जनपक्षधर पुलिस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को ”सत्ता संरक्षित आईपीएस लॉबी” जेल भिजवाने की तैयारी में!

Kumar Sauvir : अमां भाई, यूपी का आईजी बनना मतलब क्‍या बिलकुल चोर-उचक्‍का-सियार या लैमार-कूकुर हो जाने के बराबर होता जा रहा है। अभी खबर मिली कि 8 बरस के बेहद सरकारी-प्रशासनिक तकनीकी लफड़े के खिलाफ जोरदार लड़ाई के बाद जिन अमिताभ ठाकुर को एसपी से सीधे आईजी बनाया गया था, उन्‍हें बिलकुल चोर-सियारी की धाराओं पर पाबन्‍द करने की तैयारी चल रही है। मजे की बात तो यह कि यह कार्रवाई दो छोटे दारोगा अंजाम दे रहे हैं। यानी एक उप निरीक्षक स्‍तर का एक कर्मचारी पुलिस महानिरीक्षक स्‍तर के एक अधिकारी पर इल्‍जाम लगा रहा है कि यह अफसर लोगों को अपना रूतबा गालिब करके उगाही करा रहा है। अमिताभ की पत्‍नी नूतन ठाकुर इस पुलिसिया अभियान के खिलाफ जेहाद छेड़ रही हैं।

यानी अब यूपी में जो भी शख्‍स मानवााधिकारों के संरक्षण को लेकर आवाज उठायेगा, उसे अब फर्जी आरोपों में जेल भी जाना पड़ सकता है। कहने की जरूरत नहीं कि अमिताभ ठाकुर पर आरोप लगाने वाले दारोगों की हैसियत नहीं कि वे ऐसी कोई कवायद शुरू तक कर सकें। जाहिर है कि इस पर ऊपर से दबाव बड़ा होगा। लेकिन सवाल तो यह है कि आखिर यह लोग हैं कौन जो अमिताभ समेत उनके परिवार को कच्‍चा चबाने पर आमादा हैं।

खैर छोड़ो। भाड़ में जाएं अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्‍नी नूतन ठाकुर। मुझे क्‍या लेना-देना। मैं तो अपने बारे में बात करूंगा। तो दारोगा जी, चूंकि मैं भी बहुत बोलता हूं ना, तो ऐसा करो कि मेरे खिलाफ कोई कर्रा छिनारा-वेश्‍यावृत्ति टाइप कोई धाराएं खोज कर मुझे जेल में अन्‍दर करवा दो। क्‍योंकि मुझे जानने वालों को खूब पता है कि कुमार सौवीर में कोई ऐब नहीं है, बेईमानी कभी की नहीं, भ्रष्‍टाचार करने लायक कोई नौकरी की नहीं, गुण्‍डागर्दी से दूर रहता हूं। बची सिर्फ छिनारा टाइप जैसी धारा। लोग जब भी सुनेंगे कि कुमार सौवीर छिनारा-वेश्‍यावृत्ति के लफड़े में फंसे हैं तो खबर चटखारेदार बन जाएगी। क्‍या ख्‍याल है आपका दारोगा जी या फिर उनके आका जी लोग।

लेकिन नहीं नहीं। मामला कुछ और सोचना पड़ेगा। वजह यह कि नंगे अवधूत पर क्‍या धारा आयद करोगे दारोगा जी, नंगा अवधूत यानी कुमार सौवीर तो अपनी जांघों पर चड्ढी तो पहनता ही नहीं है। बिलकुल नंगा अवधूत है यह अघोरी है यह मस्‍त-मलंग। मेरा क्‍या उखाड़ लोगे। बस एक ही चीज है, जिस पर ढक्‍कन तक नहीं है।
तो बोलो अल्‍ल्‍ल्‍ल्‍ल्‍ख निरंजन….

उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार कुमार सौवीर के फेसबुक वॉल से.

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