विश्व दीपक-
राहुल गांधी ने मोदी-अमित शाह/संघ-बीजेपी का इतना अपमान किया है, इतना अपमान किया है कि अदालतें तय ही नहीं कर पा रही हैं कि कितना अपमान किया है.
राहुल गांधी सुल्तानपुर की अदालत में जिस केस के सिलसिले में पेश हुए वह अमित शाह के अपमान से जुड़ा है.मुकदमा 2023 से चल रहा है. मामला 2018 का था. हालांकि अमित भाई ने आज तक बताया नहीं कि उन्होंने कितना अपमानित फील किया था.
खास बात यह कि घटना उत्तर प्रदेश में नहीं बल्कि कर्नाटक में घटी थी. वह भी 8 साल पहले. मामला दर्ज हुआ सुल्तानपुर में.
सोचिए अपमान कितना दूर तक महसूस किया जाता है. कर्नाटक से चलकर अपमान सीधे सुल्तानपुर पहुंचा.फिर वहां लोकल बीजेपी नेता विजय मिश्रा के दिल में धक्क से चुभ गया. मिश्रा जी ने आहत होकर केस फाइल कर दिया.
विजय मिश्रा का नाम सुनते ही मुझे ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ का फैजलवा याद आता है. उसने अपनी मां से कहा था – बुढ़िया, तेरा फैजलवा पूरे खानदान का बदला लेगा.
संघ खानदान के फैजल पूरे देश में राहुल गांधी से बदला ले रहे हैं. हर पांचवा शख्स आज फैजलवा बन घूम रहा है. वह राहुल गांधी से, कांग्रेस से, कम्युनिस्टों से, इतिहासकारों से, मुसलमानों से किसी न किसी बात का बदला ले रहा है. कोई हज़ार साल पुरानी बातों का बदला ले रहा है तो कोई पचास साल पुरानी बातों का. लेकिन बदला ले रहा है.
सुल्तानपुर की तरह भिवंडी में भी एक फैजल राहुल गांधी से संघ के अपमान का बदला ले रहा है. राहुल ने एक रैली में कहा- गांधी की हत्या में संघ शामिल था. इससे आहत होकर संघ का लोकल कार्यकर्ता राजेश कुंठे फैजल बन बैठा. उसने 2014 में मुकदमा दायर कर दिया. 12 साल से मुकदमा चले जा रहा है. आज शनिवार राहुल को अदालत में पेश होना है.
इस समय राहुल गांधी के खिलाफ देश की विभिन्न अदालतों में 32 मुकदमें चल रहे हैं जिनसे से अधिकतर अपमान यानि मानहानि से संबंधित हैं. इन सभी मुकदमों के पीछे कोई न कोई फैजलवा है.
मोदी जी के मंत्री किरण रिजिजू कहते हैं कि राहुल गांधी देश के लिये सबसे बड़ा खतरा हैं. संघ-बीजेपी के फैजल उन्हें सबसे बड़ा अपमानकर्ता साबित करने में तुले हैं. तय कर लीजिए कि राहुल गांधी देश के लिये सबसे बड़ा खतरा हैं या सबसे बड़े अपमानकर्ता? मीनवाइल, हम संघ खानदान के फैजल्स पर निगाह रखते हैं.


