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राजस्थान

राजस्थान के पत्रकारों ने विधानसभा में मुख्यमंत्री भजनलाल से बजट की सिफारिश की

जयपुर, 21 फरवरी 2026। भारतीय प्रेस पत्रकार संघ के अध्यक्ष अभय जोशी ने शुक्रवार को राजस्थान विधानसभा सत्र के दौरान पत्रकारों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाए जाने पर जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए राज्य सरकार से आगामी बजट में इन मांगों को शामिल करने का पुनः आग्रह किया है।

संघ अध्यक्ष अभय जोशी ने कहा कि विधानसभा में पत्रकार प्रोटेक्शन एक्ट, पत्रकार आवास योजना, RGHS लाभों में समानता, पेंशन वृद्धि एवं कैशलेस चिकित्सा सुविधा जैसे मुद्दों को समर्थन मिलना स्वागतयोग्य है। इससे पत्रकार समुदाय में सकारात्मक संदेश गया है। उन्होंने विशेष रूप से भीलवाड़ा विधायक श्री अशोक कुमार कोठारी एवं सिविल लाइंस विधायक श्री गोपाल शर्मा जी का आभार जताया. जिन्होंने सदन में पत्रकार हितों की मजबूती से पैरवी की।

अभय जोशी ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का सशक्त स्तंभ हैं, जो जोखिम उठाकर जनहित के मुद्दों को सामने लाते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा, सामाजिक सम्मान और आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री से बजट भाषण में पत्रकारों की लंबित मांगों पर ठोस घोषणा करने की अपेक्षा व्यक्त की।

संघ की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं —

  1. नई पत्रकार आवास योजना लागू की जाए
    राज्य एवं जिला स्तर पर रियायती दरों पर भूखंड/फ्लैट उपलब्ध कराए जाएं तथा लंबित आवास प्रकरणों का शीघ्र समाधान हो।
  2. वरिष्ठ पत्रकार सम्मान पेंशन योजना
    पेंशन राशि बढ़ाकर ₹45,000 प्रतिमाह की जाए, प्रक्रिया सरल व पारदर्शी बने तथा आश्रितों को भी लाभ मिले।
  3. कैशलेस मेडिकल सुविधा
    सभी मान्यता प्राप्त एवं सक्रिय पत्रकारों को राज्य की कैशलेस चिकित्सा योजना में शामिल किया जाए, बीमा कवर ₹50 लाख प्रति परिवार हो तथा निजी-सरकारी बड़े अस्पतालों को अनिवार्य रूप से जोड़ा जाए।
  4. छोटे एवं मध्यम समाचार पत्रों के लिए विज्ञापन नीति
    प्रति माह न्यूनतम 10 सरकारी विज्ञापन सुनिश्चित हों, भुगतान 30 दिन में हो तथा नीति पारदर्शी व डिजिटल बने।
  5. पत्रकार यात्रा सुविधा
    राजस्थान रोडवेज बसों में नि:शुल्क यात्रा सुविधा दी जाए और वरिष्ठ व ग्रामीण पत्रकारों के लिए विशेष पास जारी हों।
  6. पत्रकार सुरक्षा कानून लागू हो
    पत्रकारों पर हमले व झूठे मुकदमों के मामलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था तथा दोषियों पर कठोर दंड का प्रावधान हो।
  7. दुर्घटना एवं आपदा सहायता
    पत्रकारों के लिए ₹50 लाख का दुर्घटना बीमा अनिवार्य किया जाए तथा कार्य के दौरान निधन/गंभीर दुर्घटना पर परिजनों को ₹35 लाख की त्वरित सहायता मिले।
  8. मानदेय एवं श्रम संरक्षण
    डिजिटल, वेब, स्ट्रिंगर एवं ग्रामीण पत्रकारों के लिए न्यूनतम मानदेय नीति लागू हो तथा श्रम कानूनों में विशेष श्रेणी मिले।
  9. प्रत्येक जिला मुख्यालय पर पत्रकार भवन
    प्रेस क्लबों को अनुदान, बिजली-पानी में रियायत और आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
  10. प्रशिक्षण एवं कल्याण कोष
    डिजिटल स्किल, कानून संबंधी कार्यशालाएं आयोजित हों तथा राज्य स्तरीय पत्रकार कल्याण कोष का सरलीकरण किया जाए।
  11. डिजिटल मीडिया को समान मान्यता
    मान्यता प्राप्त न्यूज पोर्टल, डिजिटल मीडिया एवं यूट्यूब आधारित पत्रकारिता को भी विज्ञापन एवं कल्याण योजनाओं का समान लाभ मिले। संघ अध्यक्ष अभय जोशी ने कहा कि बजट केवल आर्थिक दस्तावेज नहीं, बल्कि सरकार की संवेदनशीलता का दर्पण होता है। यदि पत्रकारों से जुड़े इन मुद्दों को बजट में स्थान मिलता है तो यह लोकतंत्र को और अधिक सशक्त करेगा। भारतीय प्रेस पत्रकार संघ को आशा है कि राज्य सरकार पत्रकार समाज की वर्षों से लंबित मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर ठोस घोषणा करेगी।
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