पत्रकारों को मिल रही गौरी लंकेश जैसा हश्र होने की धमकियां

Anil Jain : गौरी लंकेश की हत्या के बाद जैसी आशंका जताई गई थी, वैसा ही हो रहा है। त्रिपुरा में शांतनु भौमिक की हत्या इसकी पहली मिसाल है। पत्रकारों और लेखकों को धमकाने का सिलसिला शुरू हो चुका है। नीचे दिया गया स्क्रीन शॉट मेरे मित्र और पुराने सहकर्मी अनिल सिन्हा को मिले वाट्सएप मैसेज का है।

अज्ञात व्यक्तियों की ओर से चार अलग-अलग फोन नंबरों (9984825094, 8874856328, 9984482860, 9984162349) से भेजे गए एक ही तरह के इस मैसेज में साफ तौर स्वीकार किया गया है कि गौरी लंकेश हिंदुत्ववादियों के हाथों इसलिए मारी गई, क्योंकि वह भाजपा और आरएसएस के खिलाफ लिखती थीं। मैसेज में गौरी को गद्दार, राष्ट्रविरोधी और हिंदू विरोधी करार दिया गया है। इसी के साथ मैसेज के आखिरी में धमकी दी गई है कि देश में जो भी व्यक्ति मोदी जी, भाजपा या संघ के खिलाफ लिखने की हिम्मत करेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। मुसलमानों के नाम के साथ-साथ ऐसे गद्दारों को भी मिटा दिया जाएगा।

यह मैसेज अनिल सिन्हा के अलावा कुछ अन्य लोगों को भी मिला है। मैसेज में भले ही प्रधानमंत्री श्री मोदी और भाजपा की तरफदारी की गई हो, लेकिन फिर भी यह कतई नहीं माना जा सकता कि इस तरह के धमकी भरे मैसेज प्रधानमंत्री या भाजपा की सहमति से भेजे जा रहे हो। हो सकता है कि कोई व्यक्ति या समूह भाजपा, संघ और मोदी जी का नाम लेकर इस तरह की शरारतपूर्ण कारस्तानी कर रहा हो।

जो भी हो, मामला गंभीर तो है ही। जिन लोगों को यह मैसेज प्राप्त हुआ है वे तो इस बारे में पुलिस में शिकायत दर्ज करा ही रहे हैं, प्रेस क्लब ऑफ इंडिया, प्रेस एसोसिएशन और अन्य पत्रकार संगठन भी इस मामले को अपने स्तर पर उठाएंगे ही। लेकिन सरकार को भी ऐसे मामले का संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करना चाहिए, क्योंकि पत्रकारों और लेखकों को धमकाने का यह काम प्रधानमंत्री और सत्तारूढ दल के नाम पर हो रहा है।

वरिष्ठ पत्रकार अनिल जैन की एफबी वॉल से.

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इंडिया न्यूज के मैनेजिंग एडिटर राणा यशवंत और उनके परिजनों को ‘भक्त’ देने लगे धमिकयां!

Rana Yashwant : इस देश में एक कौम पैदा की जा रही है जो पूरी तरह से नंगा है और आप पर अपनी सारी सड़ांध, लिजलिजापन और गंध लिए कभी भी हमला बोल देती है. ये सोशल मीडिया पर होता है और फोन के जरिए भी. मुझे अभी एक कॉल आया एक नंबर से. (ये नंबर जरूरत पड़ी तो मैं आप लोगों से साझा करुंगा) निहायत घटिया जुबान और हर बात के आखिर में- ”तुम…देशद्रोही”. ये देशभक्ति का ठेका लेकर चलनेवाली जमात सनकी, दिमागी तौर पर अपाहिज और लफंगों-लुहेड़ों की है.

उसको पता ही नहीं कि हम किस मिट्टी के बने लोग हैं. डर और आतंक की औकात ही नहीं कि रत्ती भर भी हिला पाए. इस बार का ‘अर्धसत्य’ कार्यक्रम किसानों पर था और लाजिमी है कि सत्ता-व्यवस्था से आप सवाल करेंगे ही. हमारा काम ही सवाल करना है. सवाल हमारा फर्ज है, विरोध नहीं. जबतक जिंदा रहेंगे, इस सवाल से किसी को भी फारिग नहीं होने देंगे. किसी भी हाल में नहीं. अगर ऐसे दो कौड़ी के लोगों के चलते कलम औऱ जुबान बदलने लगे तो इससे बेहतर मरना होगा.

प्रधानमंत्री जी, गृह मंत्री जी, उम्मीद कर रहा हूं कि उस नंबर के बारे में मुझसे पूछा जाएगा. अभी जब मैं ये पोस्ट खत्म कर ही रहा था कि मेरे बेटे का फोन आया कि पापा फलां नंबर से फोन आया और काफी गाली गलौज कर रहा था, धमकी दे रहा था मारने की. ये स्थिति खतरनाक है.

इंडिया न्यूज चैनल के मैनेजिंग एडिटर राणा यशवंत की एफबी वॉल से.

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बिल्डर के दलाल कथित टीवी पत्रकार ने अपने ही पत्रकार साथी को कवरेज करने पर धमकाया, पढ़ें शिकायती पत्र

सेवा में,
श्रीमान उपायुक्त, दिल्ली पुलिस,
साऊथ ईस्ट जिला, सरिता विहार
नई दिल्ली।

विषय — अवैध निर्माण पर चल रहे नगर निगम के डमोलिशन की खबर को ना करने व झूठे केस में फंसाने की धमकी देते हुए । 

महोदय,

निवेदन यह है कि मैं पंकज चौहान S/O श्री राजाराम सिंह, पता– 14/ 202, दक्षिणपुरी एक्सटेंशन, डॉ. अंबेडकरनगर, नई दिल्ली -62 में रहता हूं। मैं दिल्ली से ‘सनसनी इन्वेस्टीगेटर’ नाम से अपना एक नेशनल साप्ताहिक अखबार चलाता हूं। मैंने अपने पिछले एडीशन में दक्षिणपुरी की डीडीए मार्केट नंबर-2 में स्थित दुकान नंबर- 11, 12, 13, 14 की उस समय खबर लगाई थी जब यहां पर एम.सी.डी. के बिल्डिंग विभाग के दस्ते ने तोड़फोड़ की थी। अब दिनांक- 29/03/2017 को एम.सी.डी., ग्रीन पार्क ज़ोन से भवन विभाग के दस्ते ने दोबारा इसी अवैध निर्माण पर तोड़फोड़ का कार्यक्रम किया जिसको मैं अपने साथी रिपोर्टर के साथ कवर करने के लिए पहुंचा।

थोड़ी देर कवरेज करने के बाद मेरे से एक पास योगेश गुप्ता नाम से एक शख्स आया और मुझे और मेरे साथी रिपोर्टर को धमकाने लगा और अपने आप को आज तक न्यूज़ चैनल का रिपोर्टर बताने लगा। इस अवैध निर्माण को तोड़ने के पहले इस योगेश गुप्ता के मेरे पास 8700827576 नंबर से फोन आया था और उसका कहना था कि इस खबर को आगे मत छापना और मैं आपको बिल्डर के साथ चाय पिलवाता हूँ। मैने तब भी इस बात पर योगेश गुप्ता को कोई तवज्जो नहीं दी (मोबाईल की रिकॉर्डिंग अगर आपको चाहिए तो मैं आपको दे दूंगा)। मेरी मुख्य शिकायत ये है कि योगेश गुप्ता, कथित बिल्डर के अवैध निर्माण के बाबत मेरे पास उस समय आया जब दिल्ली नगर निगम का दस्ता भारी पुलिस बल के साथ अवैध-निर्माण तोड़ रहा था, उस समय योगेश गुप्ता ने अपने को आज तक न्यूज़ चैनल का पत्रकार बताते हुए मुझे और मेरे साथी रिपोर्टर संतोष झा को जान से मारने की धमकी तो दी ही साथ ही साथ मुझे ना तो फोटो खींचने दी और ना ही वीडियो रिकॉर्डिंग करने दे रहा था। उस समय पुलिस बल भी मौके पर मौजूद था।

योगेश गुप्ता ने मेरे और मेरे साथी रिपोर्टर संतोष झा के साथ काफी अभद्र व्यवहार किया और मुझे झूठे व फर्जी केस में फंसा लेने की धमकी देते हुए जान से मारने की भी धमकी दी। मैंने तब भी योगेश गुप्ता को कुछ नहीं कहा उसके बाद योगेश ने मेरी और मेरे साथी रिपोर्टर संतोष झा की वीडियो रिकॉर्डिंग की और फोटो भी खींची और कहने लगा कि अब तुम्हारी फोटो और वीडियो मेरे पास है अब मैं तुमको मरवा दूंगा। वो मुझे खबर ना छापने के चलते मेरे अखबार को भी उल्टा सीधा कह रहा था साथ ही बार बार अभद्र भाषा की भी उपयोग कर रहा था, जिसके बाद दिल्ली पुलिस और हमने उसका आई.कार्ड उसकी असल पहचान के लिए माँगा लेकिन उसने हमें आई. कार्ड तो नहीं दिखाया बल्कि एक विज़ीटिंग कार्ड दिखाते हुए कहा कि मैं आजतक चैनल में ही हूँ।

काफी बदतमीज़ी का व्यवहार करने के बाद दिल्ली पुलिस ने योगेश गुप्ता को वहां से भगा दिया लेकिन अब मेरी फेस बुक पर यही योगेश गुप्ता गलत तरीके से कमेंट करके मेरी छवि को धूमिल कर रहा है। फेस बुक पर योगेश मेरे खिलाफ काफी गलत तरीके से एक के बाद एक कमेंट बिना किसी आधार के किए जा रहा है मेरा आपसे नम्र निवेदन है कि एसे व्यक्ति के खिलाफ ठोस कानूनी कार्यवाही की जाए। जिस समय मेरे साथ योगेश गुप्ता ने बदतमीजी की थी उस समय अंबेडकर नगर थाना इलाके के कुछ पुलिसकर्मी भी वहां मौजूद थे जिन्होने योगेश को काफी समझाया भी लेकिन जब वो नहीं माना तो उन लोगों ने उसे टूट रही बिल्डिंग के पास से योगेश को भगा दिया , आप चाहें तो उन पुलिसकर्मियों से भी बात करके जाँच कर सकते हैं । 

मेरे इस शिकायती पत्र पर तत्काल प्रभाव से कार्यवाही करते हुए आप इस मामले की निष्पक्ष जाँच करें ताकि मेरी जो छवि धूमिल हुई है और मेरे को और मेरे साथी रिपोर्टर संतोष झा को जो धमकी मिली है उस पर योगेश गुप्ता के खिलाफ ठोस कानूनी कार्यवाही की जा सके । 

प्रार्थी
पंकज चौहान पुत्र श्री राजाराम सिंह
चीफ एडीटर
सनसनी इन्वेस्टीगेटर
नेशनल हिन्दी न्यूज़ पेपर
दिल्ली

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गाजियाबाद में छुटभैये भाजपा नेता ने अखबार को दी गालियां और पत्रकार को दी धमकी (सुनें टेप)

इंदिरापुरम (गाजियाबाद) भाजपा के मंडल अध्यक्ष नवनीत मित्तल ने ‘शिप्रा दर्पण’ नामक अखबार निकालने वाले पत्रकार नवीन द्विवेदी को एक खबर छापने पर जमकर धमकाया. नवीन द्विवेदी ने इस बारे में भड़ास को बताया कि वह सम्पादक हैं, शिप्रा दर्पण समाचार पत्र के. कल शाम 5.00 बजे इंदिरापुरम (गाजियाबाद) भाजपा के मंडल अध्यक्ष नवनीत मित्तल का फोन आया. उन्होंने मुझे गालियां देना शुरू कर दिया और फिर मुझे जान से मारने की धमकी भी दी.

साथ ही अखबार शिप्रा दर्पण को भी गालियां दी. नवीन के मुताबिक वे अत्यंत भयभीत हैं और उन्हें आशंका है कि मुझे किसी भी समय यह बाहुबली मार सकता है. नवीन ने पुलिस में लिखित शिकायत दे दी है. वे धमकी को देखते हुए इंदिरापुरम गाजियाबाद क्षेत्र छोड़ने पर विचार कर रहे हैं. उनका कहना है कि जब तक वे इंदिरापुरम में हैं, अगर उनका एक्सीडेंट भी होता है तो इसके लिए जिम्मेदार भाजपा मंडल अध्यक्ष नवनीत मित्तल माने जाएं.

टेप सुनने के लिए नीचे क्लिक करें :

https://youtu.be/ioweiDrwNKw

नीचे है वो खबर जिसके छपने के बाद भाजपा नेता को गुस्सा आ गया…

इंदिरापुरम भाजपा नेता और आरएसएस के अधिकारी के बीच तीखी तू..तू..में…में..

Naveen Dwivedi –
शिप्रा दर्पण!

जिस राज्य में विपक्ष नही होता या कमजोर होता हैं उस राज्य सत्ताधारी दल की विचारधारा के लोग कभी कभी विपक्ष की भूमिका अदा कर लेते हैं, उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के इंदिरापुरम क्षेत्र में यह माहौल साफ़ तौर पर देखा गया जब इंदिरापुरम के बीजेपी के मंडल अध्यक्ष नवनीत मित्तल और आरएसएस के अधिकारी अविनाश चंद्र के बीच तीखी नोक झोंक हुई मुद्दा था बिहारी मार्केट।

कुछ समय से स्थानीय लोग अवैध बने बिहारी मार्केट का विरोध कर रहे हैं उनका कहना है कि खुले में मॉस व सब्जी और अन्य गलत कार्य इस अवैध बाजार में होते है जिसके चलते क्षेत्र में चोरी और स्नेचिक की वारदात बढ़ी है और बिहारी मार्केट के विरोध के समर्थन में आरएसएस के अधिकारी अविनाश चन्द्र कर रहे थे मगर बीजेपी के मंडल अध्यक्ष ने एक चौपाल पर एक बैठक के दौरान बिहारी मार्केट का समर्थन किया और कहा कि बिहारी मार्केट को हटने नही देना चाहिए वही उपस्थित बीजेपी के वरिष्ठ कार्यकर्ता संजय सिंह भी नवनींत मित्तल के सुर में सुर मिलाते नज़र आये और कहा कि बिहारी मार्केट के व्यापारियों को वैकल्पिक स्थान मिलना चाहिए।

वही दूसरी और स्थानीयजनों और आरएसएस अधिकारी अविनाश चन्द्र ने इस बात का विरोध किया कि वह अवैध बाजार है जिसके चलते रात में महिलाएं सड़क पर चल भी नही पाती खुले में गालियां दी जाती है और खुले में मांस की बिक्री होती हैं कुछ स्थानीयजन यहाँ तक कह गए की सत्ता आते ही भाजपा के कार्यकर्ताओं में सपा का रंग दिखने लगा हैं।हालांकि बात बिगड़ने की स्थति को देखते हुए स्थानीय लोगों ने सम्भाल लिया।

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अवैध बूचड़खाने पर स्टोरी कर रहे पत्रकार राकेश पंडित को मिली धमकी

सुदर्शन न्यूज चैनल में कार्यरत तेजतर्रार पत्रकार राकेश पंडित ने अवैध बूचड़खानों पर कई स्टोरीज की. इसी सिलसिले में एक स्टोरी के दौरान उन्हें धमकियां मिलीं और बाद में चैनल के आफिस में धमकी भरे फोन आने लगे. इस संबंध में सुदर्शन न्यूज चैनल की तरफ से इलाकाई थाने में एक शिकायत दी गई है. शिकायत की एक कापी भड़ास के पास भी है, जिसे नीचे प्रकाशित किया जा रहा है. साथ ही राकेश पंडित की उस स्टोरी का प्रोमो भी नीचे दिया जा रहा है जिसे दिखाने के बाद चैनल के आफिस में धमकी भरे फोन आने लगे…

ये है संबंधित स्टोरी का प्रोमो…

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गाजीपुर के पत्रकार ने धमकी देने वाले पूर्व मंत्री विजय मिश्रा के खिलाफ की पुलिस में शिकायत

गाजीपुर के वेब जर्नलिस्ट सुनील कुमार सिंह ने आधी रात के बाद फोन कर धमकी देने वाले पूर्व मंत्री विजय मिश्र के खिलाफ पुलिस में लिखित शिकायत दी है. इस शिकायत में उन्होंने पूर्व मंत्री के कुछ खास लोगों का भी जिक्र किया है जो फोन करके धमकियां दे रहे हैं. पुलिस को दी गई शिकायत की एक कापी भड़ास के पास भी है जिसे नीचे प्रकाशित किया जा रहा है…

पूरे प्रकरण को जानने-समझने और मंत्री द्वारा दी गई धमकी को सुनने के लिए नीचे दिए गए शीर्षक पर क्लिक करें…

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अखिलेश राज में मंत्री रहे विजय मिश्र ने धमकाया तो पत्रकार ने दिया खाने भर जवाब (सुनें टेप)

गाजीपुर जिले से सपा राज में एक मंत्री हुआ करते थे, धर्मार्थ कार्य मंत्री, विजय मिश्रा. जब अखिलेश यादव ने इनका टिकट काट दिया तो ये बसपा में भाग खड़े हुए लेकिन वहां भी टिकट नहीं मिला और न ही अपनी सीट से बसपा के प्रत्याशी को जिता पाए. एक रोज आधी रात को ये पूर्व मंत्री विजय मिश्रा ने पूरे मूड में आकर गाजीपुर जिले के एक पत्रकार को फोन लगा दिया. ये पत्रकार कभी विजय मिश्र को चुनाव जिताने में जोरशोर से आगे थे. बाद में चुनाव जीतने और मंत्री बनने के बाद विजय मिश्र ने अपने हर उस गैर-ब्राह्मण कार्यकर्ता / करीबी के साथ जो किया, वही सुनील सिंह उर्फ सुनील कुशवाहा के साथ भी किया यानि अपमानित कर किनारे कर दिया.

सुनील ठीकठाक बैकग्राउंड वाले हैं. अच्छी खासी जमीन है और शहर के पॉश इलाके में बढ़िया मकान है. खुद के पास लाइसेंसी रिवाल्वर भी है. सो, उन्होंने अपने आनलाइन पोर्टल के जरिए विजय मिश्र के कारनामों की पोल खोलनी शुरू कर दी. बताया जाता है कि ये जो फोन विजय मिश्र ने किया, वह किसी तरह चाहते थे कि सुनील स्वीकार कर लें कि उन्होंने ही उनके खिलाफ इशारों इशारों में फेसबुक पर काफी कुछ लिखा है. पर सुनील ने कुबूल नहीं किया और न ही उत्तेजित होकर कुछ ऐसा कहा जिससे विजय मिश्र को उनके खिलाफ रिपोर्ट लिखाने का मौका मिल जाता.

हालांकि कहा जा रहा है कि विजय मिश्र ने फोन करने से कुछ रोज पहले सारे स्क्रीनशाट और सारा लेखन इकट्ठा करते हुए पुलिस में सुनील के खिलाफ तहरीर दे दी थी लेकिन पूरे लेखन से यह नहीं साबित हो रहा था कि यह सब विजय मिश्र के खिलाफ ही लिखा गया है. इस कारण उन्हें फोन करके और उकसा करके सुनील से ही यह कुबूल कराना उचित लगा कि उसी ने लिखा है ताकि सुनील के खिलाफ केस मजबूत हो सके और पुलिस कार्रवाई करा सकें. पर सुनील ने कबूलना तो दूर, करीब 40 मिनट की बातचीत में ऐसा कुछ नहीं कहा जिससे उनके खिलाफ कोई मसाला मिल सके. उल्टे पूरी बातचीत से पूर्व मंत्री विजय मिश्र बहुत सारे मामलों में जरूर एक्सपोज हो गए. पूरा टेप सुनते हुए एक तरफ आपको सुनील की हाजिरजवाबी से कहीं कहीं हंसी आएगी तो मंत्री के व्यवहार बात रवैये से सत्ता-सिस्टम से जुड़े रहे लोगों के चरित्र के पीछे का स्याह सच समझ आएगा.

पत्रकार सुनील ने मंत्री जो को खाने भर जवाब दिया है, ये तो सच है. पत्रकार सुनील की हाजिरजवाबी का आप भी लोहा मान जाएंगे, साथ ही बहादुरी का भी. करीब पौन घंटे के इस आडियो को सुनते हुए आप बोर कतई नहीं होंगे. बीच-बीच में लगेगा जैसे आप कपिल शर्मा का कामेडी शो देख रहे हों. सुनील गाजीपुर लाइव नामक न्यूज पोर्टल के संपादक हैं. सुनील को बाद में यह आडियो वायरल न करने के लिए धमकाया गया. पत्रकार सुनील ने पूर्व मंत्री और उनके इशारे पर धमकाने वालों के खिलाफ लिखित शिकायत पुलिस को दे दी है.

आडियो सुनने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें…. आडियो सुनते हुए स्क्रीन पर जो तस्वीर आप देख रहे होंगे, वही हैं माननीय पूर्व मंत्री विजय मिश्र…

ज्ञात हो विजय मिश्र वरिष्ठ पत्रकार अच्युतानंद मिश्र के भतीचे हैं और कहा जाता है कि अच्युता जी ने ही मुलायम सिंह यादव से अपने करीबी रिश्ते के चलते विजय मिश्र को टिकट दिलवाया था. विजय मिश्र गाजीपुर से चंद सैकड़ा वोटों से जीते और मंत्री बन गए. लेकिन वह अपने पूरे कार्यकाल में परफार्म बिलकुल नहीं कर पाए. गाजीपुर में उन्होंने अपने उन कार्यकर्ताओं को काफी परेशान किया जो चुनाव जिताने में तो खुलकर तन मन धन से साथ थे लेकिन इनके मंत्री बनने के बाद इनकी उपेक्षा के शिकार होकर अलग-थलग हो गए. बताया जाता है कि विजय मिश्र ने मंत्री रहते हुए अपने कई कार्यकर्ताओं के यहां छापे मरवाए या उन्हें जेल में डलवाया या फर्जी केसों में फंसवाया. उनकी कोशिश थी कि उनके जो भी कार्यकर्ता उनसे नाराज होकर कुछ कह कर रहे हैं, उन्हें इतना आतंकित पीड़ित प्रताड़ित कर दो कि वह शांत होकर बैठ जाए या उनके चरणों में समर्पण कर दे. फिलहाल तो आप लोग इस टेप का आनंद लीजिए और देखिए कि हमारे देश के हंसते-मुस्कराते नेताओं का आधी रात के बाद चाल-चरित्र बोली-बानी अंदाज इरादों का क्या हाल होता है….

गाजीपुर से सुजीत कुमार सिंह उर्फ प्रिंस की रिपोर्ट.

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यूपी में भाजपा विधायक ने सीओ को धमकाया

यूपी में भारी बहुमत पाने वाली भाजपा की छवि पर पलीता लगाने का काम उसके कुछ नए बने विधायकों ने शुरू कर दिया है. सत्ता के नशे में चूर इन विधायक महोदय को मर्यादा का खयाल नहीं है. इस आडियो में सुनिए एक भाजपा विधायक (सवायजपुर, हरदोई) की सीओ (शाहाबाद, हरदोई) से बातचीत. लोग इस टेप को सुनकर कहने लगे हैं कि लगता है यूपी के अच्छे दिन आ गए हैं… टेप सुनने के लिए नीचे क्लिक करें :

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महाराष्ट्र के एमएलसी ने दी हरियाणा के पत्रकार को धमकी- ”अंदर करवा दूंगा!”

महाराष्ट्र विधान परिषद् के एक मेंबर ने अम्बाला के एक पत्रकार को धमकी दी है कि वो उसे महाराष्ट्र में बुलवा कर अंदर करवा देगा। यही नहीं, उसके अखबार का रजिस्ट्रेशन भी रद करवा देगा। पत्रकार ने मामले की शिकायत अम्बाला पुलिस को कर दी है। शिकायत के साथ धमकी भरी तीन मिनट और सात सेकंड की ऑडियो क्लिप भी दी गयी है। शिकायत की कॉपी पुलिस महानिदेशक को भी भेजी गयी है।

अम्बाला के पुलिस अधीक्षक अभिषेक जोरवाल ने बताया कि अभी मामला उनके संज्ञान में नहीं है। उन्होंने कहा कि हो सकता है किसी थाने में शिकायत की गयी हो। महेशनगर पुलिस स्टेशन के इंचार्ज सुभाष ने बताया कि उन्हें शिकायत मिली है और पुलिस मामले की जाँच कर रही है। मामले की नाजुकता के मद्देनजर पुलिस जल्दबाजी में कोई कदम नहीं लेना चाहती। अम्बाला पुलिस ने आला अफसरों को हालात से अवगत करवा दिया है। विधान परिषद् का मेंबर पत्रकार को धमकी देता है कि उसे विधायक की ताकत का नहीं पता, किसी नेता से पन्गा लेने का अंजाम बुरा होता है।

बताया जाता है कि विधान परिषद् का मेंबर किसी खबर के कारण पत्रकार से नाराज है। वो महाराष्ट्र ड्रग्स व केमिस्ट्स एसोसिएशन का प्रधान भी है। वो कहता है कि आप मेरी मदद भी लेते हो और फिर भी मेरे खिलाफ गंदी खबरें लिखते हो। वो कहता है कि महाराष्ट्र को हरियाणा नहीं समझो, तुझे मेरे ताकत का अंदाज नहीं है। बाद में मेंबर साहिब अखबार के प्रधान सम्पादक को फ़ोन करके खेद प्रकट करते हुए मामले को रफा दफा करने का आग्रह करते हैं।

हरियाणा से वरिष्ठ पत्रकार पवन कुमार बंसल की रिपोर्ट.

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होशंगाबाद भास्कर के जीएम सुरेंद्र राय के खिलाफ लड़कीबाजी के चक्कर में हुई एफआईआर

अपने रंगीनमिजाज अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले होशंगाबाद दैनिक भास्कर के जीएम सुरेंद्र राय पर भोपाल में एफआईआर दर्ज हुई है। जीएम ने दैनिक भास्कर में कार्यरत एक पूर्व महिला कर्मचारी के इश्क में पड़कर उसके मंगेतर को जान से मारने की धमकी दे डाली। भोपाल के कमला नगर थाने में हुई रिपोर्ट के अनुसार जीएम ने मंगेतर को महिला कर्मचारी से शादी करने पर जान से मारने व अन्य प्रकार की धमकियों के लिए कई बार फोन किया था।

जानकारी के अनुसार जीएम के साथ भास्कर के ही दो लोगों ने भी फोन लगाकर धमकी दी थी। महिला उत्पीड़न रोकने के लिए भास्कर संबंधितों पर तत्काल एक्शन लेने की बात करता है। अब देखना यह है कि क्या इस मामले में भास्कर संस्थान जीएम जैसे बड़े अधिकारी पर कार्यवाई करेगा।

एक मीडियाकर्मी द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.

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विज्ञापन के लिए दैनिक भास्कर का मार्केटिंग प्रतिनिधि धमका रहा है व्यापारी को (सुनिए टेप)

बड़े नेता, बड़े अफसर, बड़ी कंपनियां अगर खुलेआम वसूली, रिश्वतखोरी, उगाही करें तो उनके खिलाफ कार्रवाई एक लाख में एकाध मामलों में ही होती है, वह भी तब जब इनके बीच आपसी झगड़े हो जाएं. अन्यथा सब दोनों हाथ से संविधान, कानून और नैतिकता की धज्जियां उड़ाते हुए मुद्रा मोचन में लगे रहते हैं. इन डकैतों की सेहत पर असर इसलिए भी नहीं पड़ता क्योंकि पुलिस, कोर्ट और सिस्टम इनकी रक्षा में जुट जाता है, बचाने में जुट जाता है. ताजा मामला दैनिक भास्कर का है. इस अखबार के मार्केटिंग के लोग किस तरह व्यापारियों को धमकाते हैं, विज्ञापन के लिए, इसे नीचे दिए गए टेप वाले लिंक पर क्लिक करके सुना जा सकता है.

राजस्थान स्थित कोटा जिले के गुमानपुरा के एक व्यापारी को विज्ञापन के लिए दैनिक भास्कर का मार्केटिंग प्रतिनिधि धमका रहा है. वो खुद बोल रहा है कि दैनिक भास्कर और राजस्थान पत्रिका दोनों डाकू हैं. इसने विज्ञापन ना देने पर उल्टी खबर छापने की धमकी दी. इससे पता चलता है कि मीडिया वाले पैसे मिलने पर चुप रहते हैं और पैसे न दिए तो उल्टी खबर दिखाने लगते हैं. इसका एक सटीक उदहारण कुछ दिन पहले भी देखा जा चुका है. कोटा के मेयर महेश के नालंदा में चल रहे अवैध काम का कवरेज करने गए पत्रकारों को मेयर के लोगों ने बंदी बना लिया. इसकी FIR भी दर्ज़ है लेकिन अख़बार में यह खबर नहीं छपी क्योंकि विज्ञापन के माध्यम से पैसा फेककर मीडिया का मुँह बंद कर दिया गया था. अब आप बताओ इसे बिकाऊ मीडिया नहीं बोलोगे तो और क्या बोलोगे.

टेप सुनने के लिए इस यूट्यूब लिंक पर क्लिक करें: https://www.youtube.com/watch?v=vD73IgSceOo

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सहारा के जिस डिवीजन के लोग हड़ताल करेंगे, सहाराश्री उस डिवीजन को ही बंद कर देंगे… देखें नोटिस

सहारा अपने कर्मचारियों को लगभग डेढ़ साल से नियमित वेतन नहीं दे रहा है। एक साल से ज्यादा का समय हो गया है, सिर्फ आधा वेतन दिया जा रहा है। वेतन न मिलने से लाखों कर्मचारी प्रभावित हैं। वेतन न मिलने की वजह से कई तो खुदा को प्यारे हो गए। पंद्रह सितंबर 2015 को सहारा के सभी कार्यालयों में सहारा सुप्रीमो का यह पत्र नोटिस बोर्ड पर चस्पा कर दिया गया है। पत्र में वेतन न देने की बात करते हुए हड़ताल न करने की हिदायत दी गई है साथ ही चेतावनी या धमकी जो कह लीजिए, दी गई है कि उस विभाग को ही बंद कर दिया जाएगा जहां के कर्मचारी वेतन की मांग करेंगे। मसलन पैराबैंकिंग में हड़ताल होती है तो वह ही बंद कर दिया जाएगा।

हमारे संविधान ने हमें जुर्म के खिलाफ अपनी आवाज उठाने के लिए या अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन करने का अधिकार दिया है। अंग्रेजों से आजादी भी हमारे पूर्वजों ने यूं ही हासिल नहीं की। इसके लिए धरना प्रदर्शन किया है। लेकिन पैसे के मद में चूर सहारा इंडिया के मुखिया सुब्रतो राय अपने कर्मचारियों से यह अधिकार भी छीन लेना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने बकायदे गश्ती पत्र जारी किया है।

इस पत्र में उन्होंने हड़ताल को अराजकतावादी कदम बताया है। इसका मतलब आजादी के आंदोलन के सारे के सारे क्रांतिकारी अराजक थे? राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का असहयोग आंदोलन अराजकतावादी कदम था? इस तरह तो भगत सिंह सबसे बडे अराजक थे? इस पत्र में यह धमकी भी दी गई है कि जिस भी डिवीजन में हडताल हुई वह बंद कर दिया जाएगा। जैसे नियम कानून इनके अधिकारियों की तरह इनके आगे पीछे दुम हिलाते फिरते हैं।

प्रसंगवश जिस संस्थान में एक हजार या उससे अधिक कर्मचारी हैं वह बिना अनुमति के कारोबार नहीं समेट सकता। बीमार संस्थान को बंद करने के भी नियम हैं। हर नियमित कर्मचारी का पूरा ड्यूज देना होगा। जिसकी जितनी सेवाएं बची हैं उसको पूरा वेतन देना पडता है। कानपुर में एक नहीं दर्जनों फैक्ट्रियां/ मिलें बंद हुई हैं सभी ने पूरा बकाया दिया है। कांग्रेस का नेशनल हेरल्ड और नवजीवन इसके उदाहरण हैं। बंद होने को तो बंबई और कोलकाता में न जाने कितनी मिलें बंद हुई हैं सुब्रतों राय, लेकिन ऐसे नहीं जैसे तुम या तेरे गुर्गे समझ / समझा रहे हैं।

एक सहाराकर्मी द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.

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दिल्ली के जाने-माने पत्रकार जॉन दयाल को कुछ दक्षिणपंथी ताकतें धमका रही हैं

The Delhi Union of Journalists in association with Sahmat has castigated the targetting of well known journalist, member of the National Integration Council, human Rights activist and General Secretary of the All India Christian Council, John Dayal by some rightwing outfits. It has taken a serious note of his complaint to the police commissioner and has called for immediate protection to him and his family.

We are attaching copies of the FIR received to the Delhi Chief Minister, Lt. Governor and the Human Rights Commission. We further take note of the fact that John Dayal has completed over 40 years in journalism besides being a writer, known to have been associated with a book coauthored with Ajoy Bose in 1977 called “For Reasons of State: Delhi Under Emergency”. He is known to espouse secular causes from time to time.

Sh. Bhim Sain Bassi,
Commissioner of Police
Delhi Police Headquarters,
ITO, New Delhi-110002

Dear Sir,

Sub: i) Threat to my life and liberty, criminal intimidation and defamation suffered by me at the hands of various people on the website ‘www.twitter.com’.
ii) Widespread attempts to disturb and prejudice religious harmony and insult Christianity with the malicious intention of outraging the religious beliefs of Christians.

.      1)  I am a member of the National Integration Council (NIC)of India, Secretary- General of the All India Christian Council and a past president of the All India Catholic Union. I have subscribed to the website twitter.com and use the medium to communicate with various people. I have been the subject of tremendous and vile abuse (both personal and religious in nature) on twitter, from various miscreants for a long time now. I regularly receive threats to my life and liberty and live under constant fear. Previously I made complaints to the concerned authorities, however, no action has been taken till date. 


.      2)  This campaign of abuse is directed not only at me but at the Christian community in general and there appears to be a deliberate and concerted attempt to prejudice religious harmony and hurt the sentiments of the Christian community and other Indians as well. 


.      3)  This campaign of vitriolic abuse, vilification and bigotry reached a crescendo on 12th September, 2015, when a sudden, unprovoked and large scale attack on me and the members of my community was launched on twitter by a large number of people. I am emphasizing with great pain that the abuse in question was directed not only at me but also the larger Christian Community. My personal telephone number was posted on twitter and the world at large was invited to threaten and abuse me on the phone. As soon as my number was released I began receiving threatening and abusive phone calls. I am not able to use my mobile phone now. 


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.      4)  The extent of abuse and threats faced by me can be gauged from the fact that within a few hours ‘shame on john dayal’ started trending. As you are aware sir, a ‘trend’ indicates that a large number of people are tweeting with the phrase which is trending. 


.      5)  Sir, as the screenshots attached by me will illustrate, I have been accused of selling my mother and have been the recipient of vile cuss words. Handles like @smartindianhere @tsukinorayko @vsreeniwas @sarcaism are a few out of many who have shamelessly abused me. @abdullah_0mar’s tweet claimed that I endorse rape. 


.      6)  Direct threats of harm to my life and liberty have been made. People tweeting from handles such as @ajaykamath1981 @dwivedi_ji12 tweeted saying that I must die, with the latter tweeting that the person who shoots me will be a patriot. People tweeting from the handles @damodarshenoy92 @kaandmasti
@joydeep1985 incited people to be violent with me. 


.      7)  Sir people tweeting from @prohindugirl @socialmediatbn @milind_singh @munendradwivedi @jagobharathjago @revolutionmonk went a step ahead and attacked my religion-Christianity. Previously, @abhijeetsinger who is a famous bollywood singer had tweeted that I should be hanged along with YakubMemon. Another person using the handle @anandks666 tweeted a threat to commit depraved crimes against my son and wife. I find it beyond my dignity to quote the tweets in question and the screenshots of the same have been attached for your convenience. 


.      8)  Sir, my reputation stands destroyed, my life is in danger. I live under fear for my life and liberty and more alarmingly there is a conspiracy underway to destroy religious harmony. A prima facie perusal of the tweets attached with this complaint reveals the commission, inter alia, of offences under sections 153(A), 295 (A), 499, 503, 505 and 507 of the Indian Penal Code and other enactments. 


.      9)  By the means of this complaint, I implore you to act against these dangerous people so that my life is protected and no further harm is caused to me or to religious harmony in general and such criminals are brought to book. 


Sincerely,
Dr. John Dayal
505 Link Apartments, 18 Indraprastha Extension, Delhi

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भाजपा विधायक ने पत्रकार को एनकाउंटर कराने की धमकी दे डाली

मध्य प्रदेश के धार में भाजपा विधायक वेल सिंह भूरिया की ओर से भरी सभा में पत्रकार को एनकाउंटर कराने की धमकी देने का मामला सामने आया है. धार में एक आम सभा में मौजूद नेताजी का गुस्सा उस वक्त उबल पड़ा जब एक पत्रकार ने उनके सामने कई सवाल रख द‌िए. पत्रकार के सवालों से तमतमाए विधायक ने उन्हें एनकाउंटर कराने की धमकी दे डाली। ये विधायक महोदय आरएसएस के कभी कार्यकर्ता रह चुके हैं.

पत्रकार ने जब किसानों को मुआवजा दिलाने संबंधी सवाल पूछा, तभी उनका पारा चढ़ गया. विधायक ने धमकी देते हुए कहा कि मैं अपने अधिकारों का इस्तेमाल कर सकता हूं… यहां तक की कोई अगर शांति भंग करता है और समस्या पैदा करने वाले काम करता है तो उसका एनकाउंटर भी करा सकता हूं. विधायक ने कहा- मुझे लोगों ने इसलिए विधायक बनाया है ताकि मेरे जैसे शख्स का सम्मान आप सब कर सकें.

अपनी धमकी के तुरंत बाद ही विधायक को एहसास हो गया कि उसने कुछ गलत बोल दिया है जिसके बाद उसने मामले को संभालने की कोशिश की. उसने पत्रकार को कहा कि उसने जो सवाल पूछा गया है वह ठीक नहीं है. विधायक ने पत्रकार से कहा वे उन्हें पहचानते हैं लेकिन उनके साथ जो अन्य लोग खड़े हैं उन्हें वे नहीं पहचानते. उन्होंने कहा कि पत्रकार साथी ने सभा में मौजूद लोगों, जिनमें बच्चे तक हैं, के सामने जो सवाल पूछा है, उसके बारे में किसी सही जगह पर बात की जाएगी. उनके इसी बयान के दौरान किसी ने मोबाइल से वीडियो बना लिया और सर्कुलेट कर दिया. बीजेपी विधायक का यह वी‌डियो आने पर मध्य प्रदेश के कांग्रेस प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने कहा है बीजेपी विधायक अपनी मर्यादा भूल गए हैं. जिन लोगों ने उन्हें विधायक बनाया उन्हीं को वो अब धमकी दे रहे हैं.

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सहारा मीडिया के एचआर ने हड़ताली कर्मियों के लिए जारी किया धमकी भरा पत्र, पढ़ें

सहारा मीडिया के एचआर डिपार्टमेंट की तरफ से अपने हड़ताली कर्मियों के लिए एक धमकी भरा पत्र जारी किया गया है. यह पत्र दिन में आज बारह बजे जारी किया गया और दिन में दो बजे तक हड़ताल वापस लेकर काम पर लौटने की चेतावनी दी गई है.

पत्र में दस जुलाई से चल रहे हड़ताल का जिक्र करते हुए आज दो बजे के बाद काम पर न लौटने वालों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का फरमान सुनाया गया है. पत्र मिलने के बाद हड़ताली कर्मियों में गुस्सा बढ़ गया है. उधर, पुलिस की घेरेबंदी जारी है. हड़ताली कर्मी भी धरने पर डटे हुए हैं और वेतन नहीं तो काम नहीं की अपनी मांग पर अड़े हुए हैं.

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सहारा के हड़ताली मीडियाकर्मियों को पुलिस ने घेरा… किसी चैनल पर चलेगी ये खबर?

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आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने मुलायम यादव के खिलाफ धमकाने की लिखित कंप्लेन दी, पढ़ें पूरा लेटर

आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने आज लखनऊ के हजरतगंज थाने में सपा मुखिया मुलायम यादव के खिलाफ लिखित कंप्लेन दी है. इस कंप्लने में उन्होंने फोन पर धमकाने को लेकर विस्तार से सारी बाती बताई हैं. अमिताभ ठाकुर जब रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचे तो उनके साथ मीडिया के भी काफी लोग थे. अमिताभ और मुलायम की बातचीत का टेप कल जारी होने के बाद से यूपी की राजधानी लखनऊ में हलचल तेज हो गई.

 

लोग कयास लगा रहे थे कि क्या अमिताभ ठाकुर डर कर लखनऊ छोड़ देंगे या अपने तेवर के मुताबिक डटे रहकर मुलायम सिंह यादव का सामना करेंगे. बहादुर अमिताभ ठाकुर ने फैसला किया कि वह लखनऊ में और अपने घर पर ही रहकर मुलायम की धमकी के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेंगे. इसी क्रम में वह हजरतगंज पहुंचे. नीचे वो लेटर है जिसे उन्होंने थाने में दिया है.

मुलायम यादव ने किस तरह आईपीएस अमिताभ ठाकुर को धमकाया, इसे जानने सुनने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें….

ये है वो टेप जिसमें मुलायम एक आईपीएस अफसर को ‘सुधर जाने’ की धमकी दे रहे हैं… (सुनें)

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अमिताभ ठाकुर को जिस ‘जसराना वाली रामवीर की पार्टी’ की याद मुलायम ने दिलाई, आखिर वो मसला था क्या… विस्तार से पढ़ें

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अमिताभ ठाकुर को जिस ‘जसराना वाली रामवीर की पार्टी’ की याद मुलायम ने दिलाई, आखिर वो मसला था क्या… विस्तार से पढ़ें

Himanshu Dwivedi : इमानदार आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर को फोन पर धमकी से संबंधित ऑडियो टेप में ‪‎मुलायम‬ ‘जसराना वाली रामवीर की पार्टी’ का जिक्र करके कह रहा है कि “क्या वो भूल गए?” और अंत में कहता है कि अबकी बार उससे ज्यादा हो जाएगा! क्या है ये ‘जसराना वाली रामवीर की पार्टी’? दरअसल ये जिक्र था एक घटना का जब समाजवादी पार्टी की पिछली से पिछली सरकार के समय श्री अमिताभ ठाकुर फीरोजाबाद जिले में पुलिस कप्तान के रूप में तैनात थे! तब सीएम मुलायम सिंह यादव हुआ करते थे. ‎फीरोजाबाद‬, इटावा, मैनपुरी यादव बेल्ट होने के कारण मुलायम परिवार का राजनीतिक गढ़ रही है और स्वाभाविक सी बात है कि इनकी दबंगई और गुंडागर्दी का केंद्र भी!

फीरोजाबाद जिले में चार विधानसभाएं हैं. उनमे से दो हैं- जसराना और शिकोहाबाद. दोनों यादव बाहुल्य! दोनों पर मुलायम के समधियों क्रमशः रामवीर यादव और हरिओम यादव का कब्ज़ा था (और अभी भी है)! दोनों बाहुबली विधायकों का मुख्य काम जमीनों पर कब्जा रहा है और दिलचस्प बात ये है कि दोनों की आपस में गैंगवार जैसी तनातनी रही है! कई बार क्षेत्र की जनता ने दोनों के गुर्गों को खुलेआम सड़कों पर फ़िल्मी स्टाइल में फायरिंग करके लड़ते देखा है! दोनोँ के बीच में सुलह कराने की मुलायम की सारी कोशिशें असफल रहीं और इसका खामियाज़ा 2007 के विधानसभा चुनावों में भुगतना पड़ा और पहली बार ये सीटें पार्टी के हाथ से निकलीं! उसके बाद जिले में हुयी हर सभा / रैली में मुलायम ने अपना दर्द सार्वजनिक रूप से जाहिर किया, दोनों को समझाते हुए कि सुधर जाओ!

तो उस समय ये नयी ऊर्जा से भरा ईमानदार, तन से दुबला पर मन से तगड़ा आईपीएस जिले में पुलिस कप्तान तैनात हुआ और जिले के लोगों ने अपराध में अप्रत्याशित गिरावट देखी, वो भी सपा शासन में! ये दबंग अफसर खुद ग्राउंड पर मोर्चा संभालता था और परिणामस्वरूप महकमे के सिपाही तक का मनोबल बढ़ गया! ऐसे ही किसी मामले में रामवीर यादव का दखल आया, जिसे इस अफसर ने विनम्रता के साथ नकार दिया! सीधी रीढ़ की हड्डी विधायक को कैसे बर्दाश्त होती, खासकर की जब वो प्रदेश के मुखिया के रिश्तेदार थे! जनता के बीच ये मामला चर्चा का विषय बन गया और सब इंतज़ार करने लगे कि देखते हैं अब क्या होगा! फिर जसराना के एक थाने में पुलिस कप्तान और ‪‎विधायक‬ की सीधी भिड़ंत और हाथापाई हुयी! उसके बाद असल में क्या हुआ, वो ये दोनों ही जानते हैं पर जनता का एक हिस्सा कह रहा था कि विधायक को कूटा गया और दूसरे ने कहा की कप्तान के साथ पिटाई हुयी!

बहरहाल जो भी हुआ, मामला लोकल ‪मीडिया‬ में छाया! हालांकि आशंका सभी को थी कि कप्तान का तबादला निश्चित है पर अमिताभ ठाकुर को व्यापक जनसमर्थन के कारण लोगों को उम्मीद थी कि शायद मुलायम ये कदम न उठायें! आख़िरकार अमिताभ का तबादला कर दिया गया! जिले के इतिहास में पहली बार जनता किसी अफसर के तबादले के विरोध में सड़कों पर उतरी पर जनता की आवाज को इस तथाकथित समाजवादी ने बिलकुल अनसुना कर दिया!

सरकार बदली और फिर से बदल कर सपा की आ गयी पर अमिताभ हर सरकार के नुमाइंदों और विभाग के आला अफसरों की किरकिरी बने रहे! अधिकतर समय इन्हे फील्ड की पोस्टिंग से दूर रखा गया पर ये अपनी पत्नी के साथ निजी स्तर पर समाज और न्याय के लिए संघर्ष करते रहे! उसी कड़ी में उनका कोई कदम फिर से मुलायम के किसी खासमखास के गले की फांस बनने लगा तो खुद मुलायम धमकी देने लगे कि सुधर जाओ!

एक बात तो साफ़ है ‪‎IAS‬ / ‎IPS‬ लॉबी केवल ‎भ्रष्ट‬ और हरामखोर अफसरों का जमावड़ा है जो कि अरविन्द ‎केजरीवाल‬ द्वारा कुछ अफसरों की बदली करने पर तो रात में आपातकाल बैठक और प्रेस वार्ता करती है पर खेमका, चतुर्वेदी और ठाकुर जैसे अफसरों के मामले में मुंह में दही जमा लेती है! एक अफसर को एक नेता सड़कछाप गुंडों की स्टाइल में धमकी दे रहा है और लॉबी चुप है!

फेसबुक पर एक्टिव सिटिजन जर्नलिस्ट हिमांशु द्विवेदी के फेसबुक वॉल से.


धमकी वाला टेप सुनने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें…

ये है वो टेप जिसमें मुलायम एक आईपीएस अफसर को ‘सुधर जाने’ की धमकी दे रहे हैं… (सुनें)

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आईपीएस को धमकाने वाला टेप सुनकर मुलायम के प्रति जो मन में थोड़ी बहुत इज्जत थी, वो भी खत्म हो गई….

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मुलायम सिंह यादव के खिलाफ धमकाने संबंधी एफआईआर लिखाएंगे आईपीएस अमिताभ ठाकुर

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लखनऊ के अखबार दबा कर बैठ गए ‘मुलायम धमकी’ वाला टेप, कहीं कोई खबर नहीं

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लखनऊ के अखबार दबा कर बैठ गए ‘मुलायम धमकी’ वाला टेप, कहीं कोई खबर नहीं

Yashwant Singh : लखनऊ के अखबार दबा के बैठ गए मुलायम धमकी वाली न्यूज़। सिर्फ nbt lucknow में सिंगल कॉलम खबर है। दैनिक जागरण अमर उजाला हिंदुस्तान समेत सैकड़ों छोटे बड़े अखबारों के नपुंसक संपादकों को लानत भेजिए। शेम शेम। ये धमकी वाला टेप किन न्यूज़ चैनलों पर चला, किनपे नहीं चला, कृपया अवगत कराइए। और हाँ, अगर आपने अब तक इस टेप को अपने fb वाल पर शेयर नहीं किया तो अब कर लीजिये। चैनल वाले अखबार वाले ये टेप दबा के बैठे हुवे हैं। लग रहा बारगेनिंग चल रही है या डील हो चुकी है। ऐसे में हमको आपको इस लिंक को फैलाना होगा ताकि खबर दब ना सके और बारगेनिंग फेल हो सके। लिंक ये है: https://www.youtube.com/watch?v=qks3tJxKNsI

आशीष सागर : क्या करियेगा सर जी जब नंगो की सरकार हो और पत्रकारिता के बड़े बैनर पूंजीवाद के बुर्जुआ हाथो में थम गई हो तब ये घटना अतिश्योक्ति नहीं… जिन चैनलों ने अमिताभ ठाकुर की खबर चलाई उनमें समाचार प्लस, एबीपी न्यूज, इंडिया न्यूज़ आदि चैनल थे… लेकिन साथ ही बचाव में ये भी कहा कि हम नेताजी की आवाज की पुष्टि नहीं कर रहे….. प्रिंट अख़बार तो परचून की दुकान बन गए हैं… सुनिए नेताजी मुलायम सिंह कैसे आईपीएस सिविल डिफेन्स अमिताभ ठाकुर को धमका रहे है…. प्रिंट मिडिया में नवभारत टाइम्स के सिंगल कालम खबर के आलावा कही ये खबर नहीं छपी… अमर उजाला, दैनिक जागरण, हिंदुस्तान तक में नहीं. सरकारी विज्ञापन के लिए किसी की हत्या भी हो जाये तो इन अखबारों को क्या गम है? सुनिए टेप: https://www.youtube.com/watch?v=qks3tJxKNsI

Vivek Singh : ये हमारे उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान मंत्री के पिताजी हैं जो भारत में फासीवादी ताकतों को रोकने के अगुवा हैं। जरा इन्हें इस टेप में सुनिए कि कैसे ये एक आईजी रैंक के आईपीएस अफसर को समझा रहे हैं कि अगर नहीं समझे तो उससे भी बुरा हाल करवा दूंगा। ऐसे रुकेगा अब हमाय उत्तर प्रदेश में फासीवाद। अब किस बुरे हाल की बात कर रहे हैं ये आप टेप सुन के खुद ही तय करें.. न समझ आए तो सीएम अखिलेश यादव के ट्विटर और फेसबुक पेज पर जाकर सवाल करें। सुना है वे सोशल मीडिया के सवालों का भी जवाब देते हैं… यहां क्लिक कर सुनें टेप: https://www.youtube.com/watch?v=qks3tJxKNsI

Kumar Sauvir : सीएम या रक्षा मंत्री से क्‍या। अपराधी हमेशा अपराधी ही रहेगा… मुलायम सिंह यादव ने साबित कर दिया कि अपराधी जन्‍मना होता है… मुझे तो अब शर्म आती है कि मैं उसी यूपी का रहने वाला हूं जहां लखनऊ है। एक किस्सा सुनाता हूं। बात तबकी है जब मायावती सरकार में सपा ने अपराधियों के खिलाफ जंग छेडी थी। मायावती ने तय किया कि उस दिन पूरी राजधानी जाम रहेगी। राजभवन, सचिवालय, मुख्‍यमंत्री कार्यालय और आसपास के इलाके को बैरीकेडिंग के बल पर मायावती की पुलिस ने चोक कर दिया था। हजारों की संख्‍या में पुलिस और सैकडों की तादात में सपा कार्यकर्ता मौजूद थे। एक हाथ भी बाहर निकला, तो पुलिस की लाठी बज गयी। लेकिन अचानक सायरन बजाती एक कार निकली। हड़बड़ाई पुलिस ने बैरीकेटिंग हटायी। कार राजभवन की ओर बढ़ गयी। पीछे सैकड़ों कार्यकर्ता। लो, हो गयी व्‍यवस्‍था ध्‍वस्‍त। यह कार मुलायम सिंह यादव की थी। एक जंगजू योद्धा का काफिला जिसने समाजवाद के लिए पूरी जीवन समर्पित कर दिया। मैं अभिभूत था मुलायम के इस प्रदर्शन से। नेता तो ऐसा ही होना चाहिए तो हमेशा नया सोचे और नया करे। ऐसा जो जनता पलक-पांवड़े बिछा दे। लेकिन आज मेरा दिमाग घिन्‍ना रहा है। मुझे शर्म आ रही है कि मुझे उस दिन वाले मुलायम को इतना सम्‍मान क्‍यों दिया। अपने आदर्श को लेकर घृणित स्‍खलन को महसूस करना शायद जीवन का कोई सर्वाधिक पतन से भी बढ कर है। मुलायम सिंह यादव मैं शर्मिदा हूं कि मैंने तुम्‍हारे चित्र को सम्‍मान दिया। सॉरी। अभी यशवंत सिंह ने मुझे मेरी पोस्‍ट पर कमेंट के तौर पर बताया कि आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर को मुलायम सिंह यादव ने धमकी दी है। कितना शर्मनाक है यह मुलायम। तुम्‍हारे चरित्र से सर्वथा विपरीत। तुम आम आदमी के नेता माने जाते रहे हो। लेकिन आज मुझे तुमसे घृणा हो गयी। क्‍योंकि आज मैं खुल कर कहता हूं कि तुम अपराधी हो। रामवीर सिंह के यहां अमिताभ के साथ क्या हुआ था, मुझे नहीं पता। हो सकता है कि वहां अमिताभ की रामवीर के लोगों ने ऐसी की तैसी की रही हो। इसमें कोई खास बात नहीं है। अपराधी का चरित्र तो अपराध का ही होता है। चंद अपराधियों ने किसी सैनिक को घेर लिया। उसे थप्‍पड़ मार दिया। उसे लातों-घूसों से पीटा। इसमें कोई बात खास है ही नहीं। लेकिन जिस तरह अमिताभ से फोन पर पुरानी घटना के बारे में जिक्र किया और उससे ज्यादा बड़ी घटना कराने की धमकी दी, वह तो स्‍तब्‍ध ही करने वाला है। अच्‍छा, एक बात बताओ मुलायम चच्‍चा। तुम हो क्‍या। सिर्फ इतना ही ना, कि एक पार्टी के अध्‍यक्ष हो। दीगर बात है कि एक प्रदेश तक सीमित हो। तो रहो। गुंडई करते रहो। मुझे खूब खबर है कि जिस रामवीर की घटना को लेकर तुमने अमिताभ का जिक्र किया है, उस में तुम्‍हारे चंद गुंडों ने अमिताभ ठाकुर के साथ बेहद अभद्रता ही नहीं, बल्कि अपमान की पराकाष्‍ठा तक का प्रदर्शन किया था। हो सकता है कि तुम्‍हारे इशारे पर कुछ लोगों ने या अनजाने में अमिताभ ठाकुर की कुटम्‍मस किया हो। लेकिन उसके बाद चूंकि तुमने उस पर कोई भी टिप्‍पणी नहीं की, मामला डस्‍टबिन में डाल दिया। ऐसे में अब जरूरी है कि हम तुम्‍हारी व्‍यवस्‍था को इंगित करें जिसके चलते इस पूरे प्रदेश में अनाचार का पहली कदमपहली शुरू हुई थी। लेकिन एक पूर्व मुख्यमंत्री और रक्षा मंत्री के तौर पर तुम अमिताभ को अपनी गुंडागर्दी का प्रदर्शन कर रहे हो, तो यह घटिया कर्म है। मैं तुम्हारी भर्त्सना और निंदा करता हूँ।

पत्रकार यशवंत सिंह, आशीष सागर, विवेक सिंह और कुमार सौवीर के फेसबुक वॉल से.

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मुलायम सिंह यादव के खिलाफ धमकाने संबंधी एफआईआर लिखाएंगे आईपीएस अमिताभ ठाकुर

Amitabh Thakur : मैं आज 11 बजे थाना हजरतगंज जा कर श्री मुलायम सिंह यादव द्वारा मुझे दी गयी धमकी के सम्बन्ध में एआईआर प्रस्तुत करूँगा. साथ ही वरिष्ठ अफसरों को अपनी और पत्नी नूतन की सुरक्षा के लिए भी प्रार्थना करूँगा. Today I shall be presenting an FIR before Hazratganj police station at 11 AM regarding Sri Mulayam Singh Yadav’s yesterday threat. I shall also be presenting my application to senior officers for my and wife Nutan’s security. यूपी के आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर के फेसबुक वॉल से.

Nutan Thakur : मेरे पति अमिताभ ठाकुर आज 11 बजे थाना हजरतगंज जा कर श्री मुलायम सिंह यादव द्वारा कल उन्हें दी गयी धमकी के सम्बन्ध में एआईआर प्रस्तुत करेंगे. साथ ही वरिष्ठ अफसरों को मेरी और खुद अपनी की सुरक्षा के लिए भी प्रार्थनापत्र देंगे और इन तथ्यों से गृह मंत्रालय, भारत सरकार को भी अवगत करायेंगे. श्री मुलायम सिंह ने अपनी बात में एफआईआर दर्ज करने पर नाराजगी जता कर धमकी दी है जो सीधे-सीधे श्री गायत्री प्रजापति के खिलाफ मेरे द्वारा दर्ज एफआईआर के अगले दिन यह धमकी आई है. अमिताभ ठाकुर की पत्नी नूतन ठाकुर के फेसबुक वॉल से.

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ये है वो टेप जिसमें मुलायम एक आईपीएस अफसर को ‘सुधर जाने’ की धमकी दे रहे हैं… (सुनें)

उत्तर प्रदेश में जंगलराज का आलम ये है कि अब खुद नेताजी यानि मुलायम सिंह यादव एक आईपीएस अफसर को धमका रहे हैं. अखिलेश यादव भले मुख्यमंत्री हों उत्तर प्रदेश के लेकिन असली राजा तो मुलायम सिंह यादव ही हैं. उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार, अनाचार और जंगल राज का जो आलम है, उसमें प्रदेश की जनता पूरी तरह से समाजवादी पार्टी के खिलाफ हो गई है. बजाय जनता के बीच छवि ठीक करने और कानून व्यवस्था सुधारने के, समाजवादी पार्टी के नेता उन एक्टिविस्ट अफसरों को धमका रहे हैं जो शासन की जनविरोधी नीतियों का पर्दाफाश करने में लगे हैं.

इसी क्रम में आज आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर के पास मुलायम सिंह यादव का फोन आया और पिटने-मारने जैसी बातों का उल्लेख करते हुए सुधर जाने की धमकी दे डाली. अमिताभ ठाकुर को मुलायम सिंह यादव ने क्या क्या कहा, इस टेप में है, क्लिक करक सुनिए…

अगर आप टेप सुन नहीं पा रहे हों तो इस लिंक पर क्लिक करके टेप सुनें या डाउनलोड कर लें: Mulayam Singh threatens IPS audio tape download

आप इस यूट्यूब लिंक पर क्लिक करके भी मुलायम-अमिताभ बातचीत सुन सकते हैं: https://www.youtube.com/watch?v=qks3tJxKNsI

इन्हें भी पढ़ें:

मुलायम सिंह यादव ने फोन कर आईपीएस अमिताभ ठाकुर को धमकाया!

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मुलायम सिंह ने आईपीएस को कहा- सुधर जाओ, नहीं तो….!

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मुलायम सिंह ने आईपीएस को कहा- सुधर जाओ, नहीं तो….!

आज 10 जुलाई 2015 को दिन में फोन नंबर 0522-2235477 से मुलायम सिंह यादव का फोन आईपीएस अमिताभ ठाकुर उनके मोबाइल नंबर नंबर 094155-34526 पर आया. वक्त था शाम चार बजकर 43 मिनट. कुल दो मिनट 10 सेकेंड बात हई. पूरी बातचीत का ट्रांसक्रिप्ट इस प्रकार है…

-फोन आपरेटर: नेताजी बात करना चाहते हैं आपसे

-अमिताभ: कौन नेताजी

-फोन आपरेटर: माननीय मुलायम सिंह जी

-अमिताभ: अच्छा

-मुलायम सिंह: हेल्लो

-अमिताभ: जय हिन्द सर अमिताभ बोल रहा हूँ सर

-मुलायम सिंह: अमिताभ ठाकुर, जसराना की दावत वाली बात भूल गए आप, वही करना पड़ेगा आपका

-अमिताभ: सर आदेश करें सर

-मुलायम सिंह: आदेश का मना क्यों कर रहे, जसराना में रामवीर के यहाँ जब दावत थी तो भूल गए आप

-अमिताभ: सर मैं समझ नहीं पाया सर

-मुलायम सिंह: आप थे

-अमिताभ: सर मैं था तो जब आप मुख्यमंत्री थे

-मुलायम सिंह: फिर, बड़ी बदतमीजी थे आप तो

-अमिताभ: क्या हो गया सर

-मुलायम सिंह: सब बता रहे है कि @@ कर रहे हैं , तुम बड़े भले, डाक्टर साहब ने कहा पता है आपको, रामवीर की दावत में स्कूल में ले कर गए अन्दर

-अमिताभ: सर समझ नहीं पा रहा हूँ

-मुलायम सिंह: वहां हमने बचाया तुम्हे पीटते से, सब मारना चाहते थे, स्कूल में गए थे आपको

-अमिताभ: सर क्या आदेश है समझ नहीं पा रहा हूँ

-मुलायम सिंह: उससे ज्यादा हो जाएगा आपका, बता दे रहा हूँ, अच्छा ठीक चलो, आपसे हमदर्दी रही मैं पटना गया वहां, घर वालों ने कहा मेरा लड़का है देखते रहना, अच्छा आप चुप रहे

-अमिताभ: सर क्या हुआ समझ नहीं आ रहा है

-मुलायम सिंह: तुम बिना उसके खिलाफ करने लगते हो

-अमिताभ: किसके खिलाफ सर

-मुलायम सिंह – अब हम बता देंगे, अब आप सुधर जाईये, इत्ता ही कह दिया मैंने

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उर्दू पत्रकार को पुलिस ने धमकाया- मीडिया में वीडियो लीक हुआ, तो चीर कर रख देंगे

मुंबई से खबर है कि मालवणी पुलिस इलाके में एक दैनिक उर्दू अखबार के पत्रकार से पुलिसकर्मी ने बदतमीजी की. पुलिस ने पत्रकार को अश्लील गालियां देते हुए न्यूज कवरेज से रोका. इस मामले में मालवणी पुलिस के सीनियर पीआई प्रकाश पाटील और जोन-11 के डीसीपी बालसिंग राजपूत ने कानून के अनुसार मामले की जांच कर आरोपी पुलिसकर्मी जयेश केनी के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है.

पीड़ित पत्रकार शमीउल्लाह खान ने बताया कि बुधवार की रात करीब 9 बजे घर जाने के दौरान मालवणी पुलिस स्टेशन के बाहर पांच से छह पुलिसवाले कुछ युवकों को पीट रहे थे, जिसे उन्होंने मोबाइल से शूट कर लिया. पत्रकार के मुताबिक, पुलिसकर्मी जयेश केनी ने उन्हें ‘मीडिया में वीडियो लीक हुआ, तो चीर कर रख देंगे’ की धमकी देते हुए रिकॉर्डिंग करने से रोक दिया. घटना से आहत पत्रकार ने अपने साथियों को इस बारे में जानकारी दी. विकास संघ और युवा पत्रकार संघ जैसे मीडिया संगठनों ने अध्यक्ष आनंद मिश्र के नेतृत्व में मालवणी के सीनियर पीआई प्रकाश पाटील और डीसीपी जोन-11 से मिलकर मामले की जांच और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की.

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खबर से नाराज हरदोई के बीएसए ने फोन पर पत्रकार को जमकर धमकाया-हड़काया (सुनें टेप)

हरदोई जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी ब्रजेश मिश्रा ने एक पत्रकार को जमकर धमकाया और हड़काया. पत्रकार कोई गुप्ता जी हैं जो एक मैग्जीन निकालते हैं लखनऊ से. उन्होंने हरदोई के शिक्षा विभाग बेसिक शिक्षा अधिकारी पर कोई आलेख प्रकाशित किया. इसे पढ़कर बेसिक शिक्षा अधिकारी बौखला गए. उन्होंने लीगल नोटिस तो भिजवाया ही, पत्रकार को फोन कर जमकर धमकाया और हड़काया. पत्रकार ने बड़ी विनम्रता और साहस के साथ अपनी बात रखी और अफसर के धमकाने की परवाह न करते हुए कोर्ट में साक्ष्य प्रस्तुत करने की बात कही.

बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जो कुछ खास बातें नीचे दिए गए टेप में कहीं हैं, उनमें से कुछ आप अभी पढ़ लीजिए…

…यहां आकर ले लो अपना जवाब. यहां आके ले लो. अब तो लड़ाई होगी…
….मैं बेसिक शिक्षा अधिकारी उस तरह का नहीं हूं….
…जवाब नहीं दोगे, मानहानि का मुकदमा कर दूंगा….
…यूपी का सबसे बड़ा वकील मुकदमा लड़ेगा….
….अपने घर की जमीन बेच दूंगा….
…पत्नी का जेवर बेच दूंगा….
…लेकिन तुम लोगों को छोड़ूंगा नहीं, बर्बाद कर दूंगा….
…दिमाग खराब है तुम्हारा…
….जो चाहे लिख दोगे….
…छोड़ूंगा नहीं….

सुनिए नीचे दिया गया आडियो टेप… (टेप सुनने के लिए फ्लैश फाइल का होना जरूरी है. कई मोबाइल में फ्लैश फाइल न होने से इसे डेस्कटाप या लैपटाप पर सुना जा सकता है.)

इस टेप को भी सुन सकते हैं…

दैनिक जागरण में यौन शोषण की शिकार महिला मीडियाकर्मी ने जारी किया एक टेप (सुनें टेप)

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भाजपा के मंत्री को महिला सीएमओ ने आइना दिखाकर औकात बता दिया (सुनें टेप)

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लिखकर दो मजीठिया वेज वोर्ड के अनुसार वेतन मिल रहा वरना अखबार बंद कर दूंगा!

महाराष्ट्र के सबसे बड़े समाचार पत्र समूह श्री अंबिका प्रिटर्स एंड पब्लिकेशन ने मजीठिया वेज बोर्ड के मामले में अपने लेटर हेड पर एक फार्मेट तैयार किया है और यशोभूमि के कर्मचारियों को 10 जनवरी को यह फार्मेट देकर धमकी देते हुये कहा है कि अगर इस फार्मेट पर हस्ताक्षर नहीं करोगे तो यशोभूमि समाचार पत्र के कार्यालय पर ताला मारकर अखबार का प्रकाशन बंद कर दिया जायेगा. श्री अंबिका प्रिंटर्स एंड पब्लिकेशन की तरफ से महाराष्ट्र के सबसे लोकप्रिय हिन्दी दैनिक यशोभूमि के साथ-साथ मराठी समाचार पत्र पुण्यनगरी, मुंबई चौफेर, वार्ताहर के साथ साथ कर्नाटक मल्ला समाचार पत्र का प्रकाशन किया जाता है.

इस समाचार पत्र के मालिकों ने यह कठोर फरमान इसलिये सुनाया कि कुछ कर्मचारियों ने श्रम आयुक्त के पास शिकायत किया था कि कंपनी हमें मजिठिया वेतन आयोग की सिफारिश नहीं दे रही है और सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का खुलेआम उल्लंघन कर रही है. इसके बाद श्रम आयुक्त ने कंपनी प्रबंधन को नोटिस भेजा था. इस फार्मेट में साफ लिखा है कि श्री अंबिका प्रिटंर्स एंड पब्लीकेशन के कर्मचारियो की एक बैठक हुयी जिसमें इस बात पर सहमति बनी कि कंपनी कर्मचारियों को मजिठिया वेतनमान के अनुसार वेतन दे रही है और मार्च तक बकाया एरियर दिया जायेगा. फिलहाल कंपनी के कर्मचारियों ने इस फार्मेट पर हस्ताक्षर करने से मना करते हुये साफ कहा है कि कंपनी अपना तीन साल का टर्नओवर और अन्य जरूरी दस्तावेज दे.

प्रबंधन अब संपादक के जरिये भी कर्मचारियों पर दबाव बना रही है कि कर्मचारी मान जायें मगर कर्मचारी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं. आपको बता दें कि इस कम्पनी के कुछ कर्मचारियों ने इसके पहले कंपनी प्रबंधन से एक बैठक किया था जिसमें कंपनी ने मौखिक रूप से मजिठिया वेज बोर्ड के अनुसार वेतन देने की स्वीकृति दी थी. इसके बाद कर्मचारियों से एक पत्र पर जबरदस्ती हस्ताक्षर कराया गया था और इस पत्र को श्रम आयुक्त को दे दिया था. मगर जबरदस्ती हस्ताक्षर कराने के बाद ही कंपनी प्रबंधन ने कर्मचारियों का नाम मात्र वेतन बढ़ाया और आज तक एरियर नहीं दिया जिसके बाद कर्मचारियों ने श्रम आयुक्त से लिखित शिकायत की. अब देखना है कि कंपनी प्रबंधन सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का पालन करता है कि नहीं.

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यूपी के जंगल राज का नमूना देखिए… टेंडर प्रक्रिया में शामिल होने पर दबाव, गाली और धमकी

Shashank Pandey Roushu : 15 मिनट पहले की घटना। भूतपूर्व विधायक हंड़िया इलाहबाद के पुत्र आजकल उनकी जगह पर विधायक हो गए हैं, उनकी आकस्मिक मृत्यु के कारण। अभी UP STATE BRIDGE CORP. LTD. ने बैरागिया नाला पर सेतु बनाने हेतु टेंडर निकल है। इस टेंडर में मैं भी भाग ले रहा हूँ और विधायक जी के बड़े भाई रिंकू भी। कल उन लोगों ने मुझ पर एवं सभी अन्य टेंडर फॉर्म लेने वालों के ऊपर दबाव बनाकर बाकी सबके फॉर्म ज़बरदस्ती ले लिए परंतु मैंने अपना फॉर्म उन्हें नहीं दिया और मैंने टेंडर प्रक्रिया में शामिल होने के लिए फॉर्म भर कर जमा भी करवा दिया है।

अभी 9 बजे के लगभग उनके चेले मेरे घर के सामने आये और मेरे ऊपर अपशब्द भी कहे। उनके सारे आदमी असलहों से लैस थे। कल शाम 5 बजे टेंडर खुलेगा और मुझे पूर्ण विश्वास है की इसके बाद इनके गुंडे मेरे घर पर धावा बोलेंगे। अपने सभी मित्रों से मेरा ये सवाल है कि जनतंत्र में क्या मुझे इतना भी हक़ नहीं मिला है की मैं स्वतंत्र होकर कार्य कर सकूँ? मुझे आपलोगों का सुझाव चाहिए कि क्या मुझे गीदड़ की तरह डरकर अपना फॉर्म वापस ले लेने चाहिए या फिर एक हिंदुस्तानी की तरह उनसे डटकर मुकाबला करना चाहिए?

मैं अपने कुछ प्रशासनिक एवं पत्रकार मित्रों से ये भी जानना चाहता हूँ की क्या आप लोग किसी तरह से मेरी सहायता में आगे आ सकते हैं?

जय हिन्द!

इलाहाबाद निवासी शंकर पांडेय रोशू के फेसबुक वॉल से. उपरोक्त स्टेटस पर इलाहाबाद की प्रगतिशील महिला सुमन सिंह का कमेंट कुछ यूं है…

Suman Singh : हमारे पारिवारिक मित्र हैं Shashank Pandey Roushu। अभी यहाँ फेसबुक पर इनकी पीड़ा/ दुःख/समस्या को पढ़ा। आहत तो हूँ.. क्योंकि इनको मै जानती हूँ। पर अभ्यस्त भी हूँ ऐसी घटनाओं से.. जहां हम सब लम्पट सत्ताधारियों के खौफ के आगे बेबस हो जाते हैं। मुझे इनके लिए चिंता भी हो रही है, की ये सुरक्षित रहें.. क्या इनकी कोई मदद हो सकती है ? कुछ लोगों की वाल तक ये बात पहुंचाना चाहती हूँ जिससे शायद बहुत से लोग ये बात जान सकें — Yashwant Singh Samar Anarya Mohammad Anas Akbar Rizvi Sandhya Navodita Rahul Pandey Himanshu Pandey Krishna Kant Pankaj Mishra (टैग के लिए मुआफ़ी सहित)

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कथित पत्रकार ने अमिताभ और नतून ठाकुर को मंत्री गायत्री प्रजापति संपत्ति मामले से दूर रहने की धमकी दी

कल (03 /01 / 2015-शनिवार) मुझे और मेरे पति पति आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर को हमारे मोबाइल पर फोन नंबर 093890-25750 से स्वयं को एक टीवी चैनेल का पत्रकार बताने वाले एक व्यक्ति के कई बार फोन आये. उन्होंने मुझसे और मेरे पति से बहुत निकटता दिखाते हुए मुझे कई प्रकार से समझाया कि मैंने गायत्री प्रजापति की संपत्ति और कथित अवैध प्लोटिंग के बारे में लोकायुक्त को जो बातें कही हैं वे पूरी तरह गलत और निराधार हैं. उन्होंने मुझसे यह भी कहा कि खनन निदेशक भास्कर उपाध्याय बहुत ही अच्छे आदमी हैं और मुझे उनसे मिलना चाहिए.

इन व्यक्ति ने मुझे अवैध खनन के मामले तक ही स्वयं को सीमित रहने की सलाह दी और कहा कि अवैध प्लोटिंग और संपत्ति के मामले में पड़ने से मुझे दिक्कत होगी. उन्होंने मुझे समझाया कि मुझे यह भी ध्यान में रखना चाहिए कि मेरे पति खुद भी नौकरी में हैं. उन्होंने मुझे यह भी बताया कि श्री प्रजापति अमेठी में देवता माने जाते हैं और यदि वे चाहें तो एक टीवी डिबेट में उन्हें भी बैठा कर सारी भ्रान्ति दूर की जा सकती है. मैंने मेरी जानकारी में अपरिचित इस व्यक्ति की पूरी बात से थानाध्यक्ष गोमतीनगर और एसएसपी लखनऊ को अवगत कराते हुए एफआईआर दर्ज कर हमारी सुरक्षा सुनिश्चित करने का निवेदन किया है.

सेवा में,
थानाध्यक्ष,
थाना गोमतीनगर,
लखनऊ

विषय- एक व्यक्ति द्वारा स्वयं को टीवी पत्रकार बता कर श्री गायत्री प्रजापति मामले से अलग होने की धमकी देने विषयक

महोदय,

निवेदन है कि मैं डॉ नूतन ठाकुर एक अधिवक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता हूँ और मैंने हाल में श्री गायत्री प्रजापति, मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ लोकायुक्त, उत्तर प्रदेश के समक्ष एक परिवाद दायर किया है.  कल दिनांक 03 /01 /2014 को मेरे पति आईपीएस अफसर श्री अमिताभ ठाकुर के मोबाइल नंबर 094155-34526 पर समय 12.30 बजे एक नंबर 093890-25750 का कॉल आया जिन्होंने पहले उनसे और फिर मुझसे बात की. उन्होंने अपने आप को किसी टीवी चैनेल का पत्रकार बताया और जितनी बात मेरे पति समझ पाए उसके अनुसार वे दिल्ली से लखनऊ आये थे और अपना नाम कोई श्री मिश्रा बताया था. उन्होंने मेरे पति को कहा कि आज उनकी श्री ए के गुप्ता, डीजीपी, यूपी से मुलाक़ात हुई जो मेरे पति की काफी प्रशंसा कर रहे थे. फिर कुछ और बात कर मुझसे बात कराने को कहा. वे मुझे भाभी कह कर संबोधित कर रहे थे और उन्होंने श्री गायत्री प्रजापति मामले में दुनिया भर की बात की. चूँकि वे स्वयं को पत्रकार कह रहे थे, अतः बिना यह समझे कि ये कौन हैं और इनका इस बातचीत से क्या प्रयोजन है, मैंने अपने तथ्य उनको बताने का प्रयास किया. यह बात 07.09  मिनट तक चली. इसी बीच समय 12.37 पर मेरे मोबाइल नंबर 094155-34525 पर दिल्ली में एक चैनेल से फोन नंबर 011-66231094 से फोन आ गया जिस पर मैंने इन साहब से बाद में बात करने की बात कह फोन काटा.

मेरे पति ने मुझे वह फोन नंबर लिख कर दिया था पर गलती से उसका क्रम उल्टा हो गया जिसके कारण समय 12.44  पर मैंने फोन नंबर 098390-25750 पर फोन कर दिया. बाद में समय 15.11 पर उनका कॉल आया जो मैं नहीं उठा पायी. मैंने समय 16.19 पर उन्हें दो बार कॉल किया पर फोन नहीं उठा. 16.25 बजे भी मैंने फोन किया पर उनका फोन नहीं उठा और समय 16.26 पर उनका फोन आया जो मैं नहीं उठा सकी. मैंने समय 18.01 पर उन्हें फोन किया और 02.48 मिनट बात हुई जिसमे उन्होंने पुनः इस मामले में ही बात की. समय 18.47 पर उन व्यक्ति का पुनः फोन आया जिस पर उन्होंने 11.56 मिनट बात की. इस पूरी बात में उन्होंने श्री प्रजापति मामले के बारे में कई तरह की बात पूछी और ख़ास कर श्री भास्कर उपाध्याय, निदेशक, खनन और भूतत्व की बहुत अधिक प्रशंसा करते हुए मुझे कई प्रकार से समझाने की कोशिश की कि उनकी इसमें कोई सहभागिता नहीं है और वे अनेक प्रकार से प्रदेश के अवैध खनन को समाप्त करने में लगे हुए हैं. मैं उनकी पूरी बात का मतलब नहीं समझ पा रही थी क्योंकि यद्यपि वे मुझे लगातार भाभी कह रहे थे और मेरे पति को भैया कह रहे थे पर मैं उनसे परिचित नहीं थी और उन्हें पहचान नहीं पा रही थी. वे इस बातचीत में बार-बार मुझे कहते कि मैं अवैध खनन के मुद्दे को सामने रखूं और श्री उपाध्याय से मिलूं जिसपर वे काफी अच्छा काम करेंगे. वे बीच-बीच में इस मामले को चैनेल पर चलाने की बात भी कहते.

पुनः समय 19.07 और 19.21 पर उनके कॉल आये पर चूँकि मैं दूरदर्शन एक कार्यक्रम में जा रही थी अतः मैंने उन्हें नहीं उठाया. कार्यक्रम से लौट कर मैंने इन्हें समय 20.42 पर फोन किया जब मेरी लगभग 08.04 मिनट बात हुई.  इस बातचीत में उन्होंने मुझे कई प्रकार से समझाना चाहा कि श्री भास्कर उपाध्याय बहुत ही अच्छे आदमी है और मैं उनसे अवश्य मिलूं. साथ ही यह भी कहा कि मैं अवैध प्लोटिंग या श्री प्रजापति की संपत्ति वाले मामले से न जुड़ कर स्वयं को अवैध खनन मामले में सीमित रखूं. उन्होंने कहा कि मेरे हवाले से अवैध प्लोटिंग की बात कही जा रही है जिसका मैं विधिवत खंडन कर दूँ. उन्होंने यह भी कहा कि मुझे पूरी तरह गलत जानकारी है और मुझे बरगलाया जा रहा और इस मामले में उलझने से बचूं. उन्होंने कहा कि मैं जब चाहूँ वे इस सम्बन्ध में टीवी पर एक पैनल बनवा कर डिबेट करवा देंगे. उन्होंने कहा कि यदि मैं चाहूंगी तो वे श्री प्रजापति को भी डिबेट में बुलवा लेंगे. मेरा बहुत बड़ा हितैषी बनाते हुए उन्होंने कहा कि संपत्ति वाले मामले में पड़ने से मुझे दिक्कत हो सकती है. उन्होंने कहा कि यदि मैं अवैध खनन मामले पर स्वयं को सीमित रखूं तो इससे मेरा नाम बढेगा और उन्हें भी बहुत ख़ुशी होगी. इसके विपरीत बिना जानकारी के और गलत कारणों से अवैध संपत्ति, अवैध प्लोटिंग मामले में जुड़ने से कोई लाभ नहीं होगा. उन्होंने सधे अंदाज़ में कुछ ऐसा भी कहा कि भैया नौकरी में हैं, इस मामले के कारण उन्हें भी दिक्कत हो सकती है. उन्होंने चलते-चलाते यह भी कहा कि श्री प्रजापति अमेठी में बहुत लोकप्रिय हैं और लोग उन्हें देवता की तरह पूजते हैं.

मैं स्पष्ट कर दूँ कि इस पूरी बातचीत में उस व्यक्ति का स्वर बहुत ही संयत था और वे बहुत ही आत्मीय ढंग से मुझसे बात करते रहे पर बिना किसी जान-पहचान के इस तरह की आत्मीय बातचीत का अर्थ मुझे तब समझ में आया जब उन्होंने मुझे अवैध खनन के मामले तक सीमित रहने, श्री भास्कर उपाध्याय से अवश्य मिल लेने और श्री प्रजापति के साथ किसी कथित पैनल डिस्कशन में बैठ कर पूरी सच्चाई समझने की बात कही और जब उन्होंने मुझे अवैध खनन मामले में काम करने से यश फैलने और पहले मामले में अकारण उलझने और इससे नुकसान होने की बात कही अथवा जब उन्होंने मुझे बड़े अंदाज़ से बताया कि मेरे पति भी नौकरी में हैं, मुझे इसका भी ख्याल रखना चाहिए.

जाहिर है एक ऐसे व्यक्ति को, जो भले कल मेरा या मेरे पति का बहुत शुभेक्षु दिख रहा था, पर जिसे ना तो मैं और ना मेरे पति पहचान पा रहे हैं, के द्वारा इस प्रकार अचानक मेरा एकतरफा हितैषी बनना और अपनी इन लम्बी बातचीतों में स्वयं को पत्रकार बताते हुए श्री उपाध्याय और श्री प्रजापति के पक्ष में इस प्रकार से बात कहते हुए मुझे बिना मांगे सलाह देना और बड़े सधे अंदाज़ में मुझे मेरा और मेरे पति का हित-अहित समझाना सीधे-सीधे मुझे इस मामले से दूर रहने के लिए डराने-धमकाने का ढंग है.

निवेदन करुँगी कि चूँकि मैंने इस मामले में शिकायत प्रस्तुत कर दी है और आगे भी इसमें मुझे जो कोई सूचना मिलेगी, वह लोकायुक्त के समक्ष प्रस्तुत करना मेरा कर्तव्य होगा, ऐसे में उपरोक्त व्यक्ति का इस प्रकार हितैषी बन कर मुझे समझाने के नाम पर डराना और मामले से दूर रहने की बात कहना ऐसा मामला है, जिसे मैं और मेरे पति आपके संज्ञान में लाना आवश्यक समझते हैं ताकि आप इस सम्बन्ध में आपराधिक दुराचरण बनने पर एफआईआर दर्ज करने सहित आवश्यक कार्यवाही करें और चूँकि हमारे पास कोई सुरक्षा नहीं नहीं, अतः अपने स्तर से समस्त आवश्यक कार्यवाही करते हुए हमारी सुरक्षा सुनिश्चित कराने की कृपा करें क्योंकि मैं निश्चित रूप से पूरी निष्ठा से श्री प्रजापति से सम्बंधित परिवाद में प्राप्त होनी वाली सूचनाएँ जांचकर्ता प्राधिकारी को उपलब्ध कराउंगी और कल हुई उन बातों से मुझे यह स्पष्ट आभास हो रहा है कि ऐसे में मुझे तथा/अथवा मेरे पति श्री अमिताभ ठाकुर को किसी स्तर पर प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष तरीके से कोई हानि पहुँचाने का प्रयास हो सकता है.

पत्र संख्या-NT/Complaint/40                               
दिनांक- 04/01/2015
भवदीया,                                                     
(डॉ नूतन ठाकुर)
5/426, विराम खंड,
गोमती नगर, लखनऊ
# 94155-34525
nutanthakurlko@gmail.com

प्रतिलिपि- एसएसपी, लखनऊ को कृपया सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु

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नवनीत सहगल ने दी पत्रकार अनूप गुप्ता को धमकी!

Anoop Gupta : उत्तर प्रदेश की आर्थिक तबाही का कारण, दलाल- ब्लैकमेलर पत्रकारों का भीष्म पितामाह और भ्रष्ट सरकारों का दलाल नवनीत सहगल पर मैग्जीन द्वारा किए गए बड़े खुलासे के बाद नवनीत सहगल की तरफ से मुझे आज दिनांक 04-12-2014 को समय तीन बजकर 18 मिनट शाम पर दूरभास नंबर 05224004527 से निपट लेने की धमकी दी गई.

मैं आपसे कहना चाहता हूं कि अगर मुझे इस खुलासे के बाद किसी प्रकार की हानि होती है या मेरे परिवार को कोई नुकसान होता है तो इसकी समस्त जिम्मेदारी नवनीत सहगल की होगी.  

अनूप गुप्ता द्वारा भड़ास को किए गए मेल पर आधारित. 

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हरियाणा न्यूज की मैनेजिंग एडिटर नवजोत सिद्धू को मिला धमकी भरा पत्र

हरियाणा के रीजनल न्यूज चैनल “हरियाणा न्यूज” की मैनेजिंग एडिटर नवजोत सिद्धू को किसी अझात शख्स ने एक धमकी भरा पत्र लिखा है. पत्र में उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई है. साथ ही पत्र में लिखा गया है कि सच का आईना कार्यक्रम दिखाना बंद करो. इस कार्यक्रम के कारण हमारे आकाओं को होने लगी है तकलीफ. ये पत्र डाक के जरिए आया है. पत्र मिलने के बाद दिल्ली के हौज खास थाने में मामला दर्ज करवा दिया गया है.

 

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मजीठिया वेज बोर्ड देने से पहले नौकरी छोड़ने के लिए दबाव बना रहा नई दुनिया प्रबंधन!

श्रवण गर्ग के नई दुनिया से विदा होने के बाद पत्रकारों पर बिजनेस लाने के लिए दबाव दिया जाने लगा है. पिछले माह 17 सितंबर को जबलपुर मुख्यालय में ब्यूरो की मीटिंग की गई. मीटिंग में इंदौर से भी कुछ लोग आए थे. मीटिंग में पत्रकारों से कहा गया कि अब आपको न्यूज के साथ बिजनस और सर्कुलेशन भी देखना है. इसके बाद इसी माह 15 नंवबर को एक बार फिर मीटिंग का आयोजन जबलपुर कार्यालय में किया गया. इस मीटिंग में सभी ब्यूरो को अलग अलग बुलाकर डांट पिलाई गई. निकाले जाने की धमकी भी दी गई. मीटिंग के बाद से देखने में आ रहा है कि न सिर्फ बिजनेस बल्कि न्यूज में भी डेस्क प्रभारियों के रंग बदल गए हैं.

डेस्क का काम देखने वाले संजय तिवारी और अन्य लोग बेवजह फोन पर देर रात तक डांट पिलाते हैं. यदि ब्यूरो के लोग अपनी दिक्कतें जिनमें फर्नीचर, आफिस का रख-रखाव और कर्मचारियों की भारी कमी का रोना रोते हैं तो भी कोई सुनवाई नहीं होती. कहा जाता है कि काम तो करना ही पड़ेगा. लग रहा है कि जैसे जैसे मजीठिया देने के दिन पास आ रहे हैं, इस तरह के प्रेशर बनाकर जाब छोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है.  पिछले साल एक पत्र भेजा गया था जिस पर सभी कर्मचारियों के हस्ताक्षर कराने का आदेश था. पत्र में लिखा था कि हमारा संस्थान हमें सही वेतनमान दे रहा है, हमें मजीठिया नहीं चाहिए. कुछ जगह से लोगों ने हस्ताक्षर कर भेज दिए लेकिन कई जगह से इसे नहीं भेजा गया. अब तो वीकली आफ भी नहीं दिया जा रहा है. कभी चुनाव का तो कभी कम संसाधन का बहाना बनाकर छुट्टी नहीं दी जा रही है.

एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.

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सना खान और उनके ब्वॉयफ्रेंड ने मीडिया कंसल्टेंट को धमकाया

एक मीडिया कंसल्टेंट को धमकाने और उससे छेड़छाड़ करने के आरोप में बुधवार को बॉलीवुड अदाकारा सना खान, उनके बॉयफ्रेंड इस्माइल खान और उनके नौकर को गिरफ्तार कर लिया गया। अंबोली पुलिस थाने के सीनियर इंस्पेक्टर रमेश खडतरे ने कहा, ‘मीडिया कंसल्टेंट पूनम खन्ना की शिकायत के बाद सना खान, इस्माइल खान और उनके नौकर रामू कनौजिया को आईपीसी की धारा 354 (शीलभंग करने के मकसद से हमला करना), 506 (धमकाना) और 34 (एक जैसी मंशा) के तहत गिरफ्तार किया गया।’

अधिकारी ने कहा कि तीनों आरोपियों को बाद में एक अदालत में पेश किया गया। अदालत ने तीनों को जमानत दे दी। पुलिस के मुताबिक, सलमान खान अभिनीत फिल्म ‘जय हो’ में अदाकारी कर चुकी सना खान 2012 में रिएलिटी टीवी शो ‘बिग बॉस’ में भी हिस्सा ले चुकी हैं। पुलिस का कहना है कि सना खान और उनके बॉयफ्रेंड इस्माइल ने एक अखबार के छपे आलेख के मुद्दे पर पूनम को 21 अक्तूबर को धमकाया।

पूनम का आरोप है कि सना और इस्माइल ने उनकी बांहें मरोड़ दी और उन्हें गलत तरीके से छुआ। दोनों को शक था कि पूनम ने मीडिया को कुछ सूचनाएं लीक कर दी हैं जिसकी वजह से अखबार में आलेख प्रकाशित हुआ।

खडतरे ने कहा, ‘यह घटना अंधेरी में एक अस्पताल के बाहर हुई। पीड़िता सेहत की जांच कराने के लिए अस्पताल गई थी। रामू उनके पास आया और उन्हें अस्पताल से बाहर खींच ले गया जहां सना और इस्माइल ने उनसे बदसलूकी की और उन्हें धमकी दी।’ जिस आलेख को लेकर विवाद हुआ उसमें अपहरण के एक मामले में 2013 में सना को दी गई अग्रिम जमानत पर सवाल उठाए गए थे।

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