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उत्तर प्रदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फिर साबित हुए झूठे, जीवित लोगों को मरा बता संवेदना भी जता दी

आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत वाराणसी के जयापुर गांव को गोद लेने की जो वजह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी थी वह गलत निकली है। प्रधानमंत्री ने जयापुर गांव में बोलते वक्त कहा था कि इस गांव को गोद लेने के मेरे फैसले के पीछे मीडिया ने कई मनगढ़ंत वजहें गिनायी थी। लेकिन इस गांव को गोद लेने की जो वजहें मीडिया ने बतायी वह सब गलत है। लेकिन बड़ी बात यह है कि जो वजह पीएम मोदी ने बतायी वह भी गलत निकली है। प्रधानमंत्री ने कहा था कि जयापुर गांव में बिजली हादसे की वजह से पांच लोगों की मौत हो गयी थी। इस वजह से उन्होंने बुरे वक्त से गुजर रहे इस गांव को गोद लेने का फैसला लिया था। पीएम ने अपने भाषण के दौरान इमोशनल अपील करते हुए कहा था कि बुरे वक्त में वो आपके साथ है। साथ ही उन परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त भी की थी।

आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत वाराणसी के जयापुर गांव को गोद लेने की जो वजह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी थी वह गलत निकली है। प्रधानमंत्री ने जयापुर गांव में बोलते वक्त कहा था कि इस गांव को गोद लेने के मेरे फैसले के पीछे मीडिया ने कई मनगढ़ंत वजहें गिनायी थी। लेकिन इस गांव को गोद लेने की जो वजहें मीडिया ने बतायी वह सब गलत है। लेकिन बड़ी बात यह है कि जो वजह पीएम मोदी ने बतायी वह भी गलत निकली है। प्रधानमंत्री ने कहा था कि जयापुर गांव में बिजली हादसे की वजह से पांच लोगों की मौत हो गयी थी। इस वजह से उन्होंने बुरे वक्त से गुजर रहे इस गांव को गोद लेने का फैसला लिया था। पीएम ने अपने भाषण के दौरान इमोशनल अपील करते हुए कहा था कि बुरे वक्त में वो आपके साथ है। साथ ही उन परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त भी की थी।

जिन पांच लोगों को पीएम मोदी ने अपने भाषण में मृत घोषित किया था वो अभी जिंदा है। हादसे का शिकार हुई 20 वर्षीय डिम्पी उनमें से एक हैं और कहती हैं कि शायद मैं इसीलिए बच गई क्योंकि मुझे मोदीजी को काफी नजदीक से देखना था। इसी साल अप्रैल महीने में गांव से होकर गुजरने वाली एक हाई टेंशन बिजली लाइन लो टेंशन तार पर गिर गई, जिससे घरों में अचानक 11 हजार वोल्ट का करंट दौड़ने लगा। इसमें डिम्पी के साथ गांव के चार अन्य लोग बुरी तरह झुलस गए थे। हादसे में ‌सबसे ज्यादा झुलसी डिम्पी को कई दिनों तक अस्पताल में रखा गया, जबकि अन्य चार लोगों को फर्स्ट एड से ही राहत मिल गई और उन्हें ‌घर भेज दिया गया। कुछ दिनों बाद डिम्पी भी सही होकर घर पहुंच गई।

हादसे के बाद मोदी ने गांव की मुखिया को फोन करके मामले की जानकारी ली थी। यही नहीं हादसे की जानकारी लेने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता नलिन कोहली खुद जयापुर गए थे। इसके बाद ही बिजली विभाग ने गांव में ऐसे हादसों को रोकने के लिए जरूरी इंतजाम कर दिए थे। वहीं गांव की मुखिया दुर्गावती जो पीएम मोदी के साथ मंच पर मौजूद थीं का कहना है कि प्रधानमंत्रीजी को हादसे के बारे में जरूर गलत जानकारी दी गई होगी, वरना वो ऐसा कतई नहीं कहते। जैसे ही उन्होंने भाषण खत्म किया, हमने उन्हें बता दिया था कि हादसे में कोई मरा नहीं था।’ लेकिन तब तक प्रधानमंत्री मंच छोड़ चुके थे। वहीं कांग्रेस विधायक अजय राय जो मोदी के खिलाफ बुरी तरह से हार गये थे उन्होंने इस मामले में एक प्रेस कांफ्रेंस करके हादसे में घायल तीन लोगों को मीडिया के सामने खड़ा कर दिया। अजय राय ने कहा कि पीएम छूठ बोल रहे हैं। लेकिन इससब के बीच जयापुर गांव के लोगों में प्रधानमंत्री के गांव के दौरे से लोग बहुत खुश हैं। लोगों का कहना है कि ऐसा पहली बार हुआ है कि चुनाव के बाद कोई सांसद उनके गांव आया हो।

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