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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए सख्ती बढ़ाने और आईटी नियमों में संशोधन पर विचार, कई मंत्रालयों को मिल सकती है कंटेंट ब्लॉक करने की शक्ति

ऑनलाइन कंटेंट हटाने की समय सीमा एक घंटे तक घटाने की तैयारी में सरकार

नई दिल्ली, 24 मार्च। केंद्र सरकार ऑनलाइन कंटेंट को हटाने की समय सीमा को और कम कर एक घंटे तक करने पर विचार कर रही है। पिछले महीने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए 2 से 3 घंटे की सख्त समय सीमा तय करने के बाद अब सरकार इस अवधि को और घटाने की संभावनाएं तलाश रही है, जिससे इंटरनेट पर आपत्तिजनक सामग्री को तेजी से हटाया जा सके।

सरकारी सूत्रों के अनुसार यह प्रस्ताव अभी प्रारंभिक चरण में है और इस पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह इस बात पर निर्भर करेगा कि सोशल मीडिया कंपनियां मौजूदा 2 से 3 घंटे की समय सीमा का पालन कितनी प्रभावी ढंग से कर रही हैं।

फरवरी में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने आईटी नियम 2021 में संशोधन करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए कंटेंट हटाने की समय सीमा 24 से 36 घंटे से घटाकर 2 से 3 घंटे कर दी थी। अब सरकार इसे और सख्त बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।

सरकार इस बात पर भी विचार कर रही है कि गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को भी कंटेंट ब्लॉक करने के आदेश जारी करने का अधिकार दिया जाए। फिलहाल यह शक्ति मुख्य रूप से आईटी मंत्रालय के पास है।

इसके साथ ही आईटी नियम 2021 में संशोधन कर डिजिटल न्यूज प्लेटफॉर्म्स और वीडियो ऑन डिमांड सेवाओं पर ‘अश्लील’ कंटेंट के प्रसार को रोकने के लिए नए प्रावधान लाने की तैयारी है। सरकार समानांतर ब्लॉकिंग सिस्टम को भी विस्तार देने पर विचार कर रही है।

नए नियमों के तहत प्लेटफॉर्म्स को गैर सहमति से साझा की गई अंतरंग तस्वीरों को दो घंटे के भीतर हटाना अनिवार्य किया गया है, जबकि अन्य अवैध कंटेंट को 36 घंटे के भीतर हटाना होता है। हालांकि अब इसे और कम करने की दिशा में चर्चा चल रही है।

सोशल मीडिया कंपनियों ने इन नियमों को लागू करने में व्यावहारिक कठिनाइयों की बात कही है। मेटा जैसी कंपनियों का कहना है कि इतनी कम समय सीमा में कंटेंट की पहचान और उसे हटाना तकनीकी और संचालन संबंधी चुनौती बन सकता है।

सरकार का मानना है कि इन कदमों से इंटरनेट पर अवैध और आपत्तिजनक सामग्री को तेजी से नियंत्रित किया जा सकेगा, लेकिन आलोचकों का कहना है कि इससे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर असर पड़ सकता है और वैध कंटेंट भी हटने का खतरा बढ़ जाएगा।


मोदी सरकार अब अगला कदम यह उठा सकती है कि मोदी, बीजेपी और आरएसएस की आलोचना करने वाले ऑनलाइन कंटेंट को पोस्ट होने से एक घंटा पहले ही रोक दिया जाए।

“आख़िरकार हम विचार अपराध को सचमुच असंभव बना देंगे, क्योंकि उसे व्यक्त करने के लिए कोई शब्द ही नहीं बचेंगे।” (जॉर्ज ऑरवेल, 1984)

-सुशांत सिंह

इससे अच्छा है कि ट्वीटर इंस्टा का कंट्रोल सरकार अपने हाथ में ले ले। सचिव, सोशल मीडिया, (ससोमी) जब चाहें बटन दबा कर अकाउंट डिलिट कर सकते हैं।

-रवीश कुमार

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