मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के अमरवाड़ा थाना क्षेत्र में पुलिस ने खुद को पत्रकार बताने वाले तीन लोगों के खिलाफ ब्लैकमेलिंग और अवैध वसूली के आरोप में कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों पर आरटीआई और सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का सहारा लेकर सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों को धमकाने तथा उनसे पैसे वसूलने का आरोप है।
पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि एक आरोपी फरार बताया जा रहा है। उसके खिलाफ इनाम घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
क्या है केस?
चौकी सिंगोडी और थाना अमरवाड़ा क्षेत्र में लंबे समय से जनप्रतिनिधियों और सरकारी कर्मचारियों की ओर से शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ लोग खुद को पत्रकार बताकर अधिकारियों और कर्मचारियों को परेशान कर रहे हैं। आरोप है कि ये लोग सीएम हेल्पलाइन और आरटीआई के माध्यम से शिकायतें दर्ज कराते थे और फिर उन्हें बंद कराने या नकारात्मक खबरें न चलाने के नाम पर धन उगाही करते थे।
पुलिस के अनुसार, आरोपी हिमांशु गोहिया, नीलेश प्रजापति और मनोज चंद्रवंशी विभिन्न नामों से संचालित व्हाट्सएप न्यूज प्लेटफॉर्म पर खबरें प्रसारित करते थे। जांच में यह भी आरोप सामने आया कि वे लोगों को फर्जी मुकदमों और बदनाम करने की धमकी देकर पैसे मांगते थे।
इस तरह खुला मामला
मामले की शुरुआत 19 मई 2026 को हुई शिकायत से हुई। रजोला गांव निवासी अंकित साहू ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत देकर आरोप लगाया कि तीनों आरोपियों ने उनके और उनकी पत्नी, जो ग्राम सरपंच हैं, के खिलाफ भ्रामक खबरें चलाने की धमकी दी।
शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपियों ने पहले 70 हजार रुपये की मांग की और बाद में दबाव बनाकर उनसे बड़ी रकम वसूल की। पुलिस जांच में यह भी दावा किया गया कि विभिन्न अधिकारियों और कर्मचारियों से धमकाकर कुल लगभग 1.70 लाख रुपये प्राप्त किए गए।
दो गिरफ्तार, एक की तलाश
जांच के दौरान पुलिस को कथित तौर पर क्यूआर कोड और बैंक खातों के माध्यम से पैसों के लेन-देन के साक्ष्य मिले। इसके बाद 30 मई 2026 को हिमांशु गोहिया और नीलेश प्रजापति को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
तीसरे आरोपी मनोज चंद्रवंशी की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी हिमांशु गोहिया के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं नीलेश प्रजापति के खिलाफ भी गंभीर धाराओं में पूर्व में मुकदमे दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस का दावा
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच उपलब्ध साक्ष्यों और शिकायतों के आधार पर की गई है। यदि जांच में और तथ्य सामने आते हैं तो आरोपियों के खिलाफ अतिरिक्त कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
हालांकि, आरोपियों या उनके परिजनों की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले की आगे की जांच जारी है।



