फेमिनिज्म का असली चेहरा

Deepali Das : 26 जनवरी पर परेड करती औरतें रियल फेमिनिज्म का चेहरा बन गयी हैं और सड़कों पर चिल्लाती, मंच से बोलती, कॉमेडी के जरिए अपनी बात कहती या ब्लॉग लिखती औरतें फेक फेमिनिस्ट हो गयी हैं। यह कोई पहली बार नहीं है जब दुनिया ने औरतों को चीजों की ‘असल’ परिभाषा समझाने की …

एडिटर के खिलाफ महिला पत्रकार पहुंची थाने

7 अप्रैल को मैने लाइव खबर ज्वाइन किया था. यहां HOD थे राजीव लियाल. इन्होंने ही मेरा इंटरव्यू लिया था और मुझे एंकर प्रोड्यूसर के लिए अपाइंट किया.. 7 महीने तक वहां मेहनत से काम किया. सारा आउटपुट डिपार्टमेंट मैं देखती थी.. वहां के स्टाफ से मेरी बहुत अच्छी बनती थी.. सब मेरे दोस्त थे.. …

इस लड़की के सवाल ने आईपीएस द्वारा नारी सुरक्षा पर दिए भाषण की निकाल दी हवा, देखें वीडियो

उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा आजकल नारी सुरक्षा सप्ताह का आयोजन किया  जा रहा है. इसी क्रम में आगरा पुलिस भी शहर भर के कॉलेज व स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम करा रही है. आगरा के बीडी जैन गर्ल इंटर कॉलेज में नारी जागरूकता कार्यक्रम में एसएसपी अमित पाठक ने छात्राओं को सुरक्षा और अपराध के बारे में कई सारी जानकारियां दी. पर बाद में एक लड़की ने नारी सुरक्षा को लेकर कुछ ऐसे सवाल मीडिया के सामने दागे जिससे पूरे आयोजन और भाषण की सार्थकता पर सवाल उठ गया.

दुर्व्यवहार से नाराज रायपुर की तीन महिला पत्रकारों ने रिपोर्ट दर्ज कराई

रायपुर प्रेस क्लब कार्यकारिणी बैठक में अदालत परिसर में महिला पत्रकारों के साथ पुलिस कर्मियों ने जो दुर्व्यवहार किया उसकी निंदा की गई। सभी पत्रकार साथियों ने जो एकजुटता का परिचय दिया, उसका आभार व्यक्त किया गया। देर रात एसपी संजीव शुक्ला के साथ वरिष्ठ पत्रकार रूचिर गर्ग और सुनील कुमार के नेतृत्व में जो चर्चा हुई, उससे प्रेस क्लब ने सहमति जताई। एसपी संजीव शुक्ला ने पत्रकारों की मांग पर एक टीई गौरव तिवारी के निलंबन के साथ ही दंडाधिकारी जांच की मांग को स्वीकार किया, इस पर सभी पदाधिकारियों ने संतोष व्यक्त किया।

महिला पत्रकार के शोषण मामले में आरोपी बनाए गए पत्रकार कृष्ण कांत ने तोड़ी अपनी चुप्पी

Krishna Kant : मुझ पर बहुत संगीन आरोप लगाए गए हैं. सोचा था कि हमारा अपना प्रेम संबंध था, इस पर कुछ नहीं कहना. लेकिन मामला अब हाथ से निकल गया है. अब फेसबुक ही सर्वोच्च अदालत है, और हर व्यक्ति मुख्य न्यायाधीश. शर्मिंदगी के साथ इस कीचड़ में उतरने को मजबूर हूं. कहा जा रहा है कि अलग होना बड़ी बात नहीं है, लेकिन धोखा दिया गया. इस ‘धोखे’ में उसका जिक्र कहां है कि हमारे आसपास के लोग पिछले डेढ़ साल से मध्यस्थता कर रहे थे. वे लोग कहां हैं इस पूरी बहस में जो बार बार समझा रहे थे कि तुम दोनों साथ नहीं रह सकते? यह जिक्र कहां हैं कि हमें जब कहा गया कि हम साथ नहीं सकते तो तीन बार आत्महत्या करने कोशिश/धमकी दी गई? यह जिक्र कहां है कि आत्महत्या की धमकी पर दो बार ऐसा हुआ कि दोस्तों को दौड़कर आना पड़ा? यह जिक्र कहां है कि आप आत्महत्या की धमकी देकर दरवाजा बंद करके सीपी घूम रही थीं और हम दोस्तों के साथ तुमको ढूंढ रहे थे?

आधी रात में आधी आबादी सड़क पर निकल कर बोली- मेरी रातें, मेरी सड़कें

महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर जताया गुस्सा, पित्रसत्तात्मकता को बढाने वाले भेदभावपूर्ण समाज व्यवस्था के विरूद्ध नायाब प्रदर्शन, विभिन्न समुदायों की महिलाओं ने किया आधी रात को पैदल मार्च, पीड़िता को दोषी ठहराने की कुत्सित मानसिकता का शहर की महिलाओं ने किया विरोध…

इस देश में स्तनपान कराने के लिए महिलाओं को दो घंटे अलग से छुट्टी दी जाती है

Praveen Jha : नॉर्वे में ‘बेबी-बॉटल’ ढूँढना दुर्लभ कह सकते हैं। डिजाइनदार तो छोड़ ही दें। वहाँ बोतल से दूध पीते बच्चे बस-ट्रेन कहीं नहीं मिलते। हर सार्वजनिक स्थलों, और ऑफीसों में स्तनपान के कमरे हैं। मेरी एक कर्मचारी जब लगभग एक साल की छुट्टी के बाद लौटीं, ‘रोस्टर’ बना, मैनें देखा कि एक घंटे के दो ‘पॉज़’ हैं। मुझे समझ नहीं आया, फिर देखा ‘अम्मो’ लिखा है, मतलब स्तनपान का विराम। दो घंटे प्रतिदिन का विराम है जिसमें वो पास के ‘क्रेच’ में जाकर स्तनपान करा आएंगीं।

महिला पत्रकार की पीड़ा- ”मेरा पति मुझे दूसरे मर्दों के साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर करता है!”

मैं ऋपसी उप्पल एक पत्रकार हूं और जम्मू की रहने वाली हूं…मेरी शादी पुरोला के रहने वाले राजेन्द्र उप्पल से 2009 में हुई थी….शादी के पहले साल इन्होंने देहज के लिए मुझे परेशान किया तो मेरे मम्मी पापा ने इन्हें 5 लाख कैश दिए और फिर इनकी बहन ने मेरे पापा से मेरे गहने औऱ जो घरेलू वस्तुए होती हैं वो ली….

पीएम मोदी के घर पर एसपीजी की महिलाएं रात में ड्यूटी क्यों नहीं करना चाहतीं?

Sanjaya Kumar Singh : प्रधानमंत्री के घर और निजता से संबंधित ये कैसी खबर? इस बार के “शुक्रवार” (24 फरवरी – 02 मार्च 2017) मैग्जीन में एक गंभीर खबर है। पहले पेज पर प्रमुखता से प्रकाशित इस खबर का शीर्षक है, “फिर विवादों में घिरी एसपीजी” लेकिन यह प्रधानमंत्री निवास से संबंधित विवाद खड़ा कर रही है। खबर के मुताबिक एसपीजी की महिला सुरक्षा कर्मियों ने अपने आला अफसरों से गुहार लगाई है कि उन्हें रात की ड्यूटी पर न रखा जाए।

कई मर्दों से संबंध रखने वाली ये महिला भी करवा चौथ व्रत कर रही है!

Balendu Swami : मैं करवा चौथ रखने वाली अपने आस-पास की कुछ महिलाओं को व्यक्तिगत रूप से जानता हूँ: 1) एक महिला, जो 15 साल से विवाहित है और रोज आदमी से लड़ाई होती है, सभी जानते हैं कि इनका वैवाहिक जीवन नरक है। 2) एक और महिला, जिसकी महीने में 20 दिन पति से बोलचाल बंद रहती है और वह उसे छिपाती भी नहीं है तथा अकसर अपनी जिन्दगी का रोना रोती रहती है।

हे पुरुष, तुम अपनी सहूलियत के लिए ये ड्रामा बंद कर दो कि हम बेचारी हैं : डा. रूपा जैन

आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस है। इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर एटा जिले की जानी मानी गाइनेकोलॉजिस्ट, भ्रूण हत्या के विरोध में और महिलाओं-बच्चियों की शिक्षा-स्वास्थ्य के लिए लंबे समय से काम कर रहीं चर्चित डॉक्टर रूपा जैन ने साक्षात्कार में जो कुछ कहा है, उसे उनके शब्दों में यहां रख रहा हूं…

वीमन हेल्पलाइन के बड़े दरोगा नवनीत सिकेरा को पत्रकार कुमार सौवीर ने दिखाया आइना

Kumar Sauvir : 1090 यानी वीमन हेल्प लाइन के बड़े दरोगा हैं नवनीत सिकेरा। अपराध और शोहदागिरी की राजधानी बनते जा रहे लखनऊ में परसो अपना जीवन फांसी के फंदे पर लटका चुकी बलरामपुर की बीडीएस छात्रा की मौत पर सिकेरा ने एक प्रेस-विज्ञप्ति अपनी वाल पर चस्पा किया है। सिकेरा ने निरमा से धुले अपने शब्द उड़ेलते हुए उस हादसे से अपना पल्लू झाड़ने की पूरी कवायद की है। लेकिन ऐसा करते हुए सिकेरा ने भले ही खुद को पाक-साफ़ करार दे दिया हो, लेकिन इस पूरे दर्दनाक हादसे की कालिख को प्रदेश सरकार और पूरे पुलिस विभाग के चेहरे पर पोत दिया है।

ये सायकिल न चला पाने वाली ‘बीमार’ लड़की कैसे पहले स्कूटी, फिर कार वाली बन गई?

Geetali Saikia : बचपन में सायकिल सीखने को लेकर अक्सर भाई से मेरी लड़ाई हो जाती थी. एक तो वो लाल रंग की हरकुलिस उसे बहुत पसंद थी. दूसरी मैं इतनी कमजोर थी कि मुझे चोट लगने के डर से वो मुझे छूने भी नहीं देता था. अकसर बीमार रहती थी मैं. दुबली पतली होने के कारण उससे जीत नहीं पाती थी तो मन मसोसकर या तो घर में आ जाती या फिर बाउंड्रीवाल के किनारे लगे नारियल के पेड़ों में पत्थर मारती थी.

प्रतिमा भार्गव केस में प्रेस काउंसिल ने दैनिक जागरण और आई-नेक्स्ट को दोषी ठहराते हुए लताड़ा, …लेकिन बेशर्मों को शर्म कहां!

आगरा की रहने वाली प्रतिमा भार्गव ने मीडिया के खिलाफ एक बड़ी लड़ाई जीत ली है. लेकिन दुख इस बात का है कि बेशर्म मीडिया वाले इस खबर को कतई नहीं छापेंगे. अगर इनमें थोड़ी भी नैतिकता होती तो प्रेस काउंसिल आफ इंडिया के इस फैसले को न सिर्फ प्रकाशित करते बल्कि खुद के पतने पर चिंता जताते, विमर्श करते. प्रतिमा भार्गव के खिलाफ एक फर्जी खबर दैनिक जागरण आगरा और आई-नेक्स्ट आगरा ने प्रमुखता से प्रकाशित किया. अनाप-शनाप आरोप लगाए.

पांच महिलाओं की लाश की जगह एक महिला से जुड़ी हस्तमैथुन की खबर को तूल दे रहा टाइम्स ऑफ इंडिया!

दो-चार दिनों से बहुत परेशान हूं। वजह है अखबारों की समझ, अदा, शैली और उनकी संवेदनशीलता। लगातार मनन-चिन्‍तन के बाद इस नतीजे पर पहुंचा हूं कि अब बोलना जरूरी है। यह है लखनऊ से प्रकाशित अखबार टाइम्‍स ऑफ इण्डिया। विश्‍वविख्‍यात है, और अंग्रेजी-दां लोगों का पसन्‍दीदा भी। पांच महिलाओं की लाश की जगह एक महिला से जुड़ी हस्तमैथुन की खबर को तूल दे रहा है ये अखबार।

जगेंद्र हत्याकांड : ताकतवर आरोपियों की साजिश-दर-साजिश, अब महिला बनी मोहरा

दुनिया भर में चर्चित शाहजहाँपुर के पत्रकार जगेन्द्र हत्या कांड को ‘हत्या और आत्म हत्या’ के बीच उलझाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रभावशाली नामजद आरोपी, पुलिस और कुछ मीडिया संस्थान शर्मनाक तरीके से दिवंगत पत्रकार का चरित्र हनन तक करने लगे हैं, जबकि बड़ा कारण हत्या, आत्म हत्या और चरित्र नहीं, बल्कि मृत्यु है। बड़ी बात यह नहीं है, जगेन्द्र मरे कैसे? बड़ी बात यह बात है कि जगेन्द्र मरे क्यों?

मिस्टर पुरुष, बदल लो सिंगल रहने वाली लड़की के प्रति सोच

Mamta Yadav : लडकी सिंगल रहती है, जरूर परेशान होगी, मजबूर होगी, पैसों की तंगी होगी। मदद कर देते हैं, कुछ न कुछ तो मिलेगा। इस ‘कुछ न कुछ’ की हद एक लडकी के मामले में कहां तक जा सकती है, इसका अंदाजा लगाना बहुत मुश्किल नहीं है। दिमागों के जाले वक्त से पहले साफ कर लिये जायें तो सरेबाजार बेपर्दा होने का डर कभी नहीं सतायेगा। या तो जो मुखौटा है उसे कायम रखा जाये या असली थोबडे के साथ घूमिये तथाकथित भैया, अंकल, दोस्त। उन लडकियों को थोडी नहीं, बहुत आसानी होगी जो आपकी नजर में कमजोर बेचारी हैं।

महिला पत्रकार के झूठी खबर फैलाने पर बीबीसी ने माफी मांगी

एक महिला पत्रकार अहमन ख्वाजा द्वारा ट्विटर पर महारानी के निधन की गलत सूचना दे देने बीबीसी को माफी मांगनी पड़ी। उसने ट्विटर पर लिखा, ‘महारानी एलिजाबेथ का निधन हो गया.’ पत्रकार ने महारानी के निधन की खबर के प्रसारण की रिहर्सल में हिस्सा लिया था और वह इस खबर को सच मान बैठी थी. 

दुनिया की सबसे प्रभावशाली 100 महिलाओं में शोभना भरतिया 93वें स्थान पर

दुनिया की सौ सबसे शक्तिशाली महिलाओं की सालाना सूची में चार भारतीय महिलाएं भी शामिल हैं। इनमें एचटी मीडिया की चेयरपर्सन शोभना भरतिया, एसबीआई की प्रमुख अरुंधति भट्टाचार्य, आईसीआईसीआई बैंक की प्रमुख चंदा कोचर और बायोकॉन की संस्थापक किरण मजूमदार शॉ हैं। 

‘आप’ के नेता महिला-रक्षक हैं या भक्षक

शादीशुदा महिला को उसके पति ने, विश्वास जी से अवैध सम्बन्ध के कारण बेघर कर दिया है ! पीड़ित महिला अपने नवजात बच्चे के साथ न्याय पाने के लिए दर-2 भटक रही है ! केजरीवाल जी से निवेदन है कि महिला को तत्काल 1 करोड़ रूपये की आर्थिक सहायता दे और घटना की न्यायिक जांच करायें ! यदि पीड़ित महिला सहमत हो तो बच्चे का डीएनए टेस्ट अवश्य कराना चाहिए ! 

इंडियन वुमेन प्रेस कार्प (IWPC) के चुनाव में सभी पदाधिकारी निर्विरोध निर्वाचित

 

इंडियन वुमेन प्रेस कार्प यानि IWPC का वर्ष 2015-16 के लिए चुनाव संपन्न हो गया. टीके राजलक्ष्मी, शोभना जैन और रविंदर बावा सहित सभी पदधिकारी व कार्यकारिणी निर्विरोध निर्वाचित घोषित की गई है. महिला पत्रकारों के इस संगठन की स्थापना का 21वां वर्ष चल रहा है. इस संगठन में करीब 700 से अधिक महिला पत्रकार सदस्य हैं. इस वर्ष के लिये घोषित टीम इस प्रकार है…

गोपनीय दस्तावेज लीक करने पर चीन की महिला पत्रकार को सात साल कैद

गोपनीय पार्टी सर्कुलर को एक विदेशी वेबसाइट पर लीक करने के जुर्म में चीन की एक महिला पत्रकार को सात साल कैद की सजा सुनाई गयी है.

दिल्ली दूरदर्शन में महिला कर्मियों का यौन शोषण, शिकायत के बावजूद आयोग और मंत्री खामोश

दिल्ली : मीडिया में लड़कियों की स्थिति बहुत अच्छी नही है, यह बात किसी से छिपी नही है-तहलका का तरुण-तेजपाल मामला हो, या इंडिया टीवी की एंकर रही तनु शर्मा का मामला। अब तो दूरदर्शन भी महिला कर्मियों के लिए सुरक्षित नहीं रहा। दूरदर्शन में सेवारत कई महिला कर्मियों का यौन उत्पीड़न किया जा चुका है। हाल ही में दूरदर्शन की उत्पीड़ित महिला कर्मियों की लिखित शिकायतों के बावजूद उन पर न तो महिला आयोग गंभीर है, न अन्य कोई वह जांच एजेंसी, जहां वे अपनी शिकायतें कर रही हैं। महिला बाल विकास मंत्रालय का इस मामले पर खामोशी साध लेना तो और भी आश्चर्यजनक है। ये हाल तो तब है, जबकि उन पीड़ित महिलाओं में से एक उसी आरएसएस के दूरदर्शन में प्रसार भारती मजदूर संगठन बीएमस की नेता हैं, जिसकी इस समय केंद्र में सरकार है। एक पीड़ित महिला कर्मी ने न्याय की गुहार लगाते हुए शिकायती पत्र में लिखा है कि क्या बलात्कार हो जाने के बाद ही कोई कार्रवाई होगी? 

किसानों और महिलाओं की चीख को दबाना चाहता है यूपी का शासन-प्रशासन

उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने का नारा देने वाली समाजवादी पार्टी की सरकार में ठीक विपरीत परिणाम आता नजर आ रहा है। अपराध और भ्रष्टाचार के बिन्दुओं पर तुलना की जाये, तो आज उत्तर प्रदेश बिहार से ज्यादा बदनाम नजर आ रहा है। कानून व्यवस्था को लेकर हालात इतने दयनीय हो चले हैं कि आम आदमी को कोई सांत्वना तक देने वाला नजर नहीं आ रहा, लेकिन खास लोगों के अहंकार को ठेस न पहुंचे, इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। 

‘नेक्सजेन वीमन जर्नलिस्ट अवॉर्ड’ से नवाजी गईं पांच महिला पत्रकार

जयपुर : एंटरटेनमेन्ट नेक्सजेन की ओर से प्रारंभ किए गए ग्लोबल इनीशिएटिव ‘‘इंटरनेशनल वीमन जर्नलिस्ट डे’’ के अन्तर्गत रविवार को कानोडिया गर्ल्स कॉलेज में भव्य समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर हुए टॉक शो में स्त्री विमर्श की प्रखर लेखिका मैत्रेयी पुष्पा ने संकीर्ण पुरूष मानसिकता पर कड़े प्रहार करते हुए कहा कि जब तक निर्भया काण्ड पर आधारित ‘इण्डियाज डॉटर’ जैसी डॉक्यूमेन्ट्रीज पर बैन लगता रहेगा, तब तक दीपिका पादुकोण की ‘‘माय च्वाइस’’ जैसी शॉर्ट फिल्में आती रहेंगी। 

कानोडिया गर्ल्स कॉलेज, जयपुर में कथाकार मैत्रेयी पुष्पा एवं अन्य के साथ सम्मानित महिला पत्रकार

उबर के सीईओ ने कहा था- हम एक बूबर कंपनी हैं जिसके साथ महिलाएं सोना चाहती हैं!

: अमेरिकी महिला पत्रकार ने किया बड़ा खुलासा : बात इसी साल अक्टूबर की है जब सारा लेसी फ्रांस के शहर लियोन में थीं और कहीं जाने के लिए टैक्सी का इंतजार कर रही थीं। तभी उनकी निगाह एक ऐसे प्रचार पर पड़ी जिसमें लिखा था कि हॉट फीमेल ड्राइवर्स की सुविधा के लिए इस नंबर पर डायल करें। इस एड को देखते ही लेसी ने तय किया कि वह उस एप को ही डिलीट कर देंगी जो कैब की सुविधा देती है। लेसी को लगा कि वह खुद एक महिला हैं और अगर महिलाओं का इस्तेमाल इस तरह से किया जाएगा तो उनके साथ रेप जैसी घटनाओं को होने से कैसे रोका जा सकता है।

बटंग में महिलाओं का मोर्चा, गांव में शराबियों की खैर नहीं

बटंग से लौट कर अमरेन्द्र कुमार आर्य की रिपोर्ट

भिलाई। जागो युवा, जागो नारी, खत्म करो शराब की बीमारी… नारी शक्ति जाग गई… गांव की रक्षा कौन करेगा, हम करेंगे, हम करेंगे। बटंग गांव मेंरोज रात १० बजे यही सीन देखा जा सकता है। इस गांव में जब पुरुष सोने की तैयारी कर रही होती हैं, तब गांव की महिलाएं हाथों में लाठी लेकर शराबियों और शराब की अवैध बिक्री करने वालों के खिलाफ मोर्चेबंदी की तैयारी करती हैं। हर रात महिलाएं बेखौफ होकर गांव में घूम घूम कर शराब माफिया को चुनौती दे रही हैं।