक राज्यमंत्री ने कुशीनगर में जिला पंचायत के ठेके के बंटवारे को लेकर अपर मुख्य अधिकारी (जिला पंचायत) को माँ-बहन की खूब गालियां दी. इस गालीबाजी से संबंधित आडियो सामने आया है. यह आडियो जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी के मोबाइल में रिकार्ड हुआ. इसमें चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री राधेश्याम सिंह जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी उमेश पटेल को भद्दी-भद्दी गाली दे रहे हैं. डर के चलते अपर मुख्य अधिकारी पूरे मामले में कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं. आडियो सुनने के लिए नीचे दिए गए यूट्यूब लिंक पर क्लिक करें :

https://youtu.be/z5bCZ0J3gjU

कुशीनगर से शकील अहमद की रिपोर्ट.

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यूपी के कैबिनेट मंत्री ने फोन पर गाली दी तो भड़क उठा दरोगा (सुनें टेप)

यूपी में जंगलराज का आलम ये है कि एक तरफ अफसर बेलगाम हैं तो दूसरी ओर मंत्री. हर कोई अपने से नीचे वाले को गरियाने, सताने में लगा है. ताजा मामला यूपी के कैबिनेट मंत्री राममूर्ति वर्मा से जुड़ा है जिन्होंने फोन पर एक दरोगा को मां की गाली दे दी तो भड़के दरोगा ने पूरी शिद्दत से न सिर्फ प्रतिरोध दर्ज कराया बल्कि मंत्री जी को गाली न देने की नसीहत तक दे दी.

मंत्री ने जब देख लेने की धमकी दी तो दरोगा ने कह दिया कि वह चाहें तो खुशी से किसी दूसरे जनपद में उसका ट्रांसफर करा दें, उसे कोई दिक्कत नहीं.  दरोगा का नाम संजय यति है जो अम्बेडकरनगर के इब्राहिमपुर थाने पर तैनात है. मंत्री और दरोगा संवाद सुनने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें :

https://www.youtube.com/watch?v=7Ky7HhbqBHI

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”Zee न्यूज़ के फ़र्ज़ी रिपोर्टर ने मुझे धमकी दी, सुनें टेप”

सेवा में
श्रीमान्
संपादक भड़ास4मीडिया / ज़ी न्यूज़ /  वासिंद्र मिश्रा जी / न्यूज़ नेशन चैनल

महोदय,

मैं अजय कुमार पाण्डेय S/O श्री सुरेन्द् नाथ पाण्डेय, सलेमपुर भुलनिया, शाहगंज, जौनपुर ज़िले का मूल निवासी हूँ। Zee न्यूज़ और news nation के नाम पर जौनपुर जिले के शाहगंज में कुछ फ़र्ज़ी पत्रकार तमाम लोगो,स्टिकर, बैनर लगाकर जनता और अधिकारियो को गुमराह करते है। जो जिले में नियुक्त रिपोर्टेरो की जानकारी और उनकी फेसबुक फ्रेंड लिस्ट में भी है, जहाँ वे चैनल के नाम के साथ तमाम फ़ोटो बैनर बनवाकर पोस्ट करते रहते भी है।

चंचल जायसवाल द्वारा अपने आपको फ़र्ज़ी शाहगंज पत्रकार संघ का अध्यक्ष और ज़ी न्यूज़ का रिपोर्टर बताया जाता है । आपको बताना चाहूँगा चंचल जायसवाल बैंक ओफ़ बरोडा शाहगंज शाखा से लोन लिया…जिसे जमा न कर पाने पर..बैंक ने पुरे शाहगंज में बड़े बकायादारों का नाम लौडस्पीकर में announce करवाया । इसी बदनामी का बदला लेने के लिए चंचल जायसवाल ने फेसबुक पर मेनेजर के खिलाफ एक फर्जी खबर पोस्ट कर दी। जब महिला ने बैंक मेनेजर को चप्पलो से पीटा….शीर्षक से। जब बैंक मेनेजर ने मनिहानि की बात कही तो जाकर चंचल जैसवाल ने बैंक मेनेजर से लिखित रूप से माफ़ी मांग ली.. । फर्जी पत्रकार की जब यह बात पत्रकारो को पता चली तो लोगो ने इसकी आलोचना की।

हम भी उनके पोस्ट को शेयर करके पत्रकारिता को कलंकित करने वाला उनका सारा राज खोल दिए…वे अपनी बाइक पर ज़ी न्यूज़ का लोगो लगाकर फेसबुक पर भी भौकाल के लिए पोस्ट करते रहे। कई बार हमने ज़िले में नियुक्त zee न्यूज़ के रिपोर्टर अजीत सिंह से बात की पर उनकी मिलीभगत से यह मामला चलता रहा । फेसबुक देखिए जहाँ फर्जी रिपोर्टरो की फ़ोटो भी है। हमने जनता को जागरूक करने और प्रशासन से इनके फर्ज़ीवाड़े लिए करवाई करने के लिए भी कहा है।

आज न्यूज़ नेशन के एक ऐसे फ़र्ज़ी रिपोर्टर का कारनाम सामने आया जो चौराहो रेलवे स्टेशनों पर धलल्ले से अपना बड़ा बड़ा बैनर लगवाये मिले। फेसबुक पर किसी ने पोस्ट करके हमे टैग किया…एक मित्र द्वारा पूंछा गया क्या ये हकीकत में है हमने कहा नही। इसके बाद हमने अपने फेसबूक पर एक आवश्यक सुचना नाम से इस तरह के फर्जीवाड़े से सचेत रहने के लिए जनता  से कहा। साथ ही डीएम , एसपी जौनपुर से भी निवेदन किया ऐसे भ्रामक लोगो के खिलाफ कारवाही करने का कास्ट करे। जिससे क्रोधित होकर चंचल जैसवाल ने हमे 2 बार फोन करके हमारे नम्बर 9453866464 पर चंचल ने अपने नम्बर 8858810101 से फ़र्ज़ी मुकदमो में फंसाने की धमकी दी।

श्रीमान् जी आपसे निवेदन है की हमारी बात को आप Zee news और news nation चैनल तक पहुँचाने के साथ ही…ऐसे फर्जीवाड़े के खिलाफ उठाये गए हमारे कदम में सहयोग करे। हमने तत्काल जौनपुर डीएम, एसपी,और लखनऊ के डीजीपी के व्हाट्सएप्प पर एप्लीकेशन भेजकर पुरे मामले से अवगत करा दिया है। कृपया मुझे न्याय दिलाने का कष्ट करे ताकि ….ऐसे फर्जी लोगो द्वारा मुझे और मेरे परिवार को किसी फर्जी मामले में फंसाकर परेशांन न किया जाये। आप सभी की अति कृपा होगी।

आपको धमकी का दोनों ऑडियो भेज रहा हूँ कृपया इसे सार्वजानिक करके……मुझे न्याय दिलाने का कष्ट करें…

टेप सुनने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें :

call recording one

call recording two

चंचल जैसवाल की शाहगंज कोतवाली में अच्छी पकड़ के चलते उनके खिलाफ कोतवाली में कोई भी कारवाही मेरे द्वारा करवा पाना नामुमकिन है।। ऑडियो रिकार्डिंग में चंचल खुद कह रहे है इसके पहले हमने प्रीतम सिंह पत्रकार के ऊपर मुकदमा दर्ज करवाके फाइनल रिपोर्ट भी लगवा दी है। चंचल जायसवाल द्वारा बैंक मेनेजर को लिखा गया सुलहनामा भी संलग्न है। ज़ी न्यूज़ और न्यूज़ नेशन भी अपने – अपने नाम पर हो रहे फर्जीवाड़े पर ध्यान देने का कष्ट करे । ज़िले वाले लोग पैसे लेकर जनता को लूटने के लिए ऐसे लोगो को बढ़ावा देते है। यदि ऐसा नही है तो ज़िले में नियुक्त पत्रकार इनकी फेसबुक फ्रेंड लिस्ट में होते हुए भी इनके फर्जीवाड़े पर ध्यान क्यों नही देता है.

धन्यवाद

याचिकाकर्ता

अजय पाण्डेय

पत्रकार
शाहगंज, जौंनपुर ।
Ajay Pandey
Jaunpur (U.P)
Mobile   :  9453-86-6464 , 9454-86-6464
jnp.ajaypandey@gmail.com

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IAS Amit Kataria ने Journalist Kamal Shukla को धमकाया- ‘दो कौड़ी का आदमी, साले, कीड़े, चूजे, मच्छर, मक्खी… तुझे तो ऐसे ही मसल दूंगा’ (सुनें टेप)

अमित कटारिया, कलक्टर, बस्तर (फोटो सौजन्य : फेसबुक)

छत्तीसगढ़ में तैनात आईएएस और आईपीएस विवादों में रहते हैं. दमन करने से लेकर धमकाने तक के लिए. बस्तर जिले के कलक्टर अमित कटारिया काला चश्मा पहनकर पीएम नरेंद्र मोदी से मिलने के मामले में कुख्यात रहे तो अब यही आईएएस एक पत्रकार बुरी तरह और गंदी भाषा में धमकाने के लिए चर्चा में है. दरअसल जेएनयू से कई प्रोफेसर बस्तर के एक गांव में गरीबों से मिलने और सामाजिक अध्ययन करने गए थे. उन्होंने बातचीत में ग्रामीणों को नक्सलियों और राज्य की पुलिस दोनों से दूर रहकर खुद का जीवन बेहतर करने की सलाह दी थी. मौके की ताक में बैठे रहने वाली रमन सरकार के कारिंदों ने गांव वालों को चढ़ाया, भड़काया और उनसे इन प्रोफेसरों के खिलाफ शिकायत ले ली कि ये लोग ग्रामीणों को भड़का रहे थे.

इस शिकायत को डीएम अमित कटारिया ने अपने फेसबुक वॉल पर डाल दिया और मीडिया को इस तरह ब्रीफ किया गया मानों प्रोफेसर लोगों ने गांव वालों को नक्सलियों के साथ मिलजुल कर लड़ने का गुर दिया हो. ऐसा ही कुछ हर जगह छपा और ऐसा ही राज्य मशीनरी ने प्रचारित किया. इसी मसले को लेकर पत्रकार कमल शुक्ला ने डीएम अमित कटारिया को फोन किया और गंदी मानसिकता के तहत प्रोफेसरों को बदनाम किए जाने की शिकायत की. इतना सुनकर आईएएस अमित कटारिया आपा खो बैठा और लगा पत्रकार को धमकाने. पूरी बातचीत सुनिए और सोचिए कि जिन्हें जनता का सेवक कहा जाता है, वो खुद को किसी सद्दाम हुसैन से कम नहीं समझते.

लोकतंत्र में आईएएस – आईपीएस नामक प्रजाति किस कदर रक्षक से भक्षक कैटगरी में शिफ्ट हो रही है, इसकी मिसाल यह टेप है. कायदे से तो कलक्टर को विनम्रता पूर्वक पत्रकार द्वारा कहे गए शब्द पर आपत्ति प्रकट कर फोन काट देना चाहिए था. आखिर पद की गरिमा भी होती है. लेकिन आईएएस अमित कटारिया ने सड़क छाप मवालियों वाली भाषा का इस्तेमाल कर अपना ओरीजनल चेहरा दिखा दिया. आप इस आईएएस से कैसे जनप्रिय और निष्पक्ष अधिकारी होने की उम्मीद कर सकते हैं जो थोड़ा सा आरोप लगने पर इस कदर बिलबिला जाता कि अपने पद गरिमा दायित्व सब कुछ को भूल कर धमकाने लग जाता है.

टेप सुनने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें….

https://www.youtube.com/watch?v=VxJH8p7Tmr0

बातचीत की ट्रांसक्रिप्ट के लिए अगले पेज पर जाने हेतु नीचे क्लिक करें….

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गलत खबर छापे जाने की शिकायत करने पर अमर उजाला वाले भड़क जाते हैं (सुनें टेप)

अमर उजाला वाराणसी में एक गलत खबर छपी. ‘पैर’ की जगह ‘हाथ’ छप गया. क्राइम की खबर में दूसरी बड़ी गलती हेडिंग में थी. दोनों गल्तियों को लेकर जब मैंने अमर उजाला बनारस के दफ्तर में इस नंबर 09675201433 पर फोन किया तो उधर से बहुत ही बेरुखी से बात किया गया. इन गल्तियों की सूचना संपादक को देने की कोशिश की तो जाने किसे फोन ट्रांसफर कर दिया गया और उधर से जो जवाब आया, उसे आप रिकॉर्डिंग में सुन सकते हैं.

आडियो टेप का लिंक दिया जा रहा है. नीचे क्लिक करें:

https://www.youtube.com/watch?v=AKCWaz-VP8s

प्रहलाद गुप्ता
वाराणसी
9454654698

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सेल्फी प्रकरण पर जागरण के रिपोर्टर का सवाल सुनते ही आगबबूला हुई बुलंदशहर की डीएम, मां-बहन कह कह के जमकर हड़काया, सुनें यह टेप

बुलंदशहर में एक डीएम हैं. चंद्रकला नाम से. उनके साथ एक लड़के ने सेल्फी ली, बिना उनकी सहमति. इससे नाराज डीएम ने उस युवक को जेल भिजवा दिया. इस प्रकरण पर जब दैनिक जागरण के रिपोर्टर ने डीएम से पूरा घटनाक्रम जानना चाहा, डीएम का पक्ष जानना चाहा तो डीएम साहिबा इस कदर आग बबूला हुईं कि जागरण के रिपोर्टर को उसकी मां बहन का हवाला दे दे कर जमकर हड़काया.

पूरा टेप सुनने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें…

https://www.youtube.com/watch?v=6L2etDR3Rxk


इस प्रकरण को दूसरा पक्ष जानने के लिए नीचे दिए गए शीर्षक पर क्लिक करें…

जबरन सेल्फी लेने वाले मनचले को जेल भिजवाने वाली डीएम चंद्रकला के पीछे क्यों पड़ा है दैनिक जागरण?

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पैसे मांग कर इस न्यूज चैनल ने युवा पत्रकार का दिल तोड़ दिया (सुनें टेप)

सभी भाइयों को मेरा नमस्कार,

मैं एक छोटा सा पत्रकार (journalist) हूँ और 4 वर्षों से पत्रकारिता कर रहा हूँ। इस बदलते दौर में मुझे नहीं लगता कि मैं कभी अच्छा पत्रकार बन पाउँगा। मेरा सपना था कि मैं भी एक सच्चा पत्रकार बनूँगा पर अब तो पत्रकारिता का मतलब ही बदल चुका है। पहले पत्रकारिता एक मिशन था परन्तु अब ये करप्ट व कारपोरेट बन चुकी है। सभी जानते हैं कि मीडिया में काम करने के लिए अच्छी पहचान या बहुत पैसा होना चाहिए। आज पत्रकार बनना बहुत ही आसान हो गया है क्योंकि पत्रकार बनने के लिये चैनल को आप के तजुर्बे और आपकी योग्यता की जरूरत नहीं है। उन्हें तो जरूरत है आप से मिलने वाले मोटे पैसे की।

कुछ बड़े और अच्छे चैनल भी हैं जो पढ़े-लिखे व अनुभवी पत्रकारों को मौका देते हैं, काम का पैसा भी देते हैं, परन्तु ना के बराबर। ज्यादातर चैनल की खुली लिस्ट है जो कि सिक्योरिटी अमाउंट के रूप में जमा करनी पड़ती है। पी.सी.आई. (Press Council of India) के अनुसार पत्रकार बनने के लिए आपकी योग्यता पत्रकारिता में 12+ डिग्री/डिप्लोमा या तजुर्बा होना चाहिए, परन्तु कुछ बड़े चैनल तो ऐसे भी हैं जिन्होंने 10वीं पास भी पत्रकार नियुक्त कर रखे हैं।

और तो और, मोटा पैसा लेने के बाद भी काम करने का पैसा (salary) भी नहीं देते हैं। अगर मेरी बात गलत है तो सभी पत्रकारों के सैलरी अकॉउंट की जांच करवा लीजिये। हाँ, मेरी बात सही है। मैं जो कुछ बता रहा हूँ, वो एक कड़वा सत्य है। अब सवाल ये है कि जो पत्रकार मोटा पैसा चैनल को देकर नियुक्त होते हैं, बदले में काम के पैसे (salary) भी नहीं लेते हैं तो फिर उनके घर कैसे चलते हैं? कौन उठाता है इनके खर्च और फिर कहाँ से खरीदते है बड़ी-बड़ी लक्जरी गाड़ियाँ?

ऐसा भी नहीं है कि बड़े चैनलों में काम करने वाले सभी पत्रकार अमीर घर से ताल्लुक रखते हैं या फिर शौकिया पत्रकारिता कर रहे हैं। ज्यादातर का  उद्देश्य नाम के साथ-साथ पैसा कमाना होता है। फिर क्या है इसका कारण….?

-आज बिक रहे हैं पत्रकार और बिक रही है उनकी पत्रकारिता
-आज पत्रकार समाज को सत्य दिखाने की जगह सत्य छुपाने में जुटे हुए हैं
-क्या यही है संविधान के चौथे स्तम्भ का काम.
-समाज में बड़ी-बड़ी बातें करने वाले ही समाज में बड़े-बड़े गलत काम कर रहे हैं.
-अपने संविधान का चौथा स्तम्भ (PRESS) आँखे बंद करके बैठा हुआ है.

सभी को पता है, अगर कोई संविधान के चौथे स्तम्भ का हिस्सा बनना चाहता है या फिर प्रेस में काम करना चाहता है तो ज्यादातर चैनल की रेट लिस्ट ये होती है…

1) अगर नेशनल चैनल तो 5,00,000 से 2,00,000
2) अगर रीजनल चैनल तो 2,00,000 से 50,000

और लोकल चैनल या न्यूज़ पेपर/मैगजीन की तो बात ही क्या करें, इनकी तो पत्रकार बनाने की पूरी दुकान है। जो आये सो पाये। पैसा दे जाओ और संविधान के चौथे स्तम्भ का हिस्सा बन जाओ। अब सवाल ये है कि पैसा देकर और बिना सेलरी के पत्रकार क्यों काम करने को तैयार हो जाते हैं? क्योंकि चैनलों की शर्तें, सिक्यूरिटी अमाउंट के रूप में मोटा पैसा देने को जो लोग तैयार होते हैं वो ज्यादातर खनन माफिया, शिक्षा माफिया, भूमाफिया, सट्टा चलाने वाले, जुआ खिलाने वाले, अवैध शराब ठेका चालक, चरस विक्रेता, अन्य गलत धंधे करने वालों के आदमी होते हैं। ये लोग ही पैसा देकर चैनल लाते हैं और अपने नीचे किसी को रख लेते हैं जो उनके लिए मीडिया का काम करता रहता है और उनके गलत काम में प्रशासन के द्वारा सहयोग करता है।

जो मैंने लिखा है वह एक कड़वा सत्य है। मैने 4 वर्षों में ही समझ लिया भारत के संविधान के चौथे स्तम्भ (press) का सच। परन्तु मेरा सवाल है उनसे जो पत्रकारिता में वरिष्ठ हैं। मेरा सवाल है उन बड़े चैनलो अथवा समाचारपत्र के संपादकों से जो समाज को सुधारने का जिम्मा लेते हैं, जो समाज को सत्य दिखाते हैं। क्या वे कभी अपने घर में चल रही इस बुराई को बदल पाएंगे? जिससे किसी का सपना अधूरा ना रह पाए और समाज का सत्य जनता के सामने आ पाए। अगर कोई भाई मेरे विचारो से सहमत हो तो मुझे कॉल भी कर सकता है। इसी post को मैंने Agra के local वाट्सअप ग्रुप में डाला था तो कई पत्रकारों ने गालियाँ दी और मेरा अपमान भी किया।

सुनिए वो टेप जिसमें एक बड़े चैनल के पदाधिकारी से मेरी बातचीत है जो नौकरी देने के बदले पैसे मांग रहे हैं… नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें…

https://www.youtube.com/watch?v=8pdyx-w-a08

अजय कुमार

शिकोहाबाद

उत्तर प्रदेश

संपर्क : फोन 7078004666 मेल ajay.bnanews@gmail.com

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डीएम ने सीजीएम से फोन कर कहा- अखबार में ढेर सारी चीजें छपती हैं जो सब वसूली टाइप रहती हैं (सुनें टेप)

धंधेबाज मीडिया के सच को अधिकारी भी अच्छी तरह जानते हैं लेकिन बस वह आन द रिकार्ड इस पर कुछ नहीं बोलते. छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के डीएम नीरज बंसोड़ ने यहां के सीजीएम प्रभाकर ग्वाल से फोन पर बातचीत में मीडिया को लेकर अपनी राय का खुला मुजाहरा कर दिया. डीएम साब ने सीजीएम साब से कहा कि अखबारों की बातों का वह संज्ञान लेकर एफआईआर आदि न किया करें क्योंकि अखबारों में तो बहुत सी चीजें छपती हैं जो सब वसूली टाइप रहती है.

हालांकि डीएम की इस नसीहत का मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट इस रूप में बुरा मान गए कि यह तो सरासर अदालती काम में हस्तक्षेप है. कोई डीएम कैसे किसी सीजीएम को कह सकता है कि वह किस खबर का संज्ञान लें और किसका न लें. पूरा मामला तूल पकड़ चुका है और बातचीत का यह टेप वायरल हो गया है. इस मामले में राजस्थान पत्रिका में छपी जो खबर है, उसे दिया गया है. साथ ही नीचे टेप दिया जा रहा है जिसे आप सुन सकते हैं.

अगर उपरोक्त आडियो फ्लैश फाइल न सुन पा रहे हों तो नीचे दिए गए यूट्यूब लिंक पर क्लिक कर बातचीत की रिकार्डिंग सुनें>

https://www.youtube.com/watch?v=HYbt6zV2LMU

इन्हें भी पढ़ सुन सकते हैं>

आईपीएस सिकेरा से पत्रिका के संपादक महेंद्र ने माफीनामा छापने का वादा किया (सुनें टेप)

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खबर छपने से बौराए फर्रूखाबाद के प्रभारी सूचनाधिकारी पूरन चंद्र मिश्रा ने पत्रकार आनंद भान शाक्य को दी जमकर गालियां (सुनें टेप)

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पत्रकारों को हमेशा धमकाते रहने वाले मध्य प्रदेश के बदतमीज वन मंत्री डा. गौरीशंकर शेजवार के तीन आडियो-वीडियो टेप सुनें

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लीजिए साहब, एक सपाई युवा नेता ने डीएसपी को फोन पर कह दिया- ‘तेरी मां की xxx , औकात हो तो आ जाओ, मैं बूथ कब्जा कर रहा हूं’ (सुनें टेप)

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शिवराज के मंत्री ने पत्रकार को हड़काया- ”अखबार और मालिक दोनों पर केस करूंगा, ठिकाने लगा दूंगा” (सुनें टेप)

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‘आजतक’ का पत्रकार मनोज सट्टेबाज की रिहाई और मेले में सट्टा चलाने के लिए थानेदार से सिफारिश कर रहा (सुनें टेप)

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यूपी में जी मीडिया और राजस्थान में समाचार प्लस के संवाददाता मांग रहे पैसे (सुनें टेप)

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भाजपा जिलाध्यक्ष टिकट देने के लिए दो लाख रुपये रिश्वत मांग रहा (सुनें टेप)

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दूरदर्शन के दो अधिकारियों की बातचीत हुई लीक, कैसे होती है सेटिंग-गेटिंग, जानें (सुनें टेप)

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जानिए, कैसे ब्लैकमेल करते हैं ये दैनिक भास्कर वाले… (सुनें टेप) …रिपोर्टर ने संपादक के लिए प्राचार्य से मांगी LED

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अगर इस नए चैनल से जुड़ना चाहते हैं तो ये-ये काम करने होंगे (सुनें टेप)

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सुदर्शन न्यूज में काम कर रही एक लड़की ने पूरे ऑफिस के सामने महेश का भांडा फोड़ दिया (सुनें टेप)

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आपको मैनेज किया था, फिर कैसे छप गई आपके अखबार में खबर (सुनें टेप)

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आईपीएस सिकेरा से पत्रिका के संपादक महेंद्र ने माफीनामा छापने का वादा किया (सुनें टेप)

Navniet Sekera : भगवान से भी तेज UP.Patrika.com … अभी अभी एक नयी जानकारी आई है , कि उपरोक्त न्यूज़ दिनाँक Patrika news network Posted: 2015-12-25 17:07:54 IST से स्पष्ट है कि यह न्यूज़ 25 दिसंबर को शाम को 5 बजकर 7 मिनट 54 वें सेकंड में अपलोड की गयी…

स्वतः स्पष्ट है कि घटना यदि सच है तो एक या दो दिन पूर्व की फीनिक्स मॉल की होगी.. जबकि मेरा परिवार 25 दिसंबर की रात में 11.15 बजे का शो देखने वेव मॉल गया था..  मैं तो गया ही नहीं था.. इस आडियो को सुनें… पूरे सच का खुलासा हो जाएगा…. नीचे लिंक पर क्लिक करें>

https://www.youtube.com/watch?v=nwSu0LWKYyE

आईपीएस और आईजी नवनीत सिकेरा के फेसबुक वॉल से.

मूल खबर>

पत्रिका वालों ने की बदमाशी, आईपीएस नवनीत सिकेरा के बारे में सरासर झूठी खबर छाप दी

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खबर छपने से बौराए फर्रूखाबाद के प्रभारी सूचनाधिकारी पूरन चंद्र मिश्रा ने पत्रकार आनंद भान शाक्य को दी जमकर गालियां (सुनें टेप)

: गुंडों को लेकर रात में पत्रकार के घर पर बोला धावा : यूपी के जंगल राज में सबसे ज्यादा बेलगाम पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी हैं. भड़ास4मीडिया के संपादक यशवंत सिंह ने बारिश में बिना वाइपर लगे बस चलाने की लिखित शिकायत गाजीपुर जिले में पदस्थ रोडवेज अधिकारी से की तो अधिकारी ने बदतमीजी करते हुए अपने नेतृत्व में रोडवेजकर्मियों के साथ हमला बोल दिया. इस मामले में अधिकारी के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर 36 घंटे बाद तब दर्ज की जब लखनऊ से एफआईआर दर्ज किए जाने के लिए दबाव डलवाया गया. यह मामला अभी पुराना भी नहीं पड़ा था कि यूपी के फर्रूखाबाद जिले से एक नया मामला सामने आ गया है. यहां के प्रभारी सूचनाधिकारी पूरन चंद्र मिश्रा ने एक पत्रकार को फोन कर धाराप्रवाह गंदी गंदी गालियां दीं.

अखिलेश यादव का यह बेलगाम अधिकारी फोन कर पत्रकार को धमकाता है और फिर गंदी गालियां देता है. टेप सुनेंगे तो कहेंगे कि ऐसी गाली तो कोई नशेड़ी ही दे सकता है जिसे होश न हो कि वह किससे क्या बात क रहा है. जनपद फर्रूखाबाद के प्रभारी सूचनाधिकारी पूरन चन्द्र मिश्रा को डीएम ने बीते दिनों पंचायत चुनाव के मतगणना के दौरान मीडिया कर्मियों के सामने जमकर हड़काया था और एफआईआर कराने व जेल भेजने तक की चेतावनी देते हुए कार्यालय में उपस्थित होने को कहा था.

डीएम ने यह निर्देश तब दिया जब उनसे मीडिया कर्मियों ने रुपये लेकर पत्रकारों को पास दिये जाने की शिकायत की थी. इस खबर को एक स्थानीय वेब पोर्टल एफबीडी न्यूज ने चलाया. इसी बात पर गुस्साये पूरन चन्द्र मिश्रा ने अपने मोबाइल नम्बर 9453005387 से बेब पोर्टल के सम्पादक आनंद भान शाक्य को रात 9.49 बजे फोन कर 1.04 मिनट तक धमकाते हुए गंदी गंदी गालियां दीं. वे पत्रकार की एक बात नहीं सुन रहे थे.

दबंग अधिकारी का इतने से भी मन नहीं भरा तो वह अपने 4 गुंडों के साथ रात 10 बजे सम्पादक के आवास पर भी पहुंच गया और यह कहकर दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया कि बाहर निकलो तो मैं तुम्हे खबर छापने का नतीजा दे दूं. उसने जान से मारने तक की धमकी दी. पुलिस ने अधिकारी का मामला होने के कारण रिपोर्ट दर्ज करने से मना कर दिया.  एएसपी ने भी यह कहकर रिपोर्ट दर्ज करने से मना कर दिया कि वह मामले की पहले सीओ सिटी से जांच करायेंगे. एफबीडी न्यूज के सम्पादक ने बीते माह ही डीएम से सूचनाधिकारी की लिखित व मौखिक शिकायत की थी कि वह प्रेस नोट उपलब्ध नहीं कराते.

सुनें गालियों वाला टेप :

https://www.youtube.com/watch?v=JqWvgbigVqg


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यशवंत पर हमले की कहानी, उन्हीं की जुबानी ( देखें सुनें संबंधित आडियो, वीडियो और तस्वीरें )

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ये भ्रष्टाचार है.. गरीब बच्चों के भविष्य के लिए खतरनाक… मीडिया कृपया इन बच्चों की मदद में सामने आए… (सुनें टेप)

लखनऊ। अभी कुछ दिनों पूर्व ही बीटीसी-2014 के सत्र में ट्रेनिंग हेतु विद्यार्थियों ने कॉउंसलिंग कराया था। जिन बच्चों को लखनऊ डाइट मिला उनका तो ठीक है मगर जिन बच्चों को लखनऊ के 31 प्राइवेट कॉलेज मिले हैं। वो बच्चे अपने नसीब पर रो रहे हैं। बच्चों का आरोप है की उन्होंने निर्धारित फीस (41000/- इकतालीस हजार रूपये) पहले ही डिमाण्ड ड्राफ्ट के रूप में लखनऊ डाइट निशातगंज में जमा करा दिया है।

इसके वावजूद जब वो आबंटित कॉलेज पर अपने नामांकन हेतु डाइट से प्राप्त अल्लोटमेंट लैटर लेकर वहाँ जा रहे हैं तो कॉलेज वाले बिल्डिंग, लैब आदि के नाम पर मनमानी डोनेशन 20 से 35 हजार प्रति वर्ष के हिसाब से अलग से मांग रहे हैं।

कुछ कॉलेजों ने तो फोन करके विद्यार्धियों को रिश्वत का पैसा साथ लेकर ही नामांकन कराने आने के लिए आदेश दे दिया है। लखनऊ के एक कॉलेज की रिश्वत की मांग करने की रिकॉर्डिंग भी मेरे पास उपलब्ध है। लगभग सभी कॉलेज ऐसा ही कर रहे हैं। बच्चों का आरोप है की इस मामले में डाइट लखनऊ के अधिकारी भी उनकी कोई मदद नहीं कर रहे हैं क्योंकि उनका कहना है की सम्बंधित डायरेक्टर और सचिव दोनों ही कॉलेज वालों से मिले हुए हैं।

डाइट पर चक्कर काटती एक लड़की के अविभावक ने मुझे बताया की पहले ही बिटिया के नामांकन हेतु 41000 रूपये जुटाने में अपने बीबी के गहने बेच चूका हूँ। अब कॉलेज वाले 21 हजार माँग रहे हैं। ये पैसे कहाँ से लाऊँ समझ नहीं आ रहा है की अब क्या बचूँ। क्या उत्तर प्रदेश सरकार ऐसे ही बेटियों और छात्रों को शिक्षित करना चाहती है की गरीब अविभावक एक बच्चे को पढ़ाने में पूरा लूटकर सब कुछ बेचने पर मज़बूर हो जाए? अभी तक यह न्यूज़ मीडिया में क्यों नहीं दिखाई दे रही है यह भी अपने आप में एक प्रश्न चिन्ह बना हुआ है।

रिश्वतखोरी से संबंधित टेप सुनने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें>> Youtube.com/watch?v=2tjcpG3WdFI

लखनऊ से एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.

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‘आजतक’ का पत्रकार मनोज सट्टेबाज की रिहाई और मेले में सट्टा चलाने के लिए थानेदार से सिफारिश कर रहा (सुनें टेप)

गाजियाबाद से एक बड़ी खबर आ रही है. एक आडियो टेप वायरल हुआ है जिसमें दावा किया गया है कि थाना विजय नगर प्रभारी सुरेन्द्र यादव एवं चैनल ‘आज तक’ के पत्रकार मनोज के बीच हुई फोन वार्ता है. इस वायरल हुए ऑडियो में आजतक का पत्रकार मनोज हिरासत में लिये गये एक सट्टेबाज को छोड़ देने के लिए अपील कर रहा है. साथ ही वह सट्टेबाज को मेले में सट्टा चलाने देने की सिफारिश कर रहा है.

थाना प्रभारी सुरेंद्र यादव पूरी कड़ाई से मनोज की सिफारिश को नकार रहा है और कह रहा है कि उसके इलाके में जो गलत करेगा, उसे छोड़ा नहीं जाएगा. टेप सुनने के लिए इस यूट्यूब लिंक पर क्लिक करें: https://www.youtube.com/watch?v=zP2GlcK9w40

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बुलंदशहर आईटीआई कांड में प्रिंट मीडिया किस तरह हुआ मैनेज, सुनें ये तीन टेप

यूपी के बुलन्दशहर जिले में घटित हुए आईटीआई कांड में प्रिंट मीडिया जमकर मैनेज किया गया… बुलन्दशहर के आईटीआई में सामूहिक नकल के मामले में यूं तो दबाव बढ़ने के बाद आखिर अब पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन मीडिया को कैसे मैनेज किया गया, इसका अंदाजा इन तीन आडियो टेप से लगाईये। कैसे रूपयों के दम पर दैनिक जागरण सहित तीन प्रमुख अखबारों को खरीदा गया। इतना ही नहीं बढ़िया ढंग से कलम की कलयुगी बाजीगर मैनेज भी हुए। पत्रकारिता के नाम पर दलाली का यह नमूना भर है। नकल माफिया डीएम बी.चन्द्रकला तक को गरिया रहे हैं। आडियो में नम्बर एक अखबार होने का दावा करने वाले दैनिक जागरण का नाम भी है।

दरअसल दैनिक जागरण के ब्यूरो चीफ सुमनलाल कर्ण जोकि पहले रिपोर्टर रहे थे, वह पहले शिक्षा की बीट देखते थे। आईटीआई में उनके अच्छे संबंध हैं। आरोप है कि उन्होंने अपने कई लोगों को आईटीआई भी करायी। आडियो में जिस कपिल का नाम आ रहा है वह हिन्दुस्तान अखबार में रिपोर्टर है। दरअसल 6 अगस्त को नगर के सागर आईटीआई केंद्र पर परीक्षा से पूर्व ट्रेड थ्यौरी के पेपर को आउट करके उत्तर हल किए जा रहे थे। शिकायत मिलने पर एसडीएम सदर ओर सीओ ने छापा मारकर नकल का भंडाफोड़ किया और भारी मात्रा में प्रश्न पत्र व उत्तर पुस्तिकाएं बरामद कीं। मौके से पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया।

मामला मैनेज होता रहा। डीएम बी. चन्द्रकला के संज्ञान में आया तो उन्होंने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद कई स्थानों पर छापेमारी हुई। आईटीआई के प्रधानाचार्य संजय किशोर, एके पांडे ओर दुश्यंत को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने पेपर आउट करने के बदले मिले 4 लाख रूपये भी प्रधानाचार्य से बरामद कर लिए। इस मामले में वीआईआईटी इंजीनियरिंग कालेज के विजय कौशिक, शिवचरन इंटर कालेज के अशोक शर्मा, महेन्द्र चौधरी ओर सुरेन्द्र शर्मा फरार हैं। आडियो टेप बता रहे हैं कि कैसे इस मामले में मीडिया को मैनेज करके मोड़ दिया जा रहा था। आडियो की बातचीत आइटीआइ के प्रधानाचार्य और इंजीनियरिंग कालेज के विजय कौशिक के बीच है। आरोपियों के मोबाइल से मिले इन आडियो टेप को इन्वेस्टीगेशन का पार्ट भी बनायेगी। टेप सुनने के लिए नीचे दिए गए तीनों यूट्यूब लिंक को एक-एक कर क्लिक करिए और सुनिए :

(1) https://www.youtube.com/watch?v=GkRbaOVd6Jw

(2) https://www.youtube.com/watch?v=ZSNJMNEWzxU

(3) https://www.youtube.com/watch?v=m3G0X0ihIp0

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यूपी में जी मीडिया और राजस्थान में समाचार प्लस के संवाददाता मांग रहे पैसे (सुनें टेप)

: जी मीडिया का संवाददाता बाबा से मांग रहा है पांच लाख रुपये : समाचार प्लस राजस्थान के संवाददाता ने स्कूल संचालक से मांगे पैसे : इलाहबाद के पास है कौशाम्बी. यहां कुछ ऐसे लोग हैं जो मीडिया को बेच रहे हैं. कौशाम्बी में पत्रकार हैं अजय कुमार जो कथित तौर पर जी न्यूज़ में काम कर रहे हैं. इन महाशय ने तीन कैमरामैन भी रख लिया है. ये पूरा गिरोह मिलकर खबर के चलाने रोकने के नाम पर मोटी रकम की डिमांड कर रहे हैं. एक बाबा से रिपोर्टर अजय कुमार और उनके एक सहयोगी की बातचीत का आडियो वायरल हुआ है. इसमें अजय के सहयोगी धारा यादव ने बाबा से खबर न चलवाने के नाम पर जी मीडिया को विज्ञापन देने के लिए 500000 रुपये की मांग की. अजय कुमार पर शराब के नशे में बिजली विभाग के जेई से मारपीट की मामला मंझनपुर कोतवाली में दर्ज हो चुका है. टेप सुनने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें: https://www.youtube.com/watch?v=bUP6J2nn4_Y

उधर, राजस्थान के बूंदी जिले के हिण्डोली तहसील में टीपू सुल्तान नाम का एक संवाददाता है जो समाचार प्लस राजस्थान चैनल में काम करता है. आरोप है कि बूंदी शहर से लेकर हिण्डोली कस्बे के सभी निजी स्कूलों को यह धमकाता रहता है और उनसे पैसे मांगता है. यह संवाददाता स्कूल वालों पर नियम कानून तोड़कर स्कूल चलाने का आरोप लगाता है और स्टिंग करके चैनल पर चलाने की बात कहता है. इस सबका मकसद अवैध वसूली करना होता है. ऐसे ही एक केस में संवाददाता का आडियो लीक हो गया और पूरी बातचीत वायरल हो गई. इस टेप के बाद बूंदी शहर में समाचार प्लस विवादों में आ गया है. इस ऑडियो में संवाददाता टीपू सुल्तान और स्कूल संचालक के बीच बातचीत है. टेप सुनने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें: https://www.youtube.com/watch?v=aSMQtjoTal0

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भाजपा जिलाध्यक्ष टिकट देने के लिए दो लाख रुपये रिश्वत मांग रहा (सुनें टेप)

घटना उत्तर प्रदेश के जालौन जिले की है. BJP जिलाध्यक्ष जगदीश तिवारी ने एक व्यक्ति से टिकट दिलाने के बदले दो लाख रुपये रिश्वत मांगा था. घूस की उनकी बातचीत का ऑडियो वायरल हो गया है. इसके बाद भाजपा ने जगदीश तिवारी को पद से हटा दिया.

भाजपा जिलाध्यक्ष जगदीश तिवारी को पदमुक्त कर उनकी जगह उदयन पालीवाल को प्रभारी जिलाध्यक्ष बनाया गया है. टेप सुनने के लिए इस यूट्यूब लिंक पर क्लिक करें : https://www.youtube.com/watch?v=0ZppDeDRRQs

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