यशवंत सिंह-
“इस अवसर पर श्री सौरभ जी भी उपस्थित रहे!”
कौन सौरभ जी?
कौन हैं सौरभ जी?
इनका परिचय क्यों नहीं लिखा गया?
नेता हैं? अफ़सर हैं? साधु हैं? व्यापारी हैं? कौन हैं सौरभ जी?
क्या मुख्यमंत्री की सोशल मीडिया टीम में बाहरी लोगों की घुसपैठ हो चुकी है?
हालांकि ये पोस्ट अब डिलीट है लेकिन सवाल तो उठेंगे ही। पोस्ट डिलीट क्यों किया? डिलीट करना था तो पोस्ट क्यों किया?
चलिए सौरभ सिंह जी का संक्षिप्त परिचय समझते हैं।
सौरभ जी उम्दा किस्म के एक नर शिकारी बताए जाते हैं। इनकी कई नीली पीली काली लाली कहानियाँ मार्केट में हैं। कभी पीएम इन्हें फॉलो करते थे, लेकिन जब इनके नीलेपन की रोशनी ऊपर तक ज़्यादा पहुँचने लगी तो पीएम ने अनफॉलो कर दिया।
अब योगी जी के यहाँ बंदे ने एंट्री मारी है।
इनका संक्षिप्त परिचय ये है बीजेपी के चुनाव कँपेन का ठेका लेने वाली कंपनियों में इनकी भी एक कंपनी है। इनकी कंपनी कितनी इनकी है, इस पर भी विवाद है क्योंकि कंपनी का असली फाउंडर कहता है कि उसकी कंपनी इसने हड़प गड़प कर ली।
बीजेपी के लिंक से बंदे ने अकूत कमाई की। बेतहाशा संपति की जाँच हो जाए तो पता चल जाये कहाँ कहाँ से धन आया।
महिलाओं लड़कियों के प्रेमी इस नर के ख़िलाफ़ कई गंभीर शिकायतें इनकी ही बीवी ने कोर्ट पुलिस में की हैं! इनकी कई लीक तस्वीरें मेरे पास भी भेजी गई हैं जिन्हें देखकर शर्म से सिर गड़ जाता है कि संस्कारी पार्टी की सेवा में रत ये बंदा ख़ुद कितना “संस्कारी” है!
सुना है इसकी कंपनी योगी जी का सोशल मीडिया कैंपेन का ठेका हासिल करने की रेस में सबसे आगे है!! इसी मकसद से सीएम से मीटिंग अरेंज कराके फोटो पोस्ट करवाया गया और फिर डिलीट कर दिया गया। मकसद तो बंदे का सध गया। अफसर नेता सब इसे सलाम करेंगे, इसका काम करेंगे! जय जय लोकतंत्र!



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