
मौजूदा समय भारत के रक्षामंत्री के पद पर विराजमान वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह को काफी गंभीर और साफ सुथरी राजनीति के लिए जाना जाता है। लेकिन वह भी नरेंद्र मोदी वाली भाजपा सरकार में शामिल होकर कब झूठ प्रलाप करने लगे जनता अब जान पाई है। राजनाथ सिंह ने एक साल पहले भरी संसद में बड़े-बड़े डॉयलाग मारकर कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर में न ही भारत का कोई विमान गिरा और न ही एक भी सैनिक शहीद हुआ है। अब जाकर राजनाथ सिंह के झूठ की कलई खुली है। नीचे पढ़िए और वीडियो भी देखिए…
ये सदन में रक्षा मंत्री का ऑन रिकॉर्ड बयान है कि कोई भी क्षति नहीं हुई है पूरे देश के सामने साफ़ झूठ बोला गया और अब 13 महीने बाद बताए जा रहा है की 6 जवान शहीद हुए थे आप सोच कर देखिए की छाती ठोकते इस बयान के समय दांत दिखाते पीयूष गोयल और अमित शाह को शहीदों के परिवार ने देखा होगा तो उनपर क्या बीती होगी? ये सीधा सीधा प्रिविलेज मोशन का मामला बनता है लेकिन स्पीकर ओम बिड़ला इसे भी दबाकर बैठ जाएँगे!
-अभिषेक सिंह
पीयूष बबेले-
ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए ६ जवानों के परिवारों ने जब संसद में रक्षा मंत्री का यह बयान सुना होगा कि कोई जवान हताहत नहीं हुआ तो उन पर क्या गुजरी होगी।
जब मंत्री और सांसद शोर मचाकर मेज पीट रहे थे तब शहीदों की आत्मा पर क्या गुजरी होगी।
इन लोंगों की आँख का पानी मार चुका है। इन्हें न देश से प्यार हैं, न देश के शहीदों का सम्मान है।
श्रद्धांजलि –
- शहीद सूबेदार मेजर पवन कुमार
- शहीद राइफलमैन सुनील कुमार
- शहीद लांस नायक दिनेश कुमार
- शहीद अग्निवीर मूद मुरलीनायक
- शहीद हवलदार सुनील कुमार सिंह
- शहीद सार्जेंट सुरेन्द्र कुमार

समीरात्मज मिश्रा-
संसद को भी लोकतंत्र का मंदिर कहा जाता है और लोकतंत्र के उसी मंदिर में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डंके की चोट पर झूठ बोला था कि ऑपरेशन सिंदूर में एक भी जवान शहीद नहीं हुआ है।
अब साल भर बाद ये खुलासा हो रहा है कि जवानों की स्मृति में नाम पट्टिका लगाई जा रही है।
सेना का इतना राजनीतिकरण, इतना छल, इतना इस्तेमाल इससे पहले कभी हुआ हो, याद नहीं।
ख़ैर, संसद को तो लोकतंत्र का मंदिर कहा जाता है, अयोध्या में तो प्रभु श्रीराम का मंदिर वास्तव में है। वहाँ भक्तों के चढ़ावे को जिस तरह से लूटा गया है और जिस निर्लज्जता के साथ लुटेरों को बचाया जा रहा है, उसे देखकर तो यही लगता है कि ऐसे लोगों को जनता के कोप का ख़ौफ़ है ही नहीं, भगवान के ख़ौफ़ से भी बेख़ौफ़ हैं।
भगवान के ख़ौफ़ से बेख़ौफ़ होना नास्तिकों की पहचान हो सकती है लेकिन चोर, डकैत और लुटेरा होने के लिए नास्तिक होना न कोई शर्त है न लक्षण है।

मुकेश कुमार-
धीरे-धीरे सच सामने आ रहा है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भारत की संसद में झूठ बोलकर देश को गुमराह करने का अपराध किया है। उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई होनी चाहिए।
लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था: “अगर आप पूछें कि ऑपरेशन सिंदूर सफल रहा या नहीं — जवाब हाँ है। आतंकी ठिकाने नष्ट किए गए, आतंकी सरगना खत्म किए गए, और कोई बहादुर सैनिक हानि नहीं हुई।”
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था कि कोई सैनिक की क्षति नहीं हुई और इस पर सत्तापक्ष ने मेजें थपथपाई थीं। लेकिन सच क्या है अब सामने आ गया है।
सरकार ने पहली बार आधिकारिक रूप से ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए 6 सैनिकों के नाम जारी किए हैं। ये नाम राष्ट्रीय युद्ध स्मारक (National War Memorial) की वेबसाइट के रोल ऑफ ऑनर में 2025 सेक्शन में शामिल किए गए हैं और स्मारक की दीवार पर अंकित होंगे।
शहीदों के नाम:
- सूबेदार मेजर पवन कुमार — मुख्यालय 10 इन्फैंट्री ब्रिगेड
- राइफलमैन सुनील कुमार (वीर चक्र?) — 4 जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फैंट्री
- लांस नायक दिनेश कुमार — 5 फील्ड रेजिमेंट
- अग्निवीर/एविएशन टेक्नीशियन मूड मुरली नायक — 851 लाइट रेजिमेंट
- हवलदार सुनील कुमार सिंह — 237 फील्ड वर्कशॉप
- सार्जेंट सुरेंद्र कुमार — भारतीय वायुसेना, 39 विंग
अभी भी सरकार पूरा सच नहीं बता रही है। कितने राफाएल गिराए गए और उनके पायलट का क्या हुआ, ये सच भी कभी न कभी तो सामने आएगा।
फेंकने की हद भी होती है-




