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उत्तर प्रदेश

खोजी पत्रकार श्यामलाल यादव की रिपोर्ट; श्रीराम मन्दिर में दान की व्यवस्था पर छह साल पहले ही एक ऑडिट कम्पनी ने सवाल उठाए थे!

News article header from The Indian Express with large headline and author byline, followed by an image of the counting centre building captioned 'The building which houses the counting centre'.

रंगनाथ सिंह-

श्री राम मन्दिर के दान में गबन की खबर दैनिक जागरण ने प्रमुखता से उठायी। इस मुद्दे को राष्ट्रीय पटल पर लाने में अखबार की भूमिका सराहनीय रही। आज जागरण ने छापा है कि मन्दिर की व्यवस्था से जुड़े जिस समूह ने यह खबर मीडिया तक पहुँचायी, उस पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। जिस समूह पर आरोप लगे हैं, वह मामले के ठण्डा पड़ने का इन्तजार कर रहा है।

कल सीएम मोहन यादव पर लगे आरोपों पर उनके कार्यालय ने कहा है कि मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी ने 2023 के बाद जमीन नहीं खरीदी है। बाकी खरीद-बिक्री पर विस्तृत जवाब तैयार किया जा रहा है।

यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने मोहन यादव का बचाव करते हुए कल की खबर को भाजपा की साजिश करार दिया है! जनता को याद रहे कि जिस जय मजूमदार ने मोहन यादव के जमीन प्रेम से जुड़ी खबर की है, उन्हीं ने राबर्ड वाड्रा के जमीन प्रेम से जुड़ी खबर ब्रेक की थी। जय, एक्सप्रेस के पुराने खोजी पत्रकार हैं और ऐसी दर्जनों बड़ी खबरें कर चुके हैं।

आज श्यामलाल यादव ने एक्सप्रेस में खबर की है कि श्री राम मन्दिर में दान की व्यवस्था पर छह साल पहले ही एक ऑडिट कम्पनी ने सवाल उठाए थे। उस समय उस कम्पनी ने जो आशँकाएँ व्यक्त की थीं, वही अब सही होती प्रतीत हो रही हैं।


पहले से था अंदेशा, लेकिन ढर्रा नहीं बदले थे:
Rs 3,500 crore in cash, no SOP: 2020 audit predicted Ram Mandir donation mess, had sought SOP for each level of transaction to fix accountability.
-श्यामलाल यादव, वरिष्ठ पत्रकार

Newspaper front page with the headline about SIT probe and audit firm flagging lack of a 'systemic record' of Ram temple donations; by Shyamlal Yadav, Ayodhya, June 23.

राफेल गांधी-

मीडिया जगत में संघ के सबसे पुराने और विश्वस्त मित्र रामनाथ गोयनका के अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने आज मध्य प्रदेश के CM मोहन यादव के जमीन घोटालों का खुलासा किया है।

Two men smiling for the camera, standing side by side; left man in a dark suit, right man in a blue Nehru-style jacket.
अनंत गोयनकामुख्यमंत्री मोहन यादव

इंडियन एक्सप्रेस आजकल रामनाथ का पोता अनंत चलाता है। इनके दादा इंदिरा गांधी के खिलाफ काफी मुखर थे, जन संघ के सांसद भी रहे थे। इंदिरा गांधी के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर बनाने में उनका बड़ा हाथ था। लेकिन उनका पोता अनंत मोदी की चाटुकारिता करता है, उनको एक्सप्रेस के प्रोग्राम में बुलाकर उनकी चरण वंदना करता है। गोयनका परिवार मोदी भक्ति में आकंठ डूबा हुआ है।

वैसे तो मोहन, भजन, नायब, पुष्कर जैसे सब प्यादे अपने अपने परिवार को सैट करने में लगे हैं क्योंकि इनकी अपनी कोई राजनैतिक हैसियत नहीं है, इनके कार्यालय PMO से चलते हैं। तो ये लोग अपना ज्यादातर वक्त व्यक्तिगत संपत्ति सुधार में लगाते हैं। लेकिन ये बात बिल्कुल गले नहीं उतरती कि गोयनका परिवार खुद से अपने अखबार में मोदी के किसी मुख्यमंत्री के खिलाफ इतनी बड़ी स्टोरी छाप दे।

मोहन यादव के खिलाफ जमीन घोटाले की कहानी में संघ भाजपा के अंदर का ही कोई आदमी मोहन को निपटाने की कहानी लिख रहा है।

इंडियन एक्सप्रेस वैसे तो आजाद होने की अच्छी एक्टिंग करता रहता है। लेकिन जब बात मोदी की आती है तो संघ के मुखपत्र ऑर्गेनाइजर और इंडियन एक्सप्रेस में कोई ज्यादा फर्क नहीं रह जाता।

देश का मीडिया मोहन यादव जैसे दर्जनों घोटालों पर कुंडली मार कर बैठा है, खबर बाहर तभी आएगी जब ऊपर बैठे किसी बड़े आदमी को स्कोर करना होगा।

अनंत गोयनका एक कारोबारी है और ये मोहन यादव की स्टोरी भी उनके कारोबार का एक हिस्सा है।

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