राकेश कायस्थ-
चोर शिरोमणि कौन?
प्रधानमंत्री के मुँहबोले छोटे भाई धीरेंद्र शास्त्री उर्फ बाबा बागेश्वर धाम का कहना है कि वो पर्ची निकालकर आसानी से अयोध्या के चोर शिरोमणि का पता बता सकते हैं लेकिन ऐसा करते ही उन्हें निपटा दिया जाएगा।
आचार्य धीरेंद्र शास्त्री न्यू इंडिया में पोंगापंथ के सबसे बड़े प्रवर्तक हैं। शास्त्री जी को भोले-भाले लोगों को ठगकर अंधविश्वास की तरफ लाने और फिर बीजेपी का अंधभक्त वोटर बनाने की महती परियोजना सौंपी गई है। अगर उन्हें भी पर्ची निकालते डर लग रहा है तो फिर असली खेल बहुत बड़ा है।
बीजेपी के पूर्व सांसद ब्रज भूषण शरण सिंह का कहना है कि इस खेल में इतने बड़े-बड़े लोग शामिल हैं कि उनका नाम लेने में उन्हें डर लग रहा है। ब्रज भूषण शरण सिंह वहीं महापुरुष हैं, जिनके खिलाफ ओलंपियन महिला पहलवान दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दे रही थीं, तब दिल्ली पुलिस ने उनपर लाठियाँ चलाईं थीं।
ब्रजभूषण शरण सिंह को विग्नेश फोगट जैसी चैंपियन रेसलर का करियर खत्म करने का श्रेय जाता है। जब यौन शोषण के मामले ने तूल पकड़ा तो बीजेपी ने उनका टिकट तो काट दिया लेकिन उनकी जगह बेटे को सांसद बना दिया। ऐसे परम प्रतापी व्यक्ति को भी अयोध्या के चोर शिरोमणि का नाम लेते हुए डर लग रहा है!
राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष और प्रधानमंत्री मोदी के पूर्व प्रधान सलाहकार नृपेंद्र मिश्रा का कहना है कि राम मंदिर में चोरी नहीं हुई है बल्कि डाका पड़ा है। लेकिन मिश्रा जी डकैत का नाम नहीं बता रहे हैं, डर उन्हें भी लग रहा है।
इस देश के सबसे ताकतवर लोगों को चंदा और चढ़ावा चोरी के मुख्य चोर का नाम लेते हुए डर लग रहा है तो फिर चोर शिरोमणि कितने बड़े आदमी होंगे? थोड़ा दिमाग दौड़ाइये और बताइये कि ये चोर शिरोमणि हैं कौन? आपको भी डर लग रहा है? जब पूरी दुनिया डर रही है तो फिर मुझे भी डरना चाहिए। फिर भी मैं हिम्मत करके अपना जवाब बता देता हूँ।
मेरा मानना है कि जिससे सारी दुनिया डर रही है वो आदमी टिन्नू यादव निकलेगा। टिन्नू यादव संघ की जीवनदानी परम तपस्वी श्रीयुत चंपत राय का ड्राइवर है। चंपत जी गंगाजल की तरह पवित्र हैं, इसका प्रमाण पत्र थोक भाव में बंटना शुरू हो गया है। उनकी सादगी की कसमें खाई जा रही हैं।
ऐसे में अंतिम निष्कर्ष यही निकलेगा कि टिन्नू यादव ने चंपत राय जैसे महापुरुष के साथ छल किया और पूरा माल अकेले हड़प गया। कई संत-महात्मा तो यह माँग कर रहे हैं कि टिन्नू यादव को फांसी दी जाये और बाकी आरोपियों को छोड़ दिया जाये। ऐसे में उम्मीद रखिये कि आगे चलकर टिन्नू यादव की अखिलेश यादव से रिश्तेदारी भी साबित की जाएगी।



