पत्रकार आकाशदीप बरुआ ने CNBC-TV18 से रिजाइन कर दिया है। उन्होंने अपने करियर की नई शुरुआत करते हुए Confederation of Indian Industry (CII) की सोशल मीडिया टीम में मैनेजर के पद पर जॉइन किया है। उन्होंने अपने प्रोफेशनल अपडेट को साझा करते हुए इस नई जिम्मेदारी को लेकर उत्साह जताया। अब वह देश के प्रमुख उद्योग संगठन CII के डिजिटल और सोशल मीडिया कम्युनिकेशन से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगे।
सोशल मीडिया पर इसे लेकर आकाशदीप ने जो कुछ साझा किया है पढ़िए…
करीब एक दशक तक बाइलाइन, डेडलाइन, वेब ट्रैफिक, रीच और एंगेजमेंट की भागदौड़ के बाद मेरी पत्रकारिता की यात्रा अब एक पड़ाव पर आकर खत्म हो रही है। कल CNBC-TV18 में मेरा आखिरी दिन था — एक ऐसी जगह, जिसे मैंने साढ़े तीन साल से ज्यादा समय तक अपना घर माना।
ब्रेकिंग न्यूज के दबाव से लेकर डिजिटल कम्युनिटी बनाने के रोमांच तक, यह सफर किसी रोलर-कोस्टर राइड से कम नहीं रहा।
पत्रकार के तौर पर मेरी यात्रा भले छोटी रही हो, लेकिन बेहद घटनापूर्ण रही। इस दौरान मुझे देश के कुछ सबसे बड़े और चुनौतीपूर्ण न्यूजरूम्स में काम करने का मौका मिला। पुणे में इंडियन एक्सप्रेस से लेकर बेंगलुरु में Reuters, फिर Times Now, Business Today और आखिर में नोएडा स्थित CNBC-TV18 तक — इन शानदार संस्थानों का हिस्सा बनना और देश के बेहतरीन दिमागों के साथ काम करना मेरे लिए सौभाग्य की बात रही।
हालांकि, यह सफर बिल्कुल वैसा नहीं था जैसा मैंने 2016 में पत्रकारिता में आने के समय सोचा था। मैं फीचर राइटर बनना चाहता था। ब्रेकिंग न्यूज की दुनिया से दूर रहकर संगीत, कला और संस्कृति पर लिखना चाहता था। लेकिन जिंदगी की अपनी योजनाएं थीं और मेरे लगभग हर पड़ाव ने मुझे ब्रेकिंग न्यूज के बीच ला खड़ा किया।
मैं एक धीमे, ठहरे हुए सफर की उम्मीद कर रहा था, लेकिन मिला आग के उस केंद्र में रहने का अनुभव जो चौबीसों घंटे जलती रहती है। मैं चाहता था कि मेरे लेख अखबार के आखिरी पन्नों पर छपें, लेकिन मुझे सोशल मीडिया के टॉप स्लॉट पर जगह मिली। और सच कहूं तो यह सफर बेहद रोमांचक था। “खबर को खुद पर हावी होने से पहले ब्रेक कर दो” — यही मेरे काम का मंत्र बन गया था।
अब पीछे मुड़कर देखता हूं तो हैरानी होती है कि हम हर दिन लाखों लोगों तक कितनी बड़ी और अहम खबरें, मार्केट अपडेट्स और सूचनाएं पहुंचाते रहे। अगर आपने कभी मेरी लिखी खबर पढ़ी, किसी पोस्ट को शेयर किया या उस पर क्लिक किया — तो दिल से शुक्रिया।
यह सब उन लोगों के बिना संभव नहीं था जो पर्दे के पीछे लगातार काम करते रहे। मेरे सभी पूर्व सहयोगियों, अथक मेहनत करने वाली सोशल मीडिया टीमों और उन शानदार संपादकों का धन्यवाद जिन्होंने मुझ पर भरोसा किया, मेरा मार्गदर्शन किया और कई बार ड्राफ्ट बचाने में भी मदद की। आपकी समझ, धैर्य और दोस्ती ने देर रात तक चलने वाली शिफ्ट और अव्यवस्थित न्यूज साइकल्स को भी यादगार बना दिया। आप सबने मुझे सिखाया कि वास्तव में फुर्तीला और तैयार रहना क्या होता है।
अब जब मैं न्यूजरूम से बाहर निकलकर अपने करियर के अगले अध्याय की ओर बढ़ रहा हूं, तो अपने साथ ढेर सारी यादें, अपार कृतज्ञता और ब्रेकिंग न्यूज अलर्ट चेक करने की आदत लेकर जा रहा हूं। पत्रकारिता को अलविदा कह रहा हूं, लेकिन इसकी यादें हमेशा जिंदा रहेंगी।
इस कहानी का हिस्सा बनने वाले हर व्यक्ति का धन्यवाद। अब अगली यात्रा की ओर।


