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उत्तर प्रदेश

एडिटर के खिलाफ महिला पत्रकार पहुंची थाने

7 अप्रैल को मैने लाइव खबर ज्वाइन किया था. यहां HOD थे राजीव लियाल. इन्होंने ही मेरा इंटरव्यू लिया था और मुझे एंकर प्रोड्यूसर के लिए अपाइंट किया.. 7 महीने तक वहां मेहनत से काम किया. सारा आउटपुट डिपार्टमेंट मैं देखती थी.. वहां के स्टाफ से मेरी बहुत अच्छी बनती थी.. सब मेरे दोस्त थे.. वो हर तरह की बातें मुझसे शेयर करते थे..

हमारे ऑफिस में हमारे ऑनर प्रहलाद सिंह बिष्ट को लेकर एक अफवाह फैली हुई थी कि उनका उनकी HR से कुछ संबंध है.. ऐसा वहां के स्टाफ का कहना था.. वो लोग हमेशा उनका मजाक उड़ाते थे. उन्हे बुढ्ढा ठरकी कुछ भी बुलाते थे. इस मसले पर मैंने कभी कोई प्रतिक्रिया / टिप्पणी नहीं की थी.. 7 महीने बाद मुझे पता चला कि राजीव सर वहां से चैनल छोड़ कर जा रहे हैं. उनकी जगह नई HOD पूजा जैन आयी जिनको ना मैं जानती थी ना ही वो मुझे जानती थी.

राजीव सर के जाने के 3 से 4 दिन बाद मैने पूजा जैन को अपना रेजिगनेशन लेटर दे दिया और अपने लिए एक्सीपिरिंयस लेटर औऱ ऑफर लेटर ( जो पिछले 7 महीनों से एचआर के पास पेन्डिंग था) मांगा. तब पूजा जैन ने कहा कि मैं तुम्हे यहां अच्छी सैलरी दूंगी तुम यहां से मत जाओ.. मैने फिर भी जाने के लिए कहा तो उन्होने कहा कि तुम अच्छा काम करती हो इसलिए वो मुझे दोबारा बुलाएंगी… और वो मुझे मेरा एक्सीपिरिंयस लेटर औऱ बाकि सारी पेंडिग चीजे देंगी.. इसके बाद मैं वहां से चली गई .. इसके 4 दिन मुझे एचआर से कॉल आया कि मैं ऑफिस आकर अपना एक्सीपिरियंस लेटर सैलरी वगैरह सब ले जाउं..

जब ऑफिस गई तो वहां पर जो हुआ उसकी मैंने कभी सपने में भी कल्पना न की थी. वहां एचआर ने मुझ पर चिल्लाना शुरू किया कि मैंने सारे ऑफिस का माहौल खराब किया हुआ था.. मैंने वहां के ऑनर के बारे में उल्टा सीधा कहा है.. उनको बुड्ढा ठरकी बोला है.. जब मैं ये सब बताने HOD के पास गई तो उन्होंने भी यही बात कही. जब मैंने पूछा कि ये सब आप कैसे बोल सकती हैं मेरे बारे में तो उन्होनें ये सब प्रूफ करने के लिए वहां के सारे स्टाफ यानी मेरे दोस्तो को खड़ा कर दिया.

मैं ये सब देकर बहुत ज्यादा शॉक्ड थी कि जो दोस्त खुद मुझसे उनकी बुराई करते थे, उन्होंने हर उस बात पर मेरा नाम जड़ दिया था जो उन लोगों ने खुद कही थी.. हालांकि उन लोगों ने ये बात मेरे सामने बोली नहीं.. लेकिन जब उनसे बार बार मैं सच पूछ रही थी तो वो लोग सिर्फ मुंह लटका कर खड़े थे.. इस पर पूजा जैन ने कहा कि मैंने आफिस का पूरा माहौल खराब किया है, इसलिए ना तो मुझे एक्सपीरियंस लेटर दिया जाएगा और ना ही सैलरी.. इसके बाद वहां से मैं चली गई..

एक दिन एचआर का कॉल आया कि मैं ऑफिस आकर वहां कै ऑनर को सॉरी बोलूं और लेटर व सैलरी ले जाउं.. इस प्रस्ताव को मैंने मना कर दिया कि मैं सॉरी किस बात की बोलूं जब मैंने कुछ किया ही नहीं.

इसके 4 दिन बाद वहां के HOD ने मेरे खिलाफ अपने पोर्टल पर खबर चलायी, ‘लाइव खबर ने पूजी झा पर की कार्रवाई, पूजा झा को किया गया ऑफिस से बर्खास्त, खराब आचरण के चलते किया बर्खास्त’. इसको देख कर दुख हुआ और गुस्सा आया। मैंने नोएडा सेक्टर 63 की पुलिस चौकी में कम्पलेन की. वहां के SI ने मेरे साथ एक पुलिस वाले को भेजा. पुलिस वाले ने पूजा जैन से अंदर जाकर बात की औऱ ना जाने कौन सी सेंटिग की कि वह मेरे पास आकर मुझे समझाने लगा कि ”मैं ऑनर को सॉरी बोल दूं, सॉरी बोलने से छोटे नहीं हो जाओगी. सॉरी बोल मामला निपट रहा है तो निपटा लो”.

मुझे धक्का तो बहुत लगा कि पुलिस ने मेरी कोई बात नहीं सुनी औऱ मुझे ही सॉरी बोलने के लिए कह दिया..  तब मैंने नोएडा फेस 3 के पुलिस स्टेशन पर लिखित कम्प्लेन दी उनसे रिक्वेस्ट की कि वो मेरी कंपलेन दर्ज कर कार्रवाई करें लेकिन आज 8 दिन हो गए, पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है. मैं फोन करती हूं दरोगा जी को तो वो ये कहकर टाल देते हैं कि वो जांच कर रहे हैं.

अब चाहती हूं कि मेरी कहानी ‘भड़ास4मीडिया पर छपे ताकि सच्चाई सबके सामने आए. मुझे बहुत ठेस पहुंची है.. हर जगह मुझे नीचा दिखाया गया, वो भी गलती के. मुझे पुलिस से तो अब वैसे भी कोई उम्मीद नहीं है.. एक पत्रकार होकर जब पुलिस मेरी बात नहीं सुन रही है.. तो आम लोगो की तो क्या ही सुनेगी…

पूजा झा

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