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उत्तर प्रदेश

सर्किट हाउस में पत्रकारों ने बर्थडे केक काटा, देखें वीडियो और एफआईआर!

मेरठ: सर्किट हाउस में साथी पत्रकार के साथ केक काटने के मामले में जिला प्रशासन ने एक नामजद पत्रकार और कई अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है। तेज हवा से बचने के लिए सर्किट हाउस के डाइनिंग हॉल में केक काटने वाले पत्रकारों को केक खाने की कीमत चुकानी पड़ी है।

हुआ यूं कि 29 मई को India Voice के पत्रकार शाहरूख सैफी का बर्थडे था। हर बार की तरह इस बार भी सर्किट हाउस के प्रांगण में पत्रकार इकठ्ठा हुए। सर्किट हाउस के बरामदे में बैठकर जैसे ही केस और अन्य सामान रखा, तेज हवा में कई चीजें उड़ गयी।

तब वहां के केयरटेकर सुरेश (अंशकालिक) से मौखिक अनुमति के बाद पत्रकारों ने डाइनिंग हॉल में केक काटा। सबको बर्थडे केक के बाद एक-एक कोल्डड्रिंक की केन और एक सेंटविच मिला। बामुश्किल 20 मिनट के बाद सभी पत्रकार वहां से चले गये। केक और बाकी के जलपान में सर्किट हाउस के कर्मी भी शामिल रहे थे।

कुछ क्षणों की इस खुशी में ना तो कोई गाना-बजाना हुआ, ना किसी ने शराब पी और ना ही कोई ऐसा काम किया गया जो सर्किट हाउस के प्रोटोकॉल को नुकसान पहुंचाये।

बर्थडे के फोटो, वीडियो सोशलमीडिया पर आने के बाद यूपी के मुख्यमंत्री से इस मामले की शिकायत की गयी। बताया गया कि पत्रकार और बर्थडे बॉय शाहरूख अपराधी है। मामले की जांच डीएम ने कई पहलुओं पर कराई।

चूंकि मामला शासन तक पहुंचा था तो डीएम के निर्देश पर पीडब्लूडी ने अपने मेट से इस मामले में शाहरूख और अन्य 5-6 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज करा दिया है। मेट की तहरीर में उसे धमकी दिये जाने का भी जिक्र है। गौरतलब है कि जिला प्रशासन से लेकर पीडब्लूडी तक ने पूरे मामले में केक काटने और केक खाने वालों के पत्रकार होने की बात नहीं कही है।

मेरठ यूपी का बड़ा शहर है और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजधानी कहा जाता है। मगर इस शहर में एक मीडिया सेंटर तक नहीं है। दशकों पहले एक प्रेस क्लब शासन ने बनवाया लेकिन यहां स्थानीय राजनीति और सिरफुटव्वल के चलते कोई भी पत्रकार जाना नहीं चाहता। वैसे भी प्रेस क्लब की इमारत जर्जर हो चुकी है।

अब ऐसे में शहर के सैकड़ों पत्रकार पूरे दिन कभी कमिश्नरी चौराहे पर सड़क किनारे या फिर चाय की दुकानों पर बैठकर अपना काम करते दिखाई देते है। बर्थडे जैसे आयोजनों के लिए कभी-कभार सर्किट हाउस के गार्डन में चले जाते थे, बरामदे या सर्किट हाउस में अंदर बैठकर केक काट लिया करते थे। मगर अब मुकदमा दर्ज हो जाने के बाद यह जगह भी उनके लिए सुरक्षित नहीं बची है।

जो पत्रकार शाहरूख का बर्थडे केक खाने उसके बुलावे पर सर्किट हाउस पहुंचे, उनमें भारत समाचार के रिपोर्टर, कैमरामैन, न्यूजनेशन के दो पत्रकार उनके कैमरामैन, प्राइम न्यूज के पत्रकार उनके कैमरामैन, हिंदी खबर के पत्रकार उनके कैमरामैन, एबीपी न्यूज के कैमरामैन और कई अखबारों के फोटोग्राफर और पत्रकार शामिल है। कई संस्थानों ने FIR की बात सुनकर अपने पत्रकारों को होल्ड कर दिया है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस कांड के पीछे कुछ पुराने स्थानीय पत्रकारों की भूमिका सामने आयी है। शासन में बैठे एक अफसर को शहर के एक नामी रईस के जरिये यह शिकायत पहुंचाई गयी और कार्रवाई का दबाब बनाया गया।

पुराने स्थापित पत्रकार नहीं चाहते है कि नये पत्रकार यहां खड़े हो पाये। अपनी ताकत का बेजा इस्तेमाल करके नये पत्रकारों को निशाना बनाना और उनके खिलाफ बेवजह केस दर्ज कराने को लेकर पूरे शहर के अधिकारीवर्ग और पत्रकारों में चर्चा है। पिछले दिनों बनी चैनल के पत्रकारों की एसोसिएशन पर भी पुराने पत्रकार कब्जा करके बैठ गये है।

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