देश की प्रमुख मीडिया कंपनी HT Media Limited ने वित्त वर्ष 2025-26 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी की आय में बढ़ोतरी हुई है और ऑपरेटिंग प्रदर्शन भी बेहतर रहा, लेकिन कुछ बड़े अतिरिक्त खर्चों की वजह से कंपनी को पूरे साल नुकसान उठाना पड़ा।
कंपनी की परिचालन आय (रेवेन्यू) बढ़कर 1,803 करोड़ रुपये से अधिक हो गई, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह करीब 1,746 करोड़ रुपये थी। यानी कारोबार के मोर्चे पर कंपनी की स्थिति पहले से बेहतर रही। कंपनी का EBITDA भी बढ़ा है, जो इस बात का संकेत है कि मुख्य व्यवसाय से कमाई में सुधार हुआ है।
इसके बावजूद HT Media को पूरे वित्त वर्ष में 54.27 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ। पिछले साल कंपनी मामूली मुनाफे में थी। मार्च 2026 की तिमाही भी कंपनी के लिए नुकसान वाली रही, जिसमें उसे 13.56 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज करना पड़ा।
कंपनी का कहना है कि नए श्रम कानूनों (लेबर कोड्स) से जुड़े वित्तीय प्रभाव, रेडियो कारोबार की कुछ परिसंपत्तियों के मूल्य में कमी और अन्य विशेष खर्चों ने नतीजों पर असर डाला। सालभर में कंपनी को 114 करोड़ रुपये से ज्यादा के एकमुश्त नुकसान (एक्सेप्शनल लॉस) दर्ज करने पड़े।
अगर कारोबार के अलग-अलग हिस्सों की बात करें तो अखबार और प्रकाशन व्यवसाय HT Media की सबसे मजबूत इकाई बना हुआ है। इस सेगमेंट की आय बढ़कर 1,500 करोड़ रुपये से ज्यादा पहुंच गई, जो पिछले साल की तुलना में काफी बेहतर है। हालांकि रेडियो और डिजिटल कारोबार अभी भी अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं।
इस बीच कंपनी ने भविष्य की रणनीति के तहत अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी Mosaic Media Ventures Pvt. Ltd. में 5 करोड़ रुपये तक निवेश करने का फैसला किया है। माना जा रहा है कि यह निवेश डिजिटल मीडिया और नए मीडिया प्लेटफॉर्म्स को मजबूत करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
एक सकारात्मक बात यह रही कि कंपनी के वैधानिक ऑडिटर S.R. Batliboi & Co. LLP ने वित्तीय नतीजों पर बिना किसी आपत्ति के ‘अनमॉडिफाइड ओपिनियन’ दी है। इसका मतलब है कि ऑडिट के दौरान वित्तीय रिपोर्टिंग में कोई बड़ी गड़बड़ी नहीं पाई गई।
HT Media के बोर्ड ने चेयरपर्सन एवं एडिटोरियल डायरेक्टर शोभना भार्तिया की अध्यक्षता में हुई बैठक में इन नतीजों और निवेश प्रस्ताव को मंजूरी दी।



