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इंटरव्यू

Video नया साल, शराब, संन्यास और भड़ासानंद

चालीस पार की उम्र के बाद मिडिल एज क्राइसिस शुरू होती है. खासकर वे लोग इस उम्र में काफी वैचारिक उथल पुथल के शिकार होते हैं जो आजाद खयालों वाले होते हैं, जिन्होंने गुलामों वाला जीवन जीना कुबूल नहीं किया, जिनके अंदर मौलिक चिंतन की लौ जलती रहती है, जो लगातार खुद को अनुभवों से अपग्रेड करते रहते हैं… एक वक्त ऐसा आता है जीवन में जब आप कह पड़ते हैं- गुरु, कहीं कुछ नहीं रखा है… बंद करो आंख, सब सुख अंदर है….

भड़ास एडिटर यशवंत से दिवाकर प्रताप ने साक्षात्कार सिरीज में चौथा और आखिरी पार्ट का इंटरव्यू कुछ इन्हीं निजी जीवन के सवालों पर केंद्रित किया. नए साल में क्या कुछ करना है, जीवन को कैसे जीना है… क्या पढ़ते देखते हैं आजकल… इन सवालों का विस्तार से और बेबाक जवाब दिया भड़ास एडिटर यशवंत ने….

सुनें भड़ास एडिटर यशवंत सिंह से दिवाकर प्रताप की बातचीत का चौथा और आखिरी पार्ट-

नया साल, शराब, संन्यास और भड़ासानंद

देखें Video

इसके पहले के पार्ट देखें-

डिजिटल मीडिया को मोदी क्या, कोई भी रेगुलेट नहीं कर सकता : यशवंत सिंह (इंटरव्यू-पार्ट एक)

Video ऋषियों की तरह दाढ़ी रखे मोदीजी कहीं राक्षसों की तरह अहंकारी तो नहीं हो गए?

Video ट्रंप को मीडिया वाले झुट्ठा कह सकते हैं तो मोदी को क्यों नहीं?

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भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

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