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बनारस के ज्योतिषाचार्य और संपादक लक्ष्मण दास कहां गए?

Avanindr singh Aman : इन दिनों वाराणसी के अखबारों में ज्योतषाचार्य व एक सांध्यकालीन अखबार के सम्पादक लक्ष्मण दास के विज्ञापनों के साथ-साथ उनके लापता होने की खबरों को प्रमुखता से प्रकाशित किया जा रहा है। उनको खोजने के लिए एसटीएफ तक को लगा दिया गया है। जमीनी विवाद व पैसे के लेन-देन से जोड़कर हो रही है जांच। बिहार गैंग पर शक की सुई है। चन्दौली-बिहार बार्डर पर हो रही खोज। वैसे, सवाल तो ये भी है कि पुलिस केवल हाई प्रोफाइल लोगों को ही क्यों इतनी तल्लीनता से खोजती है। गरीब लोगों को तो गुमशुदगी तक की रिपोर्ट लिखाने में पसीने छूट जाते हैं। और, गरीबों के मामलों को लेकर मीडिया भी इस कदर सक्रिय नहीं होती।

Avanindr singh Aman : इन दिनों वाराणसी के अखबारों में ज्योतषाचार्य व एक सांध्यकालीन अखबार के सम्पादक लक्ष्मण दास के विज्ञापनों के साथ-साथ उनके लापता होने की खबरों को प्रमुखता से प्रकाशित किया जा रहा है। उनको खोजने के लिए एसटीएफ तक को लगा दिया गया है। जमीनी विवाद व पैसे के लेन-देन से जोड़कर हो रही है जांच। बिहार गैंग पर शक की सुई है। चन्दौली-बिहार बार्डर पर हो रही खोज। वैसे, सवाल तो ये भी है कि पुलिस केवल हाई प्रोफाइल लोगों को ही क्यों इतनी तल्लीनता से खोजती है। गरीब लोगों को तो गुमशुदगी तक की रिपोर्ट लिखाने में पसीने छूट जाते हैं। और, गरीबों के मामलों को लेकर मीडिया भी इस कदर सक्रिय नहीं होती।

ज्ञात हो कि ज्योतिषाचार्य डा. लक्ष्मण दास बुधवार की शाम से अचानक लापता हो गए। गुरुवार को उनकी पत्‍‌नी पूनम दास ने अपहरण की आशंका जताते हुए लंका थाने में उनकी गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज कराई है। डा. दास बुधवार को सामनेघाट पर अंतिम बार देखे गए थे। शुकुलपुरा निवासी डा. लक्ष्मण दास बुधवार को दिन में बारह बजे घर से लक्सा के लिए निकले। लक्सा में मौजूद अपने कार्यालय में तीन घंटे गुजारे। इस दौरान उनके मोबाइल पर किसी का फोन आया और वह अपने चालक रमेश बिंद के साथ कार से सामनेघाट स्थित साई मंदिर चले गए। मंदिर में इन दिनों निर्माण कार्य चल रहा है। डा. लक्ष्मण दास के कर्मचारियों के अनुसार सामनेघाट पहुंचे तो वहां पहले से एक सफेद रंग की एसयूवी (स्पो‌र्ट्स यूटिलिटी व्हेकिल) मौजूद थी, उसमें चालक समेत तीन लोग सवार थे।

एसयूवी से एक युवक निकला और लक्ष्मण दास के पैर छूए। तीनों के बीच कुछ देर बात हुई। युवकों से बातचीत के दौरान लक्ष्मण दास ने अपने चालक रमेश को कार लेकर घर भेज दिया यह कहते हुए कि वह एक जमीन के सिलसिले में युवकों के साथ जा रहे हैं। चालक को कार समेत भेजने के बाद लक्ष्मण दास युवकों के साथ रामनगर की ओर चले गए। लगभग एक घंटे बाद शाम साढ़े पांच बजे संकटमोचन स्थित अपने परामर्श केंद्र पर फोन कर कर्मचारी राहुल से कुरियर वालों के बारे में पूछा। राहुल ने बताया कि अभी कुरियर नहीं आया तो लक्ष्मण दास ने कुरियर आते ही फोन करने को कहा। लगभग एक घंटे बाद साढ़े छह बजे कुरियर आने पर राहुल ने जब लक्ष्मण दास के मोबाइल पर कॉल किया तो वह स्विच ऑफ बता रहा था।

उधर, घर से उनकी पत्‍‌नी भी लगातार फोन मिला रही थीं लेकिन वह स्विच ऑफ बता रहा था। देर रात तक मोबाइल ऑन न होने पर परिजन घबरा गए और गुरुवार सुबह लंका थाने पहुंचे। गुमशुदगी की तहरीर पड़ते ही पुलिस परेशान हो उठी। एसएसपी के निर्देश पर एसपी क्राइम राहुल राज ने लक्ष्मण दास की पत्‍‌नी व कर्मचारियों से बुधवार को हुए घटनाक्रम के बारे में पूछताछ की। एसपी क्राइम ने बताया कि शुक्रवार को कॉल डिटेल्स हाथ लगने पर जानकारी मिलेगी।

बनारस के युवा पत्रकार अवनींद्र सिंह अमन के फेसबुक वॉल से.

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