केन्द्र सरकार ने मजीठिया वेज बोर्ड को लेकर 16 जून को बैठक बुलाई

देश भर के कामगार आयुक्तों को हाजिर होने का निर्देश… आखिरकार केंद्र सरकार नींद से जग गई लेकिन बहुत देर बाद… देश भर में हजारों प्रिंट मीडियाकर्मी इन दिनों केंद्र सरकार की थू थू करने में लगे हैं, सोशल मीडिया पर… मीडिया मालिकों को कानून और न्याय की धज्जियां उड़ाने की खुली छूट देने वाली केंद्र सरकार ने मजीठिया वेज बोर्ड मामले में 16 जून को बैठक बुलाई है.  बताया जा रहा है कि बैठक में मजीठिया वेज बोर्ड को लेकर बातचीत की जाएगी. इस बैठक में देश के सभी राज्यों के कामगार आयुक्त हिस्सा लेंगे. बैठक में मजीठिया वेज बोर्ड मामले में प्रगति रिपोर्ट पर चर्चा होगी.

इस बैठक के बारे में जानकारी मिलने पर देशभर के प्रिंट मीडियाकर्मियों में उत्सुकता है. हालांकि ज्यादातर मीडियाकर्मी मोदी सरकार की मीडिया मालिकों से मिलीभगत को देखते हुए बैठक से कुछ सकारात्मक निकलने को लेकर आशंकित हैं. इस बैठक में देश के सभी राज्यों के जो कामगार आयुक्त हिस्सा लेंगे, इनके बारे में जितना कहा जाए कम है. इन्हीं कामगार आयुक्तों ने मीडिया मालिकों के साथ मिलकर सुप्रीम कोर्ट में गलत रिपोर्ट भेजी.

बैठक का आयोजन भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा श्रम शक्ति भवन, रफी मार्ग नयी दिल्ली के मुख्य कमेटी कक्ष में 16 जून को सुबह 11 बजे से किया गया है. इस बैठक में जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड के क्रियान्यवयन पर केंद्रीय स्तर पर गठित मानिटरिंग कमेटी अपना पक्ष रखेगी। भारत सरकार के कामगार मंत्रालय के सचिव समीर कुमार दास ने इस बावत सभी राज्य के कामगार आयुक्तों, संयुक्त सचिवों को पत्र भेजकर बैठक की जानकारी दी है।

इस पत्र में साफ कहा गया है कि पत्रकारों और गैर पत्रकारों के लिये गठित वेज बोर्ड के क्रियान्यवयन और प्रगति समीक्षा के लिये यह बैठक बुलायी जा रही है। इस बैठक में श्रम एवं रोजगार सचिव और उनके सलाहकार, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के संयुक्त सचिव, मुख्य कामगार आयुक्त और उपमहानिदेशक (डब्लूबी) शामिल होकर वेज बोर्ड के प्रगति की समीक्षा करेंगे। आपको बता दें कि जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड मामले को लेकर अवमानना प्रकरण में अखबार मालिकों के खिलाफ माननीय सुप्रीमकोर्ट में सुनवाई पुरी हो चुकी है और इस पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख दिया है। यह फैसला जल्द और कभी भी सुनाया जा सकता है. पत्रकारों की तरफ से इस मामले को एडवोकेट कोलिन गोंसाल्विस और परमानंद पांडे ने सुप्रीम कोर्ट में लड़ा.

शशिकांत सिंह
पत्रकार और आरटीआई एक्सपर्ट
९३२२४११३३५

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