प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने लखनऊ के अलीगंज में कपूरथला स्थित सहारा इंडिया के दफ्तर में बुधवार को बड़ी छापेमारी की. ईडी की यह कार्रवाई कोलकाता यूनिट की तरफ से की गईजिसमें लखनऊ जोनल कार्यालय के अधिकारी भी शामिल रहे. लगभग पांच दर्जन से ज्यादा ईडी सदस्यों की टीम ने पूरे दिन सहारा से जुड़ा सर्च अभियान चलाया.

बताया जा रहा है कि ईडी की टीमें बुधवार सुबह ऑफिस खुलने से पहले ही कपूरथला स्थित सहारा के दफ्तर में दाखिल हो गई थीं. इसी टावर में सहारा के अन्य संस्थाओं के कार्यालय भी हैं. टीमों ने कर्मचारियों के फोन जब्त करने के बाद चिट फंड व्यवसाय से जुड़े लेन-देन संबंधी जानकारी ली गई. टीम ने यहां से कई दस्तावेज भी अपने कब्जे में लिए हैं.
यह कार्रवाई कोलकाता स्थित चिटफंड सोसायटी हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटी में वितितीय अनियमितताओं को लेकर की गई थी.
क्या है 25,000 करोड़ की घपलेबाजी?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पिछले कई वर्षों के दौरान सोसायटी द्वारा भोले-भाले निवेशकों से कथित तौर पर 25000 करोड़ रुपये की रकम जमा की गई. इसके बाद इस पूंजी को डायवर्ट कर दिया गया. सहारा समूह के निवेशकों का पैसा वापस करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा की गई पहल में हमारा इंडिया क्रेडिट सोसायटी के साथ-साथ लखनऊ स्थित सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटी और भोपाल स्थित सहारायन यूनिवर्सल मल्टी-पर्पज सोसायटी भी शामिल हैं.
बता दें कि सहारा इंडिया में जमाकर्ताओं का जमा धन वापस न करने के चलते सहारा इंडिया पहले से ही विवादों में घिरी है. कंपनी के खिलाफ देश के कई राज्यों में जमाकर्ताओं ने मुकदमे दर्ज करवा रखे हैं. आयकर व सेबी के साथ अपने विवादों को लेकर भी सहारा इंडिया अक्सर सुर्खियां बटोरता रहता है. सेबी ने जमाकर्ताओं का धन लौटाने के लिए ही सहारा से 24 हजार करोड़ अपने पास जमा कराए थे. कुछ माह पहले सहारा इंडिया के जमाकर्ताओं का पैसा वापस कराने के लिए एक पोर्टल भी लांच किया गया था.
मूल खबर…
चिटफंड घोटाले में लखनऊ के सहारा दफ्तर पर ED की रेड, चूस ली जनता की जेब


