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बीबीसी हिन्दी के संपादक नितिन श्रीवास्तव से बातचीत में क्या बोली नार्वे की पत्रकार? सुनिए

प्रधानमंत्री Narendra Modi की नॉर्वे यात्रा के दौरान उनसे सवाल पूछने की कोशिश करने वाली नॉर्वे की पत्रकार Helle Lyng ने अब BBC News Hindi से बातचीत में प्रेस की स्वतंत्रता, लोकतंत्र और भारत में पत्रकारिता की स्थिति पर खुलकर अपनी राय रखी है।

बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के संपादक नितिन श्रीवास्तव को दिए इंटरव्यू में हेला लिंग ने कहा कि दुनिया के लगभग सभी लोकतांत्रिक देशों में राष्ट्राध्यक्ष और प्रधानमंत्री मीडिया के सवाल लेते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron नॉर्वे आए थे, तब उन्होंने पत्रकारों के सवालों का जवाब दिया था।

हेला लिंग ने कहा, “हर देश का प्रमुख प्रेस के सवाल लेता है, लेकिन भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐसा नहीं किया। मैं सिर्फ यह दिखाना चाहती थी कि लोकतंत्र की अपनी अलग परिभाषा नहीं हो सकती।”

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रेस की स्वतंत्रता बेहद अहम है और पत्रकारों को सत्ता से सवाल पूछने का अधिकार होना चाहिए। इंटरव्यू में उन्होंने भारत में प्रेस फ्रीडम और मानवाधिकारों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठ रही चिंताओं का भी जिक्र किया।

यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ था जब नॉर्वे में एक कार्यक्रम के दौरान हेला लिंग ने पीएम मोदी से सवाल पूछा था कि “आप दुनिया की सबसे स्वतंत्र प्रेस के सवालों का जवाब क्यों नहीं देते?” हालांकि उन्हें उस समय कोई जवाब नहीं मिला था।

इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई। कई लोगों ने इसे प्रेस से दूरी बनाए रखने का उदाहरण बताया, जबकि समर्थकों ने सुरक्षा और कूटनीतिक प्रोटोकॉल का हवाला दिया।

बीबीसी हिन्दी द्वारा साझा किया गया यह इंटरव्यू अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो के प्रोड्यूसर अभय कुमार सिंह और वीडियो एडिटर सदफ़ खान हैं।


“मैंने अपने प्रधानमंत्री Jonas Gahr Støre से पूछा कि नॉर्वे भारत को लोकतंत्र क्यों कहता है, जबकि भारतीय प्रधानमंत्री ने पिछले 12 वर्षों से अपने देश में एक भी प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की है। क्या अब लोकतंत्र में स्वतंत्र प्रेस महत्वपूर्ण नहीं रह गई है?”
नॉर्वे के प्रधानमंत्री स्टोरे ने जवाब में कहा कि भारत नियमित चुनाव कराता है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि प्रेस संस्कृति में अंतर है, लेकिन साथ ही भारत की विशाल आबादी का भी जिक्र किया। -हेले ल्यिंग

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