हिंदी दैनिक प्रभात खबर के मुख्य संपादक आशुतोष चतुर्वेदी व तीन अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किये जाने की जानकारी सामने आयी है. झारखंड की राजधानी रांची में दर्ज FIR में जलसाजी, मान हानिकारक सामग्री प्रकाशित करने व अन्य आरोप लगाए गए हैं.
बता दें कि यह मुकदमा अख़बार के मुख्य संपादक आशुतोष चतुर्वेदी को जेल में बंद शराब माफिया द्वारा अख़बार की रिपोर्टिंग को लेकर दी गई धमकी प्रकरण के बाद सामने आया है.
बीते साल 29 दिसंबर 2023 को प्रभात खबर के स्थानीय संपादक विजयकांत पाठक ने मुख्यमंत्री सोरेन को पत्र लिखा था कि, ‘चतुर्वेदी को बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में बंद मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी योगेंद्र तिवारी नामक व्यक्ति ने फोन किया था और हाल की कुछ रिपोर्टों में उनका नाम शामिल किए जाने को लेकर धमकी दी थी.’
इनपुट है कि 3 जनवरी को योगेंद्र तिवारी के कहने पर मुख्य संपादक आशुतोष चतुर्वेदी और तीन अन्य के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी, जिसने शिकायत की थी कि प्रभात खबर ने ‘झूठी खबर’ छापी थी. FIR में झारखंड भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी के सलाहकार सुनील तिवारी का नाम भी आरोपी के तौर पर शामिल है.
FIR में योगेंद्र तिवारी के हवाले से कहा गया है, ‘मैं 3 नवंबर 2023 से जेल में हूं और मेरे खिलाफ आरोप-पत्र दायर किया गया है. प्रभात खबर में मेरे बारे में एक झूठी खबर प्रकाशित की गई थी कि आरोप-पत्र में मेरी दो शादियों और दो पत्नियों का जिक्र है, जो बिल्कुल गलत है. खबर पढ़ने के बाद मैं बहुत दुखी और आहत हुआ और खूब रोया. मेरे साथी कैदियों ने मुझे हिम्मत दी.’
मामले को लेकर एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने शुक्रवार 5 जनवरी को प्रभात खबर के संपादकों के खिलाफ FIR दर्ज होने पर चिंता जाहीर की है.
गिल्ड की तरफ से कहा कि, ‘झारखंड पुलिस ने योगेंद्र तिवारी की शिकायत के जवाब में आशुतोष चतुर्वेदी, विजयकांत पाठक और अखबार के प्रबंध निदेशक राजीव झावर के खिलाफ IPC की धारा 469/501 व 502 के तहत मुकदमा दर्ज किया है.’
गिल्ड ने कहा, ‘गिल्ड पत्रकारों को डराने और परेशान करने के प्रयास में उनके खिलाफ आपराधिक मानहानि कानूनों के दुरुपयोग पर भी गहरी चिंता व्यक्त करता है.’
इससे पहले गिल्ड ने झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन के साथ-साथ राज्य के शीर्ष अधिकारियों को पत्र लिखकर शराब माफिया के खिलाफ जांच शुरू करने और चतुर्वेदी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया था.




