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नेशनल हेराल्ड मामला है क्या? कड़ी दर कड़ी जानिए

शीतल पी सिंह-

नेशनल हेराल्ड मामला क्या है? दिल्ली पुलिस ने इस पर एक नई FIR दर्ज की है जबकि मामला पहले ही कोर्ट में है और ED ने भी इसी केस में एक चार्जशीट दायर कर रखी है।

नेशनल हेराल्ड मामला एक लंबे समय से चल रहे वित्तीय अनियमितता और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े आरोप को संदर्भित करता है। यह मामला एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) से जुड़ा है, जो नेशनल हेराल्ड अखबार का प्रकाशक है। AJL को 1938 में भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू द्वारा स्थापित किया गया था, और यह कांग्रेस पार्टी से सीधे सीधे जुड़ा हुआ था। जो आरोप लगाया गया है उसके अनुसार कांग्रेस पार्टी ने AJL को ब्याज-मुक्त ऋण (लगभग 90 करोड़ रुपये) दिया, जिसका इस्तेमाल AJL की संपत्तियों (जिनकी कीमत 2,000 करोड़ रुपये से अधिक बताई जाती है, जैसे दिल्ली का हेराल्ड हाउस) को हस्तांतरित करने के लिए किया गया।

मुख्य आरोपी कंपनी “यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड” (YI) है, जिसमें सोनिया गांधी और राहुल गांधी के पास 38-38% शेयर हैं (कुल 76%)। ED की जांच के अनुसार, YI ने AJL की संपत्तियों को मात्र 50 लाख रुपये में हासिल किया, ईडी इसे आपराधिक साजिश बता रही है। इसमें धोखाधड़ी, विश्वासघात और संपत्ति का दुरुपयोग शामिल बताया गया है।

कांग्रेस का दावा है कि यह ऋण AJL को पुनर्जीवित करने के लिए दिया गया था, न कि किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए, और इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया।

इसमें अब तक क्या-क्या हुआ है?

यह मामला 2012 से चल रहा है-

  • 2012: बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने दिल्ली की एक मजिस्ट्रेट कोर्ट में निजी शिकायत दर्ज की। आरोप लगाया कि सोनिया और राहुल गांधी ने AJL की संपत्तियों पर कब्जा करने के लिए साजिश रची। कोर्ट ने IPC की धारा 403 (संपत्ति का बेईमानी से गबन), 406 (विश्वासघात), 420 (धोखाधड़ी) और 120B (आपराधिक साजिश) के तहत संज्ञान लिया।
  • 2014: दिल्ली की मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट ने स्वामी की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए सोनिया, राहुल, सैम पित्रोदा, सुमन दुबे, मोतीलाल वोराह (मृत), ऑस्कर फर्नांडीज (मृत) और YI के खिलाफ समन जारी किया।
  • 2015: ED ने मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) के तहत जांच शुरू की। ED ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के ऋण को YI के माध्यम से “लॉन्डर” किया गया।
  • 2018: ED ने YI की संपत्तियों (लगभग 661 करोड़ रुपये मूल्य) को अस्थायी रूप से जब्त किया।
  • 2021-2022: ED ने छापेमारी की और राहुल-सोनिया से पूछताछ की। ED ने दावा किया कि डॉटेक्स मर्चेंडाइज (कोलकाता की शेल कंपनी) ने YI को 1 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए, जो फर्जी थे।
  • अप्रैल 2025: ED ने दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में PMLA के तहत चार्जशीट दाखिल की, जिसमें सोनिया, राहुल, पित्रोदा, दुबे और YI को आरोपी बनाया। कोर्ट ने अभी तक संज्ञान नहीं लिया।
  • 3 अक्टूबर 2025: ED ने PMLA की धारा 66(2) के तहत दिल्ली पुलिस EOW को शिकायत भेजी, ताकि “प्रिडिकेट ऑफेंस” (मूल अपराध) की FIR दर्ज हो सके।
  • 29-30 नवंबर 2025: दिल्ली पुलिस EOW ने नई FIR दर्ज की (नंबर: 0124/2025)। इसमें सोनिया, राहुल, सैम पित्रोदा, सुमन दुबे, सुनील भंडारी (डोटेक्स प्रमोटर), एक अज्ञात व्यक्ति और तीन कंपनियां (AJL, YI, डॉटेक्स) आरोपी हैं। आरोप: AJL को धोखे से कब्जाने की साजिश। उसी दिन राउज एवेन्यू कोर्ट ने ED चार्जशीट पर संज्ञान लेने का फैसला 16 दिसंबर तक टाल दिया।

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