मनीष दुबे-
टाइम्स नाउ नवभारत की खबर- “लखनऊ में ले लो गोवा का मजा, 12 बजे के बाद बनता है माहौल, कीमत सिर्फ एक हजार..” शीर्षक देखकर यही लगता है कि यह लोग पूरी रात लौंडिया नचाने, मजे लूटने का जिक्र कर रहे हैं.
तिसपर लगी दो चाइनीज लड़कियों की फोटो ख़बर को और भी ज्यादा रहस्यमय बनाती है.
पहले पहल देखने वाला आदमी, जो मीडिया का टंट-घंट नहीं समझता, मतलब हिट्स और व्यूज की इनकी भूख को नहीं जानता, वह झक मारकर ख़बर खोलेगा. खबर खुली तो समझो लिखने वाला जीत गया.
टाइम्स नाउ की यह खबर देखिए. फीचर रिपोर्ट है. रिपोर्ट खोलने के बाद आपको पता लगेगा कि, हई स्स्याला… ये तो चूतिया काट दिया.. पूल, बार और होटल रिजॉर्ट की बात कर रहा है, भीतर लौंडिया वाली फीलिंग तो एकदम गायब है जो खबर को खोलने से पहले आ रही थी.


वो तो भला हो इन्हें कंडोम या सेक्स वाला मसाला नहीं मिला. वरना 4 नवंबर को ये खबर अपलोड करने वाले प्रभात शर्मा भाई इसकी हेडिंग में वो सब भी घुसेड़ देते जो खबर के भीतर वाले कंटेंट में न होता.
बाद में यूजर गरियाता है, साले बिल्कुल बत्तमीज पत्रकारिता चल रही है. जद में सभी आते हैं.
सही पूछिए तो मीडिया ने अपनी ये गत खुद बनाई है. देश और राजनीति की बात करेंगे तो सत्ता के तेल लगाने तक. कंटेंट यदि परोसेंगे तो लड़की, सेक्स और शक्तिवर्धक प्रॉडक्टों तक…!
इन लोगों को लगता है कि इस तरह की रहस्यमयी खबरें य़ही लोग ईजाद कर सकते हैं. तो क्या अब करिएगा भाई, हमें भी झेलिए?
इस प्रकरण पर खबर लेखक प्रभात शर्मा का पक्ष पढ़ें-
नमस्कार मनीष जी, लखनऊ में ले लो गोवा का मजा, 12 बजे के बाद बनता है माहौल, कीमत सिर्फ 1 हजार…इस शीर्षक से जो खबर मैंने बनाई थी उसमें कहीं पर भी मैंने कोई अश्लील शब्द या तस्वीर का प्रयोग नहीं किया है। इस खबर की थंबनेल फोटो में 2 लड़कियां जो बीच पर एन्जॉय कर रही हैं उसमें दूर-दूर तक अश्लीलता नहीं है। वो बेहद साफ फोटो है। 12 बजे के बाद विंट क्लब ओपन होता है और प्रति व्यक्ति एंट्री फीस 1 हजार रुपए है ये हैडिंग से बताने की कोशिश की गई है।
भड़ास मीडिया में छपे आर्टिकल में जो शब्द इस्तेमाल हुए हैं वो मेरी कल्पना में भी दूर-दूर तक नहीं थे। ( चायनीज लड़की, लखनऊ में 12 बजे के बाद 1000 में लौंडिया नचवा रहे?, भीतर लौंडिया वाली फीलिंग तो एकदम गायब है, कंडोम या सेक्स वाला मसाला नहीं मिला)
इन शब्दों से मुझे काफी आहत हुआ है क्योंकि खबर बनाते वक्त ये सब मेरी कल्पना में दूर-दूर तक नहीं था। मैं अपनी खबरों में कोशिश करता हूं कि किसी को पर्सनली रूप से अटैक बिल्कुल भी ना करूं ना ही किसी पर कोई भद्दा कमेंट पास करके उसे आहत करूं। मेरा आप से विनम्र निवेदन है मनीष जी कि इस खबर जिसमें मेरा नाम भी मेंशन है उसे कृपा करके हटा लें।
अगर आपको मेरी किसी भी खबर या बात से आहत हुआ हो तो आप मुझसे बात कर सकते हैं।
-प्रभात शर्मा




