










ग्रेटर नोएडा वेस्ट : सुप्रीम कोर्ट की निगरानी मे बनने वाले गोल्फ होम्स एवम किंग्सवुड की स्थिति गुरुग्राम स्थित ग्रीन व्यू सोसाइटी की तरह बनती जा रही है, जिसका निर्माण भी एनबीसीसी ने किया था। गोल्फ होम्स एवम किंग्सवुड का निर्माण भी एनबीसीसी ही कर रही है। एनबीसीसी ने अपनी वेबसाइट पर इस प्रोजेक्ट को 100% पूरा दिखा दिया है, लेकिन जमीनी स्तर पर अब तक प्रोजेक्ट पूरा नहीं हुआ है।
वर्तमान स्थिति यह है कि बेसमेंट के जितने भी पिलर्स हैं उनका अंदरूनी सरिया सिपेज के कारण जंग खाने लगा है। जंग बाहर तक दिखाई देने लगा है। लगातार सीपेज का पानी लगने की वजह से यह सोसाइटी की बिल्डिंग कितने दिन खड़ी रहेगी यह कोई नहीं बता सकता इसके चलते होम बायर्स और वहां की अपार्टमेंट औनर्स एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। साथ ही अधुरे कामों की सूची भी सुप्रीम कोर्ट मे पेश की है, लेकिन एनबीसीसी इस कार्य को पूरा करने की बजाय लीपा-पोती में लगी हुई है। इसके अलावा, गोल्फ होम्स का पहला प्रोजेक्ट अभी तक पूरा नहीं हुआ और एनबीसीसी ने दूसरा प्रोजेक्ट लॉन्च कर दिया।
इन सबको देखते हुए होम बायर्स का गुस्सा फूट पड़ा है और उन्होंने एनबीसीसी के सामने कुछ मांगे रखी हैं। लेकिन एनबीसीसी उनकी सुनने को तैयार नहीं है। होम बायर्स का कहना है कि सोसाइटी का सिर्फ एक गेट खुला हैं, जो हमेशा जाम रहता है। होम बायर्स की मांग है कि गेट न. 4 को जल्दी खोला जाए और जितने भी काम अधूरे है, उसे जल्द से जल्द पूरा किया जाए। साथ ही, एक निश्चित तारीख दी जाए जब एनबीसीसी अपना कार्य पूरा करेगी।
मुद्दों में अधूरी बाउंड्री वॉल, बिल्डिंग की नींव में सिपेज का पानी लगना, डीजी पॉल्यूशन सर्टिफिकेट न होना, लिफ्ट में कैमरा और अलार्म सिक्योरिटी का अभाव, फायर फाइटिंग उपकरण चालू न होना, और सेफ्टी दीवारें सीर्फ 2.5 फीट की बनाना शामिल हैं, जबकि एनबीसीसी को 5 फीट की दीवारें बनानी थीं। काफी जगह पर रेलिंग भी नही बनाई गई है।
इन सभी मुद्दों को माननीय सुप्रीम कोर्ट के सामने रखा गया है। जिनका एनबीसीसी को 30 जनवरी से पहले माननीय सुप्रीम कोर्ट में जबाब देना है। इसके अलावा, कुछ ब्रोकर होम बायर्स को भ्रमित कर रहे हैं, जिससे वे परेशान हैं। एनबीसीसी के द्वारा लाई गई एफएमएस एजेंसी भी ठीक से काम नहीं कर रही है जो कि पहले से तिगुने रेट पर काम कर रही है, जिससे लोग काफी परेशान हैं।


