ऑस्ट्रेलिया की एक अदालत ने भारतीय मूल के बालेश धनखड़ को पांच कोरियाई महिलाओं के साथ बलात्कार और यौन हिंसा के मामलों में 40 साल की जेल की सजा सुनाई है। अदालत ने आदेश दिया है कि वह कम से कम 30 साल तक पैरोल के लिए पात्र नहीं होंगे।
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, 43 वर्षीय धनखड़ को सिडनी स्थित डाउनिंग सेंटर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने शुक्रवार को सजा सुनाई। अदालत ने कहा कि आरोपी ने बेहद सुनियोजित, हिंसक और चालाक तरीके से इन अपराधों को अंजाम दिया।
जांच में सामने आया कि धनखड़ फर्जी नौकरी विज्ञापन देकर महिलाओं को अपने घर या आसपास बुलाता था। वहां वह उन्हें कथित तौर पर नशीली दवा देता और फिर उनका यौन शोषण करता था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी अपने अपराधों का वीडियो भी रिकॉर्ड करता था।
अदालत ने कहा कि आरोपी ने 21 से 27 वर्ष की उम्र की महिलाओं को निशाना बनाया, जो घटना के समय या तो बेहोश थीं या विरोध करने की स्थिति में नहीं थीं। जज मिखाइल किंग ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यह “कमजोर महिलाओं के खिलाफ लंबे समय तक योजनाबद्ध तरीके से किया गया हमला” था।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, धनखड़ ने अपने कंप्यूटर में एक एक्सेल शीट भी बनाई थी, जिसमें नौकरी के लिए आवेदन करने वाली महिलाओं को “सुंदरता” और “स्मार्टनेस” के आधार पर रेट किया जाता था। उसमें महिलाओं की निजी जानकारियां, बातचीत और उनकी कथित कमजोरियों का भी रिकॉर्ड रखा गया था।
रिपोर्ट्स के अनुसार, धनखड़ 2006 में छात्र के रूप में ऑस्ट्रेलिया पहुंचे थे। बाद में वह भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय में सक्रिय हो गए और बीजेपी समर्थक एक संगठन के संस्थापक के रूप में पहचान बनाने लगे। वह Hindu Council of Australia के प्रवक्ता भी रह चुके थे।
बालेश धनखड़ कई बड़ी कंपनियों के साथ भी काम कर चुके हैं। उन्होंने एबीसी में डेटा विजुअलाइजेशन कंसल्टेंट के तौर पर काम किया था। इसके अलावा वे ब्रिटिश अमेरिकन टोबैको, टोयोटा और अन्य कंपनियों से भी जुड़े रहे।
पुलिस ने 2018 में सिडनी के सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट स्थित उनके घर पर छापा मारकर उन्हें गिरफ्तार किया था। छापे के दौरान पुलिस को कथित “डेट रेप ड्रग्स” और रेडियो जैसी दिखने वाली एक घड़ी में छिपा वीडियो रिकॉर्डर भी मिला था।
साल 2023 में ज्यूरी ने धनखड़ को 39 मामलों में दोषी ठहराया था, जिनमें 13 यौन हिंसा से जुड़े अपराध शामिल थे। हालांकि धनखड़ लगातार आरोपों से इनकार करते रहे। उनका कहना था कि उन्होंने महिलाओं को नशीली दवा नहीं दी और सभी संबंध सहमति से बने थे।
इस मामले को लेकर भारत में भी राजनीतिक प्रतिक्रिया देखने को मिली। Congress Party ने सोशल मीडिया पर वीडियो और तस्वीरें साझा कर बीजेपी पर निशाना साधा। कांग्रेस ने दावा किया कि धनखड़ बीजेपी समर्थक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं। हालांकि बीजेपी की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
ओवरसीज फ्रेंड ऑफ़ बीजेपी का संस्कारी नेता बलेश धनखड़ को बलात्कार के मामले में ऑस्ट्रेलिया की कोर्ट ने 40 साल की कठोर जेल सज़ा सुनाई।
बलेश धनखड़ ने पाँच कोरियाई महिलाओं के साथ बलात्कार के मामले में सजा सुनाई गई है।
बलेश धनखड़ ने महिलाओं को अपने जाल में फँसाने के लिए नकली नौकरी विज्ञापन पोस्ट करता था। इसके बाद वह उन्हें अपने घर या उसके आसपास नशीला पदार्थ देकर बेहोश करता था।
यह विवाहित व्यक्ति महिलाओं के साथ छेड़छाड़ और बलात्कार करता था, और इन अपराधों की वीडियो रिकॉर्डिंग भी करता था। -संतोष यादव



