
उर्मिलेश-
देश के जाने-माने पत्रकार Ajit Anjum की रिपोर्टिंग में बिहार के SIR की जो गड़बड़ियां उजागर हुईं, उसके लिए प्रशासन को उनका शुक्रगुजार होना चाहिए था. Corrective Measures लेना चाहिए था. पर प्रशासन ने बिहार के बेगूसराय जिले के एक थाने में अजित अंजुम के खिलाफ FIR दर्ज कराया!
इसका मतलब साफ है, प्रशासन नहीं चाहता SIR के क्रियान्वयन के दौरान हो रही गड़बड़ियों का सच उजागर हो, कमियां दूर हों! अजित पर FIR दर्ज कराने के जरिये वह साहस के साथ सच उजागर करने वाले अन्य पत्रकारों को भी डराना चाहता है! क्या वह नहीं जानता कि इस देश में अब भी पत्रकारों की एक ऐसी जमात है जो सच बोलने और लिखने से नहीं डरती!
शीतल पी सिंह-
SIR? बिहार में चल रहे मतदाता परीक्षण अभियान के बारे में फील्ड रिपोर्टिंग कर रहे मशहूर पत्रकार अजीत अंजुम के खिलाफ बेगूसराय जिले में पुलिस ने एक मामला दर्ज किया है। एक बीएलओ ने शिकायत की है कि वे काम में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं और सांप्रदायिक भावनाओं को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं।
सरकार और सरकार समर्थक हर उपक्रम की वाहवाही पैदा करते मीडिया नामधारी भाटों के विपरीत अजीत अंजुम जैसे एकाध ही लोग इस मामले का पर्दाफाश करने का जोखिम उठा रहे हैं। तंत्र उनके काम से तिलमिला कर उसमें अवरोध पैदा करना चाहता है, उन्हें और उन जैसों को डराने-धमकाने की कोशिश कर रहा है।
इसका मुखर विरोध किया जाय।
श्याम मीरा सिंह-
बिहार में मतदाता सूची के लिए की जा रही धाँधली को अपनी ग्राउंड रिपोर्ट से दिखाने वाले पत्रकार अजीत अंजुम जी पर बिहार में FIR कर दी गई है। हम इस FIR की निंदा करते हैं।
किसी भी पत्रकार को क़ानून का इस्तेमाल कर सताया नहीं जाना चाहिए। पत्रकार अपना काम करता है आप अपना करिए।
उन्हें शायद इस बात का ज़रा भी पता नहीं है कि जिस आदमी से वे लड़ रहे हैं वो किस धातु का बना है। पत्रकार ajit anjum, पत्रकार तो अच्छे हैं हीं। वे इंसान भी सच्चे हैं। और एक सच्चे इंसान की ताक़त किसी भी सरकार से ज़्यादा है।
अजीत अंजुम जी से फुल सॉलिडेरिटी के साथ, उन्हें सलाम।
नीचे लिंक पर… (एफआईआर की प्रति और बेगुसराय जिला प्रशासन की अजीत जी को दी गई चेतावनी भी पढ़ें/देखें…)



