कृष्णन अय्यर-
आकाश वत्स, एयर इंडिया के क्रैश जहाज़ में सीट 25A पर दिल्ली से अहमदाबाद का सफ़र पूरा कर उतर गए थे..(ऊपर तस्वीर में लेफ्ट)
इन का बयान वायरल है..इन के बयान के मुताबिक़
~ फ्लाइट में काफ़ी कुछ ‘अजीब’ था
~ Ac काम नहीं कर रहे थे
~ पैसेंजर अख़बारों से हवा कर रहे थे
~ Tv स्क्रीन, रिमोट काम नहीं कर रहे थे
इन का कहना है कि जहाज़ों में उन की दिलचस्पी है..इसी लिए उन्होंने टेक्निकल बातें भी नोटिस की थी
आकाश वत्स काफ़ी समझदार हैं..इसी लिए एयर इंडिया को टैग कर ट्वीट किया है कि फ्लाइट में क्या दिक़्क़तें थी यह जानने के लिए मुझ से कंटैक्ट कीजिए
एक दूसरे पैसेंजर ने फ्लाइट की कुछ तसावीर डाल कर दिखाया है कि फ्लाइट में दिक़्क़त थी..ये भी फ्लाइट से उतर गए थे
एक अहम बात : एक्सीडेंट के VDO मत डालिए..फेसबुक “कम्युनिटी स्टैंडर्ड” लगा रहा है..क्योंकि डेड बॉडी, जलती आग दिखाई दे रही है..एकाउंट ब्लॉक कर देंगे
अगर मैं पिछले 5 सालों पर बात करूं तो टाटा जैसे भरोसेमंद ग्रुप ने ‘अवाम का यक़ीन ज़ाया’ किया है..टाटा पर ‘अवाम का यक़ीन घट रहा है
अहमदाबाद एयरपोर्ट बदनाम और मोदी का क़रीबी अदाणी चलाता है..अदाणी पर कोई यक़ीन नहीं करता है..
इस हादसे की जांच ज़रूरी है..मगर नाही जांच होगी और नाही लापरवाही सामने आएगी..गंदा है पर धंधा है..

यात्रियों में एक महिला सौभाग्यशाली रही कि अहमदाबाद के व्यस्त ट्रैफिक ने उन्हें बचा लिया। ट्रैफिक में फंसने के कारण वह 10 मिनट की देरी से सरदार बल्लभभाई एयरपोर्ट पहुंची थीं। इसके बाद उन्हें अहमदाबद लंदन की फ्लाइट में बोर्डिंग की इजाजत नहीं मिली। मीडिया से बातचीत में भूमि चौहान ने बताया कि फ्लाइट के टेकऑफ के लिए 1:10 बजे का समय शेड्यूल था। भूमि चौहान ने बताया कि इस हादसे की सूचना के मिलने के बाद वह बुरी तरह से कांप गईं। पैर हिलने लगे। काफी देर तक वह सदमें रहीं। चौहान ने बताया कि सिर्फ 10 मिनट लेट होने के कारण उनकी फ्लाइट छूट गई थी। भूमि ने बताया कि जब वह दुखी होकर एयरपोर्ट से एग्जिट गेट पर पहुंची तब उन्हें पता चला कि जिस फ्लाइट को उन्होंने मिस किया है, वह क्रैश हो गया है।

फ़ोटो में दिख रहे राजस्थान के बांसवाड़ा के इस परिवार के सभी लोगो का विमान हादसे में मौत हो गई। डॉ. कोनी व्यास पेसिफिक हॉस्पिटल से इस्तीफा देकर अपने पति डॉक्टर प्रदीप जोशी के साथ लंदन में शिफ्ट होने वाली थी। आज पति पत्नी सभी बच्चों के साथ जा रही थी, पूरा परिवार दुखद हादसे का शिकार हो गई। उन्होंने प्लेन में बैठने के बाद सेल्फी लिया था जो अपने रिश्तेदारों को भेजा था.
राजस्थान के बांसवाड़ा के प्रतीक जोशी पिछले 6 साल से लंदन में रह रहे थे। पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर प्रतीक का सपना था कि वह अपनी पत्नी और तीन छोटे बच्चों के साथ विदेश में एक बेहतर ज़िंदगी बसाएं। उनका परिवार भारत में ही था और प्रतीक उस दिन का इंतजार कर रहे थे जब वे सभी एक साथ होंगे।
लंबे इंतज़ार के बाद वह सपना अब साकार होने ही वाला था। दो दिन पहले ही उनकी पत्नी, डॉ. कोमि व्यास, जो उदयपुर की एक प्रतिष्ठित डॉक्टर थीं, ने अपनी नौकरी से इस्तीफ़ा दे दिया। सामान पैक हो चुका था, अपनों से विदा ली जा चुकी थी, और भविष्य बस कुछ कदम दूर था।
आज सुबह, उम्मीदों और उत्साह से भरा यह परिवार एअर इंडिया की फ्लाइट से लंदन के लिए रवाना हुआ। उन्होंने एक सेल्फी ली, रिश्तेदारों को भेजी- यह थी उनके नए जीवन की ओर एकतरफा उड़ान, लेकिन वे मंज़िल तक कभी नहीं पहुंची। विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया और कोई नहीं बचा।
कुछ पलों में एक पूरा जीवन सपना बनकर राख हो गया। यह त्रासदी याद दिलाती है कि जीवन कितना नाज़ुक है, जो भी है—आपके सपने, आपकी मेहनत, आपका प्यार—सब एक धागे से बंधा है। इसलिए जब तक समय है, जी भर कर जिएं, प्यार करें, और खुश रहने के लिए कल का इंतज़ार न करें।



