अजित अंजुम-
तुम FIR करो.
हम रिपोर्टिंग करेंगे .
बेगूसराय से अभी जानकारी मिली है कि मेरे खिलाफ दो – तीन और FIR दर्ज कराने की तैयारी हो रही है .
मुझे सूचना मिली है कि DSP की तरफ से कुछ लोगों पर दबाव बनाकर मेरे खिलाफ बयान लिया गया है .
मेरे खिलाफ केस मजबूत करने के लिए गवाह और सबूत तैयार किए जा रहे हैं .
कर लें जो करना है . मैं कल फिर बेगूसराय में ही रहूंगा .
वैसे थोड़ी देर में मेरे यूट्यूब चैनल पर बहुत बड़ा खुलासा होने जा रहा है . आप सब लोग इंतजार कीजिए . मुमकिन है कि इस खुलासे के बाद पटना के जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी की तरफ से FIR दर्ज करवा दी जाए .
लोकतंत्र की बुनियाद मतदाता होते हैं लेकिन उनके नाम पर बहुत बड़ा फर्जीवाड़ा हो रहा है . मैंने मोबाइल कैमरे में सब कुछ कैद किया है .
सारा सबूत ऑन रिकॉर्ड है .
मेरे खिलाफ FIR की खबर के बाद लगातार मित्रों और शुभचिंतकों के फोन आ रहे हैं . हर मिनट घंटी बज रही है . बहुत से लोग अपनी चिंताएं और आशंकाएं भी जता रहे हैं . पहले तो उन तमाम लोगों का दिल से आभार . इतने लोग साथ खड़े हैं , ये मेरे जीवन की उपलब्धि और हासिल है .
अब बात कि मैं क्या करूंगा ?
मैं दस दिन पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार कल दिल्ली लौटने वाला था लेकिन अब कुछ दिन और बिहार में ही
रहूंगा . मेरे कैमरामैन को लौटना जरूरी था तो कल रात उन्हें दिल्ली भेजकर मैंने दूसरा कैमरामैन बुला लिया है . इसी लिए मुझे पटना आना पड़ा .अब कुछ दिन बिहार में रुककर सरकार, पुलिस , प्रशासन और चुनाव आयोग की किसी भी तरह की कार्रवाई का सामना करूंगा . बिहार के जिले- जिले में ‘ SIR’ के नाम पर हो रही गड़बड़ियों को उजागर करता रहूंगा. एक पत्रकार के तौर पर बिना डरे अपना काम करता रहूंगा . ये लाखों मतदाताओं के मताधिकार का सवाल है . लोकतंत्र में मतदाता ही सबसे अहम होता है. अगर उनके हितों के साथ के साथ खिलवाड़ हो रहा है या चुनाव आयोग की कागज़ी गाइडलाइन की धज्जियां उड़ाई जा रही है तो हमारा क्या फर्ज बनता है ?
रिपोर्ट करें या डरकर चले जाएं ?
हम यहीं हैं . डरने वाले नहीं हैं .
आप सभी का शुक्रिया
स्नेह बनाए रखें .
आप सभी दोस्तों और शुभचिंतकों का बहुत शुक्रिया . आपके दम पर ही मैं बिहार में टिका हूं और अपना ‘SIR’ में फर्जीवाड़े की रिपोर्टिंग डंके की चोट पर कर रहा हूं . व्यक्तिगत तौर पर सबका शुक्रिया नहीं अदा कर पा रहा हूं या बहुतों के संदेशों का जवाब नहीं दे पा रहा हूं . इसके लिए माफी . लगातार लंबा सफ़र , स्टोरी तलाशना . शूट करना . एडिट करना . सड़क के किनारे कहीं नेटवर्क खोजकर अपलोड करना . सुबह से कब रात हो जाती है , पता ही नहीं चलता है . कई बार लंच या ब्रेकफास्ट स्किप करना पड़ता है . इस चक्कर में बहुत से लोगों के फ़ोन नहीं उठा पाता या जवाब नहीं पाता तो माफ करेंगे . कोशिश करता हूं कि कॉल बैक करुं . कई बार वक्त इसकी भी इजाज़त नहीं देता . हजारों लोग सोशल मीडिया पर मेरे समर्थन में लिख रहे हैं . उन सबका आभार . मेरे ख़िलाफ़ FIR को लेकर अलग- अलग इलाकों से विरोध की आवाजें आ रही हैं . उनका भी शुक्रिया . मैंने जीवन में यही कमाया है कि आप सब मेरे साथ खड़े हैं .
सौजन्य : एफबी



