अखिलेश यादव-
चढ़ावा चोरी कांड
- ट्रस्टी कहना क्या चाहते हैं किसी को समझ नहीं आ रहा है।
- हेराफेरी में संलिप्त लोगों को हिरासत में लेने की ख़बरें अख़बारों, टीवी चैनलों, मीडिया पोर्टल और यूट्यूबर द्वारा प्रसारित की जा रही हैं।
- पहले पुलिस कुछ नहीं कहती लेकिन बाद में न जाने किसके दबाव में खंडन करती है।
- जनता के आक्रोश को देखकर पूरे देश के भाजपाइयों की घिग्घी बंध गई है।
- भाजपा के संगी-साथी इस मसले की आपराधिक गतिविधि से पल्ला छुड़ाने के लिए सदैव की तरह भूमिगत हो गये हैं।
- लखनऊ की सरकार ने अपने मुँह पर ताला लगा लिया है।
- दिल्ली की सरकार का ड्रोन और दूरबीन पता नहीं कहाँ हैं।
इन अस्पष्टता भरे हालातों में विश्वभर में सनातनी समाज के बीच आशंकाएं और भी अधिक बलवती हो गईं हैं।
ये ख़ुलासा होना ही चाहिए कि :
- कौन है इन सबके पीछे, जो देश की सनातनी आस्था से खिलवाड़ कर रहा है?
- चढ़ावे में चोरी का पाप करनेवालों को कौन बचा रहा है?
- इस अपराध के तार किन-किन लोगों से जुड़े हैं और कितनी दूर तक जाते हैं?
- कौन ऐसा अधर्मी है, जिसके हाथ में इस पूरे कांड की लगाम है?
- इस घपले का सरगना कहाँ छिपा बैठा है?
- इस घोटाले में किस-किस की हिस्सेदारी है?
- इस कांड के खुलने के पीछे चोरी के पैसों के बँटवारे की लड़ाई मुख्य कारण है या कुछ प्रभावशाली लोगों की आपसी प्रतिस्पर्धा?
- पैसे गिनने जैसे संवेदनशील कार्य में ट्रस्ट व सरकारी बैंक के बीच निजी कंपनियों का खेल किसने खेला और उसका छिपा मंसूबा क्या है?
- सीसीटीवी का प्रमाण सार्वजनिक करके मामले की सच्चाई बताने में क्या परेशानी है?
- डबल इंजन अब कहाँ हैं?
- डबल इंजन क्या सिर्फ़ डबल ईंधन का उपभोग करने के लिए हैं या उनकी कोई ज़िम्मेदारी भी है?
राजेश साहू-
“मंदिर में चोरी कोई नई बात नहीं थी, यह रोजाना होती थी। मैंने खुद चोरी पकड़ी थी। इसकी शिकायत चंपत राय और गोपाल जी से की थी। अगले ही दिन चंपत राय ने मुझे हटा दिया। मंदिर में लगे CCTV कैमरों की 8 महीने पुरानी फुटेज डिलीट करवा दी गई। चंपत राय अव्यवस्था पसंद व्यक्ति हैं। मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं में मनमर्जी चलाते हैं। अगर कोई विरोध करता है, तो उसे हटा दिया जाता है।”
ये बात राम मंदिर के पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह ने कही है। बीजेपी नेता और बजरंग दल के संस्थापक विनय कटियार ने भी कहा है कि इस मामले की जांच होनी चाहिए। करोड़ों लोगों की श्रद्धा और विश्वास से जुड़ा मामला है।
शैलेंद्र शर्मा-
यही वास्तविक मॉडल है बीजेपी का… आम हिंदुओं की आस्था को कर्मकांड का झुनझुना पकड़ा दो, वो अपना परलोक सुधारें,
और बीजेपी वाले इस लोक में राम के नाम पर सत्ता की कुर्सी पर बैठें, और अपनी जेबें भरें!
सच तो ये है कि सनातन धर्म को मुग़लों और विदेशी आक्रांताओं ने नहीं, अपने ही धर्म के ठेकेदारो ने सबसे ज़्यादा नुक़सान पहुँचाया है…
आशुतोष शुक्ला-
बड़ी खबर: राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला फिर सुर्खियों में
दैनिक जागरण ने एक बार फिर इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए पहले पन्ने पर खबर प्रकाशित की है। हेडलाइन है— “ट्रस्ट की अनदेखी से होती रही चढ़ावे की चोरी।”

खबर में राम मंदिर के पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह के उन बयानों का भी उल्लेख किया गया है, जिनका पहले विभिन्न माध्यमों में जिक्र हो चुका है। यदि आरोपों में सच्चाई है, तो यह केवल आर्थिक अनियमितता का मामला नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा गंभीर विषय है।
ऐसे मामलों में राजनीतिक पक्ष-विपक्ष से ऊपर उठकर निष्पक्ष जांच और जवाबदेही सुनिश्चित होना आवश्यक है। आस्था के केंद्रों की पारदर्शिता और पवित्रता बनाए रखना सभी संबंधित पक्षों की जिम्मेदारी है।
राम केवल किसी दल या विचारधारा के नहीं, बल्कि मर्यादा, सत्य और धर्म के प्रतीक हैं। इसलिए राम के नाम पर राजनीति करने वालों से भी अपेक्षा है कि वे इस मुद्दे पर स्पष्ट और ईमानदार रुख अपनाएं। श्रद्धालुओं का विश्वास सर्वोपरि है, और उसकी रक्षा हर हाल में होनी चाहिए।
रणविजय सिंह-
राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी की खबरों पर बड़ा बयान..
राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नित्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास ने कहा – इसकी जांच होनी चाहिए, लेकिन जांच कौन करेगा? सब के सब बेईमान हैं.
अब भगवान ही जांच करेंगे.
जो साइकिल से चलते थे, आज बड़ी-बड़ी गाड़ियों में चलते हैं, बड़े-बड़ी मकान बन गए. मैं किस किसका नाम गिनाऊं.
जो जैसा करेगा, उसे वैसा फल मिलेगा, निश्चित मिलेगा. भगवान दंड देंगे.
ये सब दूध के धोए नहीं हैं, अच्छे बेईमान हैं.


