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सुख-दुख

एयर इंडिया को लेकर मेरा अनुभव बहुत बुरा रहा है, सारे विमान खटारे और पुराने!

मोहम्मद ज़ाहिद-

एयर इंडिया को लेकर मेरा अनुभव बहुत बुरा रहा है , इसीलिए मैं इसे अवाएड करता हूं। सारे विमान खटारे और पुराने….3000 फिट की ऊंचाई पर ऐसे झटके देता है कि लगता है कि अब बस गिरा….

अहमदाबाद -लंदन AI 171 विमान अपनी उड़ान के 50वें सेकेंड में ही नीचे गिरा और क्रैश हो गया। वीडियो में जिस प्रकार दिख रहा है कि जहाज़ टेक आफ़ किया और फिर धीरे-धीरे नीचे आकर गिर गया….

प्रथमदृष्टया यह घनघोर लापरवाही का नतीजा है..

उड़ान के पहले हवाई जहाज़ की तकनीकी जांच सामान्य तौर पर कई मानकों पर होती है जिसमें प्री-फ्लाइट जांच (Pre-Flight Check) हर उड़ान से पहले होती है।

इसमें DGCA, FAA के मानदंड के अनुसार बाहरी निरीक्षण, सिस्टम टेस्ट, और ईंधन की जांच शामिल होती है।‌ इसमें पंख, टेल, इंजन, लैंडिंग गियर और फ्यूजलेज की जांच। किसी भी रिसाव, दरार या क्षति की जाँच। इंजन और सिस्टम टेस्ट इंजन, हाइड्रोलिक सिस्टम, ईंधन सिस्टम और इलेक्ट्रिकल सिस्टम की कार्यक्षमता की जांच। एवियोनिक्स में नेविगेशन, रडार, संचार उपकरण का परीक्षण। केबिन और कॉकपिट की जांच ऑक्सीजन मास्क, लाइफ जैकेट, अग्निशामक यंत्र और आपातकालीन निकास की कार्यक्षमता। कॉकपिट में उपकरणों और कंट्रोल सिस्टम की जांच । ईंधन की मात्रा और गुणवत्ता की पुष्टि। ईंधन टैंक में दूषित पदार्थ (जैसे पानी) की जांच के बाद विमान को उड़ान की अनुमति मिलती है…

प्रत्येक उड़ान के बाद जब विमान की लैंडिंग होती है तो ट्रांजिट जांच (Transit Check) यह सुनिश्चित करने के लिए होती है कि विमान अगली उड़ान के लिए तैयार है या नहीं।

तीसरी जांच प्रतिदिन फ्लाईट की उस दिन की उड़ान पूरी करने के बाद होती है और इसमें हवाई जहाज़ का गहन निरीक्षण किया जाता है जिसमें इंजन, लैंडिंग गियर और एवियोनिक्स की जांच शामिल होती है।

चौथी जांच हर 48 घंटे या कुछ उड़ानों के बाद होती है जिसमें इंजन, लैंडिंग गियर और एवियोनिक्स की पुनः सघन जांच होती है।

उसके बाद पांचवी जांच विमान के 400-600 घंटे की उड़ान के बाद ए-चेक (A-Check) जांच होती है जिसमें सिस्टम, लुब्रिकेशन, और मामूली मरम्मत शामिल होती है।

उसके बाद छठवीं जांच सी-चेक (C-Check) जांच होती है जो हर 1.5-2 साल या 3,000-6,000 उड़ान घंटों के बाद होती है।

यह एक विस्तृत जांच होती है जिसमें विमान के प्रमुख हिस्सों की मरम्मत और ओवरहॉल शामिल होता है।

उसके बाद सातवीं जाँच हर विमान का डी-चेक (D-Check) 6-10 साल या 20,000-30,000 उड़ान घंटों के बाद होती है

यह सबसे गहन जांच होती है, जिसमें विमान को लगभग पूरी तरह से डिस्मेंटल किया जाता है‌ पुनः असेंबल किया जाता है।

सात चरण की लगातार जांच के बाद विमान के इस तरह गिरने की संभावना बिल्कुल नहीं होती फिर अहमदाबाद में इस हादसे की वजह क्या है? विशुद्ध लापरवाही…

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