कासगंज प्रकरण की रिपोर्टिंग के कारण एबीपी न्यूज के पत्रकार को फोन करके डराया धमकाया जा रहा है

Aamir Rashadi Madni : कासगंज घटना की निष्पक्ष रिपोर्टिंग करके अवाम के बीच सच को उजागर करने वाले एबीपी न्यूज़ के वरिष्ठ पत्रकार पंकज झा को जान से मारने की धमकी दी जा रही है। उन्हें देश/विदेश से फ़ोन करके डराया धमकाया जा रहा है, पाकिस्तान भेजने तक की बात की जा रही है। दूसरी तरफ़ कर्फ़्यू के दौरान अल्पसंख्यक समुदाय के घरों में भूख-प्यास से परेशान लोगों के बीच खाना पहुँचाने के कारण राहुल यादव, निशान्त यादव और अतुल यादव को डिटेन कर लिया गया है। प्रेम भाईचारा और मानवता की मिशाल पेश करने वाले इन लोगों को सम्मानित करने के बजाय गिरफ़्तार किया गया है।

Shweta R Rashmi : एक अच्छे पत्रकार हैं Pankaj Jha जी। अपना काम बड़ी ईमानदारी से करने वालों में गिने जाते हैं। पर जिस तरह की भाषा और रिएक्शन उनके लिए आ रहे हैं, क्या वो एक सभ्य समाज की स्वस्थ्य युवा और “प्रौढ़” की प्रतिक्रिया है या गुंडागर्दी है। दूसरी बात, क्या जनता का पैसा इसलिए सरकार को टैक्स के रूप में जाता है कि वो दंगे फ़साद में मुआवजा देती फिरे या जनता के हितों में लगाये। फैसला आपके ऊपर है। पिछली सरकारों ने भी जनता को ठगा समाजवाद के नाम पर तो दलित के नाम पर। यह सरकार चुनी ही विकास के लिए गई थी। पर काम तो छोड़िए। कम से कम प्रशासन ही ठीक कर लें, वही बहुत है। छद्म और उपद्रवी तत्वों पर काबू कर ले उतना ही बहुत है। साथ में एक काम और भी करिये यह समाज आपका और मेरा भी है तो कुछ जिम्मेदारी हमारी भी है। ऐसे कट्टर लोग जो हिन्दू हो या मुस्लमान या किसी अन्य जातियो के हों, उनके वॉल पर जाकर GET WELL SOON जरूर लिख के आइये।

आमिर रशदी मदनी और श्वेता आर रश्मि की एफबी वॉल से.

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