मिर्जापुर। मां विंध्यवासिनी धाम में दर्शन करने पहुंचे एक पत्रकार के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने आरोपी हेड कांस्टेबल को निलंबित कर दिया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पत्रकारों में नाराजगी फैल गई थी। मामला बढ़ने पर उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल ने संज्ञान लेते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए।
जानकारी के अनुसार, पत्रकार रामलाल साहनी रविवार को विंध्याचल स्थित मां विंध्यवासिनी मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे। आरोप है कि मंदिर के निकास द्वार पर तैनात हेड कांस्टेबल ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। इसके बाद पत्रकार दूसरे रास्ते से मंदिर में प्रवेश कर दर्शन कर लौट रहे थे।
इसी दौरान उन्होंने देखा कि वही पुलिसकर्मी कुछ लोगों को निकास द्वार से अंदर भेजकर दर्शन करा रहा है। पत्रकार ने कथित वीआईपी एंट्री और पुलिसकर्मी के व्यवहार का वीडियो बनाना शुरू किया। आरोप है कि इससे नाराज हेड कांस्टेबल ने पहले बहस की और फिर पत्रकार के साथ मारपीट कर दी। बताया जा रहा है कि हमले में पत्रकार की आंख में चोट आई।
यह पूरी घटना मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई। सोमवार को वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया और पत्रकार संगठनों ने भी नाराजगी जताई।
मामले की जानकारी मिलने पर कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल ने मिर्जापुर की पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक से बात कर आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा। इसके बाद हेड कांस्टेबल महेंद्र नाथ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
एसपी अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि धाम प्रभारी (सुरक्षा) की रिपोर्ट और प्रारंभिक जांच के आधार पर निलंबन की कार्रवाई की गई है। मामले की विस्तृत जांच नगर क्षेत्राधिकारी (सीओ) अमित कुमार को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद पत्रकारों ने दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, जबकि पुलिस प्रशासन का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से कराई जा रही है।
मिर्जापुर: विंध्याचल मंदिर पर पत्रकार से मारपीट। अपनी शादी की सालगिरह पर दर्शन करने गए पत्रकार रामलाल साहनी को पुलिसकर्मी ने पीटा। वीडियो वायरल। पत्रकारों ने की कार्रवाई की मांग।
-बृजेंद्र दुबे
वीडियो देखें- पत्रकार रामलाल साहनी मारपीट


मिर्जापुर। विंध्याचल में वरिष्ठ पत्रकार रामलाल साहनी जी के साथ पुलिसकर्मी द्वारा मारपीट और अभद्रता की घटना बहुत निंदनीय है पत्रकार सर्व समाज मे भारी आक्रोश है पत्रकारों की मांग है , तत्काल ऐसे पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्यवाही की जाय। नही तो पत्रकार समाज एकजुट होकर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
-अम्बुज द्विवेदी मिर्जापुरी



