सलोनी तीसरी बार पुलिस रिमांड पर, सिम बरामद, आदित्य चौकसे ने दिया विरोध में बयान

इंदौर। वरिष्ठ पत्रकार कल्पेश याग्निक खुदकुशी मामले में आरोपी महिला पत्रकार सलोनी अरोरा को रविवार को रिमांड अवधि खत्म होने पर इंदौर की जेएमएफसी कोर्ट में प्रस्तुत किया गया। पुलिस द्वारा कोर्ट से अनुरोध किया गया कि उसका और पुलिस रिमांड दिया जाए क्योंकि केस से संबंधित अनेक मामलों में उससे पूछताछ के साथ ही कई साक्ष्य एकत्रित करना है जिसमें वह एक मोबाइल भी जब्त किया जाना है जो उसने तोड़ कर फेंक दिया था।

पुलिस का कहना है कि यदि 15 अगस्त तक भी आवश्यक साक्ष्य जुटाने में सफलता नहीं मिली तो फिर से रिमांड मांग सकते हैं। पहले ऐसे कई केस हुए हैं जिनमें 45 से 60 दिन तक का पुलिस रिमांड मिला है।

पुलिस ने कोर्ट को बताया कि कल्पेश से बातचीत के लिए वह जो सिम उपयोग करती रही, उसमें से एक सिम तोड़ कर फेंक दी थी, यह सिम तो मिल गयी है लेकिन मोबाइल नहीं मिला है, वह बरामद करना है। संभव है कि अब जो तीन दिन का रिमांड मिला है तो साक्ष्य जुटाने के लिए पुलिस उसे पुन: मुंबई ले जाए।

आदित्य के बयान भी विरोध में

थाना प्रभारी तहजीब काजी ने चर्चा के दौरान बताया कि अंधेरी के जिस फ्लेट में वह रह रही थी, वहां से शुरुआत में (छापा मारने के दौरान) एक मोबाइल जब्त किया था। बाद में वह वाशी स्थित होटल फोर सीजन में रह रही थी। इसी होटल के उसके कमरे से उसका लेपटॉप और पेन ड्राइव जब्त किया है। कुल चार मोबाइल रखने की जानकारी मिली है, अधिकांश बरामद हो गए हैं। इस सुसाइड मिस्ट्री के तीसरे किरदार आदित्य चौकसे से पुलिस ने जो प्रारंभिक पूछताछ की है उसमें आदित्य ने भी सलोनी के खिलाफ ही बयान दिए हैं। कोर्ट में केस पुख्ता तरीके से पेश करने के लिए पुलिस उससे पुन: पूछताछ कर सकती है।

सारे ऑडियो किए जा रहे लिपिबद्ध

करीब 60 घंटे की ऑडियो रिकार्डिंग हुई है। इन सारी ऑडियो रिकार्डिंग को कोर्ट में लिखित सबूत के रूप में पेश करने के लिए पुलिस की एक विशेष टीम तमाम ऑडियो को लिपिबद्ध करने में लगी है। वार्तालाप में जहां जहां सलोनी की आवाज है उस आवाज से सलोनी की आवाज का मिलान करने के लिए उसका लैब में वॉइस टेस्ट करने के साथ ही लैब से सर्टिफाइड कॉपी प्राप्त करेंगे। यह इसलिए भी मुख्य साक्ष्य होगा कि एक-दो ऑडियो में वह सिर्फ हां हूं कर रही है। अब जो उसकी आवाज के नमूने लेंगे उससे सिद्ध करने में मदद मिलेगी कि अति संक्षिप्त आवाज भी उसी की है।

ग्वालियर पुलिस से इस कांड की जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों को यह जानकारी भी मिली है कि गुरप्रीत सिंह भोला (निवासी ग्वालियर) नामक जिस युवक से उसकी शादी हुई थी वह भी इसकी प्रताड़ना का शिकार रहा है, तलाक लेने का कारण भी यही रहा है।

लेखक कीर्ति राणा इंदौर के वरिष्ठ पत्रकार हैं. वे दैनिक भास्कर समूह में भी वरिष्ठ पद पर चुके हैं. फिलहाल उज्जैन-इंइौर से प्रकाशित दैनिक अवंतिका इंदौर में संपादक के रूप में कार्यरत हैं. उनसे संपर्क 8989789896 या kirtiranaji@gmail.com के जरिए किया जा सकता है. सलोनी-कल्पेश प्रकरण पर दैनिक अवंतिका अखबार ही लगातार लिख रहा है.

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