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सुख-दुख

वरिष्ठ पत्रकार और एंकर अमित तिवारी का नोएडा में निधन!

Man with glasses in a blue striped shirt and dark vest, arms crossed, standing in front of a red and white 'Talk' banner.

प्रवीण तिवारी-

अलविदा मेरे भाई, अमित तिवारी… उम्र में मुझसे थोड़ा बड़ा, लेकिन रिश्ते में हमेशा छोटे भाई जैसा साथ देने वाला अमित तिवारी आज हमारे बीच नहीं है। लगभग 22 वर्षों का साथ रहा।

मुझे आज भी याद है, जब आशु दादा ने कहा था, “प्रवीण, अमित तुम्हारा छोटा भाई है, इसके लिए कुछ करना है। गुरुदेव भगवान का आदेश है।” उस समय अमित फ़िल्मी दुनिया में काम कर रहा था और एक प्रतिभाशाली अभिनेता था। लेकिन गुरुदेव की दृष्टि कुछ और देख रही थी। उनका मानना था कि अमित मीडिया के क्षेत्र में अधिक अच्छा कर सकता है। तभी मुझे पहली बार एहसास हुआ कि गुरुदेव केवल मार्गदर्शन नहीं करते, वे व्यक्ति की संभावनाओं को भी पहचानते हैं।

आदरणीय रविंद्र शाह जी के माध्यम से सबसे पहले उसे एस-1 में अवसर मिला। फिर अमित ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उसने आज तक, साधना, वीके न्यूज़ सहित अनेक प्रतिष्ठित संस्थानों में काम किया। लंबे समय तक सुनील राउत जी के साथ भी उसका सफर रहा। हाल के वर्षों में सत्संग विथ AS के माध्यम से उसके पॉडकास्ट अत्यंत लोकप्रिय होने लगे थे। सफलता उसके कदम चूमना शुरू ही कर रही थी।

हम हमेशा संपर्क में रहे। उसकी शादी, उसके बच्चे, उसके परिवार की हर छोटी-बड़ी बात मुझे पता रहती थी। मैं भी उसके जीवन के अनेक महत्वपूर्ण अवसरों का हिस्सा बन पाया। फिर भी आज लगता है कि हम उतना नहीं मिल पाए, जितना दो भाइयों को मिलना चाहिए था।

हाल के दिनों में पॉडकास्ट के दौरान कई बार मुलाकात हुई। मेरी फ़िल्म गोदान के समय अमित की इच्छा थी कि हम साथ बैठकर एक पॉडकास्ट करें। वह पॉडकास्ट हुआ भी और बहुत अच्छा रहा। उसमें मन की बातें हुईं, पुरानी यादें ताज़ा हुईं और जीवन के कई अनकहे प्रसंग सामने आए।

Two men in a podcast studio sit in armchairs across from each other, microphones in front, chatting at a round wooden table with mugs and a small plant in the middle.

अभी तो उसने सपने बुनने शुरू किए थे। अभी तो वह अपने जीवन की स्पष्ट दिशा पहचान पाया था। अभी तो उसे लगने लगा था कि उसे कहाँ पहुँचना है। लेकिन नियति को शायद कुछ और ही मंजूर था। एक ऐसी घातक बीमारी, जिसका न उसे आभास था, न उसके अपनों को, अचानक आई और उसे हमसे छीनकर ले गई।

मैं टूटा हुआ हूँ। इतना दुखी हूँ कि अपनी संवेदनाओं को पूरी तरह व्यक्त भी नहीं कर पा रहा। किसी के जाने के बाद शब्द अक्सर छोटे पड़ जाते हैं। हम अच्छी-अच्छी बातें तो कह देते हैं, लेकिन शायद तब समझ आता है कि किसी अपने का जाना वास्तव में कितना बड़ा शून्य छोड़ जाता है।

आज मैं उसके बच्चों में अपने बच्चों को देख रहा हूँ। उसके परिवार में अपना परिवार देख रहा हूँ। माता-पिता को खोने के बाद अमित ही अपने परिवार का सहारा था। दोस्त बनाना उसे आता था, भाई बनकर निभाना उसे आता था। उसकी मुस्कान, उसकी सहजता और उसका अपनापन हमेशा याद रहेगा।

अमित, तुम्हारे साथ अनगिनत यादें जुड़ी हैं। ऐसी बातें जुड़ी हैं जो शायद तुमने किसी और से नहीं कही होंगी और मैंने भी शायद किसी और से नहीं कही होंगी। उन यादों को कोई समय नहीं मिटा सकेगा।

तुम्हारा धन्यवाद, मेरे भाई। तुमने जाते-जाते जीवन की नश्वरता का वह पाठ पढ़ा दिया, जिसे शायद कोई पुस्तक नहीं पढ़ा सकती। आज तुम नहीं गए हो, ऐसा लगता है जैसे मेरा ही एक हिस्सा चला गया है।

अलविदा मेरे भाई। मैं तुम्हें बहुत याद करूंगा। ॐ शांति


तिवारी जी नहीं रहें. जाने माने पत्रकार और एंकर अमित तिवारी का कल नोएडा में निधन हो गया. शम्स ताहिर खान ने बुरी खबर बताने के लिए कल रात फ़ोन किया तो यकीन ही नहीं हुआ. तिवारी जी के साथ MP Tak में काम किया. इससे पहले वो आज तक और दिल्ली आज तक में काम कर चुके थे. वो वाणी के धनी थे, शब्दों पर पकड़ थी. मध्य प्रदेश से होने के कारण अलग ही नाता था, वो दिल्ली वर्षों पहले आ गए थे लेकिन दिल उनका सागर में बसता था. विनम्र श्रद्धांजलि. बहुत जल्दी चले गए तिवारी जी।

-मिलिंद खांडेकर, वरिष्ठ पत्रकार

Man sitting on a tan sofa in a restaurant, holding a wine glass and looking at the camera.
Facebook profile header for Amit Tiwari showing profile photo, name, and quick stats (1.3K friends, 99 mutual, 333 posts) with location Delhi and employer Aaj Tak; tabs for Friends and Message visible; personal details include Delhi, Sagar (Madhya Pradesh), 30 December, Married.

वरिष्ठ पत्रकार अमित तिवारी जी का अंतिम संस्कार शनिवार शाम लगभग 4 बजे सेक्टर-94 नोएडा स्थित अंतिम निवास पर किया जाएगा। परिजनों, मित्रों एवं शुभचिंतकों से विनम्र निवेदन है कि अंतिम यात्रा में शामिल होकर श्रद्धांजलि अर्पित करें। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें। ॐ शांति।

-तनसीम हैदर

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