राष्ट्रीय हिंदी न्यूज चैनल पर कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र सिंह राजपूत को गाली देने वाले बीजेपी प्रवक्ता के खिलाफ पूरे विपक्ष में नाराजगी पसरी हुई है। वहीं भाजपा की तरफ से इस मामले पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। विपक्ष पीएम मोदी से इस प्रकरण पर हस्तक्षेप करने की मांग कर रही है-
देखें/पढ़ें.. इसे लेकर कौन क्या लिख रहा है…?
अखिलेश यादव-
जो भाजपाई एक राष्ट्रीय हिंदी चैनल के लाइव डिबेट में एक विपक्षी राष्ट्रीय दल के सम्मानित प्रवक्ता के लिए अभद्रता की हर सीमा लांघकर, ऐसी निंदनीय भाषा बोलते हैं, वो अकेले में आम आदमी से कैसे पेश आते होंगे या उनके साथ क्या करते होंगे, कहने की आवश्यकता नहीं।
भाजपाइयों की हताशा उनके मुँह से बेहद आपत्तिजनकजनक अपशब्द बनकर निकल रही है। एक प्रतिष्ठित चैनल को ऐसे भाजपाई प्रवक्ताओं को सदैव के लिए प्रतिबंधित कर देना चाहिए क्योंकि भाजपा तो ऐसे प्रवक्ताओं के गले में माला डालकर स्वागत करती है। ऐसे भाजपाइयों की वजह से ही नैतिक पैमानों पर भाजपा शून्य से भी कई शून्य नीचे चली गयी है।
ऐसे लोगों का भाषिक संस्कार परिष्कार से भी परे है। ऐसे लोगों को मंच देकर भाजपा अपने संस्कारों को दर्शा रही है। भाजपाइयों को देखकर अब तो आइना भी मुँह मोड़ लेता होगा। भाजपा से जनता को नैतिक-धर्म, पारिवारिक-आदर्श, सामाजिक आचरण और भाषिक मर्यादा की रत्ती भर भी उम्मीद नहीं बची है। भाजपा के दिन पूरे हुए।
सुप्रिया श्रीनेत-
BJP का यह प्रवक्ता रोज़ TV पर नीचता की हर हद पार करता है। लेकिन आज हर मर्यादा भंग हो गई. सुरेंद्र सिंह राजपूत जी की स्वर्गीय माँ के लिए जो शब्द बोला गया, वह यहाँ लिख भी नहीं सकती हूँ।
जो राष्ट्रीय चैनल पर यह कह सकता है – वो एक महिला के बारे में क्या सोचता है इसका अंदाज़ा लगाना मुश्किल है। यही BJP का असली चरित्र है।
घिन आती है इन जैसों से. आप जो भी कार्यवाही कीजिएगा सुरेंद्र जी मैं आपके साथ हूँ। BJP नेताओं से महिलाओं के सम्मान की उम्मीद करना ही बेमानी है।
राष्ट्रीय जनता दल-
प्रधानमंत्री श्री narendra modi का खास दो कौड़ी का गालीबाज़ भाजपा का राष्ट्रीय प्रवक्ता शुक्ला, चैनल पर लाइव महिला के लिए अपमानसूचक और चरित्र हनन करने वाले शब्दवाली का प्रयोग करता है। भाजपाई मंत्री विजय शाह, कर्नल सोफिया कुरैशी को आतंकवादी की बहन बताता है।
सेंगर और बृजभूषण, इसके चरित्र प्रमाणपत्र के आभूषण हैं। ये भाजपाई हमेशा से महिला विरोधी रहे हैं, इसलिए तो बिहार में महिला विरोधी व्यक्ति को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठा रखा है। देश और बिहार की नारी शक्ति, महिला विरोधी भाजपा और उसके सहयोगी को माफ नहीं करेंगी।
सुरेंद्र सिंह राजपूत-
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी, उम्मीद है आप सानंद होंगे। हम भले ही विपक्षी पार्टी में हैं लेकिन आप हमारे प्रधानमंत्री हैं। इस नाते मैं आपका ध्यान आपकी पार्टी के नेता और प्रवक्ता प्रेम शुक्ला के उस वक्तव्य की ओर ध्यान दिलाना चाहता हूँ जो उन्होंने आजतक चैनल पर एक डिबेट के दौरान मेरी माँ के बारे में कही। मैं उन शब्दों को दोहराना नहीं चाहता। मेरी माँ अब इस दुनिया में नहीं है। लेकिन हर माँ की तरह वो हर वक़्त अपने बेटे यानी मेरे साथ हैं। माँ बेटे के रिश्ते से पाक रिश्ता दुनिया में कोई नहीं है।
आप भी एक माँ के बेटे हैं। आप माँ बेटे के रिश्ते को मुझ से बेहतर समझते हैं। मैं बस इतना जानना चाहता हूँ कि क्या आपकी पार्टी के प्रवक्ता राजनीतिक शत्रुता में इस हद तक जायेंगे कि मेरी माँ को गाली देंगे?
प्रधानमंत्री जी। आप से हमारे लाख मतभेद हैं लेकिन प्रधानमंत्री के नाते आप हमारे संरक्षक भी हैं और हमारे लिये सम्मानित भी हैं। उस नाते मैं आप से पूछता हूँ क्या किसी माँ के लिये ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया जाना चाहिये? आप भूल जाइये वो मेरी माँ हैं। वो किसी की भी माँ हो सकती हैं। क्या किसी भी माँ के लिये ऐसे शब्द बोले जाने चाहिये? मैं आपका जवाब जानता हूँ। आप ऐसी भाषा को अप्रूव नहीं करेंगे और न ही ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति को माफ करेंगे।
प्रधानमंत्री जी। मैं हमेशा आप का सम्मान करता रहा और करूंगा। मेरा एक सवाल है। भाजपा तो चाल चरित्र और चेहरे की बात करती है। पार्टी विद ए डिफ़रेंस है। वो उस महान सनातन हिंदू संस्कृति की वाहक होने का दावा करती है जो स्त्री को पवित्रतम दर्जा देती है। यत्र नार्यस्तु पूज्यंते, तत्र रमंते देवता। जो नारी को शक्ति और दुर्गा का दर्जा देती है। हमारी हिंदू संस्कृति में माँ से ऊँचा स्थान तो भगवान का भी नहीं। भगवान कृष्ण भी माता यशोदा की गोद में अपने को आंनदित महसूस करते हैं, त्रिलोक को भूल जातें हैं। ऐसी पार्टी के प्रवक्ता से उम्मीद की जाती है कि वो स्त्री और माँ के सम्मान में कभी भी अपशब्दों का प्रयोग नहीं करेंगे। तो फिर आपकी पार्टी में ऐसे व्यक्ति के लिये जगह कैसे बन गई?
प्रधानमंत्री जी। आप और आपकी पार्टी उस आरएसएस से प्रेरणा लेने का दावा करती है जो सनातन के रक्षक के तौर पर भारत के परम वैभव को लौटाने की बात करती है जिसमें स्त्री और मां का स्थान सर्वोच्च है। जो दावा करती है कि वो निरंतर व्यक्ति और राष्ट्र निर्माण में लगी है। क्या वहाँ ऐसे व्यक्तियों का निर्माण हो रहा है जो दूसरे की माँ के लिये ऐसे अपशब्दों का प्रयोग करे?
प्रधानमंत्री जी। बड़े अवसाद और दुख से ये पत्र आपको लिख रहा हूँ। राजनीति में मतभेद रहेंगे और होने चाहिये लेकिन अगर विमर्श का स्तर ये होगा तो फिर इस देश का क्या होगा? मैं आपसे ये क़तई नहीं कह रहा हूँ कि आप कोई कार्रवाई करें, लेकिन ये ज़रूर पूछना चाहता हूँ कि ऐसे किसी व्यक्ति के लिये आपकी पार्टी में जगह क्यों है?
आपका
सुरेंद्र राजपूत
प्रवक्ता भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी
नोट-इस से संबंधित पत्र आपको डाक से भेज रहा हूँ ।
कॉपी- श्री राष्ट्रीय अध्यक्ष भाजपा
मूल खबर यहां पढ़ें…



Sheela
June 2, 2025 at 11:02 am
लगता है जब सुरेंद्र राजपूत ने शुरुआत की और गालियां दी । तब तुम्हारे कानों में पारा घुसा था