पूर्व डीजीपी बृजलाल अपना खराब गुर्दा बदलवाने के लिए बहू का गुर्दा लेने पर आमादा हैं!

बृजलाल, उनकी पत्नी, पुत्र के खिलाफ दहेज उत्पीड़न समेत कई संगीन धाराओं में लखनऊ के महिला थाने में पुत्रवधु ने दर्ज कराई नामजद रिपोर्ट लखनऊ : पूर्व डीजीपी बृजलाल अपनी बहू के साथ ये कैसी हरकत करते थे! अपना खराब गुर्दा बदलवाने के लिए अपनी बहू को गुर्दा दान देने के लिए मजबूर कर रहे …

फेमिनिज्म का असली चेहरा

Deepali Das : 26 जनवरी पर परेड करती औरतें रियल फेमिनिज्म का चेहरा बन गयी हैं और सड़कों पर चिल्लाती, मंच से बोलती, कॉमेडी के जरिए अपनी बात कहती या ब्लॉग लिखती औरतें फेक फेमिनिस्ट हो गयी हैं। यह कोई पहली बार नहीं है जब दुनिया ने औरतों को चीजों की ‘असल’ परिभाषा समझाने की …

एडिटर के खिलाफ महिला पत्रकार पहुंची थाने

7 अप्रैल को मैने लाइव खबर ज्वाइन किया था. यहां HOD थे राजीव लियाल. इन्होंने ही मेरा इंटरव्यू लिया था और मुझे एंकर प्रोड्यूसर के लिए अपाइंट किया.. 7 महीने तक वहां मेहनत से काम किया. सारा आउटपुट डिपार्टमेंट मैं देखती थी.. वहां के स्टाफ से मेरी बहुत अच्छी बनती थी.. सब मेरे दोस्त थे.. …

इस लड़की के सवाल ने आईपीएस द्वारा नारी सुरक्षा पर दिए भाषण की निकाल दी हवा, देखें वीडियो

उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा आजकल नारी सुरक्षा सप्ताह का आयोजन किया  जा रहा है. इसी क्रम में आगरा पुलिस भी शहर भर के कॉलेज व स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम करा रही है. आगरा के बीडी जैन गर्ल इंटर कॉलेज में नारी जागरूकता कार्यक्रम में एसएसपी अमित पाठक ने छात्राओं को सुरक्षा और अपराध के बारे में कई सारी जानकारियां दी. पर बाद में एक लड़की ने नारी सुरक्षा को लेकर कुछ ऐसे सवाल मीडिया के सामने दागे जिससे पूरे आयोजन और भाषण की सार्थकता पर सवाल उठ गया.

दुर्व्यवहार से नाराज रायपुर की तीन महिला पत्रकारों ने रिपोर्ट दर्ज कराई

रायपुर प्रेस क्लब कार्यकारिणी बैठक में अदालत परिसर में महिला पत्रकारों के साथ पुलिस कर्मियों ने जो दुर्व्यवहार किया उसकी निंदा की गई। सभी पत्रकार साथियों ने जो एकजुटता का परिचय दिया, उसका आभार व्यक्त किया गया। देर रात एसपी संजीव शुक्ला के साथ वरिष्ठ पत्रकार रूचिर गर्ग और सुनील कुमार के नेतृत्व में जो चर्चा हुई, उससे प्रेस क्लब ने सहमति जताई। एसपी संजीव शुक्ला ने पत्रकारों की मांग पर एक टीई गौरव तिवारी के निलंबन के साथ ही दंडाधिकारी जांच की मांग को स्वीकार किया, इस पर सभी पदाधिकारियों ने संतोष व्यक्त किया।

महिला पत्रकार के शोषण मामले में आरोपी बनाए गए पत्रकार कृष्ण कांत ने तोड़ी अपनी चुप्पी

Krishna Kant : मुझ पर बहुत संगीन आरोप लगाए गए हैं. सोचा था कि हमारा अपना प्रेम संबंध था, इस पर कुछ नहीं कहना. लेकिन मामला अब हाथ से निकल गया है. अब फेसबुक ही सर्वोच्च अदालत है, और हर व्यक्ति मुख्य न्यायाधीश. शर्मिंदगी के साथ इस कीचड़ में उतरने को मजबूर हूं. कहा जा रहा है कि अलग होना बड़ी बात नहीं है, लेकिन धोखा दिया गया. इस ‘धोखे’ में उसका जिक्र कहां है कि हमारे आसपास के लोग पिछले डेढ़ साल से मध्यस्थता कर रहे थे. वे लोग कहां हैं इस पूरी बहस में जो बार बार समझा रहे थे कि तुम दोनों साथ नहीं रह सकते? यह जिक्र कहां हैं कि हमें जब कहा गया कि हम साथ नहीं सकते तो तीन बार आत्महत्या करने कोशिश/धमकी दी गई? यह जिक्र कहां है कि आत्महत्या की धमकी पर दो बार ऐसा हुआ कि दोस्तों को दौड़कर आना पड़ा? यह जिक्र कहां है कि आप आत्महत्या की धमकी देकर दरवाजा बंद करके सीपी घूम रही थीं और हम दोस्तों के साथ तुमको ढूंढ रहे थे?

आधी रात में आधी आबादी सड़क पर निकल कर बोली- मेरी रातें, मेरी सड़कें

महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर जताया गुस्सा, पित्रसत्तात्मकता को बढाने वाले भेदभावपूर्ण समाज व्यवस्था के विरूद्ध नायाब प्रदर्शन, विभिन्न समुदायों की महिलाओं ने किया आधी रात को पैदल मार्च, पीड़िता को दोषी ठहराने की कुत्सित मानसिकता का शहर की महिलाओं ने किया विरोध…

इस देश में स्तनपान कराने के लिए महिलाओं को दो घंटे अलग से छुट्टी दी जाती है

Praveen Jha : नॉर्वे में ‘बेबी-बॉटल’ ढूँढना दुर्लभ कह सकते हैं। डिजाइनदार तो छोड़ ही दें। वहाँ बोतल से दूध पीते बच्चे बस-ट्रेन कहीं नहीं मिलते। हर सार्वजनिक स्थलों, और ऑफीसों में स्तनपान के कमरे हैं। मेरी एक कर्मचारी जब लगभग एक साल की छुट्टी के बाद लौटीं, ‘रोस्टर’ बना, मैनें देखा कि एक घंटे के दो ‘पॉज़’ हैं। मुझे समझ नहीं आया, फिर देखा ‘अम्मो’ लिखा है, मतलब स्तनपान का विराम। दो घंटे प्रतिदिन का विराम है जिसमें वो पास के ‘क्रेच’ में जाकर स्तनपान करा आएंगीं।

थू है ऐसे राष्ट्रीय चैनलों पर, जिन्हें दिल्ली के बाहर की बेटियों का दर्द नहीं दिखता

इन दिनों देवभूमि हिमाचल प्रदेश की जनता एक बेटी से हुए गैंगरेप के बाद उसकी नृशंस हत्या के मामले को लेकर सड़कों पर है। दसवीं की इस छात्रा गुडिय़ा के साथ कातिलों ने जो किया, वह दिल्ली में हुए निर्भयाकांड से भी कहीं ज्यादा अमानवीय और दहलाने वाला अपराध था। इस मामले में हिमाचल की पुलिस की कार्यप्रणाली शक के घेरे में है और प्रदेश की वीरभद्र सरकार के प्रति भी जनता में भारी रोष है। राजनीतिक दल इस मुद्दे पर खुलकर राजनीति कर रहे हैं। सरकार ने मामले की जांच पुलिस से छीन कर सीबीआई को सौंप दी है। हाई कोर्ट ने मामले का संज्ञान लेते हुए सीबीआई को तुरंत जांच करने के साथ कुछ सख्त दिशानिर्देश दिए हैं। इस बीच पुलिस द्वारा पकड़े गए छह आरोपियों में से एक की पुलिस कस्टिडी में उसके ही साथी आरोपी ने हत्या कर दी है।

महिला पत्रकार की पीड़ा- ”मेरा पति मुझे दूसरे मर्दों के साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर करता है!”

मैं ऋपसी उप्पल एक पत्रकार हूं और जम्मू की रहने वाली हूं…मेरी शादी पुरोला के रहने वाले राजेन्द्र उप्पल से 2009 में हुई थी….शादी के पहले साल इन्होंने देहज के लिए मुझे परेशान किया तो मेरे मम्मी पापा ने इन्हें 5 लाख कैश दिए और फिर इनकी बहन ने मेरे पापा से मेरे गहने औऱ जो घरेलू वस्तुए होती हैं वो ली….

पीएम मोदी के घर पर एसपीजी की महिलाएं रात में ड्यूटी क्यों नहीं करना चाहतीं?

Sanjaya Kumar Singh : प्रधानमंत्री के घर और निजता से संबंधित ये कैसी खबर? इस बार के “शुक्रवार” (24 फरवरी – 02 मार्च 2017) मैग्जीन में एक गंभीर खबर है। पहले पेज पर प्रमुखता से प्रकाशित इस खबर का शीर्षक है, “फिर विवादों में घिरी एसपीजी” लेकिन यह प्रधानमंत्री निवास से संबंधित विवाद खड़ा कर रही है। खबर के मुताबिक एसपीजी की महिला सुरक्षा कर्मियों ने अपने आला अफसरों से गुहार लगाई है कि उन्हें रात की ड्यूटी पर न रखा जाए।

कई मर्दों से संबंध रखने वाली ये महिला भी करवा चौथ व्रत कर रही है!

Balendu Swami : मैं करवा चौथ रखने वाली अपने आस-पास की कुछ महिलाओं को व्यक्तिगत रूप से जानता हूँ: 1) एक महिला, जो 15 साल से विवाहित है और रोज आदमी से लड़ाई होती है, सभी जानते हैं कि इनका वैवाहिक जीवन नरक है। 2) एक और महिला, जिसकी महीने में 20 दिन पति से बोलचाल बंद रहती है और वह उसे छिपाती भी नहीं है तथा अकसर अपनी जिन्दगी का रोना रोती रहती है।

हे पुरुष, तुम अपनी सहूलियत के लिए ये ड्रामा बंद कर दो कि हम बेचारी हैं : डा. रूपा जैन

आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस है। इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर एटा जिले की जानी मानी गाइनेकोलॉजिस्ट, भ्रूण हत्या के विरोध में और महिलाओं-बच्चियों की शिक्षा-स्वास्थ्य के लिए लंबे समय से काम कर रहीं चर्चित डॉक्टर रूपा जैन ने साक्षात्कार में जो कुछ कहा है, उसे उनके शब्दों में यहां रख रहा हूं…

वीमन हेल्पलाइन के बड़े दरोगा नवनीत सिकेरा को पत्रकार कुमार सौवीर ने दिखाया आइना

Kumar Sauvir : 1090 यानी वीमन हेल्प लाइन के बड़े दरोगा हैं नवनीत सिकेरा। अपराध और शोहदागिरी की राजधानी बनते जा रहे लखनऊ में परसो अपना जीवन फांसी के फंदे पर लटका चुकी बलरामपुर की बीडीएस छात्रा की मौत पर सिकेरा ने एक प्रेस-विज्ञप्ति अपनी वाल पर चस्पा किया है। सिकेरा ने निरमा से धुले अपने शब्द उड़ेलते हुए उस हादसे से अपना पल्लू झाड़ने की पूरी कवायद की है। लेकिन ऐसा करते हुए सिकेरा ने भले ही खुद को पाक-साफ़ करार दे दिया हो, लेकिन इस पूरे दर्दनाक हादसे की कालिख को प्रदेश सरकार और पूरे पुलिस विभाग के चेहरे पर पोत दिया है।

शाहरुख खान को देखकर पागल हो जाने वाली ये महिला पत्रकार क्या पत्रकारिता करने लायक हैं!

मीडिया में यंगस्टर आजकल बड़े लोगों संग सेल्फी लेने और सितारों के साथ अपना प्रेम जाहिर करने आते हैं… कल नोएडा में किडजेनिया के लांच समारोह में शाहरुख खान आए.. जाहिर है लाखों लड़कियों के दिलों की धड़कन शाहरुख आए तो पागल होना लाजमी था… जीआईपी मॉल के बाहर भीड़ लग चुकी थी… शाहरुख ने प्रेस कांफ्रेंस शुरू की… कुछ नई लड़कियों का ग्रुप जो जागरण, फैशन डॉट कॉम और कुछ अन्य संस्थाओं से आईं थी, उन्हें देख कर लग रहा था कि वो केवल खान को देखने आई हैं… उन्हें इस प्रेस कॉन्फ्रेंस से कोई लेना देना नहीं है … और हुआ भी वही…

ये सायकिल न चला पाने वाली ‘बीमार’ लड़की कैसे पहले स्कूटी, फिर कार वाली बन गई?

Geetali Saikia : बचपन में सायकिल सीखने को लेकर अक्सर भाई से मेरी लड़ाई हो जाती थी. एक तो वो लाल रंग की हरकुलिस उसे बहुत पसंद थी. दूसरी मैं इतनी कमजोर थी कि मुझे चोट लगने के डर से वो मुझे छूने भी नहीं देता था. अकसर बीमार रहती थी मैं. दुबली पतली होने के कारण उससे जीत नहीं पाती थी तो मन मसोसकर या तो घर में आ जाती या फिर बाउंड्रीवाल के किनारे लगे नारियल के पेड़ों में पत्थर मारती थी.

प्रतिमा भार्गव केस में प्रेस काउंसिल ने दैनिक जागरण और आई-नेक्स्ट को दोषी ठहराते हुए लताड़ा, …लेकिन बेशर्मों को शर्म कहां!

आगरा की रहने वाली प्रतिमा भार्गव ने मीडिया के खिलाफ एक बड़ी लड़ाई जीत ली है. लेकिन दुख इस बात का है कि बेशर्म मीडिया वाले इस खबर को कतई नहीं छापेंगे. अगर इनमें थोड़ी भी नैतिकता होती तो प्रेस काउंसिल आफ इंडिया के इस फैसले को न सिर्फ प्रकाशित करते बल्कि खुद के पतने पर चिंता जताते, विमर्श करते. प्रतिमा भार्गव के खिलाफ एक फर्जी खबर दैनिक जागरण आगरा और आई-नेक्स्ट आगरा ने प्रमुखता से प्रकाशित किया. अनाप-शनाप आरोप लगाए.

‘आउटलुक’ मैग्जीन ने महिला आईएएस अफसर को ‘आई कैंडी’ बता घटिया कार्टून छापा, अफसर ने लीगल नोटिस भेजा

हैदराबाद : एक महिला आईएएस अफसर जिसे जनता के अफसर के तौर पर जाना जाता है और जो सरकारी योजनाओं को लागू करने की दिशा में लेटेस्ट तकनीक के इस्तेमाल के लिए जानी जाती हैं, उसे ‘आउटलुक’ पत्रिका ने ‘आईकैंडी’ यानि ‘आंखों को लुभाने वाली’ बताते हुए एक घटिया किस्म का कार्टून प्रकाशित कर दिया है. साथ में एक आर्टिकल है जिसका शीर्षक है- ‘नो बोरिंग बाबू’. इसमें लिखा है कि हर मीटिंग में मौजूद महिला आईएएस अपनी खूबसूरत साड़ियों की वजह से फैशन स्टेटमेंट साबित होती हैं और मीटिंग में मौजूद लोगों के लिए आई कैंडी भी. आउटलुक मैगजीन में छपे कार्टून में महिला आईएएस अफसर को एक फैशन शो में रैम्प पर चलते दिखाया गया है.

अनशन पर बैठी महिला पत्रकार का घर ढहाया, पति समेत गिरफ्तार कर जेल में डाला

छत्तीसगढ़ : उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश में पत्रकारों को जलाकर मार दिये जाने की घटनाओं के बीच छत्तीसगढ के रायगढ़ जिले के खरसिया की महिला पत्रकार आरती वैष्णव के संघर्ष को भी अनदेखा नहीं किया जा सकता। भ्रष्ट सीएमओ के खिलाफ आवाज उठाने वाली आरती वैष्णव को पहले तो अपना अजन्मा बच्चा खोना पड़ा, उसके बाद लगातार धमकियों का सामना करना पडा।जब कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई तो आरती और उनके ​पति ने महिला सीएमओ के खिलाफ आमरण अनशन शुरू कर दिया। इसे भी तुड़वाने की प्रशासन की तरफ से भरपूर कोशिश की गई लेकिन कल तो​हसीलदार द्वारा किया गया वायदा तोड़ दिया गया। वो भी कुछ इस रूप में कि पहले तो अनशनरत आरती को उनके पति के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। उनका घर जेसीबी से ढहा दिया गया।

मिस्टर पुरुष, बदल लो सिंगल रहने वाली लड़की के प्रति सोच

Mamta Yadav : लडकी सिंगल रहती है, जरूर परेशान होगी, मजबूर होगी, पैसों की तंगी होगी। मदद कर देते हैं, कुछ न कुछ तो मिलेगा। इस ‘कुछ न कुछ’ की हद एक लडकी के मामले में कहां तक जा सकती है, इसका अंदाजा लगाना बहुत मुश्किल नहीं है। दिमागों के जाले वक्त से पहले साफ कर लिये जायें तो सरेबाजार बेपर्दा होने का डर कभी नहीं सतायेगा। या तो जो मुखौटा है उसे कायम रखा जाये या असली थोबडे के साथ घूमिये तथाकथित भैया, अंकल, दोस्त। उन लडकियों को थोडी नहीं, बहुत आसानी होगी जो आपकी नजर में कमजोर बेचारी हैं।

फ्रांसीसी नेताओं की घिनौनी टिप्पणियों पर मुखर हुईं 40 महिला पत्रकार

पेरिस (फ्रांस) : यहां के चुनिंदा नेताओं द्वारा लैंगिक एवं घिनौना कटाक्ष करने पर देश की 40 महिला पत्रकारों ने खुला खत लिखते हुए चेतावनी दी है कि उनका अगला कदम उन राजनेताओं के नाम का खुलासा करना हो सकता है। 

शामली में गैंगरेप से डरे मां-पिता ने बेटी के पैर में जंजीर डाल दिया!

एक स्टोरी लिख रहा था ‘बेटी के पैर में जंजीर’..आप भी सोच रहें होंगे कि आखिर एक बेटी के पैर में भला किसने और क्यों जंजीर डाल दी। सुनकर किसी का भी कलेजा मुंह को आ जाएगा। घटना यूपी के शामली की है लेकिन पूरे देश को प्रतिबिंबित करती है। खुद माता पिता ने ही बेटी की अस्मत बचाने के लिए उसके एक पैर में जजीर बांध दी। वाकई माता पिता ने वो किया जिसे कानून इजाजत नहीं देता है लेकिन सोचिए लाचार माता पिता और क्या करते। महज 16 साल की उनकी बेटी मानसिक तौर से कमजोर है और कुछ दिन पहले उसे अज्ञात अपराधी घर के पास से बहकाकर ले गए और उसके साथ गैंगरेप की वारदात को अंजाम दे दिया।

इंडियन वुमेन प्रेस कार्प (IWPC) के चुनाव में सभी पदाधिकारी निर्विरोध निर्वाचित

 

इंडियन वुमेन प्रेस कार्प यानि IWPC का वर्ष 2015-16 के लिए चुनाव संपन्न हो गया. टीके राजलक्ष्मी, शोभना जैन और रविंदर बावा सहित सभी पदधिकारी व कार्यकारिणी निर्विरोध निर्वाचित घोषित की गई है. महिला पत्रकारों के इस संगठन की स्थापना का 21वां वर्ष चल रहा है. इस संगठन में करीब 700 से अधिक महिला पत्रकार सदस्य हैं. इस वर्ष के लिये घोषित टीम इस प्रकार है…

स्त्री-अस्मिता और कुछ सवाल

नैतिकता, जाति, धर्म, स्त्री और स्त्री-पुरुष संबंधों आदि से जुड़े तमाम सवालों को लेकर हमारे सामाजिक और राजनीतिक जीवन में, खासकर खाए-अघाए तबके में, पाखंड इस कदर हावी है कि वह अपनी तमाम कुंठाओं को तरह-तरह से छिपाता और सच या कड़वे सवालों का सामना करने से कतरता और घबराता है। इसलिए पिछले दिनों बीमा क्षेत्र में विदेशी निवेश की सीमा छब्बीस फीसद से बढ़ा कर उनचास फीसद करने के लिए पेश किए गए विधेयक पर राज्यसभा में चर्चा के दौरान चमड़ी के रंग और सुंदरता को लेकर दिए गए मेरे भाषण के एक अंश पर जिस तरह देशव्यापी चर्चा हुई और जिसका सिलसिला अब भी जारी है, उससे एक बार फिर यही साबित हो रहा है कि भारतीय समाज के अंतर्विरोधों, खासकर चमड़ी के रंग पर रची मानसिकता और स्त्री की अस्मिता को लेकर हमारे देश के पढ़े-लिखे तबके में भी ज्यादातर लोगों की सामान्य समझ औसत से कम है। जितनी है, वह बेहद विकृत है।

एक न्यूज चैनल जहां महिला पत्रकारों को प्रमोशन के लिए मालिक के साथ अकेले में ‘गोल्डन काफी’ पीनी पड़ती है!

चौथा स्तंभ आज खुद को अपने बल पर खड़ा रख पाने में नाक़ाम साबित हो रहा है…. आज ये स्तंभ अपना अस्तित्व बचाने के लिए सिसक रहा है… खासकर छोटे न्यूज चैनलों ने जो दलाली, उगाही, धंधे को ही असली पत्रकारिता मानते हैं, गंध मचा रखा है. ये चैनल राजनेताओं का सहारा लेने पर, ख़बरों को ब्रांड घोषित कर उसके जरिये पत्रकारिता की खुले बाज़ार में नीलामी करने को रोजाना का काम मानते हैं… इन चैनलों में हर चीज का दाम तय है… किस खबर को कितना समय देना है… किस अंदाज और किस एंगल से ख़बर उठानी है… सब कुछ तय है… मैंने अपने एक साल के पत्रकारिता के अनुभव में जो देखा, जो सुना और जो सीखा वो किताबी बातों से कही ज्यादा अलग था…. दिक्कत होती थी अंतर आंकने में…. जो पढ़ा वो सही था या जो इन आँखों से देखा वो सही है…

धार्मिक चैनल के सीओओ ने एंकर के साथ ऋषिकेश के होटल में की छेड़छाड़, मामला दबा दिया गया

मानव जीवन को दिशा देने हेतु अध्यात्म, आस्था, धर्म, साधना आदि का ज्ञान पहचान कराने वाले धार्मिक न्यूज चैनलों के अंदर खुद कितनी अनैतिकता-अधार्मिकता है, इसे कोई मीडिया के बाहर का सीधा सच्चा आदमी जान जाए तो उसे पूरे धर्म से ही घृणा-वितृष्णा हो जाए. बाबाओं से पैसे लेकर उनके भाषण प्रवचन प्रसारित करने वाले धार्मिक चैनलों में से एक चैनल के सीओओ पर आरोप लगा है कि उन्होंने अपने सहकर्मी के साथ यौन दुर्व्यवहार किया है. हालांकि पीड़िता खुलकर सामने नहीं आ पा रही है लेकिन उसके साथ काम करने वाली महिलाओं का कहना है कि पीड़िता एंकर के पद पर है और उसने चैनल के अंदर कंप्लेन की हुई है.

8 मार्च को महिला पत्रकारों के सम्मान में प्रेस क्लब आफ इंडिया में कई किस्म का आयोजन

साल 2014 से प्रेस क्लब में महिला पत्रकारों के सम्मान में महिला दिवस मनाने का रिवाज शुरू हुआ. इस साल भी यह कार्यक्रम होगा. साल 2014 की तरह इस बार भी प्रेस क्लब के प्रांगण में महिला पत्रकार पत्रकारिता के साथ-साथ अन्य खूबियों के साथ मौजूद रहेंगी. इस 8 मार्च, दिन रविवार को पिछले साल से भी बड़े स्तर पर महिला दिवस का आयोजन किया जा रहा है. प्रेस क्लब की मैनेजिंग कमेटी की ज्वांईट सेक्रेटरी विनीता यादव, जो प्रेस क्लब में समय-समय पर अलग अलग कार्यक्रम करवाती आई हैं, का मानना है कि क्लब में महिला दिवस बड़े स्तर पर मनाने से ये पता चलता है कि क्लब महिला पत्रकारों के सम्मान, क्लब में उनकी बराबर उपस्थिति और उनकी प्रतिभा को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है.

Concern over harassment to lady scribe

GUWAHATI : The Electronic Media Forum Assam (EMFA) has expressed serious concern over the telephonic harassment and even threats to a Guwahati-based television reporter-cum-anchor by miscreants. It has been understood that some persons used to call the lady journalist with abusive languages which prompted her to lodge an FIR in Paltan Bazar police station. The police has reportedly tracked and arrested a few individuals from Guwahati and Kolkata suspecting their roles in the case.

उबर के सीईओ ने कहा था- हम एक बूबर कंपनी हैं जिसके साथ महिलाएं सोना चाहती हैं!

: अमेरिकी महिला पत्रकार ने किया बड़ा खुलासा : बात इसी साल अक्टूबर की है जब सारा लेसी फ्रांस के शहर लियोन में थीं और कहीं जाने के लिए टैक्सी का इंतजार कर रही थीं। तभी उनकी निगाह एक ऐसे प्रचार पर पड़ी जिसमें लिखा था कि हॉट फीमेल ड्राइवर्स की सुविधा के लिए इस नंबर पर डायल करें। इस एड को देखते ही लेसी ने तय किया कि वह उस एप को ही डिलीट कर देंगी जो कैब की सुविधा देती है। लेसी को लगा कि वह खुद एक महिला हैं और अगर महिलाओं का इस्तेमाल इस तरह से किया जाएगा तो उनके साथ रेप जैसी घटनाओं को होने से कैसे रोका जा सकता है।

बटंग में महिलाओं का मोर्चा, गांव में शराबियों की खैर नहीं

बटंग से लौट कर अमरेन्द्र कुमार आर्य की रिपोर्ट

भिलाई। जागो युवा, जागो नारी, खत्म करो शराब की बीमारी… नारी शक्ति जाग गई… गांव की रक्षा कौन करेगा, हम करेंगे, हम करेंगे। बटंग गांव मेंरोज रात १० बजे यही सीन देखा जा सकता है। इस गांव में जब पुरुष सोने की तैयारी कर रही होती हैं, तब गांव की महिलाएं हाथों में लाठी लेकर शराबियों और शराब की अवैध बिक्री करने वालों के खिलाफ मोर्चेबंदी की तैयारी करती हैं। हर रात महिलाएं बेखौफ होकर गांव में घूम घूम कर शराब माफिया को चुनौती दे रही हैं।