योगी आदित्यनाथ से यूपी नहीं संभल रहा : राणा यशवंत

यूपी में तेजी से पांव पसार रहा जंगलराज, सोशल मीडिया पर सीएम आदित्यनाथ योगी की सख्त आलोचना शुरू.. पढ़िए इंडिया न्यूज के मैनेजिंग एडिटर राणा यशवंत,  वरिष्ठ पत्रकार शंभूनाथ शुक्ल और लखनऊ के पत्रकार चंदन श्रीवास्तव क्या लिखते हैं फेसबुक पर….

Rana Yashwant : योगी जी थोड़ी नैतिकता भी रखिए. कुर्सी पाने के लिये गोरखपुर से दिल्ली और लखनऊ तक अरबी घोड़ा बन गए थे. और अब चीजें संभाले नहीं संभल रहीं फिर भी घूम-घाम, धूम-धाम कर ही रहे हैं. टिपिकल नेताओं वाला चरित्र. जब आए तो आधी रात तक काम करने और अधिकारियों-नेताओं को साहुल-सूते में ठीक करने की कोशिश लोगों को बहुत पसंद आई. हम पत्रकारों को भी लगा कि शायद एक योगी के आने से यूपी में लफंगों, लंपटों, लुहेड़ो, लुटेरों , लीचड़ों के दिन लद गए. पुलिस से पटवारी तक सब लाइन में आ जाएंगे. लेकिन पिछले कुछ दिनों से तो हाल ही दूसरा लग रहा है. मथुरा, सहारनपुर, मुजफ्फनगर और अब जेवर. पुलिस ढाई किमी के फासले पर ढाई घंटे में आती है. दरिंदे बारी बारी से महिलाओं का बलात्कार करते हैं. फोन करने पर गोली मार देते हैं और पुलिस जाती भी है तो कुछ कर नहीं पाती. आप आजमगढ जाइए. बड़े से बड़े हादसे पर चुस्ती दिखाने और फिर मस्त रहने वाले नेताओं की जाति के ही हैं आप भी. मस्त रहिए सर!

Chandan Srivastava : लखनऊ में कृषि विभाग में कार्यरत एक अधिकारी स्तर की लड़की का अपहरण हुआ। अपहरण का आरोप जिस आदमी पर है, वह छंटा हुआ बदमाश है। विनम्र जायसवाल नाम के इस शख्स ने पिछले साल एक एडिशनल एसपी पर फायर कर दिया था। तो विनम्र जायसवाल उस लड़की को उठा ले गया। लड़की के परिवार के लोग पुलिस के चक्कर काटते रहे, पुलिस ने न एफआईआर लिखी और न लड़की को बरामद करने के लिए टस से मस हुई। उल्टा परिवार को ही डांट के भगा दिया कि अपने मन से गई होगी, आ जाएगी। अंततोगत्वा लड़की खुद ही मुगलसराय में जिस होटल में रखी गई थी, वहां से भागने में सफल हुई।  अभी परसों अवैध निर्माण हटवाने गई, लखनऊ की एक एसडीएम पर हमला हो गया। ऐसी घटनाएं अखबारों में भरी पड़ी हैं। सहारनपुर में जो हुआ, वह तो सामने है ही।  योगी सरकार की शिथिलता का अंदाजा इसी से लगा लीजिए कि सपा सरकार के खासमखास अफसर अभी भी प्रदेश और जिले भी चला रहे हैं। सपा सरकार में सरकार की ओर से नियुक्त वकील जिसमें तो कई बकाएदा सपा कार्यकर्ता हैं, अब भी अपने पदों पर जमे हुए हैं। जीवीके जैसी कम्पनियां जिन्होंने सपा सरकार के समय खूब लूटपाट की, उनके पुराने ठेके तो कंटीन्यू हैं ही सरकार नए प्रोजेक्ट्स पर भी उन्हीं के साथ काम करने जा रही है। योगी सरकार अब तक पूरी तरह से फेल साबित हुई है।

Shambhunath Shukla : योगी से नाराज लोग अब मायावती के इर्दगिर्द इकट्ठे हो रहे हैं। अकेले दलित ही नहीं। मुसलमान भी और अन्य पिछड़े भी तथा दूसरी दीगर जातियां भी। योगी को अब मठ की राजनीति से मुक्ति पा लेनी चाहिए और भाईचारे की राजनीति करनी चाहिए। नोटबंदी की गरीबपसंद रणनीति ने यूपी में भाजपा को बढ़त दिलाई पर सहारनपुर में योगी शासन की नाकामी उस बढ़त को ले डूबेगी। सहारनपुर की घटना पुलिस या प्रशासन की नाकामी नहीं बल्कि शासन की नाकामी है। यह बात सहारनपुर के दलितों में घर करती जा रही है। योगी आदित्यनाथ ने सोचा था कि मायावती के लिए अगर हेलीपैड को मंजूरी नहीं मिलेगी तो वे आना टाल जाएंगी। वे गईं और समस्त बिरादरियों को भरोसा लूट ले गईं। यह भाजपा के लिए खतरे की घंटी है।



भड़ास का ऐसे करें भला- Donate

भड़ास वाट्सएप नंबर- 7678515849



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *