Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

साहित्य

पंकज चतुर्वेदी ने ‘वीरेन डंगवाल स्मरण’ 111 कड़ियों के साथ पूरा किया, पढ़ें आखिरी कुछ कड़ियां

 

पढ़ने के लिए शीर्षकों पर एक एक कर क्लिक करते जाएं>

तब वीरेन डंगवाल ने कहा था : ….गण्यमान्य लोगों की धारा मेरी धारा नहीं है

xxx

वीरेन डंगवाल स्मरण : वीरेन कविता को इतना पवित्र मानता है कि अक्सर उसे लिखता ही नहीं है…

xxx

पंकज चतुर्वेदी लिख रहे हैं ‘वीरेन डंगवाल स्मरण’, पढ़िए कुछ शुुरुआती कड़ियां

xxx

वीरेन दा की कविता ‘इतने भले न बन जाना साथी’ का यशवंत ने किया पाठ, देखिए वीडियो

xxx

वीरेन दा एक व्यक्ति नहीं, संस्था थे

xxx

मैं 2014 के जून में वीरेनदा को कैंसर के दौरान पहली बार देखकर भीतर से हिल गया था

xxx

जन संस्कृति मंच‬ ने हिंदी के अनूठे कवि Virendra Dangwal की उपस्थिति में एक आत्मीय आयोजन किया

xxx

गाजा का कुत्ता : (वीरेन डंगवाल की नयी कविता)

 

 

Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs

Pages: 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन