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उत्तर प्रदेश

वरिष्ठ पत्रकार / व्यंग्यकार डॉ. गर्गवंशी किए गए सम्मानित

अम्बेडकरनगर जिले के वरिष्ठ पत्रकार और व्यंग्यकार डॉ. भूपेन्द्र सिंह गर्गवंशी को श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली और महाकाल की नगरी के नाम से विश्व में पहचाने जाने वाले उज्जैन नगर (म.प्र.) में सच्चा दोस्त मीडिया ग्रुप नामक संस्था द्वारा बीते 4 दिसम्बर 2016 को लाइफ टाइम अचीवमेन्ट अवार्ड से सम्मानित किया गया। सम्मान से अभिभूत डॉ. भूपेन्द्र सिंह गर्गवंशी ने ‘जज्बात ए कलम’ सम्मान कार्यक्रम के आयोजकों व सच्चा दोस्त के सम्पादक एवं आल मीडिया जर्नलिस्ट सोशल वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनायक ए जैन लुनिया का आभार व्यक्त किया है।

अम्बेडकरनगर जिले के वरिष्ठ पत्रकार और व्यंग्यकार डॉ. भूपेन्द्र सिंह गर्गवंशी को श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली और महाकाल की नगरी के नाम से विश्व में पहचाने जाने वाले उज्जैन नगर (म.प्र.) में सच्चा दोस्त मीडिया ग्रुप नामक संस्था द्वारा बीते 4 दिसम्बर 2016 को लाइफ टाइम अचीवमेन्ट अवार्ड से सम्मानित किया गया। सम्मान से अभिभूत डॉ. भूपेन्द्र सिंह गर्गवंशी ने ‘जज्बात ए कलम’ सम्मान कार्यक्रम के आयोजकों व सच्चा दोस्त के सम्पादक एवं आल मीडिया जर्नलिस्ट सोशल वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनायक ए जैन लुनिया का आभार व्यक्त किया है।

डॉ. गर्गवंशी के अनुसार पत्रकारिता क्षेत्र में उनके दीर्घकालिक सेवा हेतु किसी प्रतिष्ठित संस्था द्वारा उन्हें प्रथम बार अवार्ड देकर सम्मानित किया गया है। उल्लेखनीय है कि गर्गवंशी अपने जीवन के 65वें बसन्त को देखने के लिए आतुर अब भी एकान्तवासी बनकर सक्रिय रूप से लेखन कार्य कर रहे हैं। बीते चार दशक से ऊपर की अवधि से पत्रकारिता व व्यंग्य लेखन करने वाले गर्गवंशी देश के विभिन्न प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में अपनी सेवाएं देने के बाद अब रेनबोन्यूज नामक वेब पोर्टल के वरिष्ठतम सदस्य के रूप में लेखन कार्य कर रहे हैं। इनका जन्म जिले के सुदूर ग्रामीणांचल अकबरपुर तहसील, थाना बेवाना क्षेत्र अन्तर्गत स्थित ग्राम अहलादे में एक मध्यम कृषक परिवार में 26 जून 1952 को हुआ था।

प्रारम्भिक शिक्षा गाँव के प्राथमिक पाठशाला में ग्रहण करने के उपरान्त उन्होंने उच्च शिक्षा लखनऊ विश्व विद्यालय से प्राप्त की। जाति से क्षत्रिय होते हुए भी इन्होंने संवाद लेखन में तटस्थता बनाए रखी और कभी भी किसी भी जाति, धर्म, सम्प्रदाय के साथ भेदभाव नहीं किया। इस समय उम्र के 65वें पड़ाव पर वह एक 5 सदस्यीय बालबाड़ी के संरक्षक हैं, और उसी में रहकर अपना जीवन धन्य कर रहे हैं। इस बालबाड़ी में उनके बेटा-बेटी, नाती-पोते शामिल हैं। डॉ. गर्गवंशी ने बताया कि उन्होंने चाटुकारिता से दूर रहकर पत्रकारिता किया है। शायद यही कारण रहा कि किसी संस्था / संगठन ने उन्हें अब तक अनदेखा किया हुआ था।

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