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सियासत

जेएनयू में बेतहाशा फीस वृद्धि कर तमाम छात्रों की पढ़ाई छुड़वाने के आरोपी को मिला पद्मश्री!

पूर्व यूजीसी चेयरमैन Mamidala Jagadesh Kumar को साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया है। राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। इस कार्यक्रम का वीडियो समाचार एजेंसी Asian News International (ANI) ने साझा किया है।

हालांकि, पद्मश्री सम्मान मिलने के साथ ही सोशल मीडिया और अकादमिक हलकों में ममिदाला जगदीश कुमार को लेकर पुरानी बहस भी फिर तेज हो गई है। उन पर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के पूर्व कुलपति रहते हुए विश्वविद्यालय की अकादमिक और लोकतांत्रिक संस्कृति को कमजोर करने के आरोप लंबे समय से लगते रहे हैं।

जगदीश कुमार फरवरी 2016 से फरवरी 2022 तक Jawaharlal Nehru University के कुलपति रहे। उनका कार्यकाल कई बड़े विवादों और छात्र आंदोलनों के बीच चर्चा में रहा। उनके कार्यकाल के दौरान फीस वृद्धि, छात्रसंघ विवाद, कैंपस राजनीति, शिक्षकों की नियुक्तियों और प्रशासनिक फैसलों को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन हुए थे।

कई छात्र संगठनों और शिक्षकों के समूहों ने आरोप लगाया था कि उनके नेतृत्व में विश्वविद्यालय की स्वायत्तता और आलोचनात्मक शैक्षणिक माहौल प्रभावित हुआ। वहीं समर्थकों का कहना था कि उन्होंने विश्वविद्यालय में प्रशासनिक सुधार और अनुशासन लागू करने की कोशिश की।

JNU के बाद जगदीश कुमार को University Grants Commission (UGC) का चेयरमैन बनाया गया था। UGC प्रमुख के रूप में भी नई शिक्षा नीति, CUET और विश्वविद्यालयों से जुड़े कई फैसलों को लेकर वे लगातार चर्चा में रहे।

अब पद्मश्री सम्मान मिलने के बाद एक बार फिर सोशल मीडिया पर उनके कार्यकाल को लेकर बहस छिड़ गई है। एक पक्ष इसे शिक्षा क्षेत्र में उनके योगदान का सम्मान बता रहा है, जबकि दूसरा पक्ष JNU से जुड़े विवादों और फैसलों को याद कर सवाल उठा रहा है।


JNU की बर्बादी के लिए इतना सम्मान तो बनता ही है!
इसी व्यक्ति ने जेएनयू में बेतहाशा फ़ीस बढ़ोतरी का नियम लाया था जिसके बाद आधे से ज़्यादा बच्चों पर पढ़ाई छोड़ने का संकट आ गया था!
सड़क से संसद हमने प्रोटेस्ट किया। पुलिस की मार से मेरे पैर में ट्यूमर हुआ, किसी छात्र के कान का पर्दा फटा, किसी का पैर टूटा, किसी का सर फूटा लेकिन वंचित छात्रों की एकता ने दिल्ली में इस फ़ीस बढ़ोतरी के ख़िलाफ़ महीनों प्रोटेस्ट करके इस आदमी की अकड़ को तोड़ दिया था!
अगर जेएनयू में VC के इतिहास पर कभी शोध होगा तो मामिडाला का नाम JNU बर्बाद करने में टॉप पर होगा!
आज इन्हें इनके कर्मों का फल भाजपा सरकार ने दे दिया! -प्रियंका भारती

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