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भड़ास की पहल पर दायर याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में स्वीकार, 27 मार्च को होगी सुनवाई

उन सभी मीडियाकर्मियों के लिए खुशखबरी है जिन्होंने भड़ास की पहल पर मजीठिया वेज बोर्ड का अपना हक हासिल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दायर करने की हिम्मत जुटाई. खुलेआम और गोपनीय, इन दो तरीकों से याचिका दायर करने के लिए सैकड़ों लोग भड़ास के पास आए. भड़ास ने जाने-माने वकील उमेश शर्मा के जरिए याचिकाएं तैयार करा के सुप्रीम कोर्ट में दायर कराई. दोनों याचिकाएं रजिस्ट्री से लेकर लिस्टिंग तक में महीने भर तक दौड़ती रहीं.

उन सभी मीडियाकर्मियों के लिए खुशखबरी है जिन्होंने भड़ास की पहल पर मजीठिया वेज बोर्ड का अपना हक हासिल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दायर करने की हिम्मत जुटाई. खुलेआम और गोपनीय, इन दो तरीकों से याचिका दायर करने के लिए सैकड़ों लोग भड़ास के पास आए. भड़ास ने जाने-माने वकील उमेश शर्मा के जरिए याचिकाएं तैयार करा के सुप्रीम कोर्ट में दायर कराई. दोनों याचिकाएं रजिस्ट्री से लेकर लिस्टिंग तक में महीने भर तक दौड़ती रहीं.

अब जाकर इन्हें सुनवाई के लिए चुन लिया गया है. मजीठिया वेज बोर्ड को लेकर दायर सभी नई याचिकाओं, जिनमें भड़ास की तरफ से दायर याचिकाएं भी शामिल हैं, को एक जगह करके सुप्रीम कोर्ट में इनकी सुनवाई के लिए 27 मार्च तारीख तय किया जा चुका है. भड़ास की तरफ से दायर दोनों याचिकाओं का नंबर है CPC 128 और CPC 129.  एडवोकेट उमेश शर्मा ने भड़ास4मीडिया को जानकारी दी कि मीडियाकर्मियों की मजीठिया वेज बोर्ड को लेकर दायर याचिकाएं सुनवाई के लिए स्वीकार हो जाने से इन्हें न्याय मिलने का रास्ता खुल चुका है. बस, सभी मीडियाकर्मी ठान लें कि वे प्रबंधन के दबाव में नहीं आएंगे और किसी तरह का कोई समझौता नहीं करेंगे.

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जो अब तक सुप्रीम कोर्ट नहीं गए, उनके लिए अब भी है रास्ता…

मजीठिया वेज बोर्ड से संबंधित अपने हक के लिए अगर आपने अभी तक सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा नहीं खटखटाया तो निराश न होइए. आखिरी मौका अब भी है. भड़ास की पहल पर सुप्रीम कोर्ट में मजीठिया से संबंधित याचिका दायर करने वाले वरिष्ठ वकील उमेश शर्मा का कहना है- ”नए लोग अगर अगले कुछ हफ्तों में सुप्रीम कोर्ट में अपने हक के लिए लड़ाई लड़ने के वास्ते आना चाहें तो उनका स्वागत है. उनका नाम भी सुनवाई की लिस्ट में जुड़वा दिया जाएगा.”

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इसके लिए करना आपको सिर्फ इतना है कि सात हजार रुपये प्रति व्यक्ति फीस एडवोकेट उमेश शर्मा के एकाउंट में जमा कराना होगा और अपने कागजात के साथ उनसे डेट टाइम फिक्स करके संपर्क करना होगा. जो लोग गोपनीय रूप से लड़ना चाहते हैं उन्हें दिल्ली आने की जरूरत नहीं. उन्हें एडवोकेट उमेश शर्मा के एकाउंट में सात हजार रुपये जमा कराने के बाद अथारिटी लेटर भर कर मेल और डाक से भेजना होगा. अथारिटी लेटर की कॉपी पाने के लिए आप एडवोकेट उमेश शर्मा को उनकी मेल आईडी [email protected] पर मेल करिए. इस पूरे मामले पर ज्यादा जानकारी के लिए एडवोकेट उमेश शर्मा से उनके आफिस के फोन नंबर 011-2335 5388 या उनके निजी मोबाइल नंबर 09868235388 या उनकी निजी मेल आईडी [email protected] के जरिए संपर्क कर सकते हैं. 

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0 Comments

  1. सहारा करमी

    March 19, 2015 at 3:12 pm

    यशवन्त भाई इसके लिए आप और श्री उमेश शरमा जी बधाई के पात्र है

  2. सहारा करमी

    March 19, 2015 at 6:29 pm

    ऐसा लगता है कि मजीठिया को लेकर सहारा के लोग उत्सााहित नही है।उनके मालिक जेल मे है इसलिए वे धरमसंकट मे है अपने हक के लिए लडंना गद्दारी नही है2

  3. रोहित

    March 21, 2015 at 8:43 am

    अच्छी बात। इसमें किस किस अखबार का नाम है ये भी बताना चाहिए। हिन्दुस्तान इसमें शामिल है कि नहीँ?

  4. binay

    March 21, 2015 at 2:32 pm

    dar k aage hi jeet hai. life mai risk to lena hi padega.

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