अभिषेक उपाध्याय-
ख़बर है कि यूपी में 40 ठाकुर विधायकों ने बनाया “कुटुंब परिवार”! दैनिक भास्कर की एक्सक्लूसिव खबर! खुलकर शुरू हुई ठाकुर राजनीति!! सूत्र बताते हैं कि योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनाए रखने पर दृढ़ प्रतिज्ञ है ठाकुर विधायकों का ये “कुटुंब” परिवार।
“बंटेंगे तो कटेंगे” की राजनीति का “नवजात” शिशु अब “किशोर” हुआ। स्वागत कीजिए। अभिवादन कीजिए। लखनऊ की एक-एक वीथिका (गली) को पुष्पमालाओं की राजसी वेणियों से गूंथ दीजिए।
क्षत्रियों के क्षत्रप की दिग्विजय का राजसूय यज्ञ आरंभ हो चुका है। देश के प्रधानमंत्री को आगे बढ़कर इस यज्ञ की पुण्य समिधा में अपनी प्रार्थनाओं की आहुत समर्पित करनी चाहिए।
केंद्रीय मंत्रिमंडल को राजा उत्तानपाद के पुत्र ध्रुव की तरह एक पैर पर खड़े होकर जाति विशेष के इस सूर्यवंशी समूह के आगे नतमस्तक तपस्या करनी चाहिए।
ये विजय पर्व है। ये लोकतंत्र के राजसिंहासन पर क्षत्रिय वंश की स्थापना का आदि पर्व है।
बस कमी इसी बात की रह गई कि इस कुटंब ने अपने पहले आधिकारिक समारोह में क्षत्रियों के क्षत्रप को क्यों शामिल नहीं किया?
कहीं वे वीडियो कॉंफ्रेंसिग से तो नहीं जुड़े थे? हे आईबी और रॉ के गुप्तचरों, इस जटिल प्रश्न का जवाब दो।
प्रजा व्याकुल है। पर्दे के पीछे की छायाओं को पढ़ते पढ़ते उसका धैर्य जवाब दे चुका है। हे अजित डोभाल के अनुयायियों, अब तुम ही पर्दा गिराओ। सत्य की अनुवांशिक शाखाओं को सामने लाओ।
यूनानी दार्शनिक अरस्तू के आदर्श राज्य की जनता अब और अंधेरा बर्दाश्त नहीं कर सकती। क्षत्रियों के क्षत्रप के आभाजनित मुख पर रोशनी गिराओ!! ठाकुर विधायकों के इस कुटुंब परिवार की जयजयकार गाओ!!!
वरिष्ठ पत्रकार अभिषेक उपाध्याय की एफबी वॉल से!
प्रदेश की सियासत में दिलचस्प मोड़ आने शुरू…धर्म, जाति का शक्ति प्रदर्शन चालू हो गया… कल लखनऊ के पांच सितारा होटल में जो मीटिंग हुई उसके बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई… 2024 में लगाई आग में तो #दिल्ली जली थी और “मैजिक नम्बर” से दूर हो गई थी. मगर इस बार की आग से खुद का घर ही ना जल जाए…मुखिया जी !!!थोड़ी नज़र बनाए रखिए अपनी अनगाइडेड मिसाइलों पर वरना सबकुछ लुटा के होश में आए तो क्या किया… वैसे पश्चिम के जिलों की तरफ़ जो रुझान है उससे ये जानना कठिन नहीं कि आपके दिल में क्या है !!
-ममता त्रिपाठी, वरिष्ठ पत्रकार



Amit
August 12, 2025 at 1:25 pm
इसमें कौन सी बुराई है ये लेखक पंडित है इसीलिए इस तरह का लेख लिखा है
और भी जातियाँ खुलकर सब कुछ मंच पर एकसाथ है उनके बारे में लिखने की हिम्मत नहीं है
दोहरे चरित्र का लेखक है
कुटुंब ग्रुप बनाने से क्या हो गया जो मिर्ची लग रही है तुम भी बनाओ
सभी बनाये…