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राजस्थान

सच बेधड़क न्यूज़ चैनल के पीड़ित पत्रकार ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, बताई वेतन न मिलने की पीड़ा

सच बेधड़क न्यूज़ चैनल में बकाया वेतन को लेकर पत्रकार अभिषेक कुमार गौतम ने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और अन्य को पत्र लिखकर गुहार लगाई है। पत्र में लिखा है:

“क्या एक पत्रकार को अपनी मेहनत की कमाई मांगने पर बार-बार अपील करनी होगी? दो महीने से वेतन न मिलने से घर का चूल्हा ठंडा है। बच्चों की स्कूल फीस और माता-पिता की दवाइयों के लिए भी पैसे नहीं हैं। यह मानसिक प्रताड़ना की हद है।”

उन्होंने कहा कि वेतन न देने से उनकी स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि परिवार को भूखे रहने जैसी नौबत आ गई। पत्र में इस पूरे घटनाक्रम को “शोषण और वित्तीय उत्पीड़न” बताया गया है।

कंपनी पर ‘श्रम एवं ईमानदारी के अनादर’ का आरोप

पत्र में पत्रकार ने यह भी लिखा कि राजस्थान जैसे श्रम को सम्मान देने वाले प्रदेश में एक मीडिया संस्थान द्वारा ऐसा व्यवहार होना बेहद दुखद है। उन्होंने कहा: “यह मामला किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पत्रकारिता के पेशे की गिरती गरिमा का सवाल है।”

मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की मांग

पत्र में पत्रकार ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, DIPR, सूचना प्रसारण मंत्रालय और राज्य के सूचना मंत्री तक अपनी बात पहुंचाई है। उन्होंने मांग की है कि राज्य सरकार इस मामले में हस्तक्षेप कर उनका बकाया वेतन दिलाए।

मीडिया हाउस को कानूनी और नैतिक दायित्व निभाने के निर्देश दे

पत्र के अंत में उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि: “यदि 13 नवंबर 2025 तक बकाया वेतन का भुगतान नहीं किया गया, तो मुझे बिना किसी अन्य सूचना के कानूनी और सार्वजनिक कार्यवाही शुरू करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।”

पत्र सोशल मीडिया पर वायरल, पत्रकार संगठनों ने जताई चिंता

पत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और पत्रकारों के कई संगठनों ने इससे जुड़े गंभीर सवाल उठाए हैं। पत्रकार संगठनों का कहना है कि मीडिया संस्थानों में वेतन रोकना और फिर कर्मचारियों पर दवाब बनाना एक उभरती हुई चिंताजनक प्रवृत्ति है, जिस पर सरकार और नियामक संस्थाओं को कार्रवाई करनी चाहिए।

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