भाजपा की गगरी में इतना पानी भर गया है कि अब छलकने लगा है। विजय शाह, धाकड़, बब्बन, मैनपुरी के बाद प्रेम शुक्ला ने विपक्ष के प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत को माँ की गाली दी। उन्होंने टीवी पर लाइव रण्डी शब्द का इस्तेमाल किया। इतनी गिरी हुई भाषा। एक बार फिर सोचिए कि यदि ये कार्य विरोधी खेमे ने किया होता तो अब तक सत्ता वाले मशाल लेकर सड़क पर उतर गए होते। बहरहाल, सुनने में आया है कि पार्टी ने प्रवक्ता प्रेम शुक्ला को पैनल से हटा दिया है। हो सकता है दो चार दिनों में उन्हें इससे भी बड़े पद से नवाज दिया जाए। यह सब चलता रहता है। नए भारत की नई राजनीति है।
खैर, आप लोगों की इस मामले में प्रतिक्रियाएं पढ़िए…
रोहिणी सिंह-
ऐसे शब्दों जिनको लिखने में भी शर्म आए वो अब सत्ता में बैठे प्रवक्ता न्यूज़ चैनलों पर कह रहे हैं। लेकिन प्रेम शुक्ला ने जो कहा वो बिना झिझक मैं सबके सामने लिख रही हूँ – ‘तेरी माँ रण्डी है’
ये भाषा है उस पार्टी के प्रवक्ता कि जो आपरेशन सिंदूर के नाम पर माँ-बेटियों के सम्मान और आन से ख़ुद को जोड़ने का प्रयास कर रही है।
जिसने बेटी बचाओ जैसे अभियान चलाये, जिसने नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, माँ शब्द सुन कर ही भावुक हो जाते हों।

ऐसी पार्टी के प्रवक्ता के बयान पर अगर उन पर कोई कार्यवाही नहीं होती, तो स्पष्ट हो जाएगा कि पूर्व में चलाये गए सभी अभियान जुमला मात्र थे। और अब सत्ता के चाबुक से संरक्षण प्राप्त हर लफुआ आपसे इस भाषा में बात करने को स्वतंत्र है।
प्रशांत टंडन-
अरुण पुरी का नफ़रती चैनल बीजेपी का ज़हरीला प्रवक्ता – इन चैनलों में रोज़ यही होता है. सुरेन्द्र राजपूत एक सम्मानित नेता है उनकी मां के लिये ऐसे शब्द. एंकर को सुनिये वो दोनों को शांत रहने के लिए बोल रहा है जिसने गाली दी उसे नहीं. अब बचा ही क्या?
सुरेंद्र राजपूत-
माँ तो माँ है सबकी एक जैसी है वो चाहे कांग्रेस वालो की हो भाजपा वालो की हो मेरी माँ हो या प्रेम शुक्ला की माँ हो या फिर भारत माँ हो। मेरी मरी हुई माँ को गाली देकर भाजपा ने अपनी वैचारिक दरिद्रता दिखा दी है।
जब भाजपा प्रवक्ता के पास तर्क खत्म हो गये तो पहले तो वह राहुल गांधी जी को गाली देने लग गये फिर जब मैंने वो ही शब्द भाजपा के नेता के लिये कहे तो भाजपा प्रवक्ता मेरी मरी हुई माँ को बड़ी ही नीच गाली देने लग गये।
तर्क पर आइये भाजपा वालों मेरी मरी हुई माँ को गाली देकर तुमने अपनी माँ को गाली खाने के लिये चौराहे पर खड़ा कर दिया है। इस से पहले aajtak की इसी बहस में जब भाजपा प्रवक्ता ceasefire पर और महिला सम्मान पर विजय शाह के बाबत प्रश्न पूछा तो वो बराक ओबामा पर पहुँच कर मनमोहन सिंह जी को गाली देने लगे उसके जवाब में जब हमने उन्हें याद दिलाया कि भाजपा वाले हमेशा ही विदेशियों को अपना मानस बाप क्यों मानते हैं तो उस वक्त भी वैचारिक दरिद्रता का परिचय देते हुए गाली गलौज पर उतर आए।
भाजपा स्पष्ट करे क्या वो मेरी माँ को गाली देकर “महिला सम्मान” कर रहे हैं या नारी अपमान कर रहे हैं। भोपाल में तो आज श्री नरेंद्र मोदी जी महिला सम्मान पर बड़ी-बड़ी बात कह रहे थे और उनके प्रवक्ता माता को गाली से तौल रहे थे।
सौरभ-
सबसे तेज चैनल पर कल बीजेपी प्रवक्ता द्वारा जो मां की गाली दी गई है उसके तीन पक्ष हैं।
पहला चैनल है- चैनल पर गाली दी गई है तो चैनल की जिम्मेदारी है कि सार्वजनिकरूप से माफी मांगे और गाली देने वाले प्रवक्ता को अपने चैनल पर हमेशा के लिए बैन करे।
दूसरे प्रेम शुक्ला हैं- प्रेम शुक्ला ने सार्वजनिकमंच से गाली दी है तो माफी भी सार्वजनिक मंच से ही मांगनी चाहिए।
तीसरा पक्ष बीजेपी है- बीजेपी खुद को बहुत संस्कारवादी पार्टी बताती है और उसके नेता अक्सर गाली देते पाए जा रहे हैं तो पार्टी को प्रेम शुक्ला जैसे गाली देने वाले प्रवक्ता को पार्टी से निकाल देना चाहिए।
अब देखना ये है कि तीनों पक्ष अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं या नहीं…तीनों में से जो भी एक्शन नहीं लेता है या तीनों कुछ नहीं करते हैं तो समझिए कि तीनों ही गाली प्रेमी हैं। और ये भी सोचिए कि जो मंच पर सबके सामने दूसरी पार्टी के प्रवक्ता को ऐसी गाली दे सकता है वो अकेले में और आम जनता के साथ कैसा सलूक करते होंगे।
सिंदूर प्रकरण की ये खबर भी पढ़ें…




Sheela
June 2, 2025 at 11:05 am
जब ये कहा कि तेरा बाप तलवे चाटता है तो किसी को दिक्कत नहीं हुई। मतलब उनके घर के पुरुष तलवे चाटते हैं तो इनका कोई दिक्कत नहीं
Sheela
June 2, 2025 at 11:06 am
जब ये कहा कि तेरा बाप तलवे चाटता है तो किसी को दिक्कत नहीं हुई।
Manoj Tiwari
June 3, 2025 at 4:18 pm
जब समाजवादी पार्टी के आधिकारिक X हैंडल से उपमुख्यमंत्री माननीय बृजेश पाठक जी के माता पिता के लिए अपशब्द लिखे गए थे, तब ये निंदा करने वाले असुर कहां थे?