दलित पत्रकार को प्रेस पास जारी नहीं कर रहा शाहजहांपुर का सहायक सूचना निदेशक!

सेवा में माननीय मुख्यमंन्त्री जी उत्तर प्रदेश विषय : सहायक निदेशक सूचना शाहजहाँपुर आलोक कुमार यादव द्वारा प्रेस पास जारी न करने के सम्बन्ध में महोदय, कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

इंटर्नशिप के बाद नौकरी न मिलने को शोषण बताने वाले युवा मित्रों के लिए कुछ बातें…

Paramendra Mohan : हाल के दिनों में मैंने कुछ ऐसे पोस्ट या वेबसाइट पर खबरें देखीं, जिसमें युवा पत्रकारों ने अपने शोषण की कहानी बताई है, न्यूज़ चैनल्स और अखबारों पर इंटर्नशिप के दौरान काम कराने और फिर नौकरी नहीं देने के आरोप लगाए हैं। ये भी कहा गया है कि मीडिया में नौकरी उन्हीं …

दीदी भैय्या सर मैडम अंकल आंटी तक बना डाला लेकिन किसी ने मीडिया में नौकरी न दी!

सन 2014… पत्रकारिता नामक चकाचौंध भरी दुनिया में जाने के लिए एक कॉमर्स क्षेत्र का लड़का सब कुछ छोड़ कर 2 वर्ष का वक्त इस कदर होम किया कि न नींद की खबर थी न समय का पता। लगता था कि बस अब वही सब सच होने वाला है जिनके बारे में सुना-देखा है। 6 …

जिनका बैकग्राउंड पॉवर और रिफरेंस नहीं होता, सपने उनके भी होते हैं

बड़ी उम्मीदें जगी थीं कि मीडिया लाइन में आकर कुछ नया नया करूंगी. लेकिन इसका आभास मुझे नहीं था कि यहां तो व्यक्ति का बैकग्राउंड पॉवर और रिफ्रेंस चलता है. मेरे कहने से मेरे पैरेंट्स ने भी किसी तरह से पैसे इकट्ठा करके मेरे सपने में अपने सपने जोड़ दिए और अपनी दिन रात की …

‘जी न्यूज’ ही नहीं बल्कि सारे न्यूज चैनल्स में इंटर्न्स का शोषण होता है

Sir interns ka shoshan ye sirf zee news mei hi nahi hota hai balki sare news channels mei hote hai. intense se bas free me kam karwa lete hai. Par job nhi dete hai. Media me interns ki koi nhi sunta hai. कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

एडिटर के खिलाफ महिला पत्रकार पहुंची थाने

7 अप्रैल को मैने लाइव खबर ज्वाइन किया था. यहां HOD थे राजीव लियाल. इन्होंने ही मेरा इंटरव्यू लिया था और मुझे एंकर प्रोड्यूसर के लिए अपाइंट किया.. 7 महीने तक वहां मेहनत से काम किया. सारा आउटपुट डिपार्टमेंट मैं देखती थी.. वहां के स्टाफ से मेरी बहुत अच्छी बनती थी.. सब मेरे दोस्त थे.. …

रोडवेज बस के कंडक्टर का हरामीपना… देखें वीडियो

Yashwant Singh :  बीते साल बाइस दिसंबर को आगरा एक कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए जा रहा था. नोएडा में सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन के पास स्थित रोडवेस बस अड्डे पर बड़ौत डिपो की एक बस पर बैठ गया. यह बस वाया यमुना एक्सप्रेसवे ले जाने वाली थी. बस चल दी और परी चौक से ठीक पहले खराब भी हो गई.

एक्सिस बैंक का हरामीपना, काट लिया हजार रुपये

मधुसूदन शर्मा का एक्सिस बैंक में सेविंग एकाउंट है. वे सन 2006 से अपना एकाउंट आपरेट कर रहे हैं पिछले दिनों उन्होंने देखा कि अचानक उनके एकाउंट से हजार से ज्यादा रुपये बैंक वालों ने काट लिए. जब उन्होंने बैंक वालों से पूछा कि ये क्यों और कैसे काट लिया गया तो कोई कायदे का जवाब नहीं दे पा रहा. भड़ास को मधुसूदन ने अपने बैंक से काटी गई रकम का स्क्रीनशाट भेजा है, साथ ही ये संदेश भी :

यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया से दुखी व्यक्ति ने पीएम को लिखा पत्र

मान्यवर,
सेवा में,
माननीय प्रधान मंत्री,
नई दिल्ली ।

विषय :- यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया की बिहारशरीफ शाखा के बैंककर्मियों द्वारा छह माह तक दौड़ाने के बाद भी मुद्रा लोन नहीं देने तथा स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भी राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराए जाने के सम्बन्ध में।

मान्यवर,

Naukari planet और Varchashav adventure नामक दो धोखेबाज कंपनियों से रहें सावधान

श्री मान सम्पादक महोदय, मैं रमाशंकर यादव हूं. मेरे पिता का नाम श्री जयराम यादव है. ग्राम- छिवर चक, पो.-धुरियापार, जिला-गोरखपुर का निवासी हूं. मैं इस भ्रष्ट व्यवस्था से त्रस्त हूं. यहॉं जिसको मौका मिलता है वह लूट ही लेता है. कई सारी फर्जी कम्पनियां कंटिया लगाए बैठी हैं. कोई न कोई मछली फंस ही जाती है. ऐसी दो कम्पनियों के बारे मे मैं लिखने जा रहा हूं जिसने हजारों लोगों को करोड़ों रुपये का चूना लगाया है…

ये तो आईसीआईसीआई बैंक वालों की गुंडागर्दी है! (सुनें टेप)

बिना आधार कार्ड बैंक एकाउंट नहीं खोल रहे आईसीआईसीआई वाले! ICICI Bank, sector 4, Gurgaon शाखा ने एकाउंट खोलने के लिए आधार मांगा और कहा कि RBI के निर्देशानुसार, आधार के बिना एकाउंट नहीं खोल सकते। जब उनसे RBI के निर्देशों की कॉपी मांगी गई तो बैंक की कर्मचारी रानी सिंह ने कहा कि वे निर्देशों की कॉपी ईमेल पर भेज देंगी। ईमेल पर नहीं भेजा तो फिर फोन बात हुई। उन्होंने बहाने बनाने शुरू कर दिए और निर्देशों की कॉपी नहीं दी।

भड़ास4मीडिया की खबरें अब यूट्यूब पर भी मिलेंगी, करें चैनल को सब्सक्राइब

अगले कुछ दिनों में भड़ास4मीडिया की खबरें वीडियो फार्मेट में यूट्यूब पर भी मिला करेंगी. इसके पीछे तीन कारण हैं. अगर कोई बड़ी खबर है और उसे तुरंत शेयर करना है तो यूट्यूब के जरिए लाइव उसे ब्राडकास्ट कर दिया जाए. बाद में इत्मीनान से उसे भड़ास4मीडिया पर लिखा-पढ़ा जाए. दूसरा कारण है यूट्यूब के जरिए लाइव ब्राडकास्ट के एक बेहतरीन विकल्प का इस्तेमाल बढ़ाना ताकि इस माध्यम से उन खबरों को सामने लाया जाए जिसे आम तौर पर टीवी / चैनल वाले इग्नोर करते हैं.

भाजपा यानि भ्रष्टाचारियों को बचाने और मीडिया पर अंकुश लगाने वाली पार्टी! (देखें वीडियो)

राजस्थान की भाजपा सरकार ने एक काला कानून बनाने की तैयारी कर ली है. इसक कानून के बन जाने के बाद भ्रष्टों के खिलाफ कोई खबर मीडिया वाले न लिख सकते हैं और न दिखा सकते हैं. महारानी वसुंधरा राजे फिलहाल लोकतंत्र को मध्ययुगीन राजशाही में तब्दील करने पर आमादा हैं. जितना विरोध कर सकते हैं कर लीजिए वरना कल को विरोध करने लायक हम सब बचेंगे ही नहीं क्योंकि देश बहुत तेजी से आपातकाल और तानाशाही की तरफ बढ़ रहा है. ज्यादातर बड़े मीडिया हाउसेज बिक चुके हैं. जो बचे हैं उनको धमका कर और पाबंदी लगाकर चुप कराया जा रहा है. राजस्थान सरकार का काला कानून पाबंदी लगाकर मीडिया को चुप कराने की साजिश का एक हिस्सा है.

आइए, सच्ची दिवाली मनाएं, मन के अंधेरे घटाएं

दिवाली में दिए ज़रूर जलाएं, लेकिन खुद के दिलो-दिमाग को भी रोशन करते जाएं. सहज बनें, सरल बनें, क्षमाशील रहें और नया कुछ न कुछ सीखते-पढ़ते रहें, हर चीज के प्रति संवेदनशील बनें, बने-बनाए खांचों से उबरने / परे देखने की कोशिश करें, हर रोज थोड़ा मौन थोड़ा एकांत और थोड़ा ध्यान जरूर जिएं.

मुझे भी यही लगता है कि भड़ास एक स्तरहीन पोर्टल है!

भड़ास के खिलाफ भड़ास निकालने वाले अभय को दिवाकर और अवनिन्द्र ने भी दिया जवाब, पढ़िए

भड़ास4मीडिया को शुरू से ही एक खुला, पारदर्शी और लोकतांत्रिक मंच बनाकर रखने की कोशिश की गई. यही कारण है कि जब जब भड़ास या इसके फाउंडर यशवंत के खिलाफ कुछ भी किसी ने लिखकर भेजा तो उसे पूरे सम्मान के साथ छापा गया. इसी क्रम में कल भड़ास के एक पाठक अभय सिंह का पत्र भड़ास पर प्रकाशित किया गया, साथ ही संपादक यशवंत द्वारा दिया गया क्रमवार जवाब भी… इसके पब्लिश होते ही दो प्रतिक्रियाएं भड़ास के पास मेल से आई हैं. बनारस से युवा पत्रकार अवनिंद्र और नोएडा से आईटी कंपनी के संचालक दिवाकर ने जो कुछ भेजा है, उसे नीचे प्रकाशित किया जा रहा है.

भड़ास पर भी लग गया ‘आनलाइन कटोरा’, आप भी कुछ डालें इसमें

Yashwant Singh : द वायर और न्यूज लांड्री जैसी कारपोरेट फंडित वेबसाइटों ने भी जनता से पैसा मांगने के लिए हर खबर के नीचेे एक कटोरा (बल्कि आनलाइन कटोरा कहना चाहिए) लगा रखा है, ”दे दो रे, सौ दो सौ तीन सौ चार सौ… जो सूझे वही दे दो क्योंकि हम लोग बड़ी किरांती कर रहे हैं.. आप जनता की खातिर…” टाइप वाला कटोरा…

भड़ास के खिलाफ एक पाठक ने यूं निकाली अपनी भड़ास, ‘यशवंत जी, भड़ास का अंत आवश्यक हो गया है!’

यशवंत जी

भड़ास पर मेरी भी एक भड़ास है। ये भड़ास आपके पोर्टल से उत्पन्न हुई है। जब आप मीडिया के कुकृत्यों पर भड़ास निकालते हैं तो मीडिया के ही लोग आप पर लात घूसों की मुक्केबाजी करके भड़ास निकालने लगते हैं। आखिर ये सिलसिला कब तक चलेगा। जब NBA, एडिटर्स गिल्ड जैसी अनेक संस्थाएं मीडिया के कुकृत्यों पर लगाम लगाने में अक्षम हैं तो आप भड़ास जैसा स्तरहीन पोर्टल चलाकर क्या अर्जित कर रहे हैं?

‘भडास4मीडिया’ के बाद ‘कैफे भड़ास’ शुरू, देखें यहां कैसे निकालते हैं ‘भड़ास’! (वीडियो)

Kunal Verma : सुना है आपने ‘कैफे भड़ास’ के बारे में? मुझे पता है आप लोगों में अधिकतर ने भड़ास का नाम सुना होगा। हां वही भड़ास जो फ्रस्ट्रेशन के नाम से हमारे मन के भीतर होता है। मीडिया के लिए चर्चित तब हुआ जब वरिष्ठ पत्रकार यशवंत सिंह ने मीडिया के लोगों को अपना फ्रस्ट्रेशन निकालने के लिए एक मंच प्रदान किया। इसे नाम दिया ‘भड़ास फॉर मीडिया’। तमाम झंझावतों को झेलते हुए भड़ास फॉर मीडिया आज भी हिंदी का सबसे लोकप्रिय साइट बना हुआ है। लोकप्रिय क्यों है, यह एक रिसर्च का विषय है। पर साधारण शब्दों में कहा जाए तो सभी के अंदर कुछ न कुछ भड़ास है जिसे वह पढ़कर, लिखकर, सुनकर, बोलकर निकाल लेना चाहता है। भड़ास ने वह प्लेटफॉर्म सभी को दिया।

क्या ‘भड़ास टास्क फोर्स’ बनाने का वक्त आ गया है?

भड़ास संपादक यशवंत पर पत्रकार कहे जाने वाले दो हमलावरों भूपेंद्र नारायण भुप्पी और अनुराग त्रिपाठी ने प्रेस क्लब आफ इंडिया के गेट पर हमला किया था. उस हमले से उबरने के बाद यशवंत ने अपने भविष्य की योजनाओं को लेकर काफी कुछ खुलासा किया है. इसमें एक भड़ास टास्क फोर्स बनाने का प्रस्ताव भी शामिल है.

dealzkart नामक धोखेबाज आनलाइन कंपनी से कोई सामान न खरीदिएगा!

Yashwant Singh : पिछले दिनों फेसबुक पर एक विज्ञापन देखा. 998 रुपये में सैमसंग पावर बैंक (25000MAH का) और साथ में सोनी का एक MDR-ZX110A Headphones फ्री. मुझे इन दोनों की जरूरत थी. नाम ब्रांडेड. दाम बेहद कम. फौरन क्लिक कर आनलाइन प्रासेस पूरा किया. जब ये हाथ में आया तो तीसरे दिन तक पता चल गया कि हम लोग बुरी तरह ठगे जा चुके हैं. पावर बैंक पर कहीं सैमसंग नहीं लिखा था. कोई बेहद लोकल और घटिया माल था. आधे घंटे में पावर बैंक दम तोड़ देता था.

भड़ास4मीडिया के भविष्य को लेकर यशवंत ने क्या लिया फैसला, जानें इस एफबी पोस्ट से

Yashwant Singh : ऐ भाई लोगों, कल हम पूरे 44 के हो जाएंगे. इलाहाबाद में हायर एजुकेशन की पढ़ाई के दौरान ओशो-मार्क्स के साथ-साथ अपन पामोलाजी-न्यूमरोलॉजी की किताब पर भी हाथ आजमाए थे. उस जमाने में हासिल ज्ञान से पता चलता है कि मेरा जन्मांक 8 और मूलांक 9 है. जन्मांक छब्बीस का छह और दो जोड़कर आठ बना इसलिए आठ हुआ. मूलांक तारीख, महीना और साल जोड़कर पता किया जाता है जो मेरा 9 होता है. इस बार जो 26 अगस्त सन 2017 है, इसका योग 8 बैठ रहा. 44 साल का होने के कारण चार प्लस चार यानि आठ हो रहा. मतलब जन्मांक और मूलांक दोनों आठ हो रहा है. ग़ज़ब संयोग या दुर्योग, जो कहिए, बैठ रहा है इस बार. वैसे, अपन तो कई साल पहले लिख चुके हैं कि बोनस लाइफ जी रहा हूं, इसलिए हर दिन जिंदाबाद. 🙂

भड़ास4मीडिया की मौत का ऐलान हम सबके लिए एक बुरी खबर है

चर्चित मीडिया केन्द्रित वेबसाइट भड़ास4मीडिया के एडिटर यशवंत सिंह ने ऐलान किया है कि 26 अगस्त से वेबसाइट का संचालन बंद कर दिया जाएगा। पिछले एक दशक से मीडिया संस्थानों के न्यूज़ रूम के अंदर और बाहर पत्रकारों और उनके मालिकों के अच्छे-बुरे कर्मों को बेबाकी के साथ प्रकाशित करने वाले यशवंत सिंह आर्थिक संकट की वजह से भड़ास को बंद करने की बात पहले भी करते रहे हैं, लेकिन जैसे-तैसे यह वेबसाइट अब तक चलती आ रही है।

यशवंत ने फेसबुक पर लिखा- ”26 अगस्त से भड़ास बंद!”

भड़ास4मीडिया के एडिटर यशवंत ने फेसबुक पर एक छोटी-सी पोस्ट डालकर ऐलान किया कि भड़ास4मीडिया का संचालन 26 अगस्त से बंद कर दिया जाएगा. इसके पीछे उन्होंने वजह आर्थिक संकट के साथ-साथ हिंदी समाज व इसकी समझ को भी बताया है. इस ऐलान के बाद आए सैकड़ों कमेंट्स में से कुछ चुनिंदा यहां दिए जा रहे हैं…

फर्जी ब्रांड ikall से सावधान… खराब प्रोडक्ट्स भेजकर ग्राहकों से कर रही है ठगी

इंडियन कम्पनी iball से मिलते जुलते नाम वाली एक कम्पनी ikall ऑनलाइन मार्केट के जरिये लोगों से ठगी कर रही है। आपको बता दें कि यह कम्पनी दूसरे कॉमन प्रोडक्ट्स को अपना बताकर यानी पैकेजिंग में ikall वाला हॉलमार्क लगाकर कई गुना दामों पर बेच रही है। इसके लिए यह homeshop18 और इस जैसी अन्य ऑनलाइन सेलिंग वेबसाइट्स की मदद ले रही है।

सुधीर चौधरियों और रवीश कुमारों की बातों पर भरोसा क्यों न करें, बता रहे हैं यशवंत सिंह

Yashwant Singh : सुधीर चौधरियों और रवीश कुमारों की बातों पर भरोसा मत करिए. ये पेड लोग हैं. ये दोनों अपने-अपने मालिकों के धंधों को बचाने-बढ़ाने के लिए वैचारिक उछल कूद करते हुए आपको बरगलाएंगे, भरमाएंगे, डराएंगे, अपने पक्ष में खड़े होने के लिए उकसाएंगे और इसके लिए देर तक व दूर तक ब्रेन वाश करते चलते जाएंगे…

आरक्षण को लेकर एक पत्रकार का मोदी को खुला खत- ”कुर्सी के लालची हैं मोदी”

बाबा तुलसीदास ने रामायण में लिखा है कि संसार में ऐसा कोई नहीं है जिसे सत्ता मिलने पर मद न हो। देश के पीएम भी इससे अछूते नहीं उनके दो फैसले बहुत बुरे लगे।एक नोटबंदी और दूसरा आरक्षण की वकालत। नोटबंदी के कारण आज भी बैंकों व एटीएम पर्याप्त धन न होने के कारण लोग परेशान हैं। गांव के लोग भेलेभाले और मेहनतकश हैं। गांवों में शिक्षा का अभाव है। वह ई बैंकिंग क्या करेंगे। हम जैसे छोटे पत्रकार जिनको चंद पैसे वेतन मिलता है। समय पर रुपये बैंकों व एटीएम से नहीं निकलते। बहुत परेशानी होती है।

Problem in bank a/c related to pseudonym

प्रिय महोदय,

जैसा कि आपको विदित है बहुत से लेखक पुस्तकें व लेख आदि अपने वास्तविक नाम से न लिखकर किसी दूसरे छद्मनाम से लिखते हैं ज़िसे pseudonym कहते हैं और ज़ाहिर है कि फिर  इसी नाम से उनकी रौयल्टी आदि के चैक बनते हैंl

माई लॉर्ड ने वरिष्ठ पत्रकार को अवमानना में तिहाड़ भेजा पर मीडिया मालिकों के लिए शुभ मुहुर्त का इंतजार!

…सहारा का होटल न खरीद पाने वाले चेन्नई के एक वरिष्ठ पत्रकार को सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना का दोषी मान कर आनन-फानन में जेल भेज दिया… यह वरिष्ठ पत्रकार गिड़गिड़ाता रहा लेकिन जज नहीं पसीजे… पर मीडिया मालिक तो खुद एक बार सुप्रीम कोर्ट के सामने उपस्थित तक नहीं हुए और कोर्ट को चकरघिन्नी की तरह हिलाडुला कर, कोर्ट से समय पर समय लेकर अघोषित रूप से ललकारने में लगे हैं कि जेल भेज सको तो जरा भेज कर दिखाओ….

Loot in private schools

Hon’ble District Magistrate Madam,

With a lot of grief and pain I am writing to you that my two daughters are studying in Adharsheela Global School, Sector – 3, Vasundhara, Ghaziabad in class 6th & 7th respectively. The problem of school’s compulsion to buy BOOKS & STATIONERY” from school only, persists this year too.

Vastu Vihar Scam (1) : भाजपा सांसद मनोज तिवारी के ‘संरक्षण’ में एक ठग कंपनी ने जनता से की अरबों की लूट

Yashwant Singh : बीजेपी दिल्ली के अध्यक्ष और बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने किस तरह अपने खास लोगों को वास्तुविहार कंस्ट्रक्शन कंपनी के जरिए जनता को लूटने की छूट दी, किस तरह वे लूट के इस खेल में अप्रत्यक्ष तौर पर शामिल रहे, इसका खुलासा जल्द भड़ास पर होगा. मनोज तिवारी द्वारा ‘संरक्षित’ वास्तुविहार कंस्ट्रक्शन कंपनी के जाल में लोग मनोज तिवारी का चेहरा देखकर फंस रहे हैं और ठग कंपनी मालामाल होती जा रही है.