पत्रकार पीयूष राय समेत कुल नौ सोशल मीडिया हैंडल (एक्स) पर मथुरा पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने साझा किए गये वीडियो को पुराना बताते हुए बरसाने की लट्ठमार होली को बदनाम करने की साजिश करार दिया है। नीचे कुछ प्रतिक्रियाएं पढ़ें और वीडियो भी देखें..
गोविंद प्रताप सिंह-
यूपी की मथुरा पुलिस ने बरसाना में होली से जुड़ा एक वीडियो शेयर करने पर FIR दर्ज की है. पुलिस ने उस वीडियो को पुराना बताया है. जिन X हैंडल्स पर FIR दर्ज हुई है, उनमें पत्रकार पीयूष राय भी शामिल हैं.
इसके अलावा विशाल ज्योति देव अग्रवाल और ममता राजगढ़ का भी हैंडल शामिल है.

सचिन गुप्ता-
मथुरा पुलिस ने इस ट्वीट के लिए पत्रकार पीयूष राय पर FIR दर्ज की है! ये अधिकारी खुद के परिवारों के लिए ग्रीन कॉरिडोर बना देते हैं, लेकिन आमजन से पूछिए कि बरसाना/वृंदावन में भीड़ के वाकई क्या हालात होते हैं?
हो सकता है कि Video पुरानी हो, पर साल–दर–साल हालात ऐसे ही रहते हैं। तमाम सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर मथुरा में होली कवर करने गए हुए हैं। वो हर रोज इस विश्व प्रसिद्ध होली के दोनों पहलू दिखा रहे हैं। लेकिन सिर्फ एक–दो पुरानी Video को आधार बनाकर होली की सभी Video को पुरानी बता दिया गया है। जैसा प्रयागराज महाकुंभ भगदड़ के वक्त कहा था कि कोई भगदड़ नहीं हुई, कोई मौत नहीं हुई, सब अफवाह है।
जिम्मेदार लोगों को अपनी जिम्मेदारी से बचने की बजाय उन Video का संज्ञान लेकर मैनेजमेंट और बेहतर करना चाहिए। जो अधिकारी सामान्य वीकेंड पर वृंदावन की ट्रैफिक व्यवस्था नहीं बना पाते हों, वो कुछ न कहें तो ही बेहतर होगा।
सौरभ शुक्ला-
पीयूष राय पर FIR करके यूपी पुलिस ने अपनी कमज़ोरी ज़ाहिर की है। Piyush ने वही तस्वीरें शेयर की जो सच हैं।
आप अपने राज्य में महिलाओं को सुरक्षा दे नहीं पा रहे हैं और सच बताने वालों पर FIR कर रहे हैं। क्योंकि आपके हाथ में चाबुक है इसलिए आप चला सकते हैं, चलाइये।
But this is unfortunate Up police
राजेश साहू-
छोटे-छोटे मामलों पर एफआईआर। ये अजीब है। इस तरह नहीं होना चाहिए। बोलने लिखने की आजादी है इस देश में। कई बार थोड़ी बहुत चूक हो जाती है। इसका कत्तई मतलब नहीं कि मुकदमा लिखकर कोर्ट-कचहरी घुमाया जाए।
ऐसे मामलों में चेतावनी देना ही उचित है।




