नई दिल्ली। एचटी मीडिया ने अपने मनोरंजन मंच OTTplay को बंद करने का फैसला किया है। कंपनी का कहना है कि इस कारोबार को लाभ में लाने के लिए पिछले कई महीनों से लगातार प्रयास किए गए, लेकिन उम्मीद के मुताबिक नतीजे नहीं मिले। इसलिए अब इसे बंद करने का निर्णय लिया गया है।
इससे पहले मार्च 2026 में कंपनी ने घोषणा की थी कि 31 मार्च 2026 के बाद OTTplay पर नए ग्राहकों की सदस्यता बंद कर दी जाएगी। अब कंपनी ने साफ कर दिया है कि वह इस कारोबार से पूरी तरह बाहर निकल रही है।
एचटी मीडिया समूह के मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) पियूष गुप्ता ने वित्तीय नतीजों की समीक्षा बैठक में कहा कि कंपनी पिछले कई तिमाहियों से OTTplay के प्रदर्शन पर नजर रखे हुए थी। कारोबार को संभालने और लाभदायक बनाने के लिए उसने खुद को एक तय समय भी दिया था।
उन्होंने कहा कि इस दौरान सामग्री को बेहतर बनाने, नए ग्राहक जोड़ने और पुराने ग्राहकों को बनाए रखने के लिए कई रणनीतियों पर काम किया गया। लेकिन कोई भी तरीका लंबे समय तक सफल साबित नहीं हुआ।
पियूष गुप्ता के मुताबिक, इस क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ती जा रही है। खासकर बड़ी दूरसंचार कंपनियां मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं के साथ मनोरंजन पैकेज भी उपलब्ध करा रही हैं। ऐसे में स्वतंत्र मंचों के लिए बाजार में टिके रहना मुश्किल होता जा रहा है।
कंपनी ने बड़े शहरों के बजाय छोटे शहरों और कस्बों के दर्शकों पर ध्यान केंद्रित करने की रणनीति भी अपनाई थी। इसके लिए अलग वितरण व्यवस्था का इस्तेमाल किया गया, लेकिन यह प्रयोग भी कामयाब नहीं हो सका।
उन्होंने बताया कि कंपनी ने OTTplay के लिए संभावित साझेदारों और खरीदारों की तलाश भी की थी, ताकि ब्रांड या उसके वितरण नेटवर्क का इस्तेमाल किसी अन्य रूप में किया जा सके। हालांकि, किसी के साथ समझौता नहीं हो पाया।
कंपनी अब सामग्री प्रदाताओं, इंटरनेट सेवा कंपनियों और प्रसारण साझेदारों के साथ हुए समझौतों को भी समाप्त कर रही है। इसका कुछ असर नकदी प्रवाह पर पड़ेगा, लेकिन लाभ-हानि के स्तर पर इसका असर बहुत सीमित रहने की उम्मीद है क्योंकि अब केवल बहुत कम पुराने ग्राहक ही सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं।
एचटी मीडिया ने OTTplay को बंद करने को अपने डिजिटल कारोबार में एक “सोच-समझकर उठाया गया कदम” बताया है। कंपनी का कहना है कि उसका ध्यान अब उन क्षेत्रों पर रहेगा, जहां लंबे समय में स्थायी और लाभदायक वृद्धि की संभावना हो।
हालांकि कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि डिजिटल क्षेत्र उसके लिए आगे भी प्राथमिकता बना रहेगा। इसके साथ ही उसका पारंपरिक प्रिंट कारोबार अभी भी उसकी सबसे बड़ी ताकत है और उसमें निवेश जारी रहेगा।
इसी समीक्षा के दौरान कंपनी ने अपने रेडियो कारोबार में भी बदलाव की जानकारी दी। एचटी मीडिया ने घाटे में चल रहे छह रेडियो स्टेशनों के लाइसेंस सरकार को वापस कर दिए हैं। कंपनी का कहना है कि अब उसके पास मौजूद सभी रेडियो स्टेशन लाभ में हैं और भविष्य में उनकी कमाई बढ़ाने पर ध्यान दिया जाएगा।
कंपनी के अनुसार, रेडियो कारोबार पर उद्योग से जुड़ी चुनौतियों का दबाव बना हुआ है, लेकिन उसकी लगातार समीक्षा की जाएगी।
वहीं, प्रिंट कारोबार की बात करें तो विज्ञापन से हुई आय में बढ़ोतरी मुख्य रूप से विज्ञापन दरों में सुधार की वजह से हुई है। कंपनी का कहना है कि विज्ञापनों की संख्या में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया, लेकिन बेहतर मूल्य निर्धारण से राजस्व बढ़ा है।


