Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

बिहार

बीजेपी जीत के असली चाणक्य अमित शाह नहीं बल्कि ये व्यक्ति है!

नवनीत मिश्रा-

प्रधान का परिश्रम: काम खामोशी के साथ करते हैं, नतीजे खुद शोर मचाते हैं…

तस्वीर पुरानी है। एक ही फ्रेम में बीजेपी के सीनियर और जूनियर चाणक्य हैं। जूनियर चाणक्य यानी धर्मेंद्र प्रधान। भाजपा के बिहार चुनाव प्रभारी रहकर छाप छोड़ने में सफल रहे। इन्हें बिहार बीजेपी जीत का असली चाणक्य कहा जा सकता है।

ओडिशा से आने वाले प्रधान का बिहार से उनका पुराना रिश्ता रहा है। 2010 में उनके प्रभारी रहते भाजपा-जदयू ने रेकॉर्ड 206 सीटें जीतीं थीं। इसका उन्हें ईनाम भी मिला। पार्टी ने 2012 में बिहार से ही राज्यसभा भेजा। यही से उनकी जड़ें इस राज्य की राजनीति और संगठन में मजबूत होती चली गईं। बिहार में जहां पार्टी कमजोर रही, वहां संगठन को खड़ा किया, पार्टी की पकड़ मज़बूत होती गई।

ओबीसी की उसी कुर्मी जाति से धर्मेंद्र प्रधान आते हैं, जिससे नीतीश कुमार हैं। नीतीश से अच्छी पटती है। प्रधान की सामाजिक पृष्ठभूमि ने भाजपा-जदयू के तालमेल को और मजबूत बनाया। इस बार भाजपा ने इसी पुराने तालमेल को देखते हुए प्रधान को चुनाव प्रभारी बनाकर भेजा। यही वजह रही कि जदयू से बहुत जल्द बिना किसी खटपट के सीटों का बंटवारा हुआ और टिकट भी समय से पहले जारी हो गए। उनकी सामाजिक जुड़ाव और संगठनात्मक समझ ने एनडीए की जातीय-सामाजिक पहुंच को और व्यापक किया, जिसका सीधा लाभ चुनावी मैदान और नतीजों में दिखा।

भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके धर्मेंद्र प्रधान का चुनावी ट्रैक रिकॉर्ड शानदार है। 2024 में बतौर प्रभारी हरियाणा या फिर 2022 में यूपी और 2017 की उत्तराखंड की जीत। गृह राज्य ओडिशा की जीत के भी शिल्पकार रहे। 2021 के बंगाल चुनाव में उस नंदीग्राम सीट पर प्रधान ही भाजपा के इंचार्ज थे, जहां से मुख्यमंत्री रहते ममता बनर्जी चुनाव हार गईं।

वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री होने के बाद भी प्रधान, लो प्रोफाइल रहते हैं। खामोशी के साथ कार्य करते हैं, लेकिन नतीजे शोर मचाते हैं। चुनाव के टाइम बहुत कम मीडिया से बात करते हैं। भाजपा के ऐसे नेता हैं, जो सबसे कम मीडिया इंटरव्यू देते हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा स्थानीय नेताओं से सीधे संवाद, बूथ-स्तर की संरचना को मजबूत करना और हर सीट के माइक्रो-मैनेजमेंट की रहती है। यकीनन साल भर के अंदर हरियाणा और बिहार की जीत पार्टी की झोली में डालकर उन्होंने बड़ी लकीर खींची है। नतीजों से प्रधान का क़द पार्टी में बढ़ा है।

Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन